मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत, मुलताई थाना पुलिस ने प्रभात पट्टन के साप्ताहिक बाजार में नागरिकों को साइबर अपराधों के खतरों से अवगत कराया। इस पहल के दौरान, एसआई दिनेश कुमरे और उनकी पुलिस टीम ने बाजार में आए लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी और बैंक संबंधी किसी भी गोपनीय जानकारी को किसी से भी साझा न करने की सलाह दी। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीम ने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और अज्ञात लिंक या ऐप्स डाउनलोड करने से बचने की भी विशेष सलाह दी गई। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी देकर उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना है। अभियान के दौरान नागरिकों ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत, मुलताई थाना पुलिस ने प्रभात पट्टन के साप्ताहिक बाजार में नागरिकों को साइबर अपराधों के खतरों से अवगत कराया। इस पहल के दौरान, एसआई दिनेश कुमरे और उनकी पुलिस टीम ने बाजार में आए लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी और बैंक संबंधी किसी भी गोपनीय जानकारी को किसी से भी साझा न करने की सलाह दी। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीम ने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और अज्ञात लिंक या ऐप्स डाउनलोड करने से बचने की भी विशेष सलाह दी गई। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी देकर उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना है। अभियान के दौरान नागरिकों ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।
- बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र स्थित चिचंडा गांव से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ 20 वर्षीय पंकज धुर्वे ने शुक्रवार रात कथित तौर पर सल्फास का सेवन कर लिया। सल्फास निगलने के बाद पंकज की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल उसे मुलताई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार दिया गया। हालाँकि, हालत की गंभीरता को देखते हुए उसे बैतूल जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के आईसीयू में इलाज के दौरान, पंकज ने शनिवार तड़के दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल, युवक द्वारा यह कदम उठाने के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। मुलताई पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।1
- आमला विकासखंड की ग्राम पंचायत छिपीन्या पिपरिया के अंतर्गत देहलवाड़ा में स्थित शासकीय एकत्रित मिडिल स्कूल की छत से लगातार पानी टपकने के कारण छात्रों को जोखिम के बीच पढ़ाई करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल भवन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिससे बारिश के मौसम में कक्षाओं के अंदर पानी भर जाता है और शैक्षणिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। भवन काफी पुराना और क्षतिग्रस्त होने के कारण छत से कई स्थानों पर पानी रिस रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने की आशंका बनी हुई है। स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों और विद्यार्थियों के अभिभावकों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्कूल भवन की मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य कराने की कई बार मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बरसात में कक्षाओं में पानी टपकने से बच्चों को बैठने और शिक्षकों को पढ़ाई संचालित करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल स्कूल भवन का निरीक्षण कर मरम्मत कराने या बच्चों की सुरक्षा हेतु वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।4
- आमला के तहसीलदार चाल क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से पूरे नगर में सनसनी फैल गई। साहूकार परिवार की 37 वर्षीय बड़ी बहू रंजिता यादव अपने घर के बाथरूम में शॉवर के पाइप से फंदे पर लटकी मिली। मृतका अपने पीछे दो माह की मासूम बेटी और एक 9 वर्षीय पुत्री को छोड़ गई है, जिससे यह घटना और भी पीड़ादायक हो गई है। परिजनों के अनुसार, लगभग 45 मिनट तक बाथरूम का दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने दरवाजा तोड़ा, जहां रंजिता फंदे पर लटकी मिली। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, मर्ग कायम कर जाँच शुरू की और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतका इंदौर की निवासी थी और एमकॉम शिक्षित होने के साथ ही विवाह से पहले नौकरी भी कर चुकी थी। मृतका की माँ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि रंजिता अपनी बड़ी बेटी को खिलाड़ी और दो माह की छोटी बेटी को आईएएस अधिकारी बनाना चाहती थी। ऐसे में उसका यह कदम पूरे परिवार के लिए बेहद अविश्वसनीय और पीड़ादायक है, क्योंकि उनके अनुसार रंजिता के सपने बड़े थे, मौत नहीं। पोस्टमार्टम के दौरान मीडिया से बातचीत में मृतका की बहन विजेता ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि विवाह से पहले उन्हें बताया गया था कि रंजिता का पति नागपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह आमला में कपड़े का व्यवसाय करता है। विजेता ने आरोप लगाया कि रंजिता के ससुर सुरेंद्र यादव, सास पुष्पा यादव और देवरानी मुस्कान यादव लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। गाली-गलौज, ताने और अपमान के कारण रंजिता लंबे समय से तनाव में थी। विजेता का स्पष्ट कहना है कि उनकी बहन ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे इस स्थिति तक पहुँचाया गया। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मायके पक्ष द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर ससुराल पक्ष से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने बताया है कि फिलहाल मर्ग जाँच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की निष्पक्ष जाँच की जाएगी। पुलिस के अनुसार, यदि जाँच में मानसिक प्रताड़ना या किसी अन्य अपराध के पर्याप्त सबूत सामने आते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3
