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विश्व भर में विख्यात विश्व विराट रामायण मंदिर जो लोग जो जल चढ़ा रहे हैं उनके सपनों को पूरा कर रहे हैं महादेव #vmjlivenews #breakingnews #news

16 hrs ago
user_RAJA KUMAR
RAJA KUMAR
पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
16 hrs ago

विश्व भर में विख्यात विश्व विराट रामायण मंदिर जो लोग जो जल चढ़ा रहे हैं उनके सपनों को पूरा कर रहे हैं महादेव #vmjlivenews #breakingnews #news

More news from बिहार and nearby areas
  • पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से बड़ी खबर सामने आई है, जहां चकिया अनुमंडल कार्यालय स्थित सभागार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कल्याणपुर उपप्रमुख का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस चुनाव की निगरानी जिला से आए पर्यवेक्षक एडीएम जांच मो. शिबूग तूल्लाह तथा निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम के नेतृत्व में की गई। उपप्रमुख पद के लिए भाजपा प्रदेश नेता राकेश रौशन की पत्नी पूजा रौशन और शंभू दास के बीच सीधा मुकाबला था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद कुल मतों की गिनती में पूजा रौशन को 25 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शंभू दास को मात्र 7 वोट प्राप्त हुए। इस तरह पूजा रौशन ने 18 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल करते हुए लगातार दूसरी बार उपप्रमुख पद पर कब्जा जमाया। चुनाव के बाद निर्वाची पदाधिकारी द्वारा पूजा रौशन को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया और पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। वहीं, विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए चकिया डीएसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। अनुमंडल कार्यालय परिसर के बाहर समर्थकों ने पूजा रौशन का अबीर-गुलाल और फूल मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष पवन राज, विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह, मुखिया हेमंत सिंह, संजय चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें जीत की बधाई दी। तो कुल मिलाकर, कड़े मुकाबले के बीच पूजा रौशन ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की है।
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    पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से बड़ी खबर सामने आई है, जहां चकिया अनुमंडल कार्यालय स्थित सभागार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कल्याणपुर उपप्रमुख का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस चुनाव की निगरानी जिला से आए पर्यवेक्षक एडीएम जांच मो. शिबूग तूल्लाह तथा निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम के नेतृत्व में की गई।
उपप्रमुख पद के लिए भाजपा प्रदेश नेता राकेश रौशन की पत्नी पूजा रौशन और शंभू दास के बीच सीधा मुकाबला था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद कुल मतों की गिनती में पूजा रौशन को 25 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शंभू दास को मात्र 7 वोट प्राप्त हुए। इस तरह पूजा रौशन ने 18 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल करते हुए लगातार दूसरी बार उपप्रमुख पद पर कब्जा जमाया।
चुनाव के बाद निर्वाची पदाधिकारी द्वारा पूजा रौशन को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया और पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
वहीं, विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए चकिया डीएसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। अनुमंडल कार्यालय परिसर के बाहर समर्थकों ने पूजा रौशन का अबीर-गुलाल और फूल मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया।
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष पवन राज, विधायक सचिंद्र प्रसाद सिंह, मुखिया हेमंत सिंह, संजय चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें जीत की बधाई दी।
तो कुल मिलाकर, कड़े मुकाबले के बीच पूजा रौशन ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की है।
    user_Prabhat Ranjan Ranjan
    Prabhat Ranjan Ranjan
    मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by RAJA KUMAR
    1
    Post by RAJA KUMAR
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    6 hrs ago
  • कटिहार और नवादा में पांच लोगों की गई जान। लोगों में हाहाकार।
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    कटिहार और नवादा में पांच लोगों की गई जान। लोगों में हाहाकार।
    user_News Granth
    News Granth
