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शिमला में सनसनी: शराब के बाद भाई ने ही की भाई की हत्या, आरोपी गिरफ्तार हिमाचल की आवाज़ रामपुर: शिमला पुलिस ने थाना झाकड़ी क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया है। 30 मार्च 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि राई खड्ड स्थित श्मशान घाट के पास एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पाया कि व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है। मृतक की पहचान अनिल कुमार उर्फ काकू (35 वर्ष), निवासी गांव सराहन, तहसील रामपुर, जिला शिमला के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर और मुंह के पास चोटों व खून के निशान मिलने से मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद थाना झाकड़ी में अभियोग संख्या 24/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटनास्थल का निरीक्षण एसएफएसएल टीम की मौजूदगी में किया गया और महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएच सराहन भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के छोटे भाई विक्रम (34 वर्ष) को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की। भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में उसकी संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने भाई के साथ शराब पीने के बाद पुरानी रंजिश के चलते उसकी हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

5 hrs ago
user_हिमाचल की आवाज़
हिमाचल की आवाज़
Media company रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
5 hrs ago
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शिमला में सनसनी: शराब के बाद भाई ने ही की भाई की हत्या, आरोपी गिरफ्तार हिमाचल की आवाज़ रामपुर: शिमला पुलिस ने थाना झाकड़ी क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया है। 30 मार्च 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि राई खड्ड स्थित श्मशान घाट के पास एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पाया कि व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है। मृतक की पहचान अनिल कुमार उर्फ काकू (35 वर्ष), निवासी गांव सराहन, तहसील रामपुर, जिला शिमला के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर और मुंह के पास चोटों व खून के निशान मिलने से मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद थाना झाकड़ी में अभियोग संख्या 24/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटनास्थल का निरीक्षण एसएफएसएल टीम की मौजूदगी में किया गया और महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएच सराहन भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के छोटे भाई विक्रम (34 वर्ष) को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की। भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में उसकी संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने भाई के साथ शराब पीने के बाद पुरानी रंजिश के चलते उसकी हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

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  • सीबीएसई के नाम पर हिमाचल शिक्षा बोर्ड को खत्म करने की साजिश : राकेश जमवाल* सुंदरनगर से भाजपा के विधायक व मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार के फैसलों पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे हिमाचल के अपने शिक्षा बोर्ड को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का निर्णय बिना किसी ठोस अध्ययन और दूरदर्शिता के जल्दबाजी में लिया गया है, जिसका खामियाजा आने वाले समय में प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षा तंत्र को भुगतना पड़ेगा। सदन में सरकार द्वारा दिए गए जवाब का हवाला देते हुए जमवाल ने कहा कि प्रदेश के लगभग 151 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ा जा रहा है और इन्हें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सीबीएसई के अंतर्गत संचालित किया जाएगा, जिसके लिए प्रति विद्यालय लगभग ₹45,000 खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह निर्णय किस आधार पर लिया गया और क्या इसके लिए कोई व्यापक शैक्षणिक या प्रशासनिक अध्ययन किया गया है। जमवाल ने कहा कि करीब 151 ऐसे विद्यालय, जो पहले हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़े थे, उन्हें सीबीएसई में शामिल करना सीधे तौर पर अपने ही बोर्ड को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पढ़ा हुआ विद्यार्थी किसी भी स्तर पर सीबीएसई के विद्यार्थियों से कम है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश के छात्र वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विश्वसनीय संस्था रही है, जिसने प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की है, लेकिन सरकार का यह कदम इसके अस्तित्व पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से लगभग 450पेंशनर्स, 350 कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है, लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई स्पष्ट नीति तक