सीतापुर जिले के पिसावां थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय आयुष की इलाज के दौरान मौत हो जाने से उसके परिवार में गहरा मातम छा गया है। परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, आयुष पिछले पाँच दिनों से तेज़ बुखार से पीड़ित था। परिजन उसे उपचार के लिए पिसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुँचे, जहाँ इलाज के दौरान उसकी हालत और बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि ग्लूकोज चढ़ाने के बाद बच्चे की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सीतापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में आयुष का इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और यदि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
सीतापुर जिले के पिसावां थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय आयुष की इलाज के दौरान मौत हो जाने से उसके परिवार में गहरा मातम छा गया है। परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, आयुष पिछले पाँच दिनों से तेज़ बुखार से पीड़ित था। परिजन उसे उपचार के लिए पिसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुँचे, जहाँ इलाज के दौरान उसकी हालत और बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि ग्लूकोज चढ़ाने के बाद बच्चे की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सीतापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में आयुष का इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और यदि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
- सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में हुई एक घटना की जांच से पता चला है कि पीड़ित और आरोपी दोनों ही एक ही गांव और एक ही जाति के हैं, और पहले से एक-दूसरे को जानते थे। यह पूरा प्रकरण प्रेम प्रसंग से संबंधित है। घटना में घायल हुई लड़की की स्थिति अब पूरी तरह से ठीक और नियंत्रण में बताई गई है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए चार टीमों का गठन किया है। ये टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, और पुलिस को उम्मीद है कि अभियुक्त को जल्द ही हिरासत में ले लिया जाएगा। इसके साथ ही, अभियुक्त के परिजनों को भी पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के पिसावां थाना क्षेत्र में इलाज के दौरान 13 वर्षीय आयुष की मौत हो गई, जिसके बाद से परिवार में गहरा मातम छाया हुआ है। जानकारी के अनुसार, आयुष पिछले पाँच दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। परिजन उसे इलाज के लिए पिसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुँचे, जहाँ उपचार के दौरान उसकी हालत और बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि ग्लूकोज चढ़ाने के बाद बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। हालत गंभीर होने पर, डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल सीतापुर रेफर कर दिया, जहाँ इलाज शुरू होने के कुछ देर बाद डॉक्टरों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद, परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की गहन जाँच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में कहा है कि पूरे मामले की विस्तृत जाँच कराई जाएगी और यदि जाँच में लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- सीतापुर जिले के पिसावां थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय आयुष की इलाज के दौरान मौत हो जाने से उसके परिवार में गहरा मातम छा गया है। परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, आयुष पिछले पाँच दिनों से तेज़ बुखार से पीड़ित था। परिजन उसे उपचार के लिए पिसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुँचे, जहाँ इलाज के दौरान उसकी हालत और बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि ग्लूकोज चढ़ाने के बाद बच्चे की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सीतापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में आयुष का इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और यदि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।1
- नगर पालिका परिषद सीतापुर ने शहर के मेधावी विद्यार्थियों और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। नगर पालिका अध्यक्ष नेहा अवस्थी के नेतृत्व में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक उपस्थित रहे, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा व खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का सम्मान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। इस समारोह में सीतापुर जिले के टॉपर्स विद्यार्थियों को साइकिल भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि लगभग 300 ऐसे छात्र-छात्राओं को भी प्रमाण पत्र और विशेष उपहार दिए गए, जिन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। साथ ही, नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न पार्कों में प्रशिक्षण प्राप्त कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में विजेता स्थान हासिल करने वाली बेटियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धियों को मंच से सराहा गया और उन्हें स्मृति चिन्ह व सम्मान पत्र प्रदान किए