    चकिया (पिपरा), पूर्वी चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • पाबंदी के बावजूद हर गली में उपलब्ध शराब, पुलिस कार्रवाई पर विरोध—नैतिकता, व्यवस्था और सामाजिक विडंबना पर बड़ा सवाल लोकल पब्लिक न्यूज़ | विशेष रिपोर्ट बिहार में साल 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी कानून का उद्देश्य था—समाज को नशामुक्त बनाना, परिवारों को टूटने से बचाना और अपराध दर में कमी लाना। लेकिन लगभग एक दशक बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। कानून सख्त है, दंड कठोर है, लेकिन शराब की उपलब्धता आज भी गांव से लेकर शहर तक बनी हुई है। यह विरोधाभास न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज के दोहरे चरित्र को भी उजागर करता है। शराबबंदी लागू होने के बावजूद अधिकांश इलाकों में शराब आसानी से मिल जाती है। यह स्थिति बताती है कि अवैध कारोबार का जाल अब भी मजबूत है। स्थानीय स्तर पर नेटवर्क इतने सक्रिय हैं कि कानून की पकड़ से बच निकलते है। आम तौर पर समाज में नशे को बुरा माना जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में लोग इसके आदी हैं। अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च करने में उन्हें कोई हिचकिचाहट नहीं होती। यह प्रवृत्ति न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि परिवारों को भी बर्बादी की कगार पर ला देती है। जब पुलिस अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो कई बार उसे स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ता है। कहीं पथराव होता है, तो कहीं लाठी-डंडे चलाए जाते हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है—जहां कानून लागू करने वाली एजेंसी को ही दुश्मन समझ लिया जाता है। शराब की लत का सबसे बड़ा असर परिवारों पर पड़ता है। घर के सदस्य, खासकर महिलाएं और बच्चे, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव झेलते हैं। कई मामलों में घरेलू हिंसा, झगड़े और सामाजिक कलंक भी सामने आते हैं, लेकिन इसके बावजूद लत से छुटकारा पाने की गंभीर कोशिश कम ही दिखती है। शराबबंदी: कानून से ज्यादा सामाजिक बदलाव की जरूरत विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ कानून बना देने से समस्या खत्म नहीं होती। जब तक समाज में जागरूकता, आत्मनियंत्रण और वैकल्पिक जीवनशैली को बढ़ावा नहीं मिलेगा, तब तक शराबबंदी का उद्देश्य अधूरा ही रहेगा। बिहार में शराबबंदी आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां कानून और वास्तविकता के बीच बड़ा अंतर दिखता है। यह केवल प्रशासन की चुनौती नहीं, बल्कि पूरे समाज के आत्ममंथन का विषय है— क्या हम सच में नशामुक्त समाज चाहते हैं, या सिर्फ कागजों में?
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    पाबंदी के बावजूद हर गली में उपलब्ध शराब, पुलिस कार्रवाई पर विरोध—नैतिकता, व्यवस्था और सामाजिक विडंबना पर बड़ा सवाल
लोकल पब्लिक न्यूज़ | विशेष रिपोर्ट
बिहार में साल 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी कानून का उद्देश्य था—समाज को नशामुक्त बनाना, परिवारों को टूटने से बचाना और अपराध दर में कमी लाना। लेकिन लगभग एक दशक बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है।
कानून सख्त है, दंड कठोर है, लेकिन शराब की उपलब्धता आज भी गांव से लेकर शहर तक बनी हुई है। यह विरोधाभास न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज के दोहरे चरित्र को भी उजागर करता है।
शराबबंदी लागू होने के बावजूद अधिकांश इलाकों में शराब आसानी से मिल जाती है। यह स्थिति बताती है कि अवैध कारोबार का जाल अब भी मजबूत है। स्थानीय स्तर पर नेटवर्क इतने सक्रिय हैं कि कानून की पकड़ से बच निकलते है। 
आम तौर पर समाज में नशे को बुरा माना जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में लोग इसके आदी हैं। अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च करने में उन्हें कोई हिचकिचाहट नहीं होती।
यह प्रवृत्ति न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि परिवारों को भी बर्बादी की कगार पर ला देती है।
जब पुलिस अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो कई बार उसे स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ता है। कहीं पथराव होता है, तो कहीं लाठी-डंडे चलाए जाते हैं।
यह स्थिति बेहद चिंताजनक है—जहां कानून लागू करने वाली एजेंसी को ही दुश्मन समझ लिया जाता है।
शराब की लत का सबसे बड़ा असर परिवारों पर पड़ता है। घर के सदस्य, खासकर महिलाएं और बच्चे, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव झेलते हैं।
कई मामलों में घरेलू हिंसा, झगड़े और सामाजिक कलंक भी सामने आते हैं, लेकिन इसके बावजूद लत से छुटकारा पाने की गंभीर कोशिश कम ही दिखती है।
शराबबंदी: कानून से ज्यादा सामाजिक बदलाव की जरूरत
विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ कानून बना देने से समस्या खत्म नहीं होती।
जब तक समाज में जागरूकता, आत्मनियंत्रण और वैकल्पिक जीवनशैली को बढ़ावा नहीं मिलेगा, तब तक शराबबंदी का उद्देश्य अधूरा ही रहेगा।
बिहार में शराबबंदी आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां कानून और वास्तविकता के बीच बड़ा अंतर दिखता है।
यह केवल प्रशासन की चुनौती नहीं, बल्कि पूरे समाज के आत्ममंथन का विषय है—
क्या हम सच में नशामुक्त समाज चाहते हैं, या सिर्फ कागजों में?
