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मध्य प्रदेश के मोरैना में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ भागवत कथा में डांस करने को लेकर एक पति ने रिश्तों का कत्ल कर दिया। जानकारी के अनुसार, पति इस घटना के बाद 'हैवान' बन गया और उसने अपने संबंधों को ही खत्म कर दिया।
Manoj upadhyay
मध्य प्रदेश के मोरैना में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ भागवत कथा में डांस करने को लेकर एक पति ने रिश्तों का कत्ल कर दिया। जानकारी के अनुसार, पति इस घटना के बाद 'हैवान' बन गया और उसने अपने संबंधों को ही खत्म कर दिया।
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- मुरैना जिले के थाना सराय छोला क्षेत्र के ग्राम कैमरा में अनुसूचित जाति के एक दुकानदार ने गांव के कुछ लोगों पर लूट, मारपीट, जातिसूचक अपमान, जान से मारने की धमकी देने और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में 27 जून को पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। यह घटना 26 जून की रात करीब 8:30 बजे हुई थी। शिकायतकर्ता गजराज सिंह पुत्र रामवीर सिंह के अनुसार, 26 जून की रात देबू गुर्जर उसकी दुकान पर उधार राजश्री की पुड़िया लेने आया था। उधार देने से मना करने पर देबू नाराज होकर चला गया और थोड़ी देर बाद अपने साथ नागेंद्र गुर्जर, सौरव गुर्जर, मनोज और अन्य लोगों को कट्टे व बंदूक जैसे हथियारों के साथ लेकर लौटा। आरोप है कि इन सभी आरोपियों ने गजराज सिंह को दुकान से बाहर खींचकर मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं और दुकान में रखी राजश्री तथा गोल्ड मोहर की पुड़ियां व करीब एक हजार रुपये नकद लूट लिए। इस दौरान गजराज की मां भी मौके पर मौजूद थीं। जाते समय, आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने और गांव से बेदखल करने की धमकी भी दी। गजराज सिंह ने बताया कि घटना के बाद उसने डायल-112 की मदद से थाना सराय छोला पहुंचकर शिकायत की, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। आरोप है कि पुलिस ने सिर्फ एक आवेदन टाइप कर उसे बिना किसी प्राप्ति रसीद के वापस कर दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी नागेंद्र गुर्जर के विरुद्ध पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और जिला बदर की कार्रवाई होने के बावजूद वह गांव में रहकर अवैध गतिविधियां चला रहा है। भय के कारण पीड़ित परिवार गांव छोड़कर मुरैना आ गया है और उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग की है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा उन्हें गांव में पुनः सुरक्षित रूप से बसाने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के मोरैना में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ भागवत कथा में डांस करने को लेकर एक पति ने रिश्तों का कत्ल कर दिया। जानकारी के अनुसार, पति इस घटना के बाद 'हैवान' बन गया और उसने अपने संबंधों को ही खत्म कर दिया।1
- धौलपुर में लोधी क्षत्रिय एम्प्लॉयज एसोसिएशन (लक्ष्य) का 29वां वार्षिक अधिवेशन वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी छात्रावास के निजी हॉल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की महिला आयोग सदस्य अनुपमा सिंह लोधी मुख्य अतिथि रहीं, जबकि असिस्टेंट जीएसटी कमिश्नर अभिषेक लोधी, मनोहर थाना विधायक प्रतिनिधि रामाकिशन लोधा (प्रदेशाध्यक्ष लोधा समाज), लक्ष्य के संस्थापक श्रतिराम वर्मा, डॉ. लेखराज सिंह, वी.पी. सिंह और श्री कोमल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। लक्ष्य संरक्षक कमल सिंह लोधा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अधिवेशन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों की लगभग 300 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इनमें सत्र 2025 के 71 रक्त दानवीर, राजस्थान बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा में 80% या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी, स्नातक, स्नातकोत्तर, और प्रशिक्षण में 80% से अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राएं, नवोदय, NEET, IIT और NET JRF में चयनित अभ्यर्थी तथा लक्ष्य प्रतियोगिता में सफल रहे 61 नवनियुक्त कर्मचारी शामिल थे। इनके अतिरिक्त, 15 सेवानिवृत्त सहित कुल 51 समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि अनुपमा सिंह लोधी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिभाएं राष्ट्र की धरोहर हैं, और कई छात्र-छात्राएं उच्च पदों पर आसीन होकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करेंगे। उन्होंने अभिभावकों से कलम की ताकत रूपी शिक्षा को पहचानने का आह्वान करते हुए इसे सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र बताया, जिससे किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। विशिष्ट अतिथि अभिषेक लोधी ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के प्रति लगन, एकाग्रता और लक्ष्य निर्धारण पर जोर दिया, और बताया कि वे स्वयं कड़ी मेहनत, दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प की बदौलत आज इस पद पर आसीन हैं। लक्ष्य के संस्थापक रतिराम वर्मा ने संगठन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला, और जिलाध्यक्ष रतन सिंह लोधा ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों, समाज बंधुओं और युवाओं का आभार व्यक्त किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में ओमप्रकाश, रामप्रकाश, संतोष कुमार, वीरेन्द्र सिंह, राजकुमार, अतरसिंह, भगवान सिंह, रविन्द्र सिंह, राम सिंह सिहौलिया (प्रदेश संरक्षक), भगवान सिंह अध्यापक, हेमन्त सिंह, रतन लाल, मोहन सिंह, अमीरी सिंह, मदन मोहन, राजेश कुमार, नारायन सिंह, सुरेश कुमार जैसे कई गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ सैकड़ों छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे।3