गए, जिससे खेल प्रतिभाओं में बेटियों ने मान बढ़ाया। अपने संबोधन में नेहा अवस्थी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि हर बच्चे को मेहनत करने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देने का माध्यम है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नगर पालिका शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम में नगर विकास राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार राकेश राठौर 'गुरु जी', एमएलसी पवन सिंह चौहान, शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत मुनीन्द्र अवस्थी और स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर नमींद्र अवस्थी जैसे प्रमुख अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने नगर पालिका परिषद सीतापुर और अध्यक्ष नेहा अवस्थी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और समाज को सकारात्मक संदेश देते हैं। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला, जिसमें सम्मान प्राप्त करने वाले बच्चों के चेहरों पर खुशी और गर्व स्पष्ट झलक रहा था। अंत में, सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस भव्य समारोह का समापन किया गया।3
- स्थानीय निवासियों ने एक ऐसे नल की समस्या उठाई है जो कई सालों से बंद पड़ा है। इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे नल को ठीक करवाने की दिशा में आवश्यक गतिविधि करें।2
- मेरठ में जमानत के पैसे लौटाने को लेकर हुए विवाद के बाद, पुलिस ने 70 वकीलों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है। दरअसल, शेरखान और फखरुद्दीन नामक दो व्यक्ति कुछ समय पहले एक मामले में जेल गए थे। उनकी जमानत कराने के लिए उनके परिजनों ने किसी वकील को 45,000 रुपये दिए थे। हालांकि, यह जमानत उच्च न्यायालय से रद्द हो गई थी, जिसके कारण उन दोनों को महीनों तक जेल में रहना पड़ा। जेल से बाहर आने के बाद, शेरखान और फखरुद्दीन अपने पैसे वापस लेने के लिए उस वकील के पास पहुंचे। बताया गया है कि वकील ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विवाद काफी बढ़ गया। इसी क्रम में वकील ने अपने साथियों को बुला लिया, जिन्होंने कथित तौर पर दोनों को पीटकर उनकी बुरी हालत कर दी। इस घटना के बाद मेरठ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 70 वकीलों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में कमलापुर थाना क्षेत्र में रविवार शाम करीब 7 बजे एकतरफा प्रेम प्रसंग के चलते एक युवती को सरेआम गोली मार दी गई। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप और दहशत फैल गई है। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल युवती को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सिधौली ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर थाना क्षेत्र के उत्तरपुर गांव की रहने वाली पीड़िता कमलापुर में अपने फूफा के घर आई हुई थी। रविवार शाम वह अपनी बुआ के साथ कहीं जा रही थी, तभी रास्ते में बाइक सवार दो नकाबपोश युवक आ धमके और बाइक पर पीछे बैठे युवक ने तमंचा निकालकर युवती पर फायर कर दिया। गोली लगने के बाद युवती खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ी, जबकि दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर बाइक से तेजी से फरार हो गए। सरेराह गोली चलने की खबर मिलते ही कमलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी दुर्गेश सिंह और सीओ सिधौली विशाल गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ सीधे अस्पताल पहुंचे, जहाँ उन्होंने पीड़िता का बयान दर्ज किया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसके गांव का ही अंबुज नाम का लड़का उस पर जबरन बातचीत और दोस्ती का दबाव बना रहा था। बार-बार मना करने के बावजूद वह नहीं माना और इसी रंजिश तथा गुस्से में आकर उसने अपने साथी मोहित के साथ मिलकर उस पर जानलेवा हमला किया। पुलिस के मुताबिक, वारदात के समय मोहित बाइक चला रहा था, जबकि अंबुज ने गोली चलाई थी। सीओ सिधौली विशाल गुप्ता ने मीडिया को जानकारी दी कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और अधिकारियों ने जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। फिलहाल, इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- कानपुर के कृष्णा अस्पताल पर एक बेहद गंभीर आरोप लगा है, जहाँ ITBP जवान विकास सिंह की माँ को साँस की दिक्कत के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन अस्पताल वालों ने कथित तौर पर उनका हाथ काट दिया। यह घटना इतनी असामान्य है कि इसे उत्तर प्रदेश के इतिहास में शायद पहली बार हुई घटना बताया जा रहा है, जिससे हालात 'पानी सिर से ऊपर बहने' जैसे हो गए हैं। इस हृदय विदारक घटना के बाद, ITBP जवान विकास सिंह को अपनी माँ के साथ हुए इस अन्याय के लिए FIR दर्ज कराने के लिए तीन दिनों तक भटकना पड़ा, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। वीडियो फुटेज में एक पुलिस अफसर द्वारा कटा हुआ हाथ देखने के बावजूद भी कुछ नहीं करने का आरोप है, जिसे 'निर्लज्ज' बताते हुए भारी आक्रोश व्यक्त किया गया है। पुलिस की इस कथित निष्क्रियता और असंवेदनशीलता से मजबूर होकर, आज ITBP के जवानों को कानपुर स्थित पुलिस कमिश्नर ऑफिस का घेराव करना पड़ा, ताकि इस मामले में न्याय मिल सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।1