विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बस्सी के आगरा रोड स्थित मुरली वाला गार्डन के पास दा नमन लाइब्रेरी और दा नमन क्रिकेट बॉवर्स द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में युवाओं और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और रक्तदान किया। आयोजन के दौरान रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया और साथ ही स्वास्थ्य जांच की भी व्यवस्था की गई थी। शिविर के आयोजक और संस्थापक कपिल मीना ने बताया कि इस आयोजन में कुल 100 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। उन्होंने रक्तदान के अनेक लाभ बताए, जिनमें जरूरतमंदों की जान बचाना और रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होना शामिल है। मीना ने स्पष्ट किया कि रक्तदान से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है, शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा मिलता है, मानसिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है, और रक्तदाताओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। कपिल मीना ने यह भी बताया कि वे अपने रिश्तेदारों से प्रेरणा लेकर हर वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने का संकल्प ले चुके हैं।
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बस्सी के आगरा रोड स्थित मुरली वाला गार्डन के पास दा नमन लाइब्रेरी और दा नमन क्रिकेट बॉवर्स द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में युवाओं और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और
रक्तदान किया। आयोजन के दौरान रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया और साथ ही स्वास्थ्य जांच की भी व्यवस्था की गई थी। शिविर के आयोजक और संस्थापक कपिल मीना ने बताया कि इस आयोजन में कुल 100 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। उन्होंने
रक्तदान के अनेक लाभ बताए, जिनमें जरूरतमंदों की जान बचाना और रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होना शामिल है। मीना ने स्पष्ट किया कि रक्तदान से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है, शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा मिलता है, मानसिक
शांति और संतोष की अनुभूति होती है, और रक्तदाताओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। कपिल मीना ने यह भी बताया कि वे अपने रिश्तेदारों से प्रेरणा लेकर हर वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने का संकल्प ले चुके हैं।
- विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बस्सी के आगरा रोड स्थित मुरली वाला गार्डन के पास दा नमन लाइब्रेरी और दा नमन क्रिकेट बॉवर्स द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में युवाओं और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और रक्तदान किया। आयोजन के दौरान रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया और साथ ही स्वास्थ्य जांच की भी व्यवस्था की गई थी। शिविर के आयोजक और संस्थापक कपिल मीना ने बताया कि इस आयोजन में कुल 100 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। उन्होंने रक्तदान के अनेक लाभ बताए, जिनमें जरूरतमंदों की जान बचाना और रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होना शामिल है। मीना ने स्पष्ट किया कि रक्तदान से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है, शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा मिलता है, मानसिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है, और रक्तदाताओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। कपिल मीना ने यह भी बताया कि वे अपने रिश्तेदारों से प्रेरणा लेकर हर वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित करने का संकल्प ले चुके हैं।4
- कपिल शर्मा का नेता के रूप में किया गया व्यंग्य सर्वोत्तम बताया गया है। उन्होंने नेता के किरदार को बहुत ही सार्थक और सराहनीय तरीके से प्रस्तुत किया है। इस हास्य व्यंग्य के माध्यम से, कपिल शर्मा आज के नेताओं के निकम्मेपन को अत्यंत प्रशंसनीय ढंग से निभाने में पूरी तरह सफल रहे हैं। टिप्पणी के अनुसार, कपिल के अन्य हास्य उतने प्रभावशाली नहीं होते, लेकिन नेता के रोल में वे एक सार्थक व्यंग्य देने में कामयाब रहे हैं।1
- दौसा जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्रभावी ढंग से कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके। डॉ. झा ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन के लंबित कार्यों का मौके पर ही निस्तारण कर उन्हें त्वरित राहत प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने आगामी सप्ताह में होने वाले शिविरों से पहले प्री-कैंप आयोजित करने और इस सप्ताह आयोजित शिविरों के लिए फॉलोअप कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों को शिविरों में प्राथमिकता से निपटाया जाए और समग्र लंबित प्रकरणों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। कलक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नामांतरण और फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शिविरों में आने वाली हर समस्या के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को ग्रामीण सेवा शिविरों के साथ-साथ शहरी सेवा शिविरों का भी नियमित निरीक्षण करने और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इन शिविरों का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त और अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।2
- दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं, जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और उनकी ननद राजू देवी, पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कदम 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर उठाया गया था। पुलिस और प्रशासन की लंबी समझाइश के बाद, दोनों महिलाएं करीब 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर सवा बारह बजे टंकी से नीचे उतरीं। महिलाओं की मुख्य मांगों में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी, पहले से गिरफ्तार किए गए आरोपियों का गांव में जुलूस निकालना, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना, उनके इलाज में खर्च हुए पैसे मुख्यमंत्री सहायता कोष से दिलाना और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करना शामिल था। यह घटना 29-30 मई की रात कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में हुई थी, जहां आधा दर्जन बदमाशों ने जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला। इस मामले में पीड़ित ने कोलवा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, और पुलिस ने घटना के 10 दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। मामले की सूचना मिलने पर बांदीकुई CO लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना अधिकारी जहीर अब्बास, बांदीकुई तहसीलदार राजेश सैनी, सिविल डिफेंस की टीम सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा और बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन ने महिलाओं की उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोनों ने पानी की टंकी से उतरने का फैसला किया।2
- दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांवता में सोमवार को दो महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह कार्रवाई लगभग 15 दिन पहले जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले के बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर की गई। महिलाएं सुबह 6 बजे टंकी पर चढ़ीं और 6 घंटे 15 मिनट बाद दोपहर 12:15 बजे पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद नीचे उतरीं। यह घटना कोलवा पुलिस थाना क्षेत्र के भांवता गांव में पिछले महीने की 29-30 मई की रात को हुई थी। उस रात आधा दर्जन बदमाशों ने कोलवा रोड पर घर में घुसकर सो रहे जगदीश मीणा और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में जगदीश मीणा के दोनों पैर टूट गए थे और उनके शरीर पर कई अन्य जगहों पर भी चोटें आई थीं, जिसके चलते उन्हें गंभीर हालत में जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं, और दोनों का कई दिनों तक जयपुर में इलाज चला। इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा कोलवा थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 10 दिन के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, गिरफ्तार आरोपियों का जुलूस निकालने, पीड़ित परिवार के लिए संविधान नौकरी की व्यवस्था करने, इलाज में खर्च हुए पैसों की मुख्यमंत्री सहायता कोष से कुछ राशि दिलाने, और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांगों को लेकर जगदीश मीणा की पत्नी संती देवी और बहन राजू देवी गांव में श्मशान घाट में बनी पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। सूचना मिलते ही बांदीकुई सीओ लक्ष्मीकांत, कोलवा थाना पुलिस अधिकारी मनोहर लाल, बांदीकुई थाना पुलिस अधिकारी जहीर अब्बास सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा, बांदीकुई सहायक कलेक्टर चिमनलाल, तहसीलदार राजेश सैनी और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल ने महिलाओं से समझाईश की, और प्रशासन ने उनकी उचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद ननद और भाभी दोनों पानी की टंकी से नीचे उतर गईं।4
- रेनवाल टोल पर भारी अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं, जिसके कारण वहां की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इसके साथ ही, टोल से गुजरने वाली सड़क भी दिनों-दिन जर्जर होती जा रही है।1
- जयपुर के बस्सी क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पोतली स्थित टीबा वाली ढाणी में एक सांड मकान की छत पर चढ़ गया है। मेघसिंह गुरुजी के मकान के पास हुई इस घटना में, सांड अभी भी छत पर ही है और नीचे नहीं उतर पा रहा है।1
- राजधानी जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के एक प्रदर्शन के दौरान हुए थप्पड़कांड के बाद, आरोपी युवक का बयान सामने आया है। युवक ने स्वयं को राष्ट्रवादी बताते हुए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को सीधी चुनौती दी है। उसने यह भी कहा कि वह राजस्थान के अंदर माहौल खराब नहीं होने देगा।1