    user_LOCAL PUBLIC NEWS
    LOCAL PUBLIC NEWS
    Information service activities . कोटवा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    16 hrs ago
  • (अखिलेश कुमार अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक अयोध्या टाइम्स मुजफ्फरपुर पश्चिमी) मुजफ्फरपुर 08 अप्रैल 2026- मुजफ्फरपुर:-बियाडा चिन्हित और सरकारी भूमि पर अवैध खनन किये जाने को लेकर एन्टी क्रप्शन के चेयर मैंन रंजीत राज से जिलाधिकारी से जांच करने और रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पारू के हरपुर कपरफोरा चवर में चैनपुर चिउटाहा चतुरपटी में किसानों के सात सौ एकड़ भूमि चिन्हित है जिसके लिए फोरलेन निर्माण में लगे जेसीबी से अन्य सहयोगी कंपनियो द्वारा भूमि नियम के तहत तीन फीट गहरा के जगह 15 से 20 फिट गहरा मिट्टी काटी जा रही हैं।
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    (अखिलेश कुमार अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक अयोध्या टाइम्स मुजफ्फरपुर पश्चिमी)
मुजफ्फरपुर 08 अप्रैल 2026- मुजफ्फरपुर:-बियाडा चिन्हित और सरकारी भूमि पर अवैध खनन किये जाने को लेकर एन्टी क्रप्शन के चेयर मैंन रंजीत राज से जिलाधिकारी से जांच करने और रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पारू के हरपुर कपरफोरा चवर में चैनपुर चिउटाहा चतुरपटी में किसानों के सात सौ एकड़ भूमि चिन्हित है जिसके लिए फोरलेन निर्माण में लगे जेसीबी से अन्य सहयोगी कंपनियो द्वारा भूमि नियम के तहत तीन फीट गहरा के जगह 15 से 20 फिट गहरा मिट्टी काटी जा रही हैं।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • प्रधानमंत्री बनने के लिए सांसद, मुख्यमंत्री बनने के लिए विधायक, एमएलसी बनने के लिए वार्ड पार्षद, मुखिया संघ का अध्यक्ष बनने के लिए मुखिया, और उप प्रमुख बनने के लिए पंचायत समिति सदस्यों को नेपाल, बंगाल, पाकिस्तान, बेंगलुरु, पुणे जैसे जगहों के महंगे रिसॉर्ट में घुमाया जाता है… तब जाकर वोट मिलता है “पक्ष” में। और इधर आम जनता… अपना वोट बिना किसी लालच के, मुफ्त में दे देती है। सोचिए… असली “कीमत” किसके वोट की है? खैर, नए उप प्रमुख साहब को जीत की अग्रिम बधाई। जय सियाराम। #रिसॉर्ट_पॉलिटिक्स #वोट_की_कीमत #लोकतंत्र #चुनाव_सत्य #पंचायत_राज #बिहार_राजनीति #जनप्रतिनिधि #भ्रष्टाचार #सवाल_जनता_से #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur
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    प्रधानमंत्री बनने के लिए सांसद, मुख्यमंत्री बनने के लिए विधायक, एमएलसी बनने के लिए वार्ड पार्षद, मुखिया संघ का अध्यक्ष बनने के लिए मुखिया, और उप प्रमुख बनने के लिए पंचायत समिति सदस्यों को नेपाल, बंगाल, पाकिस्तान, बेंगलुरु, पुणे जैसे जगहों के महंगे रिसॉर्ट में घुमाया जाता है…
तब जाकर वोट मिलता है “पक्ष” में। और इधर आम जनता… अपना वोट बिना किसी लालच के, मुफ्त में दे देती है।
सोचिए… असली “कीमत” किसके वोट की है?
खैर, नए उप प्रमुख साहब को जीत की अग्रिम बधाई।
जय सियाराम।
#रिसॉर्ट_पॉलिटिक्स #वोट_की_कीमत #लोकतंत्र #चुनाव_सत्य #पंचायत_राज #बिहार_राजनीति #जनप्रतिनिधि #भ्रष्टाचार #सवाल_जनता_से #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor कल्याणपुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • शराब कारोबार पर नकेल कसते हुए सुगौली पुलिस ने एक कारोबारों को 60 लीटर देशी चुलाई शराब के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।
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    शराब कारोबार पर नकेल कसते हुए सुगौली पुलिस ने एक कारोबारों को 60 लीटर देशी चुलाई शराब के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    10 hrs ago
  • Post by RAJA KUMAR
    1
    Post by RAJA KUMAR
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    6 hrs ago
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