आशा वर्कर्स यूनियन का हल्ला बोल, बकाया भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन बरेली। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और वर्षों से लंबित प्रोत्साहन राशि व पारिश्रमिक के भुगतान की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं और अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड, कोविड-19 ड्यूटी, संगिनी प्रोत्साहन समेत कई योजनाओं में किए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2018 से आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में योगदान देने के बावजूद एक रुपये तक का भुगतान नहीं हुआ। वहीं 2019 से 2021 तक 750 रुपये मासिक दर से 28 माह की संगिनी प्रोत्साहन राशि भी बकाया है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 के दौरान घोषित 1000 रुपये मासिक प्रोत्साहन भी अधिकांश को नहीं मिला। इसके अलावा दस्तक व संचारी रोग अभियानों में वर्षों से कार्य लेने के बावजूद भुगतान बेहद कम या शून्य है। कई स्थानों पर भुगतान में अनियमितता और अवैध वसूली के आरोप भी सामने आए हैं। यूनियन ने मांग की है कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 की सभी लंबित प्रोत्साहन राशियों का पारदर्शी भुगतान किया जाए, सीएचसी स्तर पर भुगतान विवरण सार्वजनिक किया जाए और अवैध वसूली पर रोक लगे। साथ ही आयुष्मान कार्ड भुगतान सुनिश्चित करने व सरकार के साथ लंबित वार्ता जल्द कराने की भी मांग उठाई गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आशा वर्कर्स यूनियन का हल्ला बोल, बकाया भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन बरेली। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और वर्षों से लंबित प्रोत्साहन राशि व पारिश्रमिक के भुगतान की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं और अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड, कोविड-19 ड्यूटी, संगिनी प्रोत्साहन समेत कई योजनाओं में किए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2018 से आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में योगदान देने के बावजूद एक रुपये तक का भुगतान नहीं हुआ। वहीं 2019 से 2021 तक 750 रुपये मासिक दर से 28 माह की संगिनी प्रोत्साहन राशि भी बकाया है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 के दौरान घोषित 1000 रुपये मासिक प्रोत्साहन भी अधिकांश को नहीं मिला। इसके अलावा दस्तक व संचारी रोग अभियानों में वर्षों से कार्य लेने के बावजूद भुगतान बेहद कम या शून्य है। कई स्थानों पर भुगतान में अनियमितता और अवैध वसूली के आरोप भी सामने आए हैं। यूनियन ने मांग की है कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 की सभी लंबित प्रोत्साहन राशियों का पारदर्शी भुगतान किया जाए, सीएचसी स्तर पर भुगतान विवरण सार्वजनिक किया जाए और अवैध वसूली पर रोक लगे। साथ ही आयुष्मान कार्ड भुगतान सुनिश्चित करने व सरकार के साथ लंबित वार्ता जल्द कराने की भी मांग उठाई गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- #इंस्टाग्राम बना विवाद की जड़, युवक की हत्या का 36 घंटे में खुलासा #1
- बरेली:लव मैरिज के महज़ 8 महीने बाद एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां महिला शिवानी ने अपने पति जितेंद्र कुमार और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि सिपाही जितेंद्र कुमार और उसके परिजनों ने उसे जबरन ज़हर खिलाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, महिला ने आरोप लगाया कि उसका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया। बताया जा रहा है कि जान बचाने के लिए शिवानी ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई की। गंभीर हालत में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी जितेंद्र कुमार मुरादाबाद में तैनात बताया जा रहा है, जबकि यह पूरा मामला आंवला थाना क्षेत्र के पालमपुर गोटिया गांव का है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सच्चाई सामने आती है।1
