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4 hrs ago
user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
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    Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उमरिया में रीवा कमिश्नर हाय हाय के नारे दलित महासभा जोरदार किया प्रदर्शन लोकेशन मध्य प्रदेश उमरिया में 8 हजार पट्टों का मुद्दा गरमाया, दलित महासभा और आदिवासी महिला सभा ने निकाली रैली पीढ़ियों से रह रहे लोगों को हटाने की कोशिश का आरोप, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी मध्य प्रदेश ,उमरिया। जिले में जल, जंगल और जमीन के अधिकार तथा भूमि के पट्टे की मांग को लेकर मंगलवार, 27 अक्टूबर को दलित महासभा एवं आदिवासी महिला सभा के नेतृत्व में रैली निकाली गई। रैली में शामिल लोगों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए लंबे समय से भूमि पर निवास कर रहे परिवारों को उनके अधिकार दिलाने की मांग उठाई। रैली के बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया। 8 हजार पट्टे दबाने का आरोप रैली में शामिल आदिवासी समुदाय के लोगों का आरोप है कि शासन के पास उनके लगभग 8 हजार पट्टे लंबित हैं, जिन्हें अब तक उन्हें प्रदान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि वे कई पीढ़ियों से संबंधित भूमि पर निवास करते आ रहे हैं, इसके बावजूद अब प्रशासन द्वारा उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों पर जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए मांग की कि पीढ़ियों से निवास कर रहे परिवारों के अधिकारों की रक्षा की जाए और उन्हें नियमानुसार भूमि के पट्टे प्रदान किए जाएं। 25 साल से अधिक समय से रह रहे लोगों को मिले पट्टा दलित महासभा एवं आदिवासी महिला सभा ने मांग की कि जो लोग 25 साल या उससे अधिक समय से संबंधित भूमि पर रह रहे हैं, उनकी पात्रता की जांच कर नियमानुसार पट्टे दिए जाएं। साथ ही जल, जंगल और जमीन पर उनके अधिकारों को सुरक्षित किया जाए तथा किसी भी परिवार को जबरन बेदखल करने की कार्रवाई न की जाए। मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी रैली के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि 8 हजार पट्टों से जुड़े मामले की जांच कर पात्र लोगों को उनके अधिकार दिलाए जाएं। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों और मांगों पर क्या कदम उठाता है। रिपोर्ट- बाल्मीकि यादव, जिला ब्यूरो चीफ उमरिया से
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    उमरिया में रीवा कमिश्नर हाय हाय के नारे दलित महासभा जोरदार किया प्रदर्शन
लोकेशन मध्य प्रदेश 
उमरिया में 8 हजार पट्टों का मुद्दा गरमाया, दलित महासभा और आदिवासी महिला सभा ने निकाली रैली
पीढ़ियों से रह रहे लोगों को हटाने की कोशिश का आरोप, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश
,उमरिया। जिले में जल, जंगल और जमीन के अधिकार तथा भूमि के पट्टे की मांग को लेकर मंगलवार, 27 अक्टूबर को दलित महासभा एवं आदिवासी महिला सभा के नेतृत्व में रैली निकाली गई। रैली में शामिल लोगों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए लंबे समय से भूमि पर निवास कर रहे परिवारों को उनके अधिकार दिलाने की मांग उठाई। रैली के बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया।
8 हजार पट्टे दबाने का आरोप
रैली में शामिल आदिवासी समुदाय के लोगों का आरोप है कि शासन के पास उनके लगभग 8 हजार पट्टे लंबित हैं, जिन्हें अब तक उन्हें प्रदान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि वे कई पीढ़ियों से संबंधित भूमि पर निवास करते आ रहे हैं, इसके बावजूद अब प्रशासन द्वारा उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों पर जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए मांग की कि पीढ़ियों से निवास कर रहे परिवारों के अधिकारों की रक्षा की जाए और उन्हें नियमानुसार भूमि के पट्टे प्रदान किए जाएं।
25 साल से अधिक समय से रह रहे लोगों को मिले पट्टा
दलित महासभा एवं आदिवासी महिला सभा ने मांग की कि जो लोग 25 साल या उससे अधिक समय से संबंधित भूमि पर रह रहे हैं, उनकी पात्रता की जांच कर नियमानुसार पट्टे दिए जाएं। साथ ही जल, जंगल और जमीन पर उनके अधिकारों को सुरक्षित किया जाए तथा किसी भी परिवार को जबरन बेदखल करने की कार्रवाई न की जाए।
मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
रैली के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि 8 हजार पट्टों से जुड़े मामले की जांच कर पात्र लोगों को उनके अधिकार दिलाए जाएं।
फिलहाल, प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों और मांगों पर क्या कदम उठाता है।
रिपोर्ट- बाल्मीकि यादव, जिला ब्यूरो चीफ उमरिया से
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • चलती बस में बीएससी नर्सिंग के छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप जैतहरी थाना में भट्ट बस के मालिक संजय भट्ट पर मामला दर्ज अनूपपूर/वेंकटनगर - पीड़िता के आवेदन के अनुसार पिछले कुछ महीनों से छेड़छाड़ करता था संजय भट्ट कल फिर अश्लील हरकत की अनूपपुर से वेंकटनगर जाते समय अरोप है कि बस में कंडक्टर जो बस का मालिक भी है जो युवती के साथ अश्लील हरकत की और विरोध करने पर हाथ पकड़कर खींचा। पीड़िता ने अपनी मां को फोन पर घटना की जानकारी दी, फिर पिता के साथ आज जैतहरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(va) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं इस घटना के बाद अनूपपुर में महिला सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा जो गया है हालांकि पुलिस जांच के बाद मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी
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    चलती बस में बीएससी नर्सिंग के छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप
