logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भक्ति के रंग में रंगा छींच: श्री सिद्धि विनायक मंदिर में फागोत्सव की धूम छींच क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में भव्य फागोत्सव का आयोजन किया गया। भक्ति और उल्लास के इस संगम में श्रद्धालु पूरी तरह सराबोर नजर आए। मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में गुलाल के रंगों और भजनों की स्वर लहरियों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। मंदिर समिति के वालेंग राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम का आगाज भगवान गणेश के विशेष श्रृंगार और आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजित भजन संध्या में पुरुष वर्ग ने मोर्चा संभाला। पुरुष श्रद्धालुओं ने पारंपरिक होली गीतों और फाग के भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा परिसर 'गणपति बप्पा मोरया' और 'होली है' के जयकारों से गूंज उठा। चंग की थाप और ढोलक की जुगलबंदी पर गाए गए लोकगीतों ने वातावरण को पूरी तरह फागुनी रंग में रंग दिया। एक ओर जहाँ पुरुष वर्ग अपनी गायकी से भगवान को रिझा रहा था, वहीं दूसरी ओर महिला श्रद्धालुओं ने उत्साह और उमंग के साथ फागोत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। महिलाओं ने पारंपरिक वागड़ी लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। केसरिया और फागुनी परिधानों में सजी महिलाओं ने गुलाल की होली खेलकर अपनी खुशी का इजहार किया। श्रद्धा और संस्कृति के इस अनूठे मेल ने उपस्थित सभी भक्तों का मन मोह लिया। फागोत्सव में उपस्थित महिलाओं ने बताया कि "फागोत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। भगवान गणेश के चरणों में भजनों और नृत्य के माध्यम से अपनी हाजिरी लगाना परम सुखद अनुभव है।" उत्सव के अंत में श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मंदिर मंडल की ओर से सुरक्षा और दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के समापन पर भगवान को विशेष भोग लगाया गया और उपस्थित सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। इस फागोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक समरसता और मेल-जोल का संदेश भी दिया। देर शाम तक चले इस उत्सव में छींच सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

2 hrs ago
user_धर्मेंद्र उपाध्याय
धर्मेंद्र उपाध्याय
पत्रकार बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
2 hrs ago

भक्ति के रंग में रंगा छींच: श्री सिद्धि विनायक मंदिर में फागोत्सव की धूम छींच क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में भव्य फागोत्सव का आयोजन किया गया। भक्ति और उल्लास के इस संगम में श्रद्धालु पूरी तरह सराबोर नजर आए। मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में गुलाल के रंगों और भजनों की स्वर लहरियों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। मंदिर समिति के वालेंग राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम का आगाज

भगवान गणेश के विशेष श्रृंगार और आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजित भजन संध्या में पुरुष वर्ग ने मोर्चा संभाला। पुरुष श्रद्धालुओं ने पारंपरिक होली गीतों और फाग के भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा परिसर 'गणपति बप्पा मोरया' और 'होली है' के जयकारों से गूंज उठा। चंग की थाप और ढोलक की जुगलबंदी पर गाए गए लोकगीतों ने वातावरण को पूरी तरह फागुनी रंग में रंग दिया। एक ओर जहाँ पुरुष वर्ग अपनी गायकी से भगवान को रिझा रहा था, वहीं दूसरी ओर महिला

श्रद्धालुओं ने उत्साह और उमंग के साथ फागोत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। महिलाओं ने पारंपरिक वागड़ी लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। केसरिया और फागुनी परिधानों में सजी महिलाओं ने गुलाल की होली खेलकर अपनी खुशी का इजहार किया। श्रद्धा और संस्कृति के इस अनूठे मेल ने उपस्थित सभी भक्तों का मन मोह लिया। फागोत्सव में उपस्थित महिलाओं ने बताया कि "फागोत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। भगवान गणेश के चरणों में भजनों और नृत्य के माध्यम से अपनी हाजिरी लगाना परम सुखद अनुभव

