Shuru
Apke Nagar Ki App…
सोशल मीडिया पर भरत तिवारी और पुलिस के बीच हुई बहस और धक्का-मुक्की का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों का मानना और कहना है कि इसी घटना के बाद भरत तिवारी सिस्टम की नजरों में खटकने लगे थे, जिसके चलते उन्होंने हथियार उठाने का फैसला किया। इस वायरल वीडियो के पीछे का पूरा सच क्या है, इसे लेकर लोगों से कमेंट्स में अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
MR official Rohit Raja
सोशल मीडिया पर भरत तिवारी और पुलिस के बीच हुई बहस और धक्का-मुक्की का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों का मानना और कहना है कि इसी घटना के बाद भरत तिवारी सिस्टम की नजरों में खटकने लगे थे, जिसके चलते उन्होंने हथियार उठाने का फैसला किया। इस वायरल वीडियो के पीछे का पूरा सच क्या है, इसे लेकर लोगों से कमेंट्स में अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
More news from बिहार and nearby areas
- सोशल मीडिया पर भरत तिवारी और पुलिस के बीच हुई बहस और धक्का-मुक्की का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों का मानना और कहना है कि इसी घटना के बाद भरत तिवारी सिस्टम की नजरों में खटकने लगे थे, जिसके चलते उन्होंने हथियार उठाने का फैसला किया। इस वायरल वीडियो के पीछे का पूरा सच क्या है, इसे लेकर लोगों से कमेंट्स में अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के तत्वावधान में चल रहे श्री महालक्ष्मी नारायण महायज्ञ और श्री त्रिदंडी स्वामी मूर्ति प्रतिष्ठा महायज्ञ की पूर्णाहुति 27 जून 2026 को होगी। इसी अवसर पर बिहार के भोजपुर (आरा) जिले के पीरो स्थित परमानंद नगर, श्री त्रिदंडी स्वामी राजकीय डिग्री महाविद्यालय परिसर में श्री त्रिदंडी स्वामी मूर्ति प्रतिष्ठा महा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान एक विशेष भोज-भंडारे का भी प्रबंध किया गया है, जिसमें सभी भक्त और श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं। आयोजन के तहत प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक मंगल आरती की जाती है, जबकि सायंकाल कथा शाम 4 बजे से रात्रि तक चलती है। श्रीराम कथा का अमृतपान कराते हुए विष्णु दत्त शास्त्री जी महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की महिमा और उनके आदर्श चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। उनकी भजनमय कथा ने ऐसी दिव्य और अलौकिक भक्तिधारा प्रवाहित की कि सभी श्रोता भाव-विभोर होकर झूम उठे। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम का जीवन समाज को आदर्श और श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देता है, तथा उनके चरित्र से हमें अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित एवं मर्यादित बनाने की शिक्षा मिलती है। वहीं, श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन करते हुए आनंद बिहारी शास्त्री जी महाराज ने भागवत की महिमा और आध्यात्मिक प्रकाश पर विस्तृत जानकारी दी, इसे मानव जीवन का सर्वोत्तम सार बताते हुए श्रद्धालुओं को इसके महत्व से अवगत कराया। इस बीच, श्री जीयर स्वामी जी महाराज के दर्शन और प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालुओं का लगातार आगमन जारी है। स्वामी जी ने भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्तों को भक्ति रस का रसपान कराया, खासकर उनके द्वारा गाए गए भजन "पील हो भाई राम नाम के दवाई" को सुनकर सभी श्रद्धालु अत्यंत हर्षोल्लासित और भाव-विभोर हो उठे। पूरे प्रवचन पंडाल में भक्ति की अविरल रसधारा प्रवाहित हो रही है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।1
- खान सर और रौशन आनंद के बीच जारी विवाद में अब ओझा सर भी शामिल हो गए हैं। उनके एक बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है, जिससे पटना और बिहार समेत पूरे देश में लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर किसकी बात में ज्यादा दम है, और वे इस पर अपनी राय साझा कर रहे हैं।1
- mohrram mhhshshjejsjisiwijusuusbzbzjudjne7sunehe7eb3jususj1
- अभिषेक कुमार eMedia ने लोगों से बच्चों को गेम खेलने के लिए मोबाइल फोन न देने की अपील की है। उनकी चेतावनी है कि आजकल मोबाइल फोन के ब्लास्ट होने की घटनाएँ सामने आ रही हैं, जिससे बच्चों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।1
- जगदीशपुर में मोहर्रम की नवमी के अवसर पर 24 आकर्षक छोटी ताजिया निकाली गईं। इस दौरान कई लोग इन ताजिया का दीदार करते हुए नजर आए।1
- बांकीपुर क्षेत्र में सड़क, सफाई और किसी भी समस्या के समाधान की कमी को लेकर लोगों में गंभीर असंतोष है। इन बुनियादी ज़रूरतों के अभाव के बीच, जनसुराज संगठन बांकीपुर की जनता की मुखर आवाज़ के रूप में सामने आया है, जो इन समस्याओं के निराकरण की वकालत कर रहा है।1
- भरत तिवारी के हालिया एनकाउंटर और उसके बाद की स्थिति को दिखाते हुए एक वीडियो पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना संविधान और मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन पर संदेह पैदा करती है, साथ ही यह भी प्रश्न उठाती है कि क्या यूपी पुलिस की यह कार्रवाई कानून के दायरे में थी। इस एनकाउंटर को न्याय प्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान बताया जा रहा है, और लोगों से यह पूछा जा रहा है कि क्या वे न्याय की इस प्रक्रिया से सहमत हैं।1