हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवकों पर हमला करने और जाली नोटों के कारोबार में शामिल तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई एक वन आरक्षी की शिकायत के बाद की गई। दिनांक 27.06.2026 को, श्यामपुर वन रेंज में तैनात वन आरक्षी ललित कुमार ने कोतवाली श्यामपुर में शिकायत दर्ज कराई कि ड्यूटी के दौरान वे अपने साथी वन आरक्षी अश्विनी कुमार के साथ सरकारी कार्य कर रहे थे। इसी दौरान, पाँच व्यक्तियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, सरकारी कार्य में बाधा डाली, जान से मारने की धमकी दी, मोबाइल फोन छीनकर सड़क पर पटका और नहर में फेंक दिया। आरोपियों ने लोहे की रॉड से हमला कर दोनों वन कर्मियों को चोटें भी पहुंचाईं। इस तहरीर के आधार पर कोतवाली श्यामपुर में मु0अ0सं0 69/26 प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज रावत को सौंपी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और लगातार निगरानी के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों से पूछताछ और घटना में प्रयुक्त सियाज कार (संख्या DL-5CN-2968) की तलाशी लेने पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वाहन से ₹500 मूल्य वर्ग के 105 जाली नोट बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने के अवैध कारोबार में भी संलिप्त हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शिवम कश्यप पुत्र ओमप्रकाश (निवासी गली नं. 5, श्यामपुर, थाना श्यामपुर, जनपद हरिद्वार), अनुल पुत्र ओमप्रकाश (निवासी गली नं. 5, श्यामपुर, थाना श्यामपुर, जनपद हरिद्वार) और विकास सिंह पुत्र नौबहार सिंह (निवासी कांगड़ी, थाना श्यामपुर, जनपद हरिद्वार) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 500 के 105 जाली नोट, एक लोहे की रॉड, 6 A4 साइज पेपर शीट, एक ATM कार्ड एवं बुकलेट, और घटना में प्रयुक्त सियाज कार (संख्या DL-5CN-2968) बरामद की है। आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है, जबकि इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश और जाली नोटों के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी लगातार जारी है।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवकों पर हमला करने और जाली नोटों के कारोबार में शामिल तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई एक वन आरक्षी की शिकायत के बाद की गई। दिनांक 27.06.2026 को, श्यामपुर वन रेंज में तैनात वन आरक्षी ललित कुमार ने कोतवाली श्यामपुर में शिकायत दर्ज कराई कि ड्यूटी के दौरान वे अपने साथी वन आरक्षी अश्विनी कुमार के साथ सरकारी कार्य कर रहे थे। इसी दौरान, पाँच व्यक्तियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, सरकारी कार्य में बाधा डाली, जान से मारने की धमकी दी, मोबाइल फोन छीनकर सड़क पर पटका और नहर में फेंक दिया। आरोपियों ने लोहे की रॉड से हमला कर दोनों वन कर्मियों को चोटें भी पहुंचाईं। इस तहरीर के आधार पर कोतवाली श्यामपुर में मु0अ0सं0 69/26 प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज रावत को सौंपी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और लगातार निगरानी के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों से पूछताछ और घटना में प्रयुक्त सियाज कार (संख्या DL-5CN-2968) की तलाशी लेने पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वाहन से ₹500 मूल्य वर्ग के 105 जाली नोट बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने के अवैध कारोबार में भी संलिप्त हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शिवम कश्यप पुत्र ओमप्रकाश (निवासी गली नं. 5, श्यामपुर, थाना श्यामपुर, जनपद हरिद्वार), अनुल पुत्र ओमप्रकाश (निवासी गली नं. 5, श्यामपुर, थाना श्यामपुर, जनपद हरिद्वार) और विकास सिंह पुत्र नौबहार सिंह (निवासी कांगड़ी, थाना श्यामपुर, जनपद हरिद्वार) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 500 के 105 जाली नोट, एक लोहे की रॉड, 6 A4 साइज पेपर शीट, एक ATM कार्ड एवं बुकलेट, और घटना में प्रयुक्त सियाज कार (संख्या DL-5CN-2968) बरामद की है। आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है, जबकि इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश और जाली नोटों के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी लगातार जारी है।
- उत्तराखंड के खानपुर से पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नेशनल भीम आर्मी (बहुजन एकता मिशन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश कटारिया ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि पूर्व विधायक ने अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी की है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री और उत्तराखंड के डीजीपी से इस मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और महापंचायत का आयोजन करेंगे। फिलहाल, इस मामले में लगाए गए आरोपों पर पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। श्रद्धा टीवी नेटवर्क ने बताया है कि उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित/प्रसारित किया जाएगा।1