जैतहरी थाना  में भट्ट बस के मालिक संजय भट्ट पर मामला दर्ज
अनूपपूर/वेंकटनगर - 
पीड़िता के आवेदन के अनुसार पिछले कुछ महीनों से छेड़छाड़ करता था संजय भट्ट कल फिर अश्लील हरकत की अनूपपुर से वेंकटनगर जाते समय 
अरोप है कि बस में कंडक्टर जो बस का मालिक भी है जो युवती के साथ अश्लील हरकत की और विरोध करने पर हाथ पकड़कर खींचा।
पीड़िता ने अपनी मां को फोन पर घटना की जानकारी दी, फिर पिता के साथ आज जैतहरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(va) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
वहीं इस घटना के बाद अनूपपुर में महिला सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा जो गया है  हालांकि पुलिस जांच के बाद  मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उमरिया जिले में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 से ग्राम पंचायत उमरिया में ग्रामीणों द्वारा अपनी विभिन्न सामूहिक मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस धरने में प्रमुख रूप से उमरिया-बकेली से चहली पहुंच मार्ग के निर्माण एवं हलफल नदी पर पुल निर्माण की मांग उठाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सड़क और पुल का निर्माण बेहद आवश्यक है। उमरिया-बकेली से चहली पहुंच मार्ग तथा हलफल नदी पर पुल निर्माण होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। इन्हीं महत्वपूर्ण मांगों को लेकर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया है।
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    उमरिया जिले में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 से ग्राम पंचायत उमरिया में ग्रामीणों द्वारा अपनी विभिन्न सामूहिक मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस धरने में प्रमुख रूप से उमरिया-बकेली से चहली पहुंच मार्ग के निर्माण एवं हलफल नदी पर पुल निर्माण की मांग उठाई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सड़क और पुल का निर्माण बेहद आवश्यक है। उमरिया-बकेली से चहली पहुंच मार्ग तथा हलफल नदी पर पुल निर्माण होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
इन्हीं महत्वपूर्ण मांगों को लेकर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया है।
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    Bandhogarh, Umaria•
    9 hrs ago
  • साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने सुनी 70 आवेदकों की समस्याएं l मुकेश कुमार दुबे मास्टर ऑफ जर्नलिस्ट संवाददाता जिला उमरिया मध्य प्रदेश l उमरिया मध्य प्रदेश-साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने 70 आवेदकों की समस्याओं को सुना तथा आवेदनों के निराकरण के लिए आवेदन संबंधित विभाग की ओर प्रेषित कर विभागीय अधिकारियों को समुचित कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में आशाराम पाल, संपत, बसंत, जुगराज, राजेश, ओंकार, धनराज, गुलजार पटपरिहा ने खराब ट्रांसफार्मर बदलवाने, राम भजन महरा मजमानी कला ने पुत्र रमेश का विकलांगता प्रमाण पत्र बदलवाने, जवाहर प्रसाद शर्मा धमोखर ने 6 माह से वृध्दावस्था पेंशन दिलाने, दैनिक स्थाई श्रमिक नगर परिषद चंदिया ने लंबित मासिक वेतन भुगतान एवं ईपीएफ की बकाया राशि श्रमिक के खातो में जमा कराने, पान बाई चंदिया ने पति की मृत्यु उपरांत संबल योजना का लाभ दिलाने तथा गंगा प्रसाद रोहनिया ने आंगनबाडी केंद्र में किए गए कार्य का भुगतान कराने संबंधी आवदेन दिया। संबंधित आवेदनों को विभागीय अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज एवं प्रिया अग्रवाल ने जनसुनवाई में आवेदकों की समस्याएं सुनी।
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    साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने सुनी 70 आवेदकों की समस्याएं l
मुकेश कुमार दुबे मास्टर ऑफ जर्नलिस्ट संवाददाता जिला उमरिया मध्य प्रदेश l 
उमरिया मध्य प्रदेश-साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने 70 आवेदकों की समस्याओं को सुना तथा आवेदनों के निराकरण के लिए आवेदन संबंधित विभाग की ओर प्रेषित कर विभागीय अधिकारियों को समुचित कार्यवाही  के निर्देश दिए। 
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में आशाराम पाल, संपत, बसंत, जुगराज, राजेश, ओंकार, धनराज, गुलजार पटपरिहा ने खराब ट्रांसफार्मर बदलवाने,  राम भजन महरा मजमानी कला ने पुत्र रमेश का विकलांगता प्रमाण पत्र बदलवाने, जवाहर प्रसाद शर्मा धमोखर ने 6 माह से वृध्दावस्था पेंशन दिलाने, दैनिक स्थाई श्रमिक नगर परिषद चंदिया ने लंबित मासिक वेतन भुगतान एवं ईपीएफ की बकाया राशि श्रमिक के खातो में जमा कराने, पान बाई चंदिया ने पति की मृत्यु उपरांत संबल योजना का लाभ दिलाने तथा गंगा प्रसाद रोहनिया ने आंगनबाडी केंद्र में किए गए कार्य का भुगतान कराने संबंधी आवदेन दिया। संबंधित आवेदनों को विभागीय  अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज एवं प्रिया अग्रवाल ने जनसुनवाई में आवेदकों की समस्याएं सुनी।