नहीं बनाई है, जो सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। जमवाल ने आरोप लगाया कि शिक्षक वर्ग इस फैसले के खिलाफ लगातार विरोध जता रहा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज को सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जब एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पहले से ही हिमाचल प्रदेश बोर्ड और सीबीएसई दोनों में समान रूप से लागू है, तो केवल बोर्ड बदलने का कोई औचित्य नहीं बनता। वही शिक्षक, वही सिलेबस और वही विद्यार्थी होने के बावजूद यह बदलाव केवल दिखावा और भ्रम पैदा करने का प्रयास है। जमवाल ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर उन विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ रही है जहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और अधिक छात्र संख्या है, ताकि धीरे-धीरे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को कमजोर कर समाप्त किया जा सके। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में प्रदेश का अपना शिक्षा बोर्ड अस्तित्व के संकट में पहुंच जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और प्रदेश के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। बाइट,,,विधायक राकेश जमवाल सुंदरनगर
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    सीबीएसई के नाम पर हिमाचल शिक्षा बोर्ड को खत्म करने की साजिश :  राकेश जमवाल* 
सुंदरनगर से भाजपा के विधायक व मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार के फैसलों पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे हिमाचल के अपने शिक्षा बोर्ड को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का निर्णय बिना किसी ठोस अध्ययन और दूरदर्शिता के जल्दबाजी में लिया गया है, जिसका खामियाजा आने वाले समय में प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षा तंत्र को भुगतना पड़ेगा। सदन में सरकार द्वारा दिए गए जवाब का हवाला देते हुए जमवाल ने कहा कि प्रदेश के लगभग 151 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ा जा रहा है और इन्हें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सीबीएसई के अंतर्गत संचालित किया जाएगा, जिसके लिए प्रति विद्यालय लगभग ₹45,000 खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह निर्णय किस आधार पर लिया गया और क्या इसके लिए कोई व्यापक शैक्षणिक या प्रशासनिक अध्ययन किया गया है।
जमवाल ने कहा कि करीब 151 ऐसे विद्यालय, जो पहले हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़े थे, उन्हें सीबीएसई में शामिल करना सीधे तौर पर अपने ही बोर्ड को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पढ़ा हुआ विद्यार्थी किसी भी स्तर पर सीबीएसई के विद्यार्थियों से कम है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश के छात्र वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विश्वसनीय संस्था रही है, जिसने प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की है, लेकिन सरकार का यह कदम इसके अस्तित्व पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से लगभग 450पेंशनर्स, 350 कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है, लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई स्पष्ट नीति तक नहीं बनाई है, जो सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। जमवाल ने आरोप लगाया कि शिक्षक वर्ग इस फैसले के खिलाफ लगातार विरोध जता रहा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज को सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जब एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पहले से ही हिमाचल प्रदेश बोर्ड और सीबीएसई दोनों में समान रूप से लागू है, तो केवल बोर्ड बदलने का कोई औचित्य नहीं बनता। वही शिक्षक, वही सिलेबस और वही विद्यार्थी होने के बावजूद यह बदलाव केवल दिखावा और भ्रम पैदा करने का प्रयास है।
जमवाल ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर उन विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ रही है जहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और अधिक छात्र संख्या है, ताकि धीरे-धीरे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को कमजोर कर समाप्त किया जा सके। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में प्रदेश का अपना शिक्षा बोर्ड अस्तित्व के संकट में पहुंच जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और प्रदेश के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा।
बाइट,,,विधायक राकेश जमवाल  सुंदरनगर
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    12 hrs ago
  • Post by Himachal Update 24 News
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    Post by Himachal Update 24 News
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    1 day ago
  • *मंडी की बेटियां चमकीं 🇮🇳 | सरकाघाट की दिव्यांशी और काव्या का सर्बिया इंटरनेशनल बास्केटबॉल में चयन*
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    *मंडी की बेटियां चमकीं 🇮🇳 | सरकाघाट की दिव्यांशी और काव्या का सर्बिया इंटरनेशनल बास्केटबॉल में चयन*
