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लोगों को ऐसे बाबाओं से सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि ये बाबा नहीं बल्कि बेहरुपिए हैं। ये धोखेबाज बचने के लिए भेष बदलकर गांवों और शहरों में घूमकर स्थिति का जायजा लेते हैं। मौका मिलते ही ये अपराध को अंजाम देते हैं और फिर दूसरी जगह गायब हो जाते हैं, क्योंकि अपराध करना ही इनका पेशा है। ये बेहरुपिए जगह के हिसाब से अपनी पहचान बदलने में माहिर होते हैं, जैसे मुस्लिम बस्तियों में मुस्लिम और हिन्दू बस्तियों में हिन्दू बनकर रहते हैं।
Janpad Bihar24
लोगों को ऐसे बाबाओं से सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि ये बाबा नहीं बल्कि बेहरुपिए हैं। ये धोखेबाज बचने के लिए भेष बदलकर गांवों और शहरों में घूमकर स्थिति का जायजा लेते हैं। मौका मिलते ही ये अपराध को अंजाम देते हैं और फिर दूसरी जगह गायब हो जाते हैं, क्योंकि अपराध करना ही इनका पेशा है। ये बेहरुपिए जगह के हिसाब से अपनी पहचान बदलने में माहिर होते हैं, जैसे मुस्लिम बस्तियों में मुस्लिम और हिन्दू बस्तियों में हिन्दू बनकर रहते हैं।
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- बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।1
- दरभंगा के निवासियों के लिए विदेश जाकर रोज़गार पाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। इस अवसर के तहत दुबई सहित कई अन्य स्थानों के लिए आकर्षक वेतन वाले जॉब्स उपलब्ध हैं। इच्छुक उम्मीदवार इन अवसरों के बारे में अधिक जानकारी दरभंगा टेस्ट एंड ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं।1
- मिथिलांचल में पहली बार 'मिथिला आइडल 2026 – मैथिली सुरक महासंग्राम' नामक एक भव्य गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह मंच उन सभी गायकों के लिए एक बड़ा अवसर है जिनकी आवाज़ उनकी पहचान बन सकती है। इस प्रतियोगिता में विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्रथम विजेता को ₹1,00,000, द्वितीय विजेता को ₹71,000, और तृतीय विजेता को ₹51,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। ऑडिशन 28 और 29 जून 2026 को पटना, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, जनकपुर (नेपाल), खजुरिया (नेपाल) और झंझारपुर जैसे विभिन्न स्थानों पर शुरू होंगे। जिन लोगों के अंदर गायकी का हुनर है, उन्हें अपनी आवाज़ से पूरे मिथिलांचल को मंत्रमुग्ध करने के लिए इस मंच पर आमंत्रित किया गया है।1
- मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 15 की मौजूदा दशा ऐसी है कि एक थार वाहन भी वहाँ अपनी शक्ति भूल गया। सड़क की खराब स्थिति के कारण थार इस कदर फंस गई कि उसे निकालने के लिए ट्रैक्टर की सहायता लेनी पड़ी। अंततः, एक ट्रैक्टर की मदद से थार को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- मधुबनी में सनातन संस्कारों का एक विशाल महासंगम आयोजित किया गया, जहाँ सामूहिक उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार और शुभ विवाह जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों की धूम मची। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में सनातन परंपराओं की गूंज सुनाई दी।1
- बिहार के समस्तीपुर जिले के वारिसनगर प्रखंड की हाँसा पंचायत में शनिवार को जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पंचायत के मुखिया तेज नारायण चौधरी के नागरवस्ती स्थित आवास परिसर में हुआ, जिसमें बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री अशोक चौधरी और मुखिया तेज नारायण चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके उपरांत मुखिया तेज नारायण चौधरी ने मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप मंत्री सहित अन्य आगत अतिथियों का पाग, माला एवं शॉल भेंट कर सम्मान किया। जन संवाद को संबोधित करते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा एवं वंचित वर्गों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल एवं रोजगार के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की, साथ ही आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास से संबंधित समस्याओं एवं मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने मंत्री के समक्ष सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी अपनी समस्याओं को रखा, जिस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने एवं समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुखिया तेज नारायण चौधरी ने पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए पंचायत के सर्वांगीण विकास और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए अपने निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मंत्री अशोक चौधरी का हाँसा पंचायत आगमन पर स्वागत करते हुए क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों से भी अवगत कराया। इस कार्यक्रम में जिला प्रवक्ता संतोष कुमार दास, मुखिया प्रतिनिधि अभिषेक कुमार, जदयू प्रखंड अध्यक्ष सह बीस सूत्री अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, जीवछ महतो, मनोज गुप्ता, रंजीत गुप्ता, मनोज कुमार, प्रशांत कुमार, मंडल अध्यक्ष राजीव कुमार ठाकुर, सुनील महतो, पूनम देवी, राहुल कुमार उर्फ चित्तू चौधरी, कलाम राजा, रवि पूर्वे, उमा शंकर चौधरी, दीपक कुमार, उदय कुमार दास, मिथिलेश कुमार पासवान सहित विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि, राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, महिला एवं युवा वर्ग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- दरभंगा में शोरूम मैनेजर फैज को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में जनता सड़कों पर उतर आई। लोगों ने अपने हाथों में कैंडल और 'जस्टिस फॉर फैज' लिखे बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया और फैज के लिए न्याय की आवाज़ उठाई।1
- दरभंगा में नगर अध्यक्ष मोहम्मद अफसर की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोहम्मद अफसर ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया है, जिसका मुख्य कारण नीट परीक्षा का बार-बार पेपर लीक होना है। उन्होंने बताया कि छात्र कड़ी मेहनत और लगन से एक साल पढ़ाई करने के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पेपर लीक होने की खबर मिलती है। इस निराशा के कारण कई छात्र हताश होकर ज़हर खा लेते हैं, फांसी लगा लेते हैं या रेल की पटरी पर अपनी जान दे देते हैं। मोहम्मद अफसर ने एक दर्दनाक उदाहरण देते हुए बताया कि नागपुर का एक बच्चा पिछले एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसका सेंटर अबू धाबी निकला। बच्चे के पास न तो पासपोर्ट था, न ही उसके परिवार के पास उसे विदेश भेजने के लिए पैसे थे, और न ही अब कोई समय बचा था। उन्होंने कहा कि वह बच्चा रात भर रोता रहा और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है, जिसके तनाव की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मोहम्मद अफसर ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी शिक्षा मंत्री को जल्द से जल्द उनके पद से हटाया जाना चाहिए, और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो आंदोलन जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय अध्यक्ष भाई नसरुल्ला, जिला अध्यक्ष दिलखुश कुमार, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, जिला उपाध्यक्ष ताल्हा ताबिश, जिला महासचिव तिरुपति नाथ चौधरी, नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद आकिब, नगर महासचिव मोहम्मद सद्दाम, नगर महासचिव नूरुल कमर, नगर सचिव नदीम अहमद और अन्य लोग उपस्थित थे।1