- आमला ब्लॉक के ससाबड़ से अंधारिया पहुंच मार्ग पर ₹62 लाख की लागत से बन रही बड़ी जोग नदी पुलिया PWD विभाग की कथित धांधली और भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। PWD विभाग के SDO और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में एक निजी एजेंसी के ठेकेदार द्वारा पूरे पुलिया निर्माण में काली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जिससे शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। नतीजतन, पहली बारिश में ही काली मिट्टी के भराव से पुलिया में दरारें आ गई हैं, और यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। हाल ही में, PWD के SDO की उपस्थिति में ठेकेदार ने एक सिंगल पाइप डालकर काली मिट्टी से एक डायवर्जन मार्ग भी बनाया था, जो पहली बारिश में ही बह गया। इससे गांव का आना-जाना पूरी तरह से ठप हो गया है, और स्कूल बस, स्कूल के बच्चे, एंबुलेंस तथा राहगीरों का मार्ग बाधित हो गया है। चार दिन पहले इसी काली मिट्टी के डायवर्जन मार्ग पर मुरुम न होने के कारण एक दुपहिया वाहन के फिसलने से एक महिला को गंभीर चोटें आई थीं, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हैं। गांव वालों द्वारा निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर PWD अधिकारियों और ठेकेदार ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया है।1
- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के सातनेर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण डिजिटल प्रमाण पत्र को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में नगर परिषद उपाध्यक्ष विनय जितपुरे ने सातनेर में विभिन्न शक्ति केंद्र टोलियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। जितपुरे ने टोलियों को प्रशिक्षण डिजिटल प्रमाण पत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संगठन द्वारा दिए गए कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए भी आवश्यक निर्देश जारी किए। यह बैठक भाजपा शक्ति केंद्र पर प्रशिक्षण डिजिटल कार्यक्रम के संबंध में आयोजित की गई थी, जिसमें अलग-अलग टोलियों के साथ चर्चा की गई।1
- पांढुर्ना में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक वनीकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए, जल प्रहरी और वाटर हीरो श्री नीरज वानखड़े द्वारा तैयार किए गए 55 हजार सीड्स बॉल में से 20 हजार सीड्स बॉल का शनिवार को मोही-मांडवी के जंगलों में वन विभाग के सहयोग से विसर्जन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जंगलों को हरा-भरा बनाना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। श्री नीरज वानखड़े ने बताया कि उन्होंने कुल 55 हजार सीड्स बॉल तैयार किए हैं, जिनमें से विशेष रूप से 50 हजार सीड्स बॉल सीताफल के बीजों से बनाए गए हैं। उनका मानना है कि इन पौधों के सफलतापूर्वक विकसित होने पर भविष्य में जंगलों में रहने वाले पशु-पक्षियों और वन्यजीवों को भरपूर मात्रा में फल उपलब्ध हो सकेंगे। इसके साथ ही, इस पहल से स्थानीय गरीब और आदिवासी परिवारों को सीताफल के माध्यम से रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने इस प्रयास को सिर्फ एक बीज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, जल संरक्षण और एक आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का संकल्प बताया। कार्यक्रम के दौरान एसडीओ फॉरेस्ट पांढुर्ना, श्री चंचल पंवार (IFS) ने उपस्थित जनसमूह को सीड्स बॉल अभियान के वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षा ऋतु में सीड्स बॉल के माध्यम से प्राकृतिक रूप से पौधों का विकास होता है, जो जंगलों के विस्तार, जैव विविधता के संरक्षण, मिट्टी एवं जल संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन को मजबूती प्रदान करता है। श्री पंवार ने श्री नीरज वानखड़े के पर्यावरण संरक्षण कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसी क्रम में, रेंज अधिकारी पांढुर्ना, श्री प्रभुराम मुच्छाला ने कहा कि आज बोए जा रहे ये बीज भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर पक्षियों, वन्यजीवों और अन्य जीव-जंतुओं को भोजन, आश्रय एवं सुरक्षित प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने ऐसे अभियानों को प्रकृति और मानव दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पंचायत सचिव, तिगांव से श्री रामदास वाड़िवा, संस्था के सदस्य श्री पवन चौकीकर, वनरक्षक श्री कमलाकर पठाड़े, श्री जयराम उईके और श्री विजय कुमार गुप्ता, ग्राम वन समिति, मोही के अध्यक्ष श्री प्रल्हाद महाले, श्री देवमन देशमुख, श्री नानेश्वर कुडापे, सुरक्षा श्रमिक श्री तब्बू हजारे और श्री दिनेश परिहार सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने इस अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने, वर्षा ऋतु में सीड्स बॉल बनाकर जंगलों एवं बंजर भूमि पर विसर्जित करने और एक हरित, समृद्ध तथा पर्यावरण-संतुलित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।1
- बैतूल के चिचोली नगर में एमडी ड्रग्स और अवैध शराब के कथित बढ़ते कारोबार को लेकर एनएसयूआई ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एनएसयूआई मध्यप्रदेश के प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो चिचोली बंद, चक्का जाम और व्यापक लोकतांत्रिक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। भुसारी ने इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य से जुड़ा बताया है, उनका कहना है कि युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह तय करने को कहा है कि वह युवाओं के भविष्य के साथ खड़ा है या नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने में विफल रहेगा। एनएसयूआई के अनुसार, यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए है। प्रदेश सचिव ने बताया कि जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर एमडी ड्रग्स और अवैध शराब के कारोबार की गहन जांच कराने तथा इसमें शामिल दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ज्ञापन के बावजूद प्रशासन निष्क्रिय रहा, तो एनएसयूआई और क्षेत्र की जनता शांत नहीं बैठेगी। हर्ष भुसारी ने दोहराया कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो चिचोली बंद, चक्का जाम और बड़े स्तर पर लोकतांत्रिक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से चिचोली में विशेष अभियान चलाकर नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचने, मुख्य आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए स्थायी व प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। भुसारी ने कहा कि चिचोली की जनता अब मूकदर्शक नहीं रहेगी और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी, क्योंकि प्रशासन के पास कार्रवाई का अवसर है और उसके बाद जनता अपना लोकतांत्रिक अधिकार प्रयोग करेगी।2
- आमला थाना पुलिस ने चाकूबाजी के पांच आरोपियों को इटारसी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद, इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।1