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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बोलते हुए कुछ लोगों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग श्रीराम का नाम लेने वालों पर लाठी और गोली चलाते थे, साथ ही अयोध्या के अस्तित्व को भी नकारते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अदालत में मुकदमे भी लड़े थे। योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आज वही लोग बोल रहे हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोग अब आस्था के बारे में सिखाएंगे।

2 hrs ago
user_Ashutosh kumar
Ashutosh kumar
Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
2 hrs ago

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बोलते हुए कुछ लोगों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग श्रीराम का नाम लेने वालों पर लाठी और गोली चलाते थे, साथ ही अयोध्या के अस्तित्व को भी नकारते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अदालत में मुकदमे भी लड़े थे। योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आज वही लोग बोल रहे हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोग अब आस्था के बारे में सिखाएंगे।

More news from Bihar and nearby areas
  • सुगौली अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है, जहाँ एक फ्रैक्चर मरीज के इलाज में मेडिकल उपकरणों के बजाय कार्टन का इस्तेमाल किया गया। इस घटना ने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति और मरीजों की सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही को बेनकाब कर दिया है।
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    सुगौली अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है, जहाँ एक फ्रैक्चर मरीज के इलाज में मेडिकल उपकरणों के बजाय कार्टन का इस्तेमाल किया गया। इस घटना ने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति और मरीजों की सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही को बेनकाब कर दिया है।
    user_SATISH KUMAR (पत्रकार)
    SATISH KUMAR (पत्रकार)
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    26 min ago
  • सिया के पिता ने एक बड़ा और कड़ा बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे केतन की मौत के मामले में दोषियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है। उनके अनुसार, जिस किले से उनका बेटा केतन गिरा था, उस घटना के लिए जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसे उसी पहाड़ी से धक्का दे देना चाहिए। पिता ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर उनकी बेटी सिया भी इस मामले में दोषी पाई जाती है, तो उसे भी किसी भी अन्य दोषी की तरह उसी पहाड़ी से धक्का दिया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि इस कृत्य में शामिल किसी भी अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह उनकी अपनी बेटी ही क्यों न हो।
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    सिया के पिता ने एक बड़ा और कड़ा बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे केतन की मौत के मामले में दोषियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है। उनके अनुसार, जिस किले से उनका बेटा केतन गिरा था, उस घटना के लिए जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसे उसी पहाड़ी से धक्का दे देना चाहिए।

पिता ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर उनकी बेटी सिया भी इस मामले में दोषी पाई जाती है, तो उसे भी किसी भी अन्य दोषी की तरह उसी पहाड़ी से धक्का दिया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि इस कृत्य में शामिल किसी भी अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह उनकी अपनी बेटी ही क्यों न हो।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    40 min ago
  • निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गया स्थित विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। इस दौरान, नगर निगम गयाजी द्वारा मुहैया कराई गई वाटर कैनन फॉगर स्ट्रिंगर मशीन पर बड़ी संख्या में भक्त स्नान करते हुए पाए गए।
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    निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गया स्थित विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। इस दौरान, नगर निगम गयाजी द्वारा मुहैया कराई गई वाटर कैनन फॉगर स्ट्रिंगर मशीन पर बड़ी संख्या में भक्त स्नान करते हुए पाए गए।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    रिपोर्टर Gaya, Bihar•
    11 hrs ago
  • भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।
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    भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया।

इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    19 hrs ago
  • बिहार के राजगीर स्थित मलमास मेले में हुई दुःखद घटना में पिंटू पासवान और श्रवण कुमार की निर्मम हत्या को अत्यंत निंदनीय और हृदयविदारक बताया गया है। इस घटना को कथित तौर पर जातकवादी आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिया गया है। आज, बिहार के लोकप्रिय पूर्व मंत्री, बोधगया विधायक और बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक विरोधी दल कुमार सर्वजीत ने पीड़ित परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने पीड़ित परिवार की बात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से करवाई और उन्हें सहयोग राशि प्रदान करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कुमार सर्वजीत ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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    बिहार के राजगीर स्थित मलमास मेले में हुई दुःखद घटना में पिंटू पासवान और श्रवण कुमार की निर्मम हत्या को अत्यंत निंदनीय और हृदयविदारक बताया गया है। इस घटना को कथित तौर पर जातकवादी आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिया गया है।

