Shuru
Apke Nagar Ki App…
हजारीबाग में डीजल संकट, पंपों पर लंबी कतारें, कई जगह सप्लाई ठप हजारीबाग से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बुधवार को डीजल की किल्लत ने आम लोगों से लेकर वाहन चालकों तक की परेशानी बढ़ा दी। तेल कंपनियों से आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर दबाव काफी बढ़ गया है। स्थिति ऐसी हो गई कि कई पंपों पर डीजल पूरी तरह खत्म हो गया, जिससे दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लंबी कतारों में खड़े वाहन चालकों को घंटों इंतजार के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ा। पंप मैनेजरों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग और ज्यादा खपत के कारण दोपहर बाद ही डीजल खत्म हो गया। इस संकट का असर आम लोगों की दिनचर्या और कामकाज पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। अब सवाल ये है कि आखिर कब तक सामान्य होगी सप्लाई और लोगों को इस परेशानी से राहत मिलेगी।
Dheeraj Kumar
हजारीबाग में डीजल संकट, पंपों पर लंबी कतारें, कई जगह सप्लाई ठप हजारीबाग से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बुधवार को डीजल की किल्लत ने आम लोगों से लेकर वाहन चालकों तक की परेशानी बढ़ा दी। तेल कंपनियों से आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर दबाव काफी बढ़ गया है। स्थिति ऐसी हो गई कि कई पंपों पर डीजल पूरी तरह खत्म हो गया, जिससे दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लंबी कतारों में खड़े वाहन चालकों को घंटों इंतजार के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ा। पंप मैनेजरों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग और ज्यादा खपत के कारण दोपहर बाद ही डीजल खत्म हो गया। इस संकट का असर आम लोगों की दिनचर्या और कामकाज पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। अब सवाल ये है कि आखिर कब तक सामान्य होगी सप्लाई और लोगों को इस परेशानी से राहत मिलेगी।
More news from Hazaribagh and nearby areas
- Post by खबर आप तक4
- बंगाल इलेक्शन अपडेट : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर से टीएमसी कार्यकर्ता भिड़े। दरअसल हुमायूं कबीर बूथों के दौरे पर थे.. इस दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोक कर विरोध जताया। हुमायूं कबीर के अनुसार सभी प्रत्याशियों को उनके क्षेत्र में दौरा करने का हक है, पर टीएमसी ने लोकल पुलिस के साथ मिल कर उनके अधिकारों का हनन किया, जिससे वे मौके पर धरना पर बैठ गए।1
- क्लास में आया ‘बंदर मामा’, बच्चों ने कहा – सर, आज तो स्पेशल क्लास है! 🐒📚 हज़ारीबाग़ के चौपारण के अमोली अपूर्वा उच्च विद्यालय, मानगढ़ में बुधवार का दिन पढ़ाई से ज्यादा मस्ती और यादों के नाम रहा। हुआ यूं कि जैसे ही क्लास में पढ़ाई चल रही थी, अचानक एक “स्पेशल गेस्ट” खिड़की से एंट्री मार गया—बंदर मामा! 😄 पहले तो बच्चों में हल्की घबराहट फैल गई—किसी ने किताब पकड़ ली, तो कोई कुर्सी से चिपक गया। लेकिन जैसे ही बंदर ने शांत अंदाज में इधर-उधर झांकना शुरू किया, माहौल डर से बदलकर मज़े में बदल गया। बच्चे भी चुपचाप बैठकर उसे ऐसे देखने लगे जैसे कोई नया स्टूडेंट एडमिशन लेकर आया हो। शिक्षक ने भी समझदारी दिखाते हुए कहा—“शांत रहो, आज मेहमान आया है!” बस फिर क्या था, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। बंदर मामा भी पूरे आराम से क्लास का “निरीक्षण” करते रहे, जैसे कह रहे हों—“मुझे भी पढ़ना है भाई!” 🐵1
- तेज रफ्तार हाईवा ने ली महिला की जान, मुआवजे की मांग पर घंटों सड़क जाम1
- हज़ारीबाग झंडा चौक के समीप प्रदीप मालाकार के पास लगी आग।1
- जो बनना चाहते हो वही *सोचो....* जो *सोचोगे* वही *बन* जाओगे...... *मस्त* रहो विवेकी वही है जो *संतुष्ट* है...... हर स्थिति में *मन को प्रसन्न* रखता है.... और मन को *प्रसन्न* वही रख सकता है..... जो *भगवान पर भरोसा* रखता है... 💯💯1
- पोखरिया में भगवती प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ को लेकर भव्य नगर भ्रमण1
- *बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, स्थानीय लोगों में दहशत* हजारीबाग शहर के मालवीय मार्ग स्थित प्रदीप मालाकार के घर के सामने बिजली के खंभे में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते खंभे से चिंगारियां निकलने लगीं और आग भड़क उठी, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खबर लिखे जाने तक बिजली के खंभे में आग लगी हुई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली के तार व्यवस्थित नहीं होने और तारों के उलझे रहने के कारण यह घटना हुई है। लोगों का कहना है कि कई बार इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन अब तक सुधार नहीं किया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को फोन कर मामले की जानकारी दी और जल्द कार्रवाई की मांग की। इलाके के लोगों ने कहा कि यदि समय रहते बिजली विभाग ने तारों की स्थिति नहीं सुधारी, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल लोग विभागीय टीम के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।1
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के छड़वा डैम जलापूर्ति केंद्र की बदहाल व्यवस्था को लेकर हाल ही में स्थानीय अखबारों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। तीन दिन पूर्व महापौर अरविंद कुमार राणा स्वयं छड़वा डैम स्थित पानी सप्लाई केंद्र पहुंचे थे और वहां की स्थिति का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाई गई गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे। महापौर अरविन्द कुमार राणा के निर्देशों का असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। जलापूर्ति केंद्र पर व्यापक स्तर पर साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। परिसर में जमे कचरे को हटाया जा रहा है, टंकियों की सफाई की जा रही है और जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र के सुपरवाइजर ने बताया कि अब नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पानी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। हजारीबाग शहरवासियों के लिए यह एक राहत भरी खबर है, क्योंकि छड़वा डैम से ही शहर के कई इलाकों में पेयजल की आपूर्ति होती है। लंबे समय से लोग जल की गुणवत्ता को लेकर चिंतित थे और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे। अब महापौर की पहल के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि उन्हें शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मिल सकेगा। स्थानीय नागरिकों ने महापौर अरविंद कुमार राणा के इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने चुनाव के दौरान जो वादा किया था—जनता के प्रति समर्पित रहकर काम करने का—उसे वे अब जमीन पर उतारते नजर आ रहे हैं। आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि प्रशासन अब उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। महापौर अरविन्द कुमार राणा के निरीक्षण के बाद नगर निगम के सभी कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलापूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और कहीं भी लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, स्वच्छता और जल गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए एक स्थायी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के छड़वा डैम जलापूर्ति केंद्र में शुरू हुई यह पहल न केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भविष्य में बेहतर और सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की ओर भी एक सकारात्मक संकेत है। शहरवासियों को अब उम्मीद है कि प्रशासन इसी तरह सक्रिय रहकर उनकी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करता रहेगा।1