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    16 min ago
  • घुमारवीं, 31 मार्च (राकेश): घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घुमारवीं पुल के समीप आज एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर (नंबर PB 08 EK 2473) मेला ग्राउंड की ओर झूले लेकर जा रहा था। इसी दौरान उतराई में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खाई की ओर लटक गया। ट्रैक्टर में सवार दो लोग सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई चोट नहीं आई है। इस घटना में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। समय रहते बड़ा हादसा टलने से क्षेत्र में राहत का माहौल है।
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    घुमारवीं, 31 मार्च (राकेश):
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घुमारवीं पुल के समीप आज एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर (नंबर PB 08 EK 2473) मेला ग्राउंड की ओर झूले लेकर जा रहा था। इसी दौरान उतराई में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खाई की ओर लटक गया।
ट्रैक्टर में सवार दो लोग सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई चोट नहीं आई है। इस घटना में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। समय रहते बड़ा हादसा टलने से क्षेत्र में राहत का माहौल है।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में प्रस्तावित निकाय चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जिले के छह नगर निकायों में से दो—नगर परिषद सुजानपुर और नगर पंचायत भोटा—में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इन दोनों निकायों में आरक्षण का निर्धारण ड्रा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया गया है। नगर पंचायत भोटा (कुल 7 वार्ड): महिला: वार्ड 1, 4, 5 एससी (महिला): वार्ड 3 एससी: वार्ड 7 अनारक्षित: वार्ड 2, 6 नगर परिषद सुजानपुर (कुल 9 वार्ड): महिला: वार्ड 5, 6, 8, 9 एससी (महिला): वार्ड 7 एससी: वार्ड 1 अनारक्षित: वार्ड 2, 3, 4 वहीं, नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद नादौन, नगर पंचायत बड़सर और भोरंज में आरक्षण की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। शहरी विकास विभाग की अधिसूचना के बाद इन निकायों में चुनाव प्रक्रिया में देरी की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में आरक्षण प्रक्रिया को फिलहाल ‘होल्ड’ पर रखने की सिफारिश की है। बाइट गंधर्वा राठौड़ उपायुक्त हमीरपुर गौरतलब है कि आरक्षण प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अब शेष चार निकायों में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है।
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    हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में प्रस्तावित निकाय चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जिले के छह नगर निकायों में से दो—नगर परिषद सुजानपुर और नगर पंचायत भोटा—में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इन दोनों निकायों में आरक्षण का निर्धारण ड्रा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया गया है।
नगर पंचायत भोटा (कुल 7 वार्ड):
महिला: वार्ड 1, 4, 5
एससी (महिला): वार्ड 3
एससी: वार्ड 7
अनारक्षित: वार्ड 2, 6
नगर परिषद सुजानपुर (कुल 9 वार्ड):
महिला: वार्ड 5, 6, 8, 9
एससी (महिला): वार्ड 7
एससी: वार्ड 1
अनारक्षित: वार्ड 2, 3, 4
वहीं, नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद नादौन, नगर पंचायत बड़सर और भोरंज में आरक्षण की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। शहरी विकास विभाग की अधिसूचना के बाद इन निकायों में चुनाव प्रक्रिया में देरी की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में आरक्षण प्रक्रिया को फिलहाल ‘होल्ड’ पर रखने की सिफारिश की है।
बाइट गंधर्वा राठौड़
उपायुक्त हमीरपुर
गौरतलब है कि आरक्षण प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अब शेष चार निकायों में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Pardeep Kumar
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    Post by Pardeep Kumar
    user_Pardeep Kumar
    Pardeep Kumar
    Local News Reporter नाहन, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मॉल रोड के आसपास बिखेरे गए प्रोजेक्ट्स लगभग 2 वर्ष से मात्र कार्य दिखाने का बहाना लगभग 260 करोड़ से अधिक लागत,बिना आवश्यकता के भारी बजट की हो रही बर्बादी... केशव चौहान भारतीय जनता पार्टी जिला शिमला के अध्यक्ष ने नगर निगम शिमला की परिधि अर्थात शिमला मॉल रोड पर चल रहे निर्माण कार्य पर सरकार को आड़े हाथों लिया है ..केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के लिए पैसों को बेवजह बिन जरूरत वाले स्थानों पर उपयोग किया जा रहा है जो जबरदस्ती जनता पर थोपा गया कार्य है ...