श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाने की पुलिस पर एक पीड़ित ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने खुद ही उसकी शिकायत का प्रार्थना पत्र लिखवाया और उसमें छेड़छाड़ की। ग्राम लालपुर दाखिला जमुनी कला निवासी हनुमान प्रसाद वर्मा पुत्र महादेव प्रसाद वर्मा (करीब 33 वर्ष) ने 21 मई 2026 को शाम करीब 5 बजे सिरसिया थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने विपक्षी अर्जुन प्रसाद, शिवकुमार और रामकुमार पुत्र राम गिरिजा प्रसाद वर्मा पर संबल और धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया था। पीड़ित के अनुसार, यह झगड़ा तार फेंसिंग को लेकर एक छोटी सी बात पर शुरू हुआ था। पीड़ित हनुमान प्रसाद वर्मा का आरोप है कि पुलिस ने स्वयं प्रार्थना पत्र लिखवाकर उसमें धारदार हथियारों की जगह लाठी-डंडा आदि दर्शाया। उनका यह भी कहना है कि उन्हें उस प्रार्थना पत्र की फोटोकॉपी भी नहीं दी गई। सिरसिया पुलिस द्वारा इस मामले में एनसीआर तो दर्ज की गई, लेकिन जिस तरीके से विपक्षीगणों ने उनके परिवार पर हमला किया था, उसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। इसके अतिरिक्त, पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा मेडिकल के नाम पर उनसे 2000 रुपये लिए गए। अपनी समस्या को लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी से गुहार लगाई है कि उनकी फरियाद सुनी जाए और इस मामले में उचित कार्यवाही की जाए।
श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाने की पुलिस पर एक पीड़ित ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने खुद ही उसकी शिकायत का प्रार्थना पत्र लिखवाया और उसमें छेड़छाड़ की। ग्राम लालपुर दाखिला जमुनी कला निवासी हनुमान प्रसाद वर्मा पुत्र महादेव प्रसाद वर्मा (करीब 33 वर्ष) ने 21 मई 2026 को शाम करीब 5 बजे सिरसिया थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने विपक्षी अर्जुन प्रसाद, शिवकुमार और रामकुमार पुत्र राम गिरिजा प्रसाद वर्मा पर संबल और धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया था। पीड़ित के अनुसार, यह झगड़ा तार फेंसिंग को लेकर एक छोटी सी बात पर शुरू हुआ था। पीड़ित हनुमान प्रसाद वर्मा का
आरोप है कि पुलिस ने स्वयं प्रार्थना पत्र लिखवाकर उसमें धारदार हथियारों की जगह लाठी-डंडा आदि दर्शाया। उनका यह भी कहना है कि उन्हें उस प्रार्थना पत्र की फोटोकॉपी भी नहीं दी गई। सिरसिया पुलिस द्वारा इस मामले में एनसीआर तो दर्ज की गई, लेकिन जिस तरीके से विपक्षीगणों ने उनके परिवार पर हमला किया था, उसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। इसके अतिरिक्त, पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा मेडिकल के नाम पर उनसे 2000 रुपये लिए गए। अपनी समस्या को लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी से गुहार लगाई है कि उनकी फरियाद सुनी जाए और इस मामले में उचित कार्यवाही की जाए।
- वन निगम लखीमपुर खीरी के डी एल एम श्री नारायण सिंह दुगताल पर विभाग का पैसा गबन करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि वन निगम लखीमपुर खीरी में घोटाला करने वाले अधिकारी को प्रमोशन दिए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में मांग की गई है कि ऐसे अधिकारी की जांच आयकर विभाग के अधिकारियों से कराई जानी चाहिए।1
- ग्राम पंचायत दलजीत पुरवा के मजरा पंडित पुरवा में एक तेंदुआ ने पति-पत्नी पर हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब वे अपने गन्ने के खेत में पानी लगा रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप दोनों घायल हो गए।2
- जनपद बहराइच के नानपारा क्षेत्र में बकरा ईद के त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।1
- बलरामपुर में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने भारत-नेपाल सीमा से सटे बिनहौनी चौराहे पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब और बीयर तस्करी के एक धंधे का पर्दाफाश किया है। देर रात की गई छापेमारी में, मंदिर के बगल में एक जूते-चप्पल की दुकान की आड़ में पिछले करीब 15 वर्षों से चल रहे इस अवैध कारोबार में लिप्त पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। बिनहौनी चौराहे पर लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय पुलिस को कई बार शिकायतें और वीडियो सबूत दिए थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके परिणामस्वरूप आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात छापा मारकर कार्रवाई की। ग्रामीणों के अनुसार, नेपाल बॉर्डर के रास्ते कच्ची और मिलावटी शराब लाई जाती थी, जिसका क्षेत्र के युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा था। इस कार्रवाई के बाद, ग्रामीण अब पूरे नेटवर्क और कथित संरक्षण देने वाले सफेदपोशों की गहन जांच की मांग कर रहे हैं।1
- आगामी त्योहारों और मेलों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बहराइच के दरगाह शरीफ और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल द्वारा फ्लैग मार्च (परेड) निकाला गया है।1
- बहराइच में आगामी त्यौहारों के मद्देनजर दरगाह पुलिस ने छावनी, डिगहा, सलारगंज और दरगाह शरीफ इलाकों में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों, बाजारों और धार्मिक स्थलों का गहनता से निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन ने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की, साथ ही यह चेतावनी भी दी कि सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश वन निगम, लखीमपुर खीरी के प्रभाकर लौगिंग प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत पत्रों पर उनके द्वारा कोई जांच नहीं कराई गई है। प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक का स्पष्ट कहना है कि 'मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता, मैं माननीय मंत्री जी और प्रबंध निदेशक महोदय को पैसा देता हूं, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता है'। इतनी शिकायतों के बावजूद, डीएलएम लखीमपुर खीरी ने इस मामले में कोई कमेटी बनाकर जांच नहीं कराई है। आरोप है कि वन निगम के अधिकारियों द्वारा शासन को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है, जिसमें 20 लाख का घोटाला शामिल है।2
- श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाने की पुलिस पर एक पीड़ित ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने खुद ही उसकी शिकायत का प्रार्थना पत्र लिखवाया और उसमें छेड़छाड़ की। ग्राम लालपुर दाखिला जमुनी कला निवासी हनुमान प्रसाद वर्मा पुत्र महादेव प्रसाद वर्मा (करीब 33 वर्ष) ने 21 मई 2026 को शाम करीब 5 बजे सिरसिया थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने विपक्षी अर्जुन प्रसाद, शिवकुमार और रामकुमार पुत्र राम गिरिजा प्रसाद वर्मा पर संबल और धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया था। पीड़ित के अनुसार, यह झगड़ा तार फेंसिंग को लेकर एक छोटी सी बात पर शुरू हुआ था। पीड़ित हनुमान प्रसाद वर्मा का आरोप है कि पुलिस ने स्वयं प्रार्थना पत्र लिखवाकर उसमें धारदार हथियारों की जगह लाठी-डंडा आदि दर्शाया। उनका यह भी कहना है कि उन्हें उस प्रार्थना पत्र की फोटोकॉपी भी नहीं दी गई। सिरसिया पुलिस द्वारा इस मामले में एनसीआर तो दर्ज की गई, लेकिन जिस तरीके से विपक्षीगणों ने उनके परिवार पर हमला किया था, उसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। इसके अतिरिक्त, पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा मेडिकल के नाम पर उनसे 2000 रुपये लिए गए। अपनी समस्या को लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी से गुहार लगाई है कि उनकी फरियाद सुनी जाए और इस मामले में उचित कार्यवाही की जाए।2