है।" उत्सव के अंत में श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मंदिर मंडल की ओर से सुरक्षा और दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के समापन पर भगवान को विशेष भोग लगाया गया और उपस्थित सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। इस फागोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक समरसता और मेल-जोल का संदेश भी दिया। देर शाम तक चले इस उत्सव में छींच सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • छींच क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में भव्य फागोत्सव का आयोजन किया गया। भक्ति और उल्लास के इस संगम में श्रद्धालु पूरी तरह सराबोर नजर आए। मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में गुलाल के रंगों और भजनों की स्वर लहरियों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। मंदिर समिति के वालेंग राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम का आगाज भगवान गणेश के विशेष श्रृंगार और आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजित भजन संध्या में पुरुष वर्ग ने मोर्चा संभाला। पुरुष श्रद्धालुओं ने पारंपरिक होली गीतों और फाग के भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा परिसर 'गणपति बप्पा मोरया' और 'होली है' के जयकारों से गूंज उठा। चंग की थाप और ढोलक की जुगलबंदी पर गाए गए लोकगीतों ने वातावरण को पूरी तरह फागुनी रंग में रंग दिया। एक ओर जहाँ पुरुष वर्ग अपनी गायकी से भगवान को रिझा रहा था, वहीं दूसरी ओर महिला श्रद्धालुओं ने उत्साह और उमंग के साथ फागोत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। महिलाओं ने पारंपरिक वागड़ी लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। केसरिया और फागुनी परिधानों में सजी महिलाओं ने गुलाल की होली खेलकर अपनी खुशी का इजहार किया। श्रद्धा और संस्कृति के इस अनूठे मेल ने उपस्थित सभी भक्तों का मन मोह लिया। फागोत्सव में उपस्थित महिलाओं ने बताया कि "फागोत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। भगवान गणेश के चरणों में भजनों और नृत्य के माध्यम से अपनी हाजिरी लगाना परम सुखद अनुभव है।" उत्सव के अंत में श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मंदिर मंडल की ओर से सुरक्षा और दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के समापन पर भगवान को विशेष भोग लगाया गया और उपस्थित सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। इस फागोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक समरसता और मेल-जोल का संदेश भी दिया। देर शाम तक चले इस उत्सव में छींच सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
    4
    छींच क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में भव्य फागोत्सव का आयोजन किया गया। भक्ति और उल्लास के इस संगम में श्रद्धालु पूरी तरह सराबोर नजर आए। मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में गुलाल के रंगों और भजनों की स्वर लहरियों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।
मंदिर समिति के वालेंग राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम का आगाज भगवान गणेश के विशेष श्रृंगार और आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजित भजन संध्या में पुरुष वर्ग ने मोर्चा संभाला। पुरुष श्रद्धालुओं ने पारंपरिक होली गीतों और फाग के भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा परिसर 'गणपति बप्पा मोरया' और 'होली है' के जयकारों से गूंज उठा। चंग की थाप और ढोलक की जुगलबंदी पर गाए गए लोकगीतों ने वातावरण को पूरी तरह फागुनी रंग में रंग दिया।
एक ओर जहाँ पुरुष वर्ग अपनी गायकी से भगवान को रिझा रहा था, वहीं दूसरी ओर महिला श्रद्धालुओं ने उत्साह और उमंग के साथ फागोत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। महिलाओं ने पारंपरिक वागड़ी लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। केसरिया और फागुनी परिधानों में सजी महिलाओं ने गुलाल की होली खेलकर अपनी खुशी का इजहार किया। श्रद्धा और संस्कृति के इस अनूठे मेल ने उपस्थित सभी भक्तों का मन मोह लिया।
फागोत्सव में उपस्थित महिलाओं ने बताया कि "फागोत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। भगवान गणेश के चरणों में भजनों और नृत्य के माध्यम से अपनी हाजिरी लगाना परम सुखद अनुभव है।"
उत्सव के अंत में श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मंदिर मंडल की ओर से सुरक्षा और दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के समापन पर भगवान को विशेष भोग लगाया गया और उपस्थित सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।
