अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, इटखोरी के भद्रकाली महाविद्यालय में एनएसएस इकाई एक एवं दो के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर दुलार ठाकुर ने की, जिसमें झारखंड के विख्यात योगगुरु संन्यासी शंकर चंद्रवंशी ने मुख्य भूमिका निभाते हुए छात्र-छात्राओं, महाविद्यालय के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों को विभिन्न योगासन सिखाए। उन्होंने सूर्य नमस्कार, हलाससन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, मयूरासन, शवासन और मत्स्यासन सहित कई अन्य आसनों का अभ्यास कराया, साथ ही अनुलोम विलोम, कपालभाति और भ्रस्तिका जैसे प्राणायाम भी करवाए। योगगुरु ने इन आसनों और प्राणायामों से होने वाले विस्तृत फायदों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह, निरंजन सिंह, रामाधार राम, शिव कुमार राणा, बजरंग दल के युवा नेता गणेश सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बालगोविंद राम और समाजसेवी देव कुमार सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉक्टर दुलार ठाकुर ने भारत द्वारा योग को पूरी दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया और बताया कि योग शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य तथा क्रियाशीलता के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है। मंडल अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने योग को सनातन ऋषि परंपरा और भारत में स्वस्थ रहने की सदियों पुरानी कुंजी बताया, जिसका यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वैश्विक स्वरूप प्रदान किया है। वहीं, देव कुमार सिंह ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रो. सकेंद्र मिस्त्री, प्रो. महेंद्र ठाकुर, प्रो. ललित मोहन चौधरी, प्रो. अखिलेश पांडेय, एनएसएस इकाई एक के कार्यक्रम प्रभारी प्रो. संदीप कुमार, योग प्रशिक्षक गिरेंद्र पांडेय, शुभम सौरभ, मंजू रानी, सिंकी सिंह, सुरेश साव और इंद्रजीत सिंह सहित कई छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति दर्ज की गई।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, इटखोरी के भद्रकाली महाविद्यालय में एनएसएस इकाई एक एवं दो के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर दुलार ठाकुर ने की, जिसमें झारखंड के विख्यात योगगुरु संन्यासी शंकर चंद्रवंशी ने मुख्य भूमिका निभाते हुए छात्र-छात्राओं, महाविद्यालय के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों को विभिन्न योगासन सिखाए। उन्होंने सूर्य नमस्कार, हलाससन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, मयूरासन, शवासन और मत्स्यासन सहित कई अन्य आसनों का अभ्यास कराया, साथ ही अनुलोम विलोम, कपालभाति और भ्रस्तिका जैसे प्राणायाम भी करवाए। योगगुरु ने इन आसनों और प्राणायामों से होने वाले विस्तृत फायदों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह, निरंजन सिंह, रामाधार राम, शिव कुमार राणा, बजरंग दल के युवा नेता गणेश सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बालगोविंद राम और समाजसेवी देव कुमार सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉक्टर दुलार ठाकुर ने भारत द्वारा योग को पूरी दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया और बताया कि योग शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य तथा क्रियाशीलता के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है। मंडल अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने योग को सनातन ऋषि परंपरा और भारत में स्वस्थ रहने की सदियों पुरानी कुंजी बताया, जिसका यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वैश्विक स्वरूप प्रदान किया है। वहीं, देव कुमार सिंह ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रो. सकेंद्र मिस्त्री, प्रो. महेंद्र ठाकुर, प्रो. ललित मोहन चौधरी, प्रो. अखिलेश पांडेय, एनएसएस इकाई एक के कार्यक्रम प्रभारी प्रो. संदीप कुमार, योग प्रशिक्षक गिरेंद्र पांडेय, शुभम सौरभ, मंजू रानी, सिंकी सिंह, सुरेश साव और इंद्रजीत सिंह सहित कई छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति दर्ज की गई।
- दिए गए पोस्ट में कई बार 'जय हनुमान' का उद्घोष किया गया है।1
- हजारीबाग पुलिस ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर माइकिंग के माध्यम से लोगों को ठगी के प्रति जागरूक किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे ठग सक्रिय हैं जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके कीमती गहने लेकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें और न ही झाड़-फूंक या चमत्कार के झांसे में आएं। यदि कोई अनजान व्यक्ति सोने-चांदी के गहने चमकाने, साफ करने या झाड़-फूंक के नाम पर मांगता है, तो उस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये ठग पहले लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उनकी मेहनत की कमाई लेकर गायब हो जाते हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत सूचना देने और अपने परिवार तथा बुजुर्गों को भी इस बारे में जागरूक करने का आग्रह किया है। हजारीबाग पुलिस ने आगाह किया है कि एक छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न बने।1
- हजारीबाग के आनंदा चौक पर एक बार फिर अवैध लॉटरी का खेल बेधड़क जारी है, जिसने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम टिकटों की बिक्री हो रही है, लेकिन टिकट विक्रेता लगातार उनकी नजरों से बच निकलने में कामयाब हो रहे हैं। इस स्थिति ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा दिए हैं कि आखिर यह अवैध कारोबार उनकी नजरों से कैसे बचा हुआ है।1
- झारखंड के हजारीबाग में स्थित झील की बदहाली को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय जनता की ओर से यह प्रश्न किया जा रहा है कि आखिर इस झील की तकदीर कब बदलेगी और इसकी दयनीय स्थिति में कब सुधार आएगा।1
- गया जिले में, 'जय श्री राम जय श्री राम' और 'जय श्री हनुमान जय हनुमान' के जयकारे लगाए गए।1
- हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी। विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4