शहडोल में पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव ने 31 मई 20263 को पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के विभिन्न लंबित प्रकरणों और पुलिस कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से 3 माह से अधिक पुराने लंबित अपराधों, 60 दिन से अधिक समय से लंबित बलात्कार संबंधी मामलों, लंबित चालानों, नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी, लंबित मर्ग प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों, माइनर एक्ट और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के साथ-साथ लंबित वारंटों की थानावार समीक्षा की। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने, फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने, लंबित वारंटों की तामील सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के आवश्यक निर्देश दिए। इसी बैठक में पुलिस मुख्यालय द्वारा विवेचना कार्य को तकनीकी रूप से सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए उपलब्ध कराए गए टैबलेट्स का वितरण सभी थाना प्रभारियों को किया गया। इस अवसर पर टैबलेट्स के उपयोग, विवेचना संबंधी कार्यों में इनके प्रभावी प्रयोग और डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
शहडोल में पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव ने 31 मई 20263 को पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के विभिन्न लंबित प्रकरणों और पुलिस कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से 3 माह से अधिक पुराने लंबित अपराधों, 60 दिन से अधिक समय से लंबित बलात्कार संबंधी मामलों, लंबित चालानों, नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी, लंबित मर्ग प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों, माइनर एक्ट और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के साथ-साथ लंबित वारंटों की थानावार समीक्षा की। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने, फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने, लंबित वारंटों की तामील सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के आवश्यक निर्देश दिए। इसी बैठक में पुलिस मुख्यालय द्वारा विवेचना कार्य को तकनीकी रूप से सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए उपलब्ध कराए गए टैबलेट्स का वितरण सभी थाना प्रभारियों को किया गया। इस अवसर पर टैबलेट्स के उपयोग, विवेचना संबंधी कार्यों में इनके प्रभावी प्रयोग और डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- डिंडौरी जिले के सीमावर्ती ग्राम बुढ़न के आवास टोला में रहने वाले बैगा परिवार इन दिनों गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन का काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसके कारण आज तक उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पानी की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी लाने के लिए रोजाना एक से दो किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें भीषण गर्मी के बीच और भी बढ़ गई हैं। गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को बताई है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। स्थिति से त्रस्त, बैगा जनजाति के लोगों ने अब जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर डिंडौरी से गुहार लगाई है कि नल-जल योजना के अधूरे कार्य को जल्द पूरा किया जाए और गाँव में नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- समनापुर जनपद के सरईमाल में स्थित खुसरा टोला की पूरी बस्ती पीने के पानी के लिए एक झिरिया पर निर्भर है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टोले के सभी निवासी अपनी पेयजल की ज़रूरतें इसी झिरिया से पूरी करते हैं।4
- अनूपपुर के बिजूरी में बढ़ते अपराधों से आम जनता में गहरा आक्रोश है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अपनी 'मस्ती में मस्त' दिखाई दे रही है। इसका एक स्पष्ट उदाहरण शुक्रवार देर रात तब सामने आया जब एक अवैध रेत खनन माफिया का डंपर हरीश मेडिकल के सामने बिजली के पोल से टकरा गया। इस टक्कर में डंपर चकनाचूर हो गया और विद्युत पोल भी गिरने की कगार पर पहुँच गया। हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर होने के बावजूद पुलिस केवल 'तमाशा देखती रही' और कोई कार्रवाई नहीं की। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए, स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि हनुमान मंदिर और स्टेशन चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर ऐसी स्थिति है, तो पूरे नगर की कानून-व्यवस्था का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।1