केशव चौहान ने आगे कहा कि मॉल रोड पर बन रहे डक्ट प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा कि यह परियोजना जनता के पैसे की खुली बर्बादी का उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस डक्ट की अनुमानित लागत 260करोड़ रुपये से अधिक है, जो आने वाले समय में और बढ़ने की पूरी संभावना है। इतने बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले न तो इसकी वास्तविक आवश्यकता का सही आकलन किया गया और न ही जनता को होने वाले लाभ का कोई स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया गया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब इस डक्ट से न यातायात में कोई सुधार होना है और न ही आम नागरिक को सीधा लाभ मिलने वाला है, तो आखिर इतने बड़े बजट को खर्च करने का औचित्य क्या है? चौहान ने कहा कि किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले बेनिफ़िट-कॉस्ट एनालिसिस, ट्रैफ़िक स्टडी और पब्लिक इम्पैक्ट का मूल्यांकन आवश्यक होता है, लेकिन इस डक्ट प्रोजेक्ट में इन सभी मानकों की अनदेखी की गई। केवल बिना योजना के कार्य शुरू कर दिया गया, जिसका ख़ामियाज़ा अब शिमला की जनता भुगत रही है। पिछले लंबे समय से इस निर्माण कार्य के कारण मॉल रोड और आसपास के क्षेत्रों में भारी असुविधा उत्पन्न हुई है, जिससे व्यापार, पर्यटन और आम लोगों की दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता के समय और संसाधनों का भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। जिलाध्यक्ष ने मांग की कि इस डक्ट प्रोजेक्ट की लागत, आवश्यकता और लाभ को लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करे और जनता को स्पष्ट बताए कि इस पर खर्च किए जा रहे सैकड़ों करोड़ रुपये का आखिर परिणाम क्या होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और कांग्रेस सरकार को जनता के पैसे के दुरुपयोग का उत्तर देना होगा। केशव चौहान जिलाध्यक्ष भाजपा शिमला
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    मॉल रोड के आसपास बिखेरे गए   प्रोजेक्ट्स लगभग 2 वर्ष से मात्र कार्य दिखाने का बहाना
लगभग 260 करोड़ से अधिक लागत,बिना आवश्यकता के भारी बजट की हो रही बर्बादी...
केशव चौहान 
भारतीय जनता पार्टी जिला शिमला के अध्यक्ष ने नगर निगम शिमला की परिधि अर्थात शिमला मॉल रोड पर चल रहे निर्माण कार्य पर सरकार को आड़े हाथों लिया है ..केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के लिए पैसों को बेवजह बिन जरूरत वाले स्थानों पर उपयोग किया जा रहा है जो जबरदस्ती जनता पर थोपा गया कार्य है ...केशव चौहान ने आगे कहा कि
मॉल रोड पर बन रहे डक्ट प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा कि यह परियोजना जनता के पैसे की खुली बर्बादी का उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस डक्ट की अनुमानित लागत 260करोड़ रुपये से अधिक है, जो आने  वाले समय में और बढ़ने की पूरी संभावना है।
इतने बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले न तो इसकी वास्तविक आवश्यकता का सही आकलन किया गया और न ही जनता को होने वाले लाभ का कोई स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया गया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब इस डक्ट से न यातायात में कोई सुधार होना है और न ही आम नागरिक को सीधा लाभ मिलने वाला है, तो आखिर इतने बड़े बजट को खर्च करने का औचित्य क्या है? चौहान ने कहा कि किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले बेनिफ़िट-कॉस्ट एनालिसिस, ट्रैफ़िक स्टडी और पब्लिक इम्पैक्ट का मूल्यांकन आवश्यक होता है, लेकिन इस डक्ट प्रोजेक्ट में इन सभी मानकों की अनदेखी की गई। केवल बिना योजना के कार्य शुरू कर दिया गया, जिसका ख़ामियाज़ा अब शिमला की जनता भुगत रही है।
पिछले लंबे समय से इस निर्माण कार्य के कारण मॉल रोड और आसपास के क्षेत्रों में भारी असुविधा उत्पन्न हुई है, जिससे व्यापार, पर्यटन और आम लोगों की दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता के समय और संसाधनों का भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। जिलाध्यक्ष ने मांग की कि इस डक्ट प्रोजेक्ट की लागत, आवश्यकता और लाभ को लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करे और जनता को स्पष्ट बताए कि इस पर खर्च किए जा रहे सैकड़ों करोड़ रुपये का आखिर परिणाम क्या होगा। उन्होंने कहा कि 
भाजपा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और कांग्रेस सरकार को जनता के पैसे के दुरुपयोग का उत्तर देना होगा।
केशव चौहान 
जिलाध्यक्ष भाजपा शिमला
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    12 hrs ago
  • मंडी के गलमा स्कूल में बनी आधुनिक लाइब्रेरी 📚 | लाखों की सौगात, बच्चों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा
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    मंडी के गलमा स्कूल में बनी आधुनिक लाइब्रेरी 📚 | लाखों की सौगात, बच्चों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    25 min ago
  • Post by Pardeep Kumar
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    Post by Pardeep Kumar
    user_Pardeep Kumar
    Pardeep Kumar
    Local News Reporter नाहन, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
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