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *डिंडौरी में ‘जननायक’ सांस्कृतिक आयोजन में राजा हीराखान सिंह छत्री के शौर्य की गाथा नृत्य-नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत * *गोंड सभ्यता के महानायकों के जीवन, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर किया जा रहा जीवंत* *डिंडौरी 27 अक्टूबर 2026* मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा गोंड सभ्यता के महानायकों के शौर्य, पराक्रम, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला ‘जननायक’ का आयोजन 25 से 27 अक्टूबर 2026 तक डिंडौरी में किया जा रहा है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में गोंड सभ्यता के गौरवशाली इतिहास और महानायकों के जीवन प्रसंगों को नृत्य-नाट्य के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन के तीसरे और अंतिम दिवस दिन 27 अक्टूबर 2026 को राजा हीराखान सिंह छत्री के जीवन, शौर्य और संघर्ष पर आधारित नृत्य-नाट्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। नृत्य-नाट्य का निर्देशन एवं पुनर्संयोजन श्री सतीश व्याम द्वारा किया गया, जबकि संगीत निर्देशन श्री कुलदीप सार्वा ने किया। कलाकारों ने अपने अभिनय, नृत्य और संगीत के माध्यम से गोंड समाज के इतिहास, वीरता, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान राजा हीराखान सिंह छत्री के जीवन से जुड़े प्रसंगों, उनके संघर्ष, साहस और समाज के प्रति योगदान को मंच पर सजीव रूप में दर्शाया गया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को गोंड सभ्यता के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया और कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित दर्शकों ने प्रस्तुतियों की सराहना की। तीन दिवसीय ‘जननायक’ सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से गोंड समाज की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक कलाओं, लोकगाथाओं और ऐतिहासिक महानायकों की वीरगाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, इतिहास और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना तथा लुप्त होती लोककलाओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश श्री डी. एस. मण्डलोई, जिला न्यायाधीश श्री शिवकुमार कौशल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री पवन पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री गिरिजेश सनोडिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आर. पी. सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अतुल हरदहा, शहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे, कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, नगर परिषद् अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, उपाध्यक्ष श्रीमती सारिका नायक, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरा रुद्रेश परस्ते सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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    *डिंडौरी में ‘जननायक’ सांस्कृतिक आयोजन में राजा हीराखान सिंह छत्री के शौर्य की गाथा नृत्य-नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत
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*गोंड सभ्यता के महानायकों के जीवन, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर किया जा रहा जीवंत*
*डिंडौरी 27 अक्टूबर 2026*
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा गोंड सभ्यता के महानायकों के शौर्य, पराक्रम, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला ‘जननायक’ का आयोजन 25 से 27 अक्टूबर 2026 तक डिंडौरी में किया जा रहा है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में गोंड सभ्यता के गौरवशाली इतिहास और महानायकों के जीवन प्रसंगों को नृत्य-नाट्य के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
आयोजन के तीसरे और अंतिम दिवस दिन 27 अक्टूबर 2026 को राजा हीराखान सिंह छत्री के जीवन, शौर्य और संघर्ष पर आधारित नृत्य-नाट्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। नृत्य-नाट्य का निर्देशन एवं पुनर्संयोजन श्री सतीश व्याम द्वारा किया गया, जबकि संगीत निर्देशन श्री कुलदीप सार्वा ने किया। कलाकारों ने अपने अभिनय, नृत्य और संगीत के माध्यम से गोंड समाज के इतिहास, वीरता, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रस्तुति के दौरान राजा हीराखान सिंह छत्री के जीवन से जुड़े प्रसंगों, उनके संघर्ष, साहस और समाज के प्रति योगदान को मंच पर सजीव रूप में दर्शाया गया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को गोंड सभ्यता के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया और कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित दर्शकों ने प्रस्तुतियों की सराहना की।
तीन दिवसीय ‘जननायक’ सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से गोंड समाज की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक कलाओं, लोकगाथाओं और ऐतिहासिक महानायकों की वीरगाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, इतिहास और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना तथा लुप्त होती लोककलाओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश श्री डी. एस. मण्डलोई,  जिला न्यायाधीश श्री शिवकुमार कौशल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री पवन पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री गिरिजेश सनोडिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आर. पी. सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अतुल हरदहा, शहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे,  कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, नगर परिषद् अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, उपाध्यक्ष श्रीमती सारिका नायक, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरा रुद्रेश परस्ते सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
    user_डिण्डौरी न्यूज़ अपडेट्स
    डिण्डौरी न्यूज़ अपडेट्स
    Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • डिंडौरी में किसानों की समस्याओं पर बड़ा मंथन, 43 सूत्रीय मांगों से विभागों का ध्यान खींचा धान की फसल के नुकसान का सर्वे, उपार्जन सीमा बढ़ाने, बिजली-पानी की समस्या दूर करने और नहरों की मरम्मत सहित विभिन्न मुद्दों पर कलेक्टर के समक्ष रखे प्रस्ताव डिंडौरी, 27 अक्टूबर 2026। भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत, जिला डिंडौरी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कलेक्टर डिंडौरी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों की समस्याओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, विद्युत, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सहकारिता, मत्स्य, कृषि उपज मंडी, वन और नापतौल विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित मांगें रखी गईं। भारतीय किसान संघ ने रबी सीजन के लिए समय पर बीज वितरण, धान की फसल में बीमारी और कम बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने, फसल बीमा राशि का भुगतान कराने, धान एवं गेहूं के उपार्जन की सीमा बढ़ाने, सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने और किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषय उठाए। संघ ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर ठोस पहल और प्रभावी निगरानी जरूरी है। कृषि विभाग से संबंधित प्रमुख मांगें भारतीय किसान संघ ने मांग की कि किसानों को रबी फसलों के बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएं। विकासखंड स्तरीय कार्यालयों में बीज एवं अन्य सामग्री की दर सूची, योजनाओं के नाम तथा योजनाओं से लाभान्वित होने वाले संभावित किसानों की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए। पूर्व बैठकों में उठाए गए इन मुद्दों पर भी कार्रवाई की मांग की गई। संघ ने बताया कि जिले में कम बारिश और फसल में बीमारियों के कारण धान की फसल को नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराकर नियमानुसार क्षतिपूर्ति तथा फसल बीमा कराने वाले किसानों को बीमा राशि दिलाने की मांग की गई। धान की फसल में फुदका कीट के प्रकोप को लेकर कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। संघ का कहना है कि समय पर कीट नियंत्रण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और उपचार उपलब्ध नहीं होने तथा कीटनाशक दुकानों की निगरानी में कमी के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। संघ ने कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों का नियमित निरीक्षण करने और किसानों को उचित दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ ही धान का उपार्जन प्रति हेक्टेयर 22 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल तथा गेहूं का उपार्जन 18 क्विंटल से बढ़ाकर 35 क्विंटल करने की मांग दोहराई गई। संघ ने कहा कि यह मांग पिछले तीन वर्षों से उठाई जा रही है। फसल कटाई प्रयोग की सूचना भारतीय किसान संघ को देने, बीज वितरण की अनुदान राशि किसानों के खातों में तत्काल जमा कराने तथा संबंधित सूची सार्वजनिक करने की मांग भी रखी गई। इसके अतिरिक्त जिला, राज्य और अंतरराज्यीय कृषक भ्रमण कार्यक्रमों की जानकारी 15 दिन पहले सार्वजनिक करने और विकासखंड एवं जिला स्तरीय किसान कल्याण सलाहकार समितियों में संघ के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की गई। कृषि अनुसंधान केंद्र की गतिविधियों में पारदर्शिता की मांग कृषि अनुसंधान केंद्र में किन-किन फसलों एवं बीजों पर अनुसंधान किया जा रहा है, किन गांवों को गोद लिया गया है और वहां किन बीजों का प्रयोग किया जा रहा है, इसकी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई। अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए किसानों का चयन किस प्रक्रिया के तहत किया जाता है, इसे भी स्पष्ट करने की बात कही गई। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लक्ष्य बढ़ाने पर जोर उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत स्थायी ढांचा, फेंसिंग तार, पावर टिलर और अन्य योजनाओं का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की गई। संघ ने इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने तथा कृषक भ्रमण कार्यक्रमों की जानकारी 15 दिन पूर्व सार्वजनिक करने की आवश्यकता बताई। पशुओं के उपचार, टीकाकरण और बीमा की मांग पशु चिकित्सा विभाग में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पशुओं का समय पर उपचार कराने की मांग उठाई गई। जिले में पशु टीकाकरण समय पर कराने तथा सभी पशु चिकित्सा केंद्रों और चलित पशु चिकित्सा वाहनों में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही गई। संघ ने जिला कार्यालय में संलग्न फील्ड अधिकारियों को वापस मैदानी कार्य में भेजने, विभागीय योजनाओं का दीवार लेखन के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने और पशुओं का बीमा कराने की मांग भी रखी, ताकि पशुपालकों को योजनाओं का लाभ मिल सके। बिजली समस्या दूर करने और शहपुरा सब स्टेशन शीघ्र शुरू करने की मांग विद्युत विभाग से संबंधित मुद्दों में कम वोल्टेज की समस्या प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने मांग की कि संबंधित योजना के तहत सर्वे कराकर कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को आवश्यकता के अनुसार अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों से बदला जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत लाइनों को भी दुरुस्त किया जाए। शहपुरा में प्रस्तावित 132 केवी सब स्टेशन के शुरू होने की समय-सीमा स्पष्ट करने की मांग की गई। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार किसानों को पांच रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा स्टाम्प शुल्क हटाने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने अस्थायी पंप कनेक्शनों में विद्युत पोल से जलस्रोत तक अधिक दूरी होने पर सर्वे कराकर लाइन पहुंचाने तथा नदी, नाले और नहरों के किनारे उपलब्ध पोलों के आधार पर स्थायी कनेक्शन देने की मांग की। शहपुरा और मेंहदवानी क्षेत्र में बार-बार बिजली बंद होने की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा विद्युत फॉल्ट को समय पर ठीक कर पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कर खेतों तक पहुंचाया जाए पानी जल संसाधन विभाग के समक्ष जिले में निर्मित 97 बांधों से 291 गांवों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने की योजना का मुद्दा रखा गया। संघ के अनुसार, कई स्थानों पर नहरें क्षतिग्रस्त होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसी नहरों की मरम्मत कर सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई। मोहदा जलाशय की नहर का मरम्मत कार्य कराने तथा किवटी तक नहर का विस्तार करने की मांग भी रखी गई, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। जल जीवन मिशन की गुणवत्ता पर सवाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन की नल-जल योजनाओं के गुणवत्ताहीन कार्यों का मुद्दा उठाया गया। संघ ने बताया कि पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने के तीन-चार महीने बाद ही कई योजनाएं बंद हो जाती हैं। इसके उदाहरण के तौर पर जनपद पंचायत अमरपुर के सामर मोहगांव, जनपद पंचायत समनापुर के मोहदा, किवटी और पड़रिया तथा जनपद पंचायत शहपुरा के ढोंढ़ा और चंदवाही सहित अन्य गांवों का उल्लेख किया गया। संघ ने नल-जल योजनाओं में विद्युत कार्य और ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की। बताया गया कि कुछ स्थानों पर दो-तीन महीने में ही ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। विभागीय निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया। धान खरीदी में परिवहन और तौल व्यवस्था सुधारने की मांग जिला आपूर्ति विभाग से धान खरीदी केंद्रों पर वारदाना और परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो। धान खरीदी के दौरान धर्मकांटों की जांच कराने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने कहा कि अलग-अलग धर्मकांटों पर तौल में अंतर की शिकायतों को देखते हुए सभी धर्मकांटों और खरीदी केंद्रों में उपलब्ध तौल उपकरणों की जांच की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त गोदाम स्तरीय खरीदी के दौरान गोदाम प्रभारियों द्वारा दोबारा तौल कराने की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की गई, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके। सहकारी बैंक और समितियों में पारदर्शिता की मांग सहकारी बैंक से संबंधित मुद्दे पर संघ ने कहा कि ऋण की राशि जमा करने के लिए किसानों को लैम्प्स भेजे जाने से असुविधा होती है। किसानों की सुविधा के अनुसार बैंक में ही ऋण जमा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। पड़रिया कला लैम्प्स में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर निर्धारित राशि से अधिक पैसा लेने और रसीद नहीं देने की शिकायत की जांच कर व्यवस्था सुधारने की मांग रखी गई। सहकारी समितियों की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में कितनी समितियों पर आपत्तियां आई हैं, इसकी सूची उपलब्ध कराने तथा बिना टोकन उर्वरक वितरण की शिकायतों की जांच करने की मांग भी की गई। संघ ने स्टॉक पंजी, टोकन और निर्धारित दर सूची का मिलान कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मंडी में रेट सूची लगाने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की मांग कृषि उपज मंडी विभाग के समक्ष लाइसेंसधारी गल्ला व्यापारियों द्वारा रेट सूची प्रदर्शित नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया गया। संघ ने सवाल किया कि निर्धारित दर सूची नहीं लगाने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। किसानों को उचित मूल्य और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही, सड़क किनारे और अन्य स्थानों पर खरीदी करने वाले लाइसेंसधारी व्यापारियों को कृषि उपज मंडी परिसर में अस्थायी स्थान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि खरीदी व्यवस्था व्यवस्थित हो सके। वन्यजीवों से फसल नुकसान पर मुआवजा और फेंसिंग अनुदान की मांग वन विभाग से जंगली जानवरों और आवारा पशुओं के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति देने की मांग की गई। किसानों के खेतों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग लगाने पर 80 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराने की मांग भी बैठक में रखी गई। मत्स्य योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया जाए मत्स्य विभाग से वर्तमान में संचालित योजनाओं और आगामी योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक करने तथा गांव-गांव तक प्रचार-प्रसार कराने की मांग की गई, ताकि पात्र हितग्राही योजनाओं का लाभ ले सकें। डिंडौरी में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग भारतीय किसान संघ ने कृषि विज्ञान केंद्र, डिंडौरी में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग रखी। संघ का कहना है कि जिले में कृषि क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर कृषि महाविद्यालय खुलने से विद्यार्थियों को जिले में ही अध्ययन की सुविधा मिल सकेगी और कृषि शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। किसानों के हित में मांगों पर ठोस कार्रवाई की अपेक्षा बैठक में भारतीय किसान संघ ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने, पूर्व बैठकों में रखे गए मुद्दों पर हुई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। संघ की प्रमुख मांगों में समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध कराना, फसल नुकसान का उचित आकलन, सिंचाई एवं विद्युत सुविधाओं में सुधार, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, खरीदी केंद्रों पर पारदर्शी व्यवस्था और सहकारी संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल रहा। अब किसानों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभाग किस तरह कार्रवाई करते हैं और समस्याओं का समाधान कितनी समय-सीमा में किया जाता है। इस कार्यक्रम मे जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला जैविक प्रमुख तरुण परस्ते, जिला विपणन प्रमुख खिलपत गौतम, डिण्डौरी तहसील अध्यक्ष खमोद चंदेल, रमेश चौहान, द्वारका ठाकुर,तुलसीराम राजपूत, गणेश गौतम, बजाग तहसील अध्यक्ष आशाराम यादव, शहपुरा प्रचार प्रमुख कृष्ण कुमार साहू, सदस्य मटरू दादा, संतोष झारिया,प्रेम सिंह धुर्वे, अमृत सिंह परस्ते, दुर्गेश कुमार झारिया, महिला संयोजिका अमरपुर सुशीला धुर्वे, तारा भवेदी, सुनीता धुर्वे आदि रहे उपस्थित। दिनॉक :- 27 अक्टूबर 2026