- बरेली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को महानगर कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट गेट पर एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। इस मौके पर नेताओं ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा जैसे वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान जनता बर्दाश्त नहीं करेगी और समय आने पर इसका जवाब देगी। प्रदर्शन में शहर के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- वेनहर गुरुकुल की बेटी तनिष्का राणा का कमाल, टीम इंडिया अंडर-17 में चयन — DM ने किया सम्मानित। पीलीभीत वेनहर गुरुकुल स्कूल की छात्रा तनिष्का राणा ने सीबीएसई की टीम इंडिया अंडर-17 में चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। इस शानदार उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में तनिष्का को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। तशिका की इस सफलता से पूरे जिले में खुशी की लहर है और युवाओं के लिए वह प्रेरणा बनकर उभरी हैं। "देखिए कैसे पीलीभीत की बेटी ने रचा इतिहास, DM ने किया सम्मानित।2
- Post by जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल1
- बरेली के थाना नवाबगंज का मामला पीड़ित ने लगाई एसएसपी ऑफिस जाकर इंसाफ की गुहार1
- बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र में पार्लर कर्मचारी अमन रजा की हत्या के मामले में पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड के आरोपी समद मूसा (19) को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह खौफनाक हत्या किसी बड़ी दुश्मनी नहीं बल्कि इंस्टाग्राम रील पर मजाक उड़ाने को लेकर हुई थी। आरोपी समद ने पूछताछ में कबूल किया कि अमन उसकी रील्स पर गलत इमोजी डालकर मजाक उड़ाता था, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। 7 अप्रैल की रात आरोपी ने अमन को मिलने के लिए बुलाया और सिटी स्टेशन के पास ले जाकर पहले उसे पटरी पर पटककर लातों से मारपीट की, फिर ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को खंडहर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल ईंट, खून से सने कपड़े, मृतक का आधार कार्ड और मोबाइल बरामद कर लिया है। एसएसपी के निर्देशन में गठित टीम की तेजी से हुई कार्रवाई से पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ है। इस वारदात ने एक बार फिर दिखा दिया कि सोशल मीडिया पर छोटा विवाद भी किस तरह जानलेवा बन सकता है। पूरे मामले में क्षेत्राधिकार नगर प्रथम आशुतोष शिवम ने आज शुक्रवार समय लगभग दोपहर के 3:30 बजे जानकारी देते हुए बताया1
- बरेली से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां इंस्टाग्राम रील पर मजाक एक युवक की मौत की वजह बन गया। थाना कोतवाली क्षेत्र में पार्लर कर्मचारी अमन रजा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी समद मूसा को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को अमन द्वारा उसकी इंस्टाग्राम रील्स पर मजाक उड़ाना नागवार गुजर रहा था। इसी विवाद में 7 अप्रैल की रात उसने अमन को मिलने बुलाया और सिटी स्टेशन के पास ले जाकर पहले मारपीट की, फिर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर अहम सबूत भी बरामद किए हैं। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि सोशल मीडिया पर छोटा सा विवाद भी जानलेवा बन सकता है।1
- बरेली। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और वर्षों से लंबित प्रोत्साहन राशि व पारिश्रमिक के भुगतान की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं और अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड, कोविड-19 ड्यूटी, संगिनी प्रोत्साहन समेत कई योजनाओं में किए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2018 से आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में योगदान देने के बावजूद एक रुपये तक का भुगतान नहीं हुआ। वहीं 2019 से 2021 तक 750 रुपये मासिक दर से 28 माह की संगिनी प्रोत्साहन राशि भी बकाया है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 के दौरान घोषित 1000 रुपये मासिक प्रोत्साहन भी अधिकांश को नहीं मिला। इसके अलावा दस्तक व संचारी रोग अभियानों में वर्षों से कार्य लेने के बावजूद भुगतान बेहद कम या शून्य है। कई स्थानों पर भुगतान में अनियमितता और अवैध वसूली के आरोप भी सामने आए हैं। यूनियन ने मांग की है कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 की सभी लंबित प्रोत्साहन राशियों का पारदर्शी भुगतान किया जाए, सीएचसी स्तर पर भुगतान विवरण सार्वजनिक किया जाए और अवैध वसूली पर रोक लगे। साथ ही आयुष्मान कार्ड भुगतान सुनिश्चित करने व सरकार के साथ लंबित वार्ता जल्द कराने की भी मांग उठाई गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1