logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

दौसा जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्रभावी ढंग से कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। डॉ. झा ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन के लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर उन्हें त्वरित राहत प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने आगामी सप्ताह में होने वाले शिविरों से पहले प्री-कैंप आयोजित करने और इस सप्ताह आयोजित शिविरों के लिए फॉलोअप कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता से निपटाया जाए और समग्र लंबित प्रकरणों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शिविरों में आने वाली हर समस्या के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण करने और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इन शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

2 hrs ago
user_Ganesh Yogi
Ganesh Yogi
Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
2 hrs ago

दौसा जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्रभावी ढंग से कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। डॉ. झा ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन के लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर उन्हें त्वरित राहत प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने आगामी सप्ताह में होने वाले शिविरों से पहले प्री-कैंप आयोजित करने और इस सप्ताह आयोजित शिविरों के लिए फॉलोअप कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता से निपटाया जाए और समग्र लंबित प्रकरणों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। कलक्टर

fed844da-d9b4-47c1-acae-6ed5df2fbba1

ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शिविरों में आने वाली हर समस्या के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण करने और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इन शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • दौसा जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्रभावी ढंग से कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। डॉ. झा ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन के लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर उन्हें त्वरित राहत प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने आगामी सप्ताह में होने वाले शिविरों से पहले प्री-कैंप आयोजित करने और इस सप्ताह आयोजित शिविरों के लिए फॉलोअप कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता से निपटाया जाए और समग्र लंबित प्रकरणों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शिविरों में आने वाली हर समस्या के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण करने और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इन शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
    2
    दौसा जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्रभावी ढंग से कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके।

डॉ. झा ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन के लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर उन्हें त्वरित राहत प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने आगामी सप्ताह में होने वाले शिविरों से पहले प्री-कैंप आयोजित करने और इस सप्ताह आयोजित शिविरों के लिए फॉलोअप कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता से निपटाया जाए और समग्र लंबित प्रकरणों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए।

कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शिविरों में आने वाली हर समस्या के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा।

उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण करने और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इन शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं, जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और उनकी ननद राजू देवी, पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कदम 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर उठाया गया था। पुलिस और प्रशासन की लंबी समझाइश के बाद, दोनों महिलाएं करीब 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर सवा बारह बजे टंकी से नीचे उतरीं। महिलाओं की मुख्य मांगों में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी, पहले से गिरफ्तार किए गए आरोपियों का गांव में जुलूस निकालना, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना, उनके इलाज में खर्च हुए पैसे मुख्यमंत्री सहायता कोष से दिलाना और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करना शामिल था। यह घटना 29-30 मई की रात कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में हुई थी, जहां आधा दर्जन बदमाशों ने जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला। इस मामले में पीड़ित ने कोलवा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, और पुलिस ने घटना के 10 दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। मामले की सूचना मिलने पर बांदीकुई CO लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना अधिकारी जहीर अब्बास, बांदीकुई तहसीलदार राजेश सैनी, सिविल डिफेंस की टीम सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा और बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने महिलाओं की उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोनों ने पानी की टंकी से उतरने का फैसला किया।
    2
    दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं, जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और उनकी ननद राजू देवी, पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कदम 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर उठाया गया था। पुलिस और प्रशासन की लंबी समझाइश के बाद, दोनों महिलाएं करीब 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर सवा बारह बजे टंकी से नीचे उतरीं।

महिलाओं की मुख्य मांगों में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी, पहले से गिरफ्तार किए गए आरोपियों का गांव में जुलूस निकालना, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना, उनके इलाज में खर्च हुए पैसे मुख्यमंत्री सहायता कोष से दिलाना और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करना शामिल था। यह घटना 29-30 मई की रात कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में हुई थी, जहां आधा दर्जन बदमाशों ने जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला। इस मामले में पीड़ित ने कोलवा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, और पुलिस ने घटना के 10 दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं।