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    डिंडौरी में किसानों की समस्याओं पर बड़ा मंथन, 43 सूत्रीय मांगों से विभागों का ध्यान खींचा
धान की फसल के नुकसान का सर्वे, उपार्जन सीमा बढ़ाने, बिजली-पानी की समस्या दूर करने और नहरों की मरम्मत सहित विभिन्न मुद्दों पर कलेक्टर के समक्ष रखे प्रस्ताव
डिंडौरी, 27 अक्टूबर 2026।
भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत, जिला डिंडौरी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कलेक्टर डिंडौरी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों की समस्याओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, विद्युत, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सहकारिता, मत्स्य, कृषि उपज मंडी, वन और नापतौल विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित मांगें रखी गईं।
भारतीय किसान संघ ने रबी सीजन के लिए समय पर बीज वितरण, धान की फसल में बीमारी और कम बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने, फसल बीमा राशि का भुगतान कराने, धान एवं गेहूं के उपार्जन की सीमा बढ़ाने, सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने और किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषय उठाए। संघ ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर ठोस पहल और प्रभावी निगरानी जरूरी है।
कृषि विभाग से संबंधित प्रमुख मांगें
भारतीय किसान संघ ने मांग की कि किसानों को रबी फसलों के बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएं। विकासखंड स्तरीय कार्यालयों में बीज एवं अन्य सामग्री की दर सूची, योजनाओं के नाम तथा योजनाओं से लाभान्वित होने वाले संभावित किसानों की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए। पूर्व बैठकों में उठाए गए इन मुद्दों पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
संघ ने बताया कि जिले में कम बारिश और फसल में बीमारियों के कारण धान की फसल को नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराकर नियमानुसार क्षतिपूर्ति तथा फसल बीमा कराने वाले किसानों को बीमा राशि दिलाने की मांग की गई।
धान की फसल में फुदका कीट के प्रकोप को लेकर कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। संघ का कहना है कि समय पर कीट नियंत्रण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और उपचार उपलब्ध नहीं होने तथा कीटनाशक दुकानों की निगरानी में कमी के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। संघ ने कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों का नियमित निरीक्षण करने और किसानों को उचित दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके साथ ही धान का उपार्जन प्रति हेक्टेयर 22 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल तथा गेहूं का उपार्जन 18 क्विंटल से बढ़ाकर 35 क्विंटल करने की मांग दोहराई गई। संघ ने कहा कि यह मांग पिछले तीन वर्षों से उठाई जा रही है।
फसल कटाई प्रयोग की सूचना भारतीय किसान संघ को देने, बीज वितरण की अनुदान राशि किसानों के खातों में तत्काल जमा कराने तथा संबंधित सूची सार्वजनिक करने की मांग भी रखी गई। इसके अतिरिक्त जिला, राज्य और अंतरराज्यीय कृषक भ्रमण कार्यक्रमों की जानकारी 15 दिन पहले सार्वजनिक करने और विकासखंड एवं जिला स्तरीय किसान कल्याण सलाहकार समितियों में संघ के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की गई।
कृषि अनुसंधान केंद्र की गतिविधियों में पारदर्शिता की मांग
कृषि अनुसंधान केंद्र में किन-किन फसलों एवं बीजों पर अनुसंधान किया जा रहा है, किन गांवों को गोद लिया गया है और वहां किन बीजों का प्रयोग किया जा रहा है, इसकी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई। अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए किसानों का चयन किस प्रक्रिया के तहत किया जाता है, इसे भी स्पष्ट करने की बात कही गई।
उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लक्ष्य बढ़ाने पर जोर
उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत स्थायी ढांचा, फेंसिंग तार, पावर टिलर और अन्य योजनाओं का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की गई। संघ ने इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने तथा कृषक भ्रमण कार्यक्रमों की जानकारी 15 दिन पूर्व सार्वजनिक करने की आवश्यकता बताई।
पशुओं के उपचार, टीकाकरण और बीमा की मांग
पशु चिकित्सा विभाग में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पशुओं का समय पर उपचार कराने की मांग उठाई गई। जिले में पशु टीकाकरण समय पर कराने तथा सभी पशु चिकित्सा केंद्रों और चलित पशु चिकित्सा वाहनों में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही गई।
संघ ने जिला कार्यालय में संलग्न फील्ड अधिकारियों को वापस मैदानी कार्य में भेजने, विभागीय योजनाओं का दीवार लेखन के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने और पशुओं का बीमा कराने की मांग भी रखी, ताकि पशुपालकों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
बिजली समस्या दूर करने और शहपुरा सब स्टेशन शीघ्र शुरू करने की मांग
