'काशी' की आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को करती है प्रेरित - वाराणसी पहुंचे बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी... वाराणसी बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। अस्सी क्षेत्र स्थित मछलीबंदर मठ में उनके आगमन पर संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मठ पहुंचने से पूर्व उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में विधि-विधान से पूजा करने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि काशी आना उनके लिए हमेशा विशेष और आध्यात्मिक अनुभव रहता है। उन्होंने कहा कि काशी भगवान शिव की नगरी है और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को प्रेरित करती है। उन्होंने यह भी बताया कि वह आगामी एक महीने तक एकांतवास में रहेंगे। गौ-रक्षा और गाय को 'राज्य माता' का दर्जा देने की मांग को लेकर ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का भी उन्होंने समर्थन किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो संत गौ माता, गीता और सनातन धर्म के संरक्षण की बात करते हैं, वह उनके साथ खड़े हैं।अंतरराष्ट्रीय मुद्दों ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बढ़ते संघर्ष पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच पूरे विश्व में भारत और भारत की सनातन संस्कृति ही है जो सही रास्ता दिखा सकती है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप भरोसेमंद नहीं हैं, क्योंकि उनके बयान अक्सर बदलते रहते हैं। ट्रंप इसलिए भरोसेमंद नहीं है क्योंकि वह शाम को कुछ और बोलते हैं और सुबह कुछ और, ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता। जिस तरह से उन्होंने अपने अधिकार का गलत उपयोग करके टैरिफ वार शुरू किया, उससे उनकी कार्य प्रणाली दिखती है कि वह दुनिया में अशांति फैलाना चाहते हैं। टी-20 विश्वकप क्रिकेट के फाइनल में भारतीय टीम के पहुंचने पर बागेश्वरधाम ने पूरी टीम को बधाई दी और खिलाड़ियों के उज्ज्वल प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम निश्चित रूप से फाइनल में जीत हासिल करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।
'काशी' की आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को करती है प्रेरित - वाराणसी पहुंचे बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी... वाराणसी बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। अस्सी क्षेत्र स्थित मछलीबंदर मठ में उनके आगमन पर संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मठ पहुंचने से पूर्व उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में विधि-विधान से पूजा करने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि काशी आना उनके लिए हमेशा विशेष और आध्यात्मिक अनुभव रहता है। उन्होंने कहा कि काशी भगवान शिव की नगरी है और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को प्रेरित करती है। उन्होंने यह भी बताया कि वह आगामी एक महीने तक एकांतवास में रहेंगे। गौ-रक्षा और गाय को 'राज्य माता' का दर्जा देने की मांग को लेकर ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का भी उन्होंने समर्थन किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो संत गौ माता, गीता और सनातन धर्म के संरक्षण की बात करते हैं, वह उनके साथ खड़े हैं।अंतरराष्ट्रीय मुद्दों ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बढ़ते संघर्ष पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच पूरे विश्व में भारत और भारत की सनातन संस्कृति ही है जो सही रास्ता दिखा सकती है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप भरोसेमंद नहीं हैं, क्योंकि उनके बयान अक्सर बदलते रहते हैं। ट्रंप इसलिए भरोसेमंद नहीं है क्योंकि वह शाम को कुछ और बोलते हैं और सुबह कुछ और, ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता। जिस तरह से उन्होंने अपने अधिकार का गलत उपयोग करके टैरिफ वार शुरू किया, उससे उनकी कार्य प्रणाली दिखती है कि वह दुनिया में अशांति फैलाना चाहते हैं। टी-20 विश्वकप क्रिकेट के फाइनल में भारतीय टीम के पहुंचने पर बागेश्वरधाम ने पूरी टीम को बधाई दी और खिलाड़ियों के उज्ज्वल प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम निश्चित रूप से फाइनल में जीत हासिल करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।
- वाराणसी बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। अस्सी क्षेत्र स्थित मछलीबंदर मठ में उनके आगमन पर संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मठ पहुंचने से पूर्व उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में विधि-विधान से पूजा करने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि काशी आना उनके लिए हमेशा विशेष और आध्यात्मिक अनुभव रहता है। उन्होंने कहा कि काशी भगवान शिव की नगरी है और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को प्रेरित करती है। उन्होंने यह भी बताया कि वह आगामी एक महीने तक एकांतवास में रहेंगे। गौ-रक्षा और गाय को 'राज्य माता' का दर्जा देने की मांग को लेकर ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का भी उन्होंने समर्थन किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो संत गौ माता, गीता और सनातन धर्म के संरक्षण की बात करते हैं, वह उनके साथ खड़े हैं।अंतरराष्ट्रीय मुद्दों ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बढ़ते संघर्ष पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच पूरे विश्व में भारत और भारत की सनातन संस्कृति ही है जो सही रास्ता दिखा सकती है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप भरोसेमंद नहीं हैं, क्योंकि उनके बयान अक्सर बदलते रहते हैं। ट्रंप इसलिए भरोसेमंद नहीं है क्योंकि वह शाम को कुछ और बोलते हैं और सुबह कुछ और, ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता। जिस तरह से उन्होंने अपने अधिकार का गलत उपयोग करके टैरिफ वार शुरू किया, उससे उनकी कार्य प्रणाली दिखती है कि वह दुनिया में अशांति फैलाना चाहते हैं। टी-20 विश्वकप क्रिकेट के फाइनल में भारतीय टीम के पहुंचने पर बागेश्वरधाम ने पूरी टीम को बधाई दी और खिलाड़ियों के उज्ज्वल प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम निश्चित रूप से फाइनल में जीत हासिल करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।1