मामले की सूचना मिलने पर बांदीकुई CO लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना अधिकारी जहीर अब्बास, बांदीकुई तहसीलदार राजेश सैनी, सिविल डिफेंस की टीम सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा और बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने महिलाओं की उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोनों ने पानी की टंकी से उतरने का फैसला किया।
    user_जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
    जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
    बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कार्रवाई लगभग 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर की गई। महिलाएं सुबह 6 बजे टंकी पर चढ़ीं और 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर 12:15 बजे पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद नीचे उतरीं। यह घटना कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में पिछले महीने की 29-30 मई की रात को हुई थी। उस रात आधा दर्जन बदमाशों ने कोलवा रोड पर घर में घुसकर सो रहे जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य जगहों पर भी चोटें आई थीं, जिसके चलते उन्हें गंभीर हालत में जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं, और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला। इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा कोलवा थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 10 दिन के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, गिरफ्तार आरोपियों का जुलूस निकालने, पीड़ित परिवार के लिए संविधान नौकरी की व्यवस्था करने, इलाज में खर्च हुए पैसों की मुख्यमंत्री सहायता कोष से कुछ राशि दिलाने, और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांगों को लेकर जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और बहन राजू देवी गांव में श्मशान घाट में बनी पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। सूचना मिलते ही बांदीकुई सीओ लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना पुलिस अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना पुलिस अधिकारी जहीर अब्बास सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा, बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल, तहसीलदार राजेश सैनी और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल ने महिलाओं से समझाईश की, और प्रशासन ने उनकी उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद ननद और भाभी दोनों पानी की टंकी से नीचे उतर गईं।
    4
    दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कार्रवाई लगभग 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर की गई। महिलाएं सुबह 6 बजे टंकी पर चढ़ीं और 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर 12:15 बजे पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद नीचे उतरीं।

यह घटना कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में पिछले महीने की 29-30 मई की रात को हुई थी। उस रात आधा दर्जन बदमाशों ने कोलवा रोड पर घर में घुसकर सो रहे जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य जगहों पर भी चोटें आई थीं, जिसके चलते उन्हें गंभीर हालत में जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं, और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला।

इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा कोलवा थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 10 दिन के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, गिरफ्तार आरोपियों का जुलूस निकालने, पीड़ित परिवार के लिए संविधान नौकरी की व्यवस्था करने, इलाज में खर्च हुए पैसों की मुख्यमंत्री सहायता कोष से कुछ राशि दिलाने, और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांगों को लेकर जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और बहन राजू देवी गांव में श्मशान घाट में बनी पानी की टंकी पर चढ़ी थीं।

सूचना मिलते ही बांदीकुई सीओ लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना पुलिस अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना पुलिस अधिकारी जहीर अब्बास सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा, बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल, तहसीलदार राजेश सैनी और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल ने महिलाओं से समझाईश की, और प्रशासन ने उनकी उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद ननद और भाभी दोनों पानी की टंकी से नीचे उतर गईं।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • दौसा में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार, 15 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का प्रभावी और वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। जिला कलक्टर ने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना है, जो राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा बैठक में डॉ. झा ने आगामी सप्ताह से आयोजित होने वाले शिविरों के लिए 'प्री-कैंप' आयोजित करने और इस सप्ताह संपन्न हुए शिविरों के लिए 'फॉलोअप कैंप' लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता के साथ हल किया जाए, जिससे लंबित प्रकरणों की कुल संख्या को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिविरों में आने वाली प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए विभागीय अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। जिला कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री जैसी विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को इन सेवाओं का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण और प्रभावी पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह से सफल हो सके। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
    1
    दौसा में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार, 15 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का प्रभावी और वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। जिला कलक्टर ने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना है, जो राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

समीक्षा बैठक में डॉ. झा ने आगामी सप्ताह से आयोजित होने वाले शिविरों के लिए 'प्री-कैंप' आयोजित करने और इस सप्ताह संपन्न हुए शिविरों के लिए 'फॉलोअप कैंप' लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता के साथ हल किया जाए, जिससे लंबित प्रकरणों की कुल संख्या को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिविरों में आने वाली प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए विभागीय अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

जिला कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री जैसी विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को इन सेवाओं का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण और प्रभावी पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह से सफल हो सके।

इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
    user_पत्रकार दीपक सैनी
    पत्रकार दीपक सैनी
    Court reporter Dausa, Rajasthan•
    6 hrs ago
  • विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बस्सी के आगरा रोड स्थित मुरली वाला गार्डन के पास दा नमन लाइब्रेरी और दा नमन क्रिकेट बॉवर्स द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में युवाओं और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और रक्तदान किया। आयोजन के दौरान रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया और साथ ही स्वास्थ्य जांच की भी व्यवस्था की गई थी। शिविर के आयोजक और संस्थापक कपिल मीना ने बताया कि इस आयोजन में कुल 100 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। उन्होंने रक्तदान के अनेक लाभ बताए, जिनमें जरूरतमंदों की जान बचाना और रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होना शामिल है। मीना ने स्पष्ट किया कि रक्तदान से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है, शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा मिलता है, मानसिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है, और रक्तदाताओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। कपिल मीना ने यह भी बताया कि वे अपने रिश्तेदारों से प्रेरणा लेकर हर वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने का संकल्प ले चुके हैं।
    4
    विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बस्सी के आगरा रोड स्थित मुरली वाला गार्डन के पास दा नमन लाइब्रेरी और दा नमन क्रिकेट बॉवर्स द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में युवाओं और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और रक्तदान किया। आयोजन के दौरान रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया और साथ ही स्वास्थ्य जांच की भी व्यवस्था की गई थी।

