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हेमजापुर मोहनपुर में मुहर्रम का त्योहार पूरे ज़ोर-शोर और धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पूरा जनसमूह मिलकर इस पर्व में सक्रिय रूप से शामिल हो रहा है।
Mukesh Kumar
हेमजापुर मोहनपुर में मुहर्रम का त्योहार पूरे ज़ोर-शोर और धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पूरा जनसमूह मिलकर इस पर्व में सक्रिय रूप से शामिल हो रहा है।
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- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बोलते हुए कुछ लोगों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग श्रीराम का नाम लेने वालों पर लाठी और गोली चलाते थे, साथ ही अयोध्या के अस्तित्व को भी नकारते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अदालत में मुकदमे भी लड़े थे। योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आज वही लोग बोल रहे हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोग अब आस्था के बारे में सिखाएंगे।1
- भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पहली बार उनकी मां ने न्यायिक जांच को लेकर अपनी बात रखी है। यह बयान भरत भूषण तिवारी के समर्थन में आया है, जिसमें न्यायिक जांच पर जोर दिया गया है।1
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गया स्थित विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। इस दौरान, नगर निगम गयाजी द्वारा मुहैया कराई गई वाटर कैनन फॉगर स्ट्रिंगर मशीन पर बड़ी संख्या में भक्त स्नान करते हुए पाए गए।1
- भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।1
- चतरा जिले के हंटरगंज स्थित दंतार में मोहर्रम के पवित्र अवसर पर शुक्रवार को धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। ताजिया जुलूस में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग कंधे से कंधा मिलाकर शामिल हुए, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा और मजबूत हुई। जुलूस के दौरान लगाए गए सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं को शरबत, जूस और ठंडा पानी वितरित किया गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, और पूरे रास्ते 'या हुसैन' के नारों से इलाका गूंज उठा। जुलूस मार्ग पर युवा समाजसेवी संजीत ठाकुर, मुकेश मिश्रा, निरंजन मिश्रा, धीरज कुमार, सोनू कुमार और उनके सहयोगियों ने सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को ठंडा पानी और जूस पिलाया। वहीं, साईं ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवदत्त प्रसाद और उनके साथियों ने भी एक अलग स्टॉल लगाकर मीठा शरबत बांटा। भीषण गर्मी के मौसम में ठंडे पेय पाकर श्रद्धालुओं ने काफी राहत महसूस की, और लोगों ने इस सेवा कार्य के लिए युवाओं तथा ट्रस्ट के सदस्यों की खुले दिल से सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल प्यास ही नहीं बुझाते, बल्कि समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव की नींव भी मजबूत करते हैं। मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद शहजाद अंसारी और युवा समाजसेवी मोहम्मद इरफान अंसारी ने जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ने लोगों को संबोधित करते हुए हजरत इमाम हुसैन के कुर्बानी, प्रेम और भाईचारे के पैगाम को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की बात कही। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी हिंदू भाइयों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने दंतार के इस आयोजन को समाज में एकता और अखंडता का प्रतीक बताया, और ऐसे आयोजनों को देश की असली ताकत करार दिया।1
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की गया इकाई ने 25 जून को देश के लोकतांत्रिक इतिहास के 'काले अध्याय' माने जाने वाले आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया। यह जुलूस गया स्थित इस्कॉन मंदिर के मुक्त द्वार से शुरू होकर ए.पी.आर. चौक तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और परिषद कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले महान लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस अवसर पर, परिषद के जिला संयोजक विनायक कुमार ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने बताया कि उस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों का व्यापक दमन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया था। कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि ABVP हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है, और वर्तमान युवा पीढ़ी को आपातकाल के वास्तविक इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों का हनन करने का साहस न कर सके। वहीं, परिषद के महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक चेतना पर एक गंभीर प्रहार था। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष किया था, और आज युवा वर्ग के लिए उन संघर्षों को याद रखना तथा राष्ट्रहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना आवश्यक है। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्रहितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना भी है। मशाल जुलूस के दौरान, कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विभिन्न नारों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया और यह संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रहित एवं छात्रहित के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे और आपातकाल जैसे काले अध्याय को कभी भुलाने नहीं देंगे। इस कार्यक्रम में परिषद के एसडीएफ प्रांत संयोजक सूरज सिंह, प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, विभाग संयोजक मैक्स अवस्थी, जिला संयोजक विनायक सिंह, महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा, विशाल दास, लक्ष्मीकांत शर्मा, अंकित सागर, अनीस मिश्रा, हरीश सिंह, चंदन शर्मा, हर्ष मिश्रा, निखिल कुमार, नीरज सिंह, राजल, ऋषभ, सौरभ, पंकज, कमलाक्ष्य, राहुल, रिशु सिंह, मयंक शर्मा, शशिकांत सिंह, अभिषेक, वैष्णवी कुमारी, शिवानी सिंह, मानवी, रोशनी सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा हेतु हुए ऐतिहासिक संघर्ष को स्मरण करना और युवा शक्ति को राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागृत करना था।1
- चतरा जिले के हंटरगंज में गुरुवार शाम को मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस इंस्पेक्टर विपिन कुमार और थाना प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। फ्लैग मार्च थाना परिसर से शुरू होकर हंटरगंज मेन बाजार, पानी टंकी, मीरपुर, आमीन, नावाडीह पनारी सहित अन्य प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने लोगों से मुहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने जानकारी दी कि जुलूस के निर्धारित रूट पर पुलिस बल तैनात किया गया है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी तैनात हैं और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। विपिन कुमार ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी संदिग्ध पोस्ट, वीडियो या मैसेज दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, क्योंकि अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। मौके पर एसआई नितेश प्रसाद, वीरबहादुर सिंह, भोला साह सहित कई पुलिस पदाधिकारी और सैकड़ों जवान मौजूद थे।1
- चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड के मीरपुर गांव में बिंदिया देवी नामक महिला को डायन-बिसाही का आरोप लगाकर मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता बिंदिया देवी ने इस संबंध में हंटरगंज थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। बिंदिया देवी के जेठ हरिवंश यादव लंबे समय से बीमार चल रहे हैं, और इसी बीमारी को लेकर उनके परिवार के कुछ सदस्य बिंदिया देवी को डायन-बिसाही से जोड़कर प्रताड़ित कर रहे थे। पीड़िता के अनुसार, उनकी जेठानी मुनिया देवी और उनके पुत्र अखिलेश यादव, रामबली कुमार तथा सागर कुमार इस बात पर अक्सर गाली-गलौज करते थे। बुधवार की देर शाम बिंदिया देवी जब खेत की ओर गोबर फेंकने गई थीं, तभी अखिलेश यादव ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए अपने पिता की बीमारी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन पर डायन-बिसाही का आरोप लगाया। यह विवाद बढ़ने पर अन्य आरोपी भी मौके पर पहुंच गए और पीड़िता के साथ मारपीट की। उन्हें उठाकर जमीन पर पटक दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर कुछ समय के लिए बेहोश हो गईं। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया और उन्हें आरोपियों से बचाया। घटना के बाद परिजनों ने घायल बिंदिया देवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ उनका उपचार कराया गया। उपचार के उपरांत पीड़िता ने हंटरगंज थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, सुरक्षा तथा अंधविश्वास के नाम पर हो रहे इस लगातार प्रताड़ना को रोकने की मांग की है। मामले में हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और पुलिस आवेदन के आधार पर जांच में जुट गई है। छानबीन पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1