जबलपुर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और ट्रिपिंग को लेकर कांग्रेस ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पूर्व विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली कटौती होती है, और जर्जर लाइनें तथा खंभे इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने ₹500 करोड़ के रखरखाव बजट पर सवाल उठाए और विभाग पर छोटे उपभोक्ताओं पर सख्ती बरतने तथा बड़े बकायादारों पर नरमी दिखाने का आरोप लगाया। साथ ही, बढ़े हुए बिजली बिलों और स्मार्ट मीटरों पर भी आपत्ति दर्ज की गई। विधायक लखन घनघोरिया ने अधीक्षण अभियंता संजय अरोड़ा को एक ज्ञापन सौंपते हुए बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की, यह दावा करते हुए कि विभाग को करोड़ों रुपये मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। दूसरी ओर, विद्युत विभाग ने कांग्रेस के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। विभाग का कहना है कि शहर के सभी क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति समान रूप से की जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून से पहले ट्रिपिंग की समस्या सामान्य है और इसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा।
जबलपुर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और ट्रिपिंग को लेकर कांग्रेस ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पूर्व विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली कटौती होती है, और जर्जर लाइनें तथा खंभे इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने ₹500 करोड़ के रखरखाव बजट पर सवाल उठाए और विभाग पर छोटे उपभोक्ताओं पर सख्ती बरतने तथा बड़े बकायादारों पर नरमी दिखाने का आरोप लगाया। साथ ही, बढ़े हुए बिजली बिलों और स्मार्ट मीटरों पर भी आपत्ति दर्ज की गई। विधायक लखन घनघोरिया ने अधीक्षण अभियंता संजय अरोड़ा को एक ज्ञापन सौंपते हुए बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की, यह दावा करते हुए कि विभाग को करोड़ों रुपये मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। दूसरी ओर, विद्युत विभाग ने कांग्रेस के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। विभाग का कहना है कि शहर के सभी क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति समान रूप से की जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून से पहले ट्रिपिंग की समस्या सामान्य है और इसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा।
- गोटेगांव में आस्था और श्रद्धा के संगम मुआर घाट पर स्थित माँ नर्मदा के पावन तट पर प्रत्येक सोमवार को एक भव्य महाआरती का आयोजन किया जाता है। संध्या के समय माँ नर्मदा का तट दीपों की रोशनी और भक्तिमय वातावरण से पूरी तरह जगमगा उठता है। इस महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना करते हैं और अपने क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हैं। महाआरती के दौरान शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और माँ नर्मदा के जयकारों से पूरा घाट गूंज उठता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि माँ नर्मदा की आराधना करने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे हर सोमवार को इस महाआरती में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।1
- मंडला में नारायणगंज के चुटका परमाणु परियोजना से प्रभावित 44 विस्थापित परिवारों ने ग्राम गौंझीमाल स्थित आधुनिक पुनर्वास एवं पुर्नस्थापन कॉलोनी में अपने नए आवासों में गृह प्रवेश किया। प्रशासन ने इस पहल को प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रदेश की पीएचई मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके ने स्वयं नए आवासों में पहुंचकर इन परिवारों का पारंपरिक स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंत्री श्रीमती उईके ने प्रभावितों को पुनर्वास अवार्ड राशि के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे और कहा कि सरकार प्रत्येक परिवार को बेहतर जीवन और सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि इस कॉलोनी में श्रीराम, हनुमान, राधा-कृष्ण के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति के आराध्य बड़ादेव मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए, मंत्री ने आगामी दो दिनों के भीतर बच्चों के लिए स्कूल संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि परियोजना से प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। एनपीसीआईएल की इस परियोजना के तहत कुल 330 परिवारों में से अब तक 119 परिवारों को इस कॉलोनी में बसाया जा चुका है। कार्यक्रम में उपस्थित कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने बताया कि नए आवासों में शिफ्ट हुए 44 परिवारों के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक माह तक नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस सर्वसुविधायुक्त कॉलोनी में स्वच्छ पेयजल, निर्बाध बिजली, पक्की सड़कें और सुदृढ़ नाली जैसी आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, एसडीएम सोनल सिडाम, एसडीएम सीएल वर्मा, स्थानीय सरपंच श्री विश्राम सहित एनपीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।1
- Post by Neelesh THAKUR1
- महिष्मति घाट पर भारी मात्रा में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। क्षेत्र में कूड़ेदानों की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मंडला जिला कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने एक अनुकरणीय पहल की। उन्होंने जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया। कलेक्टर ने इस पुनीत कार्य के माध्यम से आमजन को भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी यह कार्रवाई एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई।1
- मंडला जिले के मुडढा झीला गाँव में नवीन अमृत सरोवर के निर्माण में भारी लापरवाही का आरोप लगा है, जिसके बाद ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सोमवार, 22 जून को शाम चार बजे सरपंच रूप सिंह पंद्राम ने बताया कि निर्माण कार्य में तकनीकी प्राक्कलन को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। ग्रामीणों और क्षेत्र के समाजसेवियों द्वारा मौके पर किए गए निरीक्षण में पाया गया कि 3 मीटर गहरी नींव खोदकर क्ले कोर बनाने के बजाय, पुरानी मेढ़ पर ही थोड़ी मिट्टी-मुर्रम डालकर उसे ट्रैक्टर से दबा दिया गया। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल पर कोई सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तालाब के गहरीकरण और सफाई न होने के कारण पहली ही बारिश में इसके ढहने का खतरा है। इस स्थिति से मुडढा झीला सहित पाँच अन्य गाँवों के लोगों और वन्यजीवों के सामने जल संकट खड़ा होने की संभावना है। सरपंच रूप सिंह पंद्राम और समाजसेवी रामलाल कुलस्ते सहित गाँव के अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस गुणवत्ताविहीन कार्य की जांच कराने और मूल एस्टीमेट के अनुसार सरोवर का पुनः निर्माण करने की मांग की है।1
- माहिष्मती घाट पर 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर हुए कार्यक्रम में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग के महत्व को समझा।1
- लखनऊ के अलीगंज के पुरनिया इलाके में स्थित एक इमारत में लगी भीषण आग के कारण एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है। इस घटना में कुल 15 छात्रों की मौत हो गई, जिनकी उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत इमारत में बनी एक पेट शॉप और गेमिंग जोन से हुई थी। लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि वे ऊपर चल रही एक कोचिंग तक पहुंच गईं, जिसके कारण कई छात्र इमारत के अंदर फंस गए। आग पर काबू पाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए SDRF, NDRF और दमकल विभाग की 10 से अधिक गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया। राहत और बचाव कार्य देर रात तक लगातार जारी रहा। अधिकारियों ने राहत कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।1