इस फागोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक समरसता और मेल-जोल का संदेश भी दिया। देर शाम तक चले इस उत्सव में छींच सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
    user_धर्मेंद्र उपाध्याय
    धर्मेंद्र उपाध्याय
    पत्रकार बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • Post by Kantilal Makvana
    1
    Post by Kantilal Makvana
    user_Kantilal Makvana
    Kantilal Makvana
    बागीदौरा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by Rajendra Tabiyar
    1
    Post by Rajendra Tabiyar
    user_Rajendra Tabiyar
    Rajendra Tabiyar
    Actor गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
    2
    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (भारत माता मंदिर परिसर में गैर नूत्य की रहीं धुम दुर दराज व अनेक गांवों से आए लोगों ने लिया भाग) राजस्थान के बांसवाड़ा में स्थित विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में भारत माता मंदिर परिसर राती तलाई में आज होली के पर्व पर गैर नूत्य का आयोजन किया गया जिसमें दुर दराज व अलग-अलग गांवों से संगठन के लोग आए और जम कर गैर नूत्य किया जीसे बांसवाड़ा नगर सहित अन्य लोग भी इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल रहे
    2
    कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी 
(भारत माता मंदिर परिसर में गैर नूत्य की रहीं धुम दुर दराज व अनेक गांवों से आए लोगों ने लिया भाग)
राजस्थान के बांसवाड़ा में स्थित विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में भारत माता मंदिर परिसर राती तलाई में आज होली के पर्व पर गैर नूत्य का आयोजन किया गया जिसमें दुर दराज व अलग-अलग गांवों से संगठन के लोग आए और जम कर गैर नूत्य किया जीसे बांसवाड़ा नगर सहित अन्य लोग भी इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल रहे
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    Kushalgarh, Banswara•
    28 min ago
  • Post by Kamlesh tabiyar Tabiyar
    1
    Post by Kamlesh tabiyar Tabiyar
    user_Kamlesh tabiyar Tabiyar
    Kamlesh tabiyar Tabiyar
    Nurse अरथुना, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by VAGAD news24
    1
    Post by VAGAD news24
    user_VAGAD news24
    VAGAD news24
    Farmer आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • वागड़ केसरी व वागड़ गौरव आचार्य 108 चंद्रगुप्त गुरुदेव का मंगल विहार वागोल जैन तीर्थ एवं अन्देश्वर तीर्थ की ओर श्रद्धा और भावनाओं के बीच प्रारंभ हुआ। विदाई के दौरान भक्तों की आंखों में आंसू छलक उठे और वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया। दिगंबर बीस पंथी जैन समाज के अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ ने बताया कि गुरुदेव के सानिध्य में मूलनायक आदिनाथ भगवान का प्रातः बेला में विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक हुआ। सायंकाल गुरुदेव का विहार वागोल जैन तीर्थ के लिए हुआ, जहां समाजजनों ने नंगे पांव चलकर सहभागिता की तथा मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान की आरती व गुरुभक्ति का आयोजन किया। महामंत्री हंसमुख लाल सेठ ने बताया कि गुरुदेव का अगला विहार अन्देश्वर तीर्थ की ओर रहेगा तथा 10 मार्च को भिलूड़ा में उनका मंगल प्रवेश होगा, जहां पूज्य गुरु गुप्तुनंदी गुरुदेव से गुरु-शिष्य मिलन होगा। गुरुदेव ने संदेश दिया कि संयम, करुणा और क्षमा ही सच्चा धर्म है।
    1
    वागड़ केसरी व वागड़ गौरव आचार्य 108 चंद्रगुप्त गुरुदेव का मंगल विहार वागोल जैन तीर्थ एवं अन्देश्वर तीर्थ की ओर श्रद्धा और भावनाओं के बीच प्रारंभ हुआ। विदाई के दौरान भक्तों की आंखों में आंसू छलक उठे और वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया।
दिगंबर बीस पंथी जैन समाज के अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ ने बताया कि गुरुदेव के सानिध्य में मूलनायक आदिनाथ भगवान का प्रातः बेला में विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक हुआ। सायंकाल गुरुदेव का विहार वागोल जैन तीर्थ के लिए हुआ, जहां समाजजनों ने नंगे पांव चलकर सहभागिता की तथा मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान की आरती व गुरुभक्ति का आयोजन किया।
महामंत्री हंसमुख लाल सेठ ने बताया कि गुरुदेव का अगला विहार अन्देश्वर तीर्थ की ओर रहेगा तथा 10 मार्च को भिलूड़ा में उनका मंगल प्रवेश होगा, जहां पूज्य गुरु गुप्तुनंदी गुरुदेव से गुरु-शिष्य मिलन होगा। गुरुदेव ने संदेश दिया कि संयम, करुणा और क्षमा ही सच्चा धर्म है।
    user_धर्मेंद्र उपाध्याय
    धर्मेंद्र उपाध्याय
    पत्रकार बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.