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सरायकेला में आयोजित 13 दिवसीय रथ मेला के दौरान मौसी बाड़ी में विराजमान महाप्रभु श्री जगन्नाथ के अद्भुत और दुर्लभ कल्कि अवतार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। जगन्नाथ मेला समिति सरायकेला द्वारा आयोजित इस भव्य रथ यात्रा महोत्सव के तहत मंगलवार को भगवान जगन्नाथ अपने इस अलौकिक रूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। इस दिव्य वेश में भगवान जगन्नाथ काले घोड़े पर और उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र सफेद घोड़े पर बहन देवी सुभद्रा के साथ विराजमान हैं। दोनों भाइयों के हाथों में सुशोभित तलवार अधर्म के विनाश और धर्म की पुनर्स्थापना का संदेश दे रही है। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन पाने के लिए सुबह से ही मौसी बाड़ी में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
NUNU RAM MAHATO
सरायकेला में आयोजित 13 दिवसीय रथ मेला के दौरान मौसी बाड़ी में विराजमान महाप्रभु श्री जगन्नाथ के अद्भुत और दुर्लभ कल्कि अवतार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। जगन्नाथ मेला समिति सरायकेला द्वारा आयोजित इस भव्य रथ यात्रा महोत्सव के तहत मंगलवार को भगवान जगन्नाथ अपने इस अलौकिक रूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। इस दिव्य वेश में भगवान जगन्नाथ काले घोड़े पर और उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र सफेद घोड़े पर बहन देवी सुभद्रा के साथ विराजमान हैं। दोनों भाइयों के हाथों में सुशोभित तलवार अधर्म के विनाश और धर्म की पुनर्स्थापना का संदेश दे रही है। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन पाने के लिए सुबह से ही मौसी बाड़ी में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
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- सरायकेला में आयोजित 13 दिवसीय रथ मेला के दौरान मौसी बाड़ी में विराजमान महाप्रभु श्री जगन्नाथ के अद्भुत और दुर्लभ कल्कि अवतार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। जगन्नाथ मेला समिति सरायकेला द्वारा आयोजित इस भव्य रथ यात्रा महोत्सव के तहत मंगलवार को भगवान जगन्नाथ अपने इस अलौकिक रूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। इस दिव्य वेश में भगवान जगन्नाथ काले घोड़े पर और उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र सफेद घोड़े पर बहन देवी सुभद्रा के साथ विराजमान हैं। दोनों भाइयों के हाथों में सुशोभित तलवार अधर्म के विनाश और धर्म की पुनर्स्थापना का संदेश दे रही है। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन पाने के लिए सुबह से ही मौसी बाड़ी में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।1
- सरायकेला के ऐतिहासिक मौसीबाड़ी जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां गुड़िचा मंदिर में भगवान जगन्नाथ ने अपने भक्तों को कल्कि अवतार के दिव्य स्वरूप में दर्शन दिए। प्रभु के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसी के साथ, मंदिर में विपतारिणी पूजा के अवसर पर भी आस्था का बड़ा जनसैलाब उमड़ा। सुबह करीब 5:00 बजे से ही सुहागिन महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पहुंचीं और पूरे विधि-विधान के साथ माता विपतारिणी की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और संकटों से रक्षा के लिए श्रद्धापूर्वक व्रत एवं पूजा संपन्न की। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, मंत्रोच्चार और भक्ति का माहौल बना रहा, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ तथा माता विपतारिणी के दर्शन कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा और मंदिर परिसर "जय जगन्नाथ" और धार्मिक जयघोषों से गूंज उठा। इस दौरान प्रशासन एवं मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे।2
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में लगातार करीब दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने नगर परिषद के दावों की पोल खोलकर रख दी है। तेज बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान सड़कों पर नालियों का गंदा पानी और कचरा बहता हुआ साफ नजर आया। बारिश का सीधा असर धार्मिक स्थलों पर भी देखने को मिला, जहाँ शीतला माता मंदिर के गर्भगृह में पानी घुस गया। मंदिर परिसर में जमा पानी को बाहर निकालने के लिए श्रद्धालु और स्थानीय लोग खुद ही बाल्टी लेकर पानी फेंकते नजर आए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल बरसात के दिनों में शहर की यही बदहाल स्थिति बनती है, लेकिन नगर परिषद ने जलनिकासी व्यवस्था के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।1
- झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला में उपमुखिया की एक पहल रंग लाई है। गुजरात में फंसे चार युवकों के मामले में अब पुलिस ने संज्ञान लिया है। उपमुखिया के प्रयासों के बाद ही इस पूरे मामले में पुलिस द्वारा संज्ञान लिया गया है।1
- नक्सली बबीता मरांडी ने गिरिडीह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। एक संयुक्त प्रेस वार्ता में एसपी डॉ. विमल कुमार, एएसपी सुरजीत कुमार और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने जानकारी दी कि 25 लाख के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ मोछू महतो की गिरफ्तारी के बाद बबीता मरांडी ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि सरकार की 'नई दिशा-नई पहल' पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास, आर्थिक सहायता और नए जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बबीता मरांडी के इस आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन में यह स्पष्ट संदेश गया है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना ही बेहतर विकल्प है।1
- सरायकेला के गुंडिचा मंदिर में मंगलवार को आयोजित विपद तारिणी पूजा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में माताओं एवं महिलाओं ने अपने परिवार के सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य तथा मंगलमय जीवन की कामना करते हुए श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर पूजा-अर्चन किया। भारी भीड़ के बावजूद जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, थाना प्रभारी व उनकी सुरक्षा टीम, श्री जगन्नाथ मेला समिति, पुजारियों और स्वयंसेवकों के बेहतर समन्वय के कारण बेहतरीन भीड़ प्रबंधन देखने को मिला, जिससे सभी श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में शांतिपूर्वक दर्शन किए। श्री जगन्नाथ मेला समिति के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि सरायकेला का यह ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथ मेला आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का विराट महोत्सव बन चुका है। रांची के बाद यह राज्य के सबसे प्रमुख धार्मिक मेलों में से एक है, जिसकी धार्मिक परंपराएँ पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर के अनुरूप संपन्न होती हैं। इस मेले में महाप्रभु के दर्शन के लिए कोल्हान, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। इस महोत्सव में महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, श्रीबलभद्र और देवी सुभद्रा के प्रतिदिन बदले जाने वाले दिव्य रूप भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त मेला परिसर में स्थापित 17 फीट ऊँची भगवान विष्णु के विराट स्वरूप की प्रतिमा, समुद्र मंथन की जीवंत झांकी और अनंत शय्या पर विराजमान भगवान विष्णु की झांकी भी आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में समिति के उपाध्यक्ष गोविंद साहू, भोला महांति, सचिव छोटेलाल साहू, सांस्कृतिक सचिव रूपेश साहू सहित मुकेश साहू, दिनेश साहू, पंकज साहू व अन्य सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।4