आज, बिहार के लोकप्रिय पूर्व मंत्री, बोधगया विधायक और बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक विरोधी दल कुमार सर्वजीत ने पीड़ित परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने पीड़ित परिवार की बात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से करवाई और उन्हें सहयोग राशि प्रदान करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

कुमार सर्वजीत ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
    user_Dhiraj KumarGupta repoter
    Dhiraj KumarGupta repoter
    Local News Reporter गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    21 hrs ago
  • गया जिले के मोहनपुर धरहरा पंचायत के हेमजापुर बाजार में लोगों की भारी भीड़ देखी गई है। हेमजपुर स्थित इस बाजार में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे।
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    गया जिले के मोहनपुर धरहरा पंचायत के हेमजापुर बाजार में लोगों की भारी भीड़ देखी गई है। हेमजपुर स्थित इस बाजार में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे।
    user_Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar
    Singer मोहनपुर, गया, बिहार•
    14 min ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बोलते हुए कुछ लोगों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग श्रीराम का नाम लेने वालों पर लाठी और गोली चलाते थे, साथ ही अयोध्या के अस्तित्व को भी नकारते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अदालत में मुकदमे भी लड़े थे। योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आज वही लोग बोल रहे हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोग अब आस्था के बारे में सिखाएंगे।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बोलते हुए कुछ लोगों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग श्रीराम का नाम लेने वालों पर लाठी और गोली चलाते थे, साथ ही अयोध्या के अस्तित्व को भी नकारते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अदालत में मुकदमे भी लड़े थे।

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आज वही लोग बोल रहे हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोग अब आस्था के बारे में सिखाएंगे।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    2 hrs ago
  • औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड के काजीचक गांव में 22 जून की रात मोहर्रम जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक व्यक्ति चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में दोनों ही पक्षों ने रफीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है। पहले पक्ष की ओर से काजीचक नहर के पास रहने वाले मणउल्लाह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मोहर्रम जुलूस के दौरान जब वह मस्जिद के पास से स्कूल के पीछे लघुशंका के लिए गए थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया। इन आरोपियों ने चाकू और लाठी-डंडों से उन पर हमला किया, जिसमें उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चाकू से सात वार किए गए। मणउल्लाह ने इस हमले के लिए मोहम्मद सोहेल, जफर आलम, मोहम्मद सादिक के बेटे मोहम्मद आदिल, मोहम्मद तनु, मोहम्मद पांचु, मोहम्मद छठु, मोहम्मद अनस, फरहान, कैला, मोहम्मद रेयाज के बेटे मोहम्मद आदिल और मोहम्मद शरफान सहित कुल 11 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। वहीं, दूसरे पक्ष से मोहम्मद अशद ने मणउल्लाह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। अशद ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पुरानी रंजिश के चलते उन पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनका सिर फट गया। रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदनों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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    औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड के काजीचक गांव में 22 जून की रात मोहर्रम जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक व्यक्ति चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में दोनों ही पक्षों ने रफीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है।

पहले पक्ष की ओर से काजीचक नहर के पास रहने वाले मणउल्लाह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मोहर्रम जुलूस के दौरान जब वह मस्जिद के पास से स्कूल के पीछे लघुशंका के लिए गए थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया। इन आरोपियों ने चाकू और लाठी-डंडों से उन पर हमला किया, जिसमें उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चाकू से सात वार किए गए। मणउल्लाह ने इस हमले के लिए मोहम्मद सोहेल, जफर आलम, मोहम्मद सादिक के बेटे मोहम्मद आदिल, मोहम्मद तनु, मोहम्मद पांचु, मोहम्मद छठु, मोहम्मद अनस, फरहान, कैला, मोहम्मद रेयाज के बेटे मोहम्मद आदिल और मोहम्मद शरफान सहित कुल 11 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है।

वहीं, दूसरे पक्ष से मोहम्मद अशद ने मणउल्लाह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। अशद ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पुरानी रंजिश के चलते उन पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनका सिर फट गया। रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदनों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    24 min ago
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