चतरा जिले में मुहर्रम पर्व के मद्देनज़र प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, चतरा पुलिस ने चतरा शहर में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मुहर्रम के दौरान असामान्य गतिविधियों और उपद्रवी तत्वों से निपटना था, ताकि आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ाई जा सके और पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। इस मॉक ड्रिल के दौरान, चतरा पुलिस बल ने शहर की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और दंगा नियंत्रण का जीवंत प्रदर्शन किया। इसमें वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले के प्रयोग के साथ-साथ एंबुलेंस सेवाओं की उपयोगिता को भी दर्शाया गया। सदर एडीपीओ सन्नी वर्ध्दन ने मॉक ड्रिल के उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि चतरा पुलिस पर्व को हर संभव शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सद्भावपूर्वक संपन्न करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आज का मॉक ड्रिल इसी कड़ी का हिस्सा था।
चतरा जिले में मुहर्रम पर्व के मद्देनज़र प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, चतरा पुलिस ने चतरा शहर में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मुहर्रम के दौरान असामान्य गतिविधियों और उपद्रवी तत्वों से निपटना था, ताकि आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ाई जा सके और पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। इस मॉक ड्रिल के दौरान, चतरा पुलिस बल ने शहर की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और दंगा
नियंत्रण का जीवंत प्रदर्शन किया। इसमें वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले के प्रयोग के साथ-साथ एंबुलेंस सेवाओं की उपयोगिता को भी दर्शाया गया। सदर एडीपीओ सन्नी वर्ध्दन ने मॉक ड्रिल के उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि चतरा पुलिस पर्व को हर संभव शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सद्भावपूर्वक संपन्न करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आज का मॉक ड्रिल इसी कड़ी का हिस्सा था।
- हेमजापुर मोहनपुर में मुहर्रम का त्योहार पूरे ज़ोर-शोर और धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पूरा जनसमूह मिलकर इस पर्व में सक्रिय रूप से शामिल हो रहा है।1
- हजारीबाग शहर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक छात्र के अपहरण, बेरहमी से मारपीट, सिगरेट से दागने और हत्या की कोशिश का आरोप लगाते हुए पीड़ित की माँ ने बड़ी बाजार थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में छह लोगों को नामजद किया गया है और कुछ अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। माँ के आवेदन के अनुसार, 25 जून की सुबह करीब 10:40 बजे डीपीएस स्कूल के पास खड़े छात्र को आरोपितों ने जबरन अपने साथ ले लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि छात्र को एक कमरे में बंद करके बेरहमी से पीटा गया, उसे किसी मामले को लेकर धमकाया गया, गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर सिगरेट से शरीर के कई हिस्सों को दागा गया। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि आरोपितों ने छात्र को मृत समझकर उसे कार में डालकर कहीं फेंकने की तैयारी की थी। इसी दौरान रास्ते में वाहन रुकने पर छात्र मौका देखकर उनके चंगुल से भाग निकला और अपनी जान बचाने में सफल रहा। इसके बाद, परिजनों ने छात्र की आपबीती सुनकर सीधे थाना पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित छात्र की माँ ने अपने आवेदन में अपहरण, मारपीट, बंधक बनाकर प्रताड़ित करने, जान से मारने की कोशिश और घटना में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कुछ आरोपितों के नाम और एक मोबाइल नंबर का भी उल्लेख किया गया है। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। फिलहाल, पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आरोपितों पर लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- मोहर्रम की नौवीं तारीख को हजारीबाग के कटकम सांडी स्थित छड़वा मोहर्रम मैदान में सतरह गांवों के जुलूस का भव्य मिलन हुआ, जहाँ अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार दोपहर 02 बजे खुटरा, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर वन, गदोखर टु, पबरा, लुपूंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ु, नवादा, डुकरा, हरना, कवातु और गोविंदपुर गांवों से आए जुलूस अपने अखाड़ों के साथ इस मैदान में प्रवेश किए। