बलरामपुर विकासखण्ड के स्वामी आत्मानंद स्कूल ग्राउंड में 'खेलेगा बलरामपुर, बढ़ेगा बलरामपुर' की थीम पर महिला खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न गांवों से पहुंची महिला प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया। महिलाओं ने 100 व 200 मीटर दौड़, रिले रेस, लंबी कूद, खो-खो, रस्साकशी और कबड्डी जैसी विविध खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन किया, जिससे पूरा आयोजन उत्सव के रूप में बदल गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हिरामुनी निकुंज, रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, जनपद सदस्य श्रीमती अर्पणा दीक्षित, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री भानु प्रकाश दीक्षित सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने खेल मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और कुछ खेल स्पर्धाओं का हिस्सा बनकर महिलाओं को प्रोत्साहित भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में छिपी प्रतिभाओं को बाहर आने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने महिला खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हार-जीत तो खेल का हिस्सा है, लेकिन निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण ही खिलाड़ी को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र, शील्ड, मेडल और सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी प्रतिभागी महिलाओं को एक-एक पौधा वितरित किया गया और उनसे अपने घर के आसपास पौधारोपण कर नियमित देखभाल करने की अपील की गई।
बलरामपुर विकासखण्ड के स्वामी आत्मानंद स्कूल ग्राउंड में 'खेलेगा बलरामपुर, बढ़ेगा बलरामपुर' की थीम पर महिला खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न गांवों से पहुंची महिला प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया। महिलाओं ने 100 व 200 मीटर दौड़, रिले रेस, लंबी कूद, खो-खो, रस्साकशी और कबड्डी जैसी विविध खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन किया, जिससे पूरा आयोजन उत्सव के रूप में बदल गया। इस गरिमामयी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हिरामुनी निकुंज, रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, जनपद सदस्य श्रीमती अर्पणा दीक्षित, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री भानु प्रकाश दीक्षित सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य
नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने खेल मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और कुछ खेल स्पर्धाओं का हिस्सा बनकर महिलाओं को प्रोत्साहित भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में छिपी प्रतिभाओं को बाहर आने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने महिला खिलाड़ियों को
प्रेरित करते हुए कहा कि हार-जीत तो खेल का हिस्सा है, लेकिन निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण ही खिलाड़ी को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र, शील्ड, मेडल और सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी प्रतिभागी महिलाओं को एक-एक पौधा वितरित किया गया और उनसे अपने घर के आसपास पौधारोपण कर नियमित देखभाल करने की अपील की गई।
- पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखने की बात कही। अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में अपनी उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण और डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए SA NEWS YouTube चैनल पर प्रसारित सामग्री को देखा जा सकता है।1
- कांकेर के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के आश्रित ग्राम भुसकी गोपालटोला में एक अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर से ट्रांसफार्मर लगा बिजली का पोल टूट गया है। इस हादसे के कारण पिछले चार दिनों से गांव में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है और पूरा गोपालटोला अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को घटना की सूचना देने के बाद भी अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है, जिससे पीने के पानी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के घरेलू काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में कनिष्ठ यंत्री नरोत्तम राठिया ने जानकारी दी है कि मरम्मत के लिए सामग्री की व्यवस्था की जा रही है और आगामी एक-दो दिनों में पोल को ठीक करके आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी जाएगी।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- राष्ट्रीय मछुआरा दिवस के अवसर पर कोण्डागांव के कोपाबेड़ा स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में एक मत्स्य कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में उपस्थित मत्स्य कृषकों और मछुआ सहकारी समितियों को एनएफडीपी पंजीयन, मत्स्यजीवी दुर्घटना बीमा, जलीय कृषि बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही, कार्यक्रम में आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर आजीविका विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।1
- गरियाबंद के बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव शनिवार को दुर्गम और हाथी प्रभावित ग्राम जरण्डी और बोड़ापाला पहुंचे। उन्होंने विशाल बाकड़ी नदी को घुटनों तक पानी में पैदल पार किया और फिर करीब चार किलोमीटर का सफर मोटरसाइकिल से तय कर गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। गांव में चौपाल लगाकर विधायक जनक ध्रुव ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बाकड़ी नदी पर पुल न होने से बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने की बात कही और बताया कि पहले दो छात्रों की इस नदी में बहने से मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, जल जीवन मिशन, दिव्यांग प्रमाण पत्र और हाथियों के आतंक जैसी समस्याओं से भी विधायक को अवगत कराया। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि वे बाकड़ी नदी पर पुल निर्माण का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर पुल निर्माण के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करने की बात भी कही।3
- कांकेर के भानुप्रतापपुर सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक के हाथ में बिना सुन्न करने वाला इंजेक्शन लगाए ही सीधे टांके लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। इस अनोखे इलाज पर जब आपत्ति जताई गई तो कथित तौर पर जवाब मिला कि "दो बार इंजेक्शन लगाता, उसके बदले दो बार टांका लगा दिया।" अस्पताल के इस कारनामे पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि चिकित्सा विज्ञान भी शायद इस नए शोध से अनजान होगा। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल में अब दर्द कम करने की नहीं, बल्कि दर्द सहने की ट्रेनिंग दी जा रही है और अगर मरीज चीखे तो समझिए इलाज सही दिशा में चल रहा है।1