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सांसद सी पी जोशी ने मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल के संबंध में जानकारी साझा की है।
Yogesh Kumar Gupta
सांसद सी पी जोशी ने मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल के संबंध में जानकारी साझा की है।
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- जयपुर के बस्सी क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पोतली स्थित टीबा वाली ढाणी में एक सांड मकान की छत पर चढ़ गया है। मेघसिंह गुरुजी के मकान के पास हुई इस घटना में, सांड अभी भी छत पर ही है और नीचे नहीं उतर पा रहा है।1
- दौसा जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्रभावी ढंग से कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। डॉ. झा ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन के लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर उन्हें त्वरित राहत प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने आगामी सप्ताह में होने वाले शिविरों से पहले प्री-कैंप आयोजित करने और इस सप्ताह आयोजित शिविरों के लिए फॉलोअप कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता से निपटाया जाए और समग्र लंबित प्रकरणों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शिविरों में आने वाली हर समस्या के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण करने और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इन शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।2
- दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं, जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और उनकी ननद राजू देवी, पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कदम 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर उठाया गया था। पुलिस और प्रशासन की लंबी समझाइश के बाद, दोनों महिलाएं करीब 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर सवा बारह बजे टंकी से नीचे उतरीं। महिलाओं की मुख्य मांगों में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी, पहले से गिरफ्तार किए गए आरोपियों का गांव में जुलूस निकालना, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना, उनके इलाज में खर्च हुए पैसे मुख्यमंत्री सहायता कोष से दिलाना और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करना शामिल था। यह घटना 29-30 मई की रात कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में हुई थी, जहां आधा दर्जन बदमाशों ने जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला। इस मामले में पीड़ित ने कोलवा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, और पुलिस ने घटना के 10 दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। मामले की सूचना मिलने पर बांदीकुई CO लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना अधिकारी जहीर अब्बास, बांदीकुई तहसीलदार राजेश सैनी, सिविल डिफेंस की टीम सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा और बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने महिलाओं की उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोनों ने पानी की टंकी से उतरने का फैसला किया।2
- दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कार्रवाई लगभग 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर की गई। महिलाएं सुबह 6 बजे टंकी पर चढ़ीं और 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर 12:15 बजे पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद नीचे उतरीं। यह घटना कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में पिछले महीने की 29-30 मई की रात को हुई थी। उस रात आधा दर्जन बदमाशों ने कोलवा रोड पर घर में घुसकर सो रहे जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य जगहों पर भी चोटें आई थीं, जिसके चलते उन्हें गंभीर हालत में जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं, और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला। इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा कोलवा थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 10 दिन के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, गिरफ्तार आरोपियों का जुलूस निकालने, पीड़ित परिवार के लिए संविधान नौकरी की व्यवस्था करने, इलाज में खर्च हुए पैसों की मुख्यमंत्री सहायता कोष से कुछ राशि दिलाने, और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांगों को लेकर जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और बहन राजू देवी गांव में श्मशान घाट में बनी पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। सूचना मिलते ही बांदीकुई सीओ लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना पुलिस अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना पुलिस अधिकारी जहीर अब्बास सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा, बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल, तहसीलदार राजेश सैनी और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल ने महिलाओं से समझाईश की, और प्रशासन ने उनकी उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद ननद और भाभी दोनों पानी की टंकी से नीचे उतर गईं।4
- रेनवाल टोल पर भारी अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं, जिसके कारण वहां की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इसके साथ ही, टोल से गुजरने वाली सड़क भी दिनों-दिन जर्जर होती जा रही है।1
- दौसा में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार, 15 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का प्रभावी और वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। जिला कलक्टर ने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना है, जो राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा बैठक में डॉ. झा ने आगामी सप्ताह से आयोजित होने वाले शिविरों के लिए 'प्री-कैंप' आयोजित करने और इस सप्ताह संपन्न हुए शिविरों के लिए 'फॉलोअप कैंप' लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता के साथ हल किया जाए, जिससे लंबित प्रकरणों की कुल संख्या को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिविरों में आने वाली प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए विभागीय अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। जिला कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री जैसी विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को इन सेवाओं का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण और प्रभावी पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह से सफल हो सके। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।1
- राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने हाल ही में मोदी सरकार के 12 बेमिसाल सालों से संबंधित जानकारी प्रदान की है।1
- राजस्थान के जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर 15 जून 2026 को नीट पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके पर हमला किया गया। प्रदर्शनकारी भीड़ में से कुछ अज्ञात युवकों ने अचानक अभिजीत दीपके को कई थप्पड़ मारे। इस घटना को बेहद गलत करार देते हुए कहा गया है कि किसी का विरोध करना तो स्वीकार्य है, लेकिन हिंसा का सहारा लेना बिल्कुल भी सही नहीं है।1