शिविर के आयोजक और संस्थापक कपिल मीना ने बताया कि इस आयोजन में कुल 100 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। उन्होंने रक्तदान के अनेक लाभ बताए, जिनमें जरूरतमंदों की जान बचाना और रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होना शामिल है। मीना ने स्पष्ट किया कि रक्तदान से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है, शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा मिलता है, मानसिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है, और रक्तदाताओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। कपिल मीना ने यह भी बताया कि वे अपने रिश्तेदारों से प्रेरणा लेकर हर वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने का संकल्प ले चुके हैं।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    33 min ago
  • राजस्थान के दौसा जिले में दो महिलाएं एक पानी की टंकी पर चढ़ गईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ये महिलाएं आरोपियों का गांव में जुलूस निकालने की मांग कर रही हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को नीचे उतारने तथा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उनसे समझाइश में जुटी हुई है।
    1
    राजस्थान के दौसा जिले में दो महिलाएं एक पानी की टंकी पर चढ़ गईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ये महिलाएं आरोपियों का गांव में जुलूस निकालने की मांग कर रही हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को नीचे उतारने तथा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उनसे समझाइश में जुटी हुई है।
    user_Shivraj Kashyap
    Shivraj Kashyap
    Video Creator बांदीकुई, दौसा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • लालसोट शहर के प्राचीन घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर से रविवार को गाजे-बाजे और धार्मिक जयघोषों के साथ एक विशाल कलशयात्रा निकाली गई। इस भव्य यात्रा में 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। यह कलशयात्रा घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों से गुज़रते हुए गोबरया पाड़ा स्थित मालेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुँची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए और विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर कलशयात्रा का स्वागत किया। इस कलशयात्रा के साथ ही मालेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में आचार्य पंडित राजेश जी खांडल के सान्निध्य एवं नेतृत्व में तीन दिवसीय शिव पंचायत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कई धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ और पूजा-अर्चना संपन्न कराई जाएगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था का एक अनूठा संगम नजर आया।
    3
    लालसोट शहर के प्राचीन घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर से रविवार को गाजे-बाजे और धार्मिक जयघोषों के साथ एक विशाल कलशयात्रा निकाली गई। इस भव्य यात्रा में 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। यह कलशयात्रा घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों से गुज़रते हुए गोबरया पाड़ा स्थित मालेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुँची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए और विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर कलशयात्रा का स्वागत किया।

इस कलशयात्रा के साथ ही मालेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में आचार्य पंडित राजेश जी खांडल के सान्निध्य एवं नेतृत्व में तीन दिवसीय शिव पंचायत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कई धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ और पूजा-अर्चना संपन्न कराई जाएगी।

आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था का एक अनूठा संगम नजर आया।
    user_Rakesh sharma
    Rakesh sharma
    Software Developer लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के बाद न्याय की मांग को लेकर पीड़ित महिला और उनकी ननद सोमवार सुबह 6 बजे से पानी की टंकी पर चढ़ी हुई हैं। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर काट दिए गए थे और उनके सिर में भी गंभीर चोटें आई थीं, जबकि उनकी पत्नी को भी शरीर पर कई जगह चोटें लगी थीं। सूचना मिलने पर कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अतिरिक्त, बांदीकुई CO लक्ष्मीकांत, बांदीकुई थाना प्रभारी ज़हीर अब्बास, बांदीकुई तहसीलदार राजेश सैनी और सिविल डेफिनेशन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। प्रशासन से मांग की जा रही है कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, आरोपियों का जुलूस निकाला जाए और चारागाह भूमि पर बने उनके मकानों को तोड़ा जाए। बताया गया है कि इस मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
    4
    दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के बाद न्याय की मांग को लेकर पीड़ित महिला और उनकी ननद सोमवार सुबह 6 बजे से पानी की टंकी पर चढ़ी हुई हैं। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर काट दिए गए थे और उनके सिर में भी गंभीर चोटें आई थीं, जबकि उनकी पत्नी को भी शरीर पर कई जगह चोटें लगी थीं।

सूचना मिलने पर कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अतिरिक्त, बांदीकुई CO लक्ष्मीकांत, बांदीकुई थाना प्रभारी ज़हीर अब्बास, बांदीकुई तहसीलदार राजेश सैनी और सिविल डेफिनेशन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। प्रशासन से मांग की जा रही है कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, आरोपियों का जुलूस निकाला जाए और चारागाह भूमि पर बने उनके मकानों को तोड़ा जाए। बताया गया है कि इस मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.