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के अकीदतमंदों ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों के हैरतअंगेज खेल का प्रदर्शन किया, जबकि पूरे इलाके में हुसैन के दीवानों द्वारा 'या अली या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं, जिससे पूरा क्षेत्र बाग-बाग हो उठा। आसमान छूते निशानों ने भी इस आयोजन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। इस भव्य मेले के दौरान एएसपी अमित कुमार, अंचल इंस्पेक्टर सपन कुमार महथा, प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी, अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता और पेलावल ओपी के थाना प्रभारी बिट्टू रजक ने स्थिति का जायजा लिया। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मोहर्रम कमिटी के अध्यक्ष नौशाद खान उर्फ डिस्को, उपाध्यक्ष बाबर अंसारी, सचिव कमालउद्दीन इराकी और अकमल अंसारी, कोषाध्यक्ष शेख इंत्तेफाक हुसैन, प्रवक्ता निसार खान, छड़वा मोहर्रम कमिटी के सदस्यों तथा पुलिस प्रशासन के रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।3
- नफरतें जहाँ दीवारें खड़ी करती हैं, वहीं मोहब्बत दिलों को जोड़ने का काम करती है। मुहर्रम के पवित्र अवसर पर पप्पू सरदार जी द्वारा की गई सेवा ने इस बात को सिद्ध कर दिया कि इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता। इस सेवा ने यह दर्शाया कि चाहे हिंदू हों या मुसलमान, जब दिल एक-दूसरे के लिए धड़कते हैं, तभी सच्चे भाईचारे की मिसाल कायम होती है। ऐसे परोपकारी कार्य समाज में एकता, शांति और प्रेम का महत्वपूर्ण संदेश फैलाते हैं।1
- गया जिले के मोहनपुर धरहरा पंचायत के हेमजापुर बाजार में लोगों की भारी भीड़ देखी गई है। हेमजपुर स्थित इस बाजार में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे।1
- चंदवा में शनिवार को समाजसेवी एवं भूदान यज्ञ समिति के प्रणेता स्वर्गीय विशम्भर दुबे की 15वीं पुण्यतिथि मनाई गई, जिसके उपलक्ष्य में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके पुत्र प्रमोद दुबे ने अपने पिता के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए, साथ ही उनके सामाजिक योगदानों पर विस्तृत प्रकाश डाला। सभा में मौजूद समाजसेवी रामयश पाठक ने स्वर्गीय विशम्भर दुबे के कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भूदान यज्ञ समिति के माध्यम से समाज में जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया था, जिसे सदैव याद रखा जाएगा। इस मौके पर गोपाल बल्लभ मिश्रा, हरिनंदन दुबे, राजेश चंद्र पांडेय, दामोदर उपाध्याय, महेंद्र साहू, अर्जुन ठाकुर, सुधीर साहू, प्रवीण दुबे और सौरभ श्रीवास्तव सहित अन्य कई लोगों ने भी उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।2
- झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नावाडीह पनारी गांव स्थित स्वर्गीय बिंदी यादव के बंद पड़े पत्थर खदान से शुक्रवार को एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, रोज़ की तरह नित्यकर्म के लिए गए आसपास के ग्रामीणों को बंद खदान के पानी में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय मुखिया को दी, जिसके बाद हंटरगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और शव को पानी से बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक, युवती की उम्र करीब 20-22 वर्ष आंकी जा रही है, जिसने जिंस पैंट पहन रखा था। हालांकि, शव की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है और प्राथमिक जाँच में मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह खदान काफी गहरी और पानी से भरी हुई है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि युवती खदान में कैसे पहुँची और उसकी मौत किस परिस्थिति में हुई। शव की शिनाख्त के लिए आसपास के गाँवों में सूचना भिजवाई गई है और पुलिस हत्या, आत्महत्या या दुर्घटना - इन सभी पहलुओं पर गहनता से जाँच कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बंद खदान में अक्सर लोग दैनिक क्रियाओं और मवेशियों को नहलाने के लिए जाते हैं। पुलिस ने शव की शिनाख्त होने तक उसे सुरक्षित रखवाया है।2