हमीरपुर में निकाय चुनाव: सुजानपुर व भोटा में आरक्षण तय, चार निकायों में प्रक्रिया फिलहाल स्थगित हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में प्रस्तावित निकाय चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जिले के छह नगर निकायों में से दो—नगर परिषद सुजानपुर और नगर पंचायत भोटा—में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इन दोनों निकायों में आरक्षण का निर्धारण ड्रा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया गया है। नगर पंचायत भोटा (कुल 7 वार्ड): महिला: वार्ड 1, 4, 5 एससी (महिला): वार्ड 3 एससी: वार्ड 7 अनारक्षित: वार्ड 2, 6 नगर परिषद सुजानपुर (कुल 9 वार्ड): महिला: वार्ड 5, 6, 8, 9 एससी (महिला): वार्ड 7 एससी: वार्ड 1 अनारक्षित: वार्ड 2, 3, 4 वहीं, नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद नादौन, नगर पंचायत बड़सर और भोरंज में आरक्षण की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। शहरी विकास विभाग की अधिसूचना के बाद इन निकायों में चुनाव प्रक्रिया में देरी की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में आरक्षण प्रक्रिया को फिलहाल ‘होल्ड’ पर रखने की सिफारिश की है। बाइट गंधर्वा राठौड़ उपायुक्त हमीरपुर गौरतलब है कि आरक्षण प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अब शेष चार निकायों में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है।
हमीरपुर में निकाय चुनाव: सुजानपुर व भोटा में आरक्षण तय, चार निकायों में प्रक्रिया फिलहाल स्थगित हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में प्रस्तावित निकाय चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जिले के छह नगर निकायों में से दो—नगर परिषद सुजानपुर और नगर पंचायत भोटा—में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इन दोनों निकायों में आरक्षण का निर्धारण ड्रा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया गया है। नगर पंचायत भोटा (कुल 7 वार्ड): महिला: वार्ड 1, 4, 5 एससी (महिला): वार्ड 3 एससी: वार्ड 7 अनारक्षित: वार्ड 2, 6 नगर परिषद सुजानपुर (कुल 9 वार्ड): महिला: वार्ड 5, 6, 8, 9 एससी (महिला): वार्ड 7 एससी: वार्ड 1 अनारक्षित: वार्ड 2, 3, 4 वहीं, नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद नादौन, नगर पंचायत बड़सर और भोरंज में आरक्षण की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। शहरी विकास विभाग की अधिसूचना के बाद इन निकायों में चुनाव प्रक्रिया में देरी की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में आरक्षण प्रक्रिया को फिलहाल ‘होल्ड’ पर रखने की सिफारिश की है। बाइट गंधर्वा राठौड़ उपायुक्त हमीरपुर गौरतलब है कि आरक्षण प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अब शेष चार निकायों में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है।
- हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में प्रस्तावित निकाय चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जिले के छह नगर निकायों में से दो—नगर परिषद सुजानपुर और नगर पंचायत भोटा—में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इन दोनों निकायों में आरक्षण का निर्धारण ड्रा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया गया है। नगर पंचायत भोटा (कुल 7 वार्ड): महिला: वार्ड 1, 4, 5 एससी (महिला): वार्ड 3 एससी: वार्ड 7 अनारक्षित: वार्ड 2, 6 नगर परिषद सुजानपुर (कुल 9 वार्ड): महिला: वार्ड 5, 6, 8, 9 एससी (महिला): वार्ड 7 एससी: वार्ड 1 अनारक्षित: वार्ड 2, 3, 4 वहीं, नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद नादौन, नगर पंचायत बड़सर और भोरंज में आरक्षण की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। शहरी विकास विभाग की अधिसूचना के बाद इन निकायों में चुनाव प्रक्रिया में देरी की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में आरक्षण प्रक्रिया को फिलहाल ‘होल्ड’ पर रखने की सिफारिश की है। बाइट गंधर्वा राठौड़ उपायुक्त हमीरपुर गौरतलब है कि आरक्षण प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अब शेष चार निकायों में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है।1
- Post by Dinesh Kumar1
- Post by हमीरपुरी पत्रकार1