- रायसी क्षेत्र के भोवावाली गाँव में चल रहे एक जमीन विवाद में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में, भूमि स्वामी साक्ष्यों के साथ सामने आए हैं और उनका कहना है कि उन्होंने जमीन का पूरा भुगतान कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें भूमि पर पूर्ण कब्जा नहीं मिल पा रहा है। कैमरे के सामने अपनी बात रखते हुए, भूमि खरीददार ने बताया कि जब वे खेत में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इस गंभीर स्थिति के चलते, भूमि खरीददार ने पुलिस को तहरीर देकर अपने जान-माल की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है।1
- उत्तराखंड के लक्सर/खानपुर सीमावर्ती जंगली इलाके से आज एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पिछले 15 दिनों से लापता 35 वर्षीय युवक प्रमोद सैनी का शव जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। प्रमोद की लाश कई टुकड़ों में बिखरी हुई पाई गई, जिसे देखकर पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, शेरपुर बेला निवासी 35 वर्षीय प्रमोद सैनी अचानक गायब हो गया था। परिजन और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। आज जंगल में एक स्थानीय व्यक्ति की नजर शव के टुकड़ों पर पड़ी, जिसके बाद उसने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। जैसे ही यह खबर आसपास के इलाकों में फैली, कई गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर पहुँच गए। इस वीभत्स घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में एक अनोखे प्रस्ताव की घोषणा की गई है, जिसमें यूज़र्स को एक मोबाइल आईफोन जीतने का अवसर मिलेगा। इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए, यूज़र्स को दिए गए पक्षी का नाम कमेंट सेक्शन में बताना होगा। पुरस्कार प्राप्त करने के लिए, प्रतिभागियों से यह भी कहा गया है कि वे अपना मोबाइल नंबर कमेंट में छोड़ दें।1
- अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले का सुराग 4 जून को उस समय लगा, जब मंदिर के चंदा गिनती (काउंटिंग) रूम के बाथरूम के अंदर से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। इस घटना के अगले ही दिन, 5 जून को, जांच टीम मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंची। 5 जून को पुलिस और ट्रस्ट की एक संयुक्त टीम ने अविनाश शुक्ला के घर पर अनौपचारिक छापेमारी की थी। इस दौरान, घर से निकलते समय एक पुलिसकर्मी के हाथ में एक काला बैग देखा गया, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। शुरुआती छापेमारी में पुलिस और ट्रस्ट की टीम को अविनाश शुक्ला के घर से लगभग ₹20 लाख नकद बरामद हुए थे। पूरे मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से लगभग ₹79.85 लाख से ₹80 लाख तक नकद राशि बरामद कर ली है।1
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसने सभी को झकझोर दिया है। इस भीषण दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, हरियाणा का एक परिवार हरिद्वार जा रहा था। हलगोया कट छूट जाने के बाद चालक ने एक्सप्रेसवे पर ही कार को रिवर्स करना शुरू कर दिया। इसी दौरान, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने रिवर्स हो रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस भयावह हादसे में कार सवार चार लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इस घटना के बाद एक महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा संदेश भी जारी किया गया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि एक्सप्रेसवे या हाईवे पर यदि कोई कट छूट जाए, तो कभी भी गाड़ी को रिवर्स नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, अगला यू-टर्न या निर्धारित कट लेकर ही वापस लौटना चाहिए, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही कई जिंदगियां छीन सकती है।1
- Post by रवि कुमार आजाद1
- देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में दून पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक अज्ञात युवक के शव का पूरे हिन्दू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कराया है। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की व्यापक सराहना की जा रही है, जिसने लावारिस शव को सम्मानजनक विदाई दी। यह घटना तब सामने आई जब 25 जून को ऋषिकेश रोड स्थित गोवर्धन मंदिर के सामने एक अज्ञात युवक मृत अवस्था में मिला था। पुलिस ने उसकी पहचान सुनिश्चित करने और परिजनों का पता लगाने के लिए 72 घंटे तक बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया। हालांकि, इस निर्धारित समयावधि में कोई भी परिजन सामने नहीं आया। इसके बाद, शव की स्थिति को देखते हुए और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर, आज 28 जून को लक्खीबाग श्मशान घाट में पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। भविष्य में संभावित पहचान के लिए मृतक का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया है, और पुलिस द्वारा युवक के परिजनों की तलाश अभी भी जारी है। डोईवाला पुलिस ने जिस तरह से संवेदनशीलता और मानवता का धर्म निभाया है, उसकी हर ओर प्रशंसा हो रही है।1