- धौलपुर में मोहर्रम की नौवीं पर स्थापित किए गए ताजिए एवं अलम शनिवार को मोहर्रम की दसवीं के अवसर पर पूरे धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ जुलूस के रूप में निकाले गए। पुराना शहर क्षेत्र से शाम के समय निकले इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के साथ चल रहे अखाड़ों के युवाओं ने पारंपरिक युद्धक कलाओं और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यह जुलूस निर्धारित मार्गों से होता हुआ आगे बढ़ा। इस दौरान इटायपाड़ा के ताजिए एवं अलम फद्दी के चौराहे से मदीना कॉलोनी की ओर रवाना हुए, जबकि अन्य क्षेत्रों के ताजिए एवं अलम अपने पारंपरिक मार्ग से कर्बला की ओर प्रस्थान कर गए। मदीना कॉलोनी पहुंचने पर ताजिए एवं अलम के साथ आए अकीदतमंदों का स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। जगह-जगह तबर्रुक और लंगर का वितरण किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और युवाओं की भीड़ उमड़ी रही। पूरे मार्ग पर धार्मिक आस्था और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। मदीना कॉलोनी में जुलूस के पहुंचने पर पूर्व पार्षद शोभाबाई एवं मुस्कान बाई ने ताजिए एवं अलम के साथ आए अकीदतमंदों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने तबर्रुक वितरित कर मोहर्रम के संदेश—अमन, भाईचारे और इंसानियत—को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।1
- धौलपुर जिले में सदर थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। सदर थानाधिकारी महेश मीणा ने जानकारी दी कि पुलिस अधीक्षक विकास सागवान के निर्देश पर अवैध हथियारों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिस ने इन दो हथियार तस्करों को पकड़ा है और उनके पास से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार तथा कारतूस जब्त किए हैं।1
- धौलपुर जिले में मुहर्रम की दसवीं तारीख को पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में श्रद्धा एवं अकीदत के साथ भव्य ताजियों के जुलूस निकाले गए। शहर में करीब 500 ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जबकि पूरे जिले में लगभग दो हजार ताजियों का शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में विसर्जन हुआ। ये जुलूस शहर के तलैया, पुराना शहर, पटपरा, बजरिया, बड़ेपीर, गडरपुरा, हाथीवान, कच्ची कुई और पुरानी सराय सहित विभिन्न मोहल्लों से सुबह शुरू होकर देर शाम तक चलते रहे। सभी ताजिए मुख्य जुलूस में शामिल होकर निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इन जुलूसों में करीब 500 ताजिए, लगभग दो दर्जन बैंड, एक दर्जन ढोल-ताशा दल और पांच अखाड़ों ने भाग लिया। मातमी धुनों के बीच अखाड़ों द्वारा प्रस्तुत किए गए पारंपरिक एवं हैरतअंगेज करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। मुहर्रम के इस आयोजन को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर पूरे जुलूस की लगातार निगरानी की गई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शहर के विभिन्न स्थानों पर रोशनी, पेयजल और लंगर की व्यवस्था की गई थी। ताजियों के दर्शन के लिए सभी समुदायों के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उमड़े, जिससे पूरे आयोजन के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की एक सुंदर मिसाल देखने को मिली। धौलपुर के अलावा, बाड़ी, बसेड़ी, राजाखेड़ा, मनियां, सरमथुरा और सैंपऊ सहित जिले के विभिन्न कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुहर्रम पर ताजियों के जुलूस निकाले गए। मातमी माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया। इस प्रकार, पूरे जिले में मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण, श्रद्धापूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।4
- मुरैना जिले के केंदुराबाद थाना क्षेत्र के खरगापुर गांव में एक मां अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाने दुरावत थाने पहुंची थी। लेकिन, उसे अपनी बेटी के लिए न्याय नहीं मिला; इसके बजाय उसे पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा। न्याय मांगने पहुंची इस मां पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे पुलिस के इस व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।2
- उत्तराखंड में एक टूरिस्ट पूल में साँप घुसने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद, वहाँ मौजूद सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए पूल से भाग खड़े हुए।1