- जिला ऊना के एक गांव में 3 साल की बच्ची को रहस्मयी चोट लगने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जानकारी के अनुसार यह मामला 27 मार्च का है, जब अंब उपमंडल के एक गांव में रहने वाली महिला की तीन वर्षीय बच्ची को कथित रूप से हादसे में घायल होने की बात सामने आई। बच्ची को पहले एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रेफर किया गया। पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ के अनुसार 29 मार्च को अस्पताल से सूचना मिली कि बच्ची की चोटें सामान्य हादसे की नहीं लग रही हैं। इसके बाद पुलिस टीम तुरंत अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पीड़िता की मां ने भी अपनी बच्ची के साथ अनहोनी होने की आशंका जताई, जिसके आधार पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। हालांकि अभी तक किसी भी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 27 मार्च की सुबह पड़ोस का एक व्यक्ति बच्ची और उसकी बहन को कन्या पूजन के लिए अपने घर ले गया था। कुछ समय बाद सूचना मिली कि बच्ची घायल हो गई है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो बच्ची की हालत गंभीर थी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्णय लिया है, जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और शल्य चिकित्सक शामिल होंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही इस पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया जायेगा। बाइट -- सचिन हिरेमठ (एसपी ऊना) FEED FILE --2
- अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेला भराड़ी 2026 | 2 अप्रैल से शुभारंभ | कुश्ती इनाम 41000 | सांस्कृतिक कार्यक्रम1
- देवभूमि हिमाचल में बाहर से शूटर बुलाकर सुपारी किलिंग की शुरुआत करने के साथ ही बिलासपुर में चिट्टे जैसे घातक नशे के जन्मदाता पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह से खो बैठे हैं। खुद को नेता कहने वाले यह एक ऐसे पेशेवर ठेकेदार हैं, जो गुंडागर्दी के दम पर वन, खनन व जमीन से लेकर हर तरह के माफिया के सरगना हैं। उनके खिलाफ लगभग 30 केस दर्ज हैं। बिलासपुर के एक पूर्व डीसी के साथ ही वर्तमान में एएसपी पद पर कार्यरत पुलिस अधिकारी भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में इसी पार्टी के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर जी भी उन पर फोरलेन में लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनकी रग-रग को पहचान चुकी सदर विधानसभा क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता ने वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें नकार दिया था। उसी समय से उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। रही-सही कसर कांग्रेस सरकार में उन्हें हाशिये पर धकेले जाने से पूरी हो गई है। पहले उन्होंने सरकार में कोई ओहदा मिलने की उम्मीद लगा रखी थी। जब वह उम्मीद पूरी नहीं हुई तो वह खुद को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का सबसे बड़ा दावेदार बताने लगे, लेकिन उनकी यह हसरत भी पूरी नहीं हो पाई। उनकी हालत कुछ ऐसी है कि ‘चौबे जी चले थे छब्बे जी बनने, दूबे जी बनकर रह गए।’ ड्रामेबाजी में माहिर यही नौटंकीबाज पूर्व विधायक अब एक बार फिर से विधानसभा के बाहर धरना देने पहंुच गए। प्रदेश में कांगे्रस की सरकार है। जिन तथ्यहीन आरोपों का सहारा लेकर वह सुर्खियां बटोरने का असफल प्रयास कर रहे हैं, उनकी जांच किसी भी एजेंसी से करवाने से उन्हें कौन रोक रहा है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उन्हें स्वस्थ रखने के साथ सद्बुद्धि भी दें।1
- Post by Himachal Ab Tak1
- हमीरपुर हमीरपुर में बीएसएनएल कार्यालय में विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता बीएसएनएल के प्रबंधक अजीत कुमार ने की बैठक के दौरान मोबाइल सेवाओं के बिस्तर पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई है इस बैठक में हमीरपुर जिला के अलावा उन बिलासपुर के अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे। वही इस मौके पर बीएसएनएल के प्रबंधक अजीत कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हमीरपुर जिला में अभी भी पांच ऐसे गांव है, जहां पर मोबाइल सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाई है। इसके लिए बीएसएनएल पूरी तरह से प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की डिजिटल निधि योजना के तहत इन पांचो गाँवों में टावर स्थापित किए जाएंगे। जिसमें हर टावर पर एक करोड रुपए की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि बीएसएनल का मुख्य उद्देश्य हर गांव तक मोबाइल सेवाएं उपलब्ध करवाना है। जिसके तहत इस कार्य को जल्दी ही बीएसएनएल द्वारा किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को मोबाइल सेवाओं का लाभ मिल सके। वही इस मौके पर बीएसएनएल के प्रबंधक अजीत कुमार ने बताया कि बीएसएनएल की सेवाओं का विस्तार करने के लिए बीएसएनएल 100 से अधिक टावर लगाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को इसका प्रपोजल स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही 100 टावर लगाने का काम बीएसएनएल द्वारा किया जाएगा। जिससे हमीरपुर जिला में बीएसएनएल की 4G सेवाओं का विस्तार होगा।2