विद्युत विभाग से संबंधित मुद्दों में कम वोल्टेज की समस्या प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने मांग की कि संबंधित योजना के तहत सर्वे कराकर कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को आवश्यकता के अनुसार अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों से बदला जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत लाइनों को भी दुरुस्त किया जाए।
शहपुरा में प्रस्तावित 132 केवी सब स्टेशन के शुरू होने की समय-सीमा स्पष्ट करने की मांग की गई। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार किसानों को पांच रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा स्टाम्प शुल्क हटाने का मुद्दा भी उठाया गया।
संघ ने अस्थायी पंप कनेक्शनों में विद्युत पोल से जलस्रोत तक अधिक दूरी होने पर सर्वे कराकर लाइन पहुंचाने तथा नदी, नाले और नहरों के किनारे उपलब्ध पोलों के आधार पर स्थायी कनेक्शन देने की मांग की। शहपुरा और मेंहदवानी क्षेत्र में बार-बार बिजली बंद होने की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा विद्युत फॉल्ट को समय पर ठीक कर पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कर खेतों तक पहुंचाया जाए पानी
जल संसाधन विभाग के समक्ष जिले में निर्मित 97 बांधों से 291 गांवों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने की योजना का मुद्दा रखा गया। संघ के अनुसार, कई स्थानों पर नहरें क्षतिग्रस्त होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसी नहरों की मरम्मत कर सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई।
मोहदा जलाशय की नहर का मरम्मत कार्य कराने तथा किवटी तक नहर का विस्तार करने की मांग भी रखी गई, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।
जल जीवन मिशन की गुणवत्ता पर सवाल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन की नल-जल योजनाओं के गुणवत्ताहीन कार्यों का मुद्दा उठाया गया। संघ ने बताया कि पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने के तीन-चार महीने बाद ही कई योजनाएं बंद हो जाती हैं।
इसके उदाहरण के तौर पर जनपद पंचायत अमरपुर के सामर मोहगांव, जनपद पंचायत समनापुर के मोहदा, किवटी और पड़रिया तथा जनपद पंचायत शहपुरा के ढोंढ़ा और चंदवाही सहित अन्य गांवों का उल्लेख किया गया।
संघ ने नल-जल योजनाओं में विद्युत कार्य और ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की। बताया गया कि कुछ स्थानों पर दो-तीन महीने में ही ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। विभागीय निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
धान खरीदी में परिवहन और तौल व्यवस्था सुधारने की मांग
जिला आपूर्ति विभाग से धान खरीदी केंद्रों पर वारदाना और परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो।
धान खरीदी के दौरान धर्मकांटों की जांच कराने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने कहा कि अलग-अलग धर्मकांटों पर तौल में अंतर की शिकायतों को देखते हुए सभी धर्मकांटों और खरीदी केंद्रों में उपलब्ध तौल उपकरणों की जांच की जानी चाहिए।
इसके अतिरिक्त गोदाम स्तरीय खरीदी के दौरान गोदाम प्रभारियों द्वारा दोबारा तौल कराने की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की गई, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
सहकारी बैंक और समितियों में पारदर्शिता की मांग
सहकारी बैंक से संबंधित मुद्दे पर संघ ने कहा कि ऋण की राशि जमा करने के लिए किसानों को लैम्प्स भेजे जाने से असुविधा होती है। किसानों की सुविधा के अनुसार बैंक में ही ऋण जमा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।
पड़रिया कला लैम्प्स में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर निर्धारित राशि से अधिक पैसा लेने और रसीद नहीं देने की शिकायत की जांच कर व्यवस्था सुधारने की मांग रखी गई।
सहकारी समितियों की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में कितनी समितियों पर आपत्तियां आई हैं, इसकी सूची उपलब्ध कराने तथा बिना टोकन उर्वरक वितरण की शिकायतों की जांच करने की मांग भी की गई। संघ ने स्टॉक पंजी, टोकन और निर्धारित दर सूची का मिलान कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मंडी में रेट सूची लगाने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की मांग
कृषि उपज मंडी विभाग के समक्ष लाइसेंसधारी गल्ला व्यापारियों द्वारा रेट सूची प्रदर्शित नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया गया। संघ ने सवाल किया कि निर्धारित दर सूची नहीं लगाने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। किसानों को उचित मूल्य और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई।
साथ ही, सड़क किनारे और अन्य स्थानों पर खरीदी करने वाले लाइसेंसधारी व्यापारियों को कृषि उपज मंडी परिसर में अस्थायी स्थान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि खरीदी व्यवस्था व्यवस्थित हो सके।
वन्यजीवों से फसल नुकसान पर मुआवजा और फेंसिंग अनुदान की मांग
वन विभाग से जंगली जानवरों और आवारा पशुओं के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति देने की मांग की गई। किसानों के खेतों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग लगाने पर 80 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराने की मांग भी बैठक में रखी गई।
मत्स्य योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया जाए
मत्स्य विभाग से वर्तमान में संचालित योजनाओं और आगामी योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक करने तथा गांव-गांव तक प्रचार-प्रसार कराने की मांग की गई, ताकि पात्र हितग्राही योजनाओं का लाभ ले सकें।
डिंडौरी में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग
भारतीय किसान संघ ने कृषि विज्ञान केंद्र, डिंडौरी में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग रखी। संघ का कहना है कि जिले में कृषि क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर कृषि महाविद्यालय खुलने से विद्यार्थियों को जिले में ही अध्ययन की सुविधा मिल सकेगी और कृषि शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों के हित में मांगों पर ठोस कार्रवाई की अपेक्षा
बैठक में भारतीय किसान संघ ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने, पूर्व बैठकों में रखे गए मुद्दों पर हुई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
संघ की प्रमुख मांगों में समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध कराना, फसल नुकसान का उचित आकलन, सिंचाई एवं विद्युत सुविधाओं में सुधार, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, खरीदी केंद्रों पर पारदर्शी व्यवस्था और सहकारी संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल रहा। अब किसानों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभाग किस तरह कार्रवाई करते हैं और समस्याओं का समाधान कितनी समय-सीमा में किया जाता है।
इस कार्यक्रम मे जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला जैविक प्रमुख तरुण परस्ते, जिला विपणन प्रमुख खिलपत गौतम, डिण्डौरी तहसील अध्यक्ष खमोद चंदेल, रमेश चौहान, द्वारका ठाकुर,तुलसीराम राजपूत, गणेश गौतम, बजाग तहसील अध्यक्ष आशाराम यादव, शहपुरा प्रचार प्रमुख कृष्ण कुमार साहू, सदस्य मटरू दादा, संतोष झारिया,प्रेम सिंह धुर्वे, अमृत सिंह परस्ते, दुर्गेश कुमार झारिया, महिला संयोजिका अमरपुर सुशीला धुर्वे, तारा भवेदी, सुनीता धुर्वे आदि रहे उपस्थित।
दिनॉक :- 27 अक्टूबर 2026
    user_Sharda Prasad Namdeo
    Sharda Prasad Namdeo
    शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • शहडोल **संदिग्ध परिस्थितियों में विधवा की मौत, करोड़ों की संपत्ति और पेंशन हड़पने के आरोप; परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल** **शहडोल, 24 अक्टूबर।** शहडोल के पुरानी बस्ती क्षेत्र में रहने वाली 75 वर्षीय निःसंतान एवं दिव्यांग विधवा महिला शांति बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मृतका के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है तथा करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति, आभूषण और पेंशन राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार शांति बाई के पति स्वर्गीय देवी सिंह रेलवे में लोको पायलट थे। उनकी मृत्यु के बाद शांति बाई करोड़ों रुपये मूल्य की अचल संपत्ति की एकमात्र स्वामिनी थीं। परिजनों का आरोप है कि वृद्धावस्था और दिव्यांगता का लाभ उठाकर कुछ लोगों ने उनकी संपत्ति और आर्थिक संसाधनों पर कब्जा करने का प्रयास किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मृतका की बहन सुशीला हरी सिंह तथा अन्य परिजनों ने दावा किया कि शांति बाई के सोने-चांदी के आभूषण, गृहस्थी का कीमती सामान और अन्य संपत्तियां अब दिखाई नहीं दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतका की मेहनत की कमाई तथा संपत्ति का अनुचित उपयोग किया गया। परिजनों ने यह भी कहा कि शांति बाई को उनके पति की रेलवे सेवा से पारिवारिक पेंशन प्राप्त होती थी। उनका आरोप है कि पर्याप्त आय होने के बावजूद महिला को बेहतर देखभाल नहीं मिली और उन्हें उपेक्षित परिस्थितियों में रखा गया। इसके अलावा उन्होंने महिला की मौत को संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले में विस्तृत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। **(नोट: यह समाचार परिजनों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत दस्तावेजों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि एवं प्रशासनिक जांच होना बाकी है।)**
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    शहडोल 
**संदिग्ध परिस्थितियों में विधवा की मौत, करोड़ों की संपत्ति और पेंशन हड़पने के आरोप; परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल**
**शहडोल, 24 अक्टूबर।** शहडोल के पुरानी बस्ती क्षेत्र में रहने वाली 75 वर्षीय निःसंतान एवं दिव्यांग विधवा महिला शांति बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मृतका के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है तथा करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति, आभूषण और पेंशन राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों के अनुसार शांति बाई के पति स्वर्गीय देवी सिंह रेलवे में लोको पायलट थे। उनकी मृत्यु के बाद शांति बाई करोड़ों रुपये मूल्य की अचल संपत्ति की एकमात्र स्वामिनी थीं। परिजनों का आरोप है कि वृद्धावस्था और दिव्यांगता का लाभ उठाकर कुछ लोगों ने उनकी संपत्ति और आर्थिक संसाधनों पर कब्जा करने का प्रयास किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मृतका की बहन सुशीला हरी सिंह तथा अन्य परिजनों ने दावा किया कि शांति बाई के सोने-चांदी के आभूषण, गृहस्थी का कीमती सामान और अन्य संपत्तियां अब दिखाई नहीं दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतका की मेहनत की कमाई तथा संपत्ति का अनुचित उपयोग किया गया।
परिजनों ने यह भी कहा कि शांति बाई को उनके पति की रेलवे सेवा से पारिवारिक पेंशन प्राप्त होती थी। उनका आरोप है कि पर्याप्त आय होने के बावजूद महिला को बेहतर देखभाल नहीं मिली और उन्हें उपेक्षित परिस्थितियों में रखा गया। इसके अलावा उन्होंने महिला की मौत को संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले में विस्तृत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
**(नोट: यह समाचार परिजनों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत दस्तावेजों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि एवं प्रशासनिक जांच होना बाकी है।)**
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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