- 😱 वाराणसी में धार्मिक गुंडागर्दी का काला अध्याय: संकट मोचन में पत्रकारों पर हमला! क्या ये है मंदिर का असली चेहरा?कल्पना कीजिए: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी की गौ रक्षा यात्रा की शुरुआत... पत्रकार मंदिर पहुंचे, तो गेट पर गुंडों ने गालियों की बौछार! धमकी दी—'बाहर भी देख लेंगे!' विरोध किया तो मुक्के चले। पहले भी रत्न चोरी के केस में फोटोग्राफर का कैमरा छीन लिया था।महंत जी के गुंडे मंदिर के अंदर-बाहर राज कर रहे! पत्रकार सुरक्षित नहीं, तो श्रद्धालु भक्तों का क्या? विश्वनाथ प्रशासन, ये तुम्हारे 'पालतु' हैं—शिकायतें धर्म के नाम पर दबा देते हो?जागो वाराणसी! इस गुंडाराज को रोको। शेयर=समर्थन!#संकटमोचनशर्मनाक #गुंडेमंदिरमें #पत्रकारहमला #वाराणसीगुंडाराज #शंकराचार्ययात्रा #भगवानकेनामपरपाप #VishwanathMandirExposed #BanarasNews1
- बनारस के रोपवे प्रोजेक्ट मे अधिकारियो पर करोडो के घोटालों का आरोप अधिवक्ता द्वारा लगाया गया है। varanasi varanasi News varanasi breaking News varanasi trending News1
- Post by Karishnabala Pandey1
- भारत के वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने पर आज शुक्रवार 06 मार्च 2026 वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कथावाचक बागेश्वर धाम सरकार पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने दी शुभकामनाएं, कहा – यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है।1
- इस सरकार में पाइप लाइन का कार्य इतना चला जो कि हर जगह पानी अपने आप रोड़ों पर पानी बह रहा हर गली और गांव में चारों तरफ पानी ही पानी है आप सभी लोगों को ये छोटा सा वीडियो बनाया गया है .... और सरकार के तरफ से जो भी स्टाफ नियुक्त किए गए फोन करने पर फोन भी नहीं उठा रहे हैं.....1
- *काशी में कचरा प्रबंधन की नई पहल, चार रंगों के डस्टबिन से होगा कूड़े का निस्तारण* *वाराणसी।* नगर निगम ने स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कूड़ा प्रबंधन की दिशा में नई पहल शुरू की है। अब शहर में कचरे के उचित निस्तारण और ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ को बढ़ावा देने के लिए चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन वितरित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य घर से ही कूड़े को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम का लक्ष्य है कि हर घर से निकलने वाला कचरा पहले से ही गीला, सूखा और अन्य श्रेणियों में अलग किया जाए। इसके लिए निगम की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। घरों के बाहर जागरूकता स्टिकर लगाए जा रहे हैं ताकि लोग कूड़े के पृथक्करण के महत्व को समझ सकें और इसका पालन करें। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नागरिकों को इस अभियान के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग कूड़े के पृथक्करण के नियमों का पालन कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, जबकि जो लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें स्वच्छता नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। इसी क्रम में अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि प्रत्येक वार्ड में चार प्रकार के डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएं। अभियान के पहले चरण में हर वार्ड के कम से कम 30 ऐसे भवन स्वामियों को चिन्हित किया जाएगा जो कूड़े के पृथक्करण को पूरी तरह अपनाने के लिए तैयार हैं या पहले से इसका पालन कर रहे हैं। इन घरों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए जाएंगे, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा ले सकें। नगर निगम अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि डस्टबिन वितरण और स्टिकर लगाने की प्रक्रिया की फोटो सहित रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए विशेष व्हाट्सएप समूह और तय प्रारूप के माध्यम से निगरानी की जा रही है। नगर निगम का मानना है कि स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। इसलिए अधिकारियों को वार्डों में जाकर लोगों को गीला, सूखा और हानिकारक कचरा अलग रखने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके।1
- मुगलसराय स्टेशन (पीडीडीयू जंक्शन) पर जीआरपी ने ट्रेन से नोटों का जखीरा पकड़ा है। एक भारी भरकम बैग में पांच-पांच सौ के नोटों की 350 से ज्यादा गड्डियां मिलीं। दो युवकों को भी पकड़ा गया है। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय स्टेशन) पर रेल पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम ने अकालतख्त एक्सप्रेस में छापेमारी कर नोटों का जखीरा पकड़ा। दो बैगों में ठूंस-ठूंस कर भरी गईं पांच-पांच सौ की 350 गड्डियां बरामद कीं। गिनती में 1.75 करोड़ रुपये थे। नोटों के साथ दो चचेरे भाइयों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला हवाला कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों युवक नोटों को लेकर लखनऊ से कोलकाता जा रहे थे। भोर का सन्नाटा और जीआरपी की सतर्कता सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि शनिवार भोर करीब तीन बजे प्लेटफार्म संख्या एक पर डाउन अकालतख्त एक्सप्रेस (12318) आकर रुकी। जंक्शन पर सुरक्षा के मद्देनजर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कोच संख्या ए-1 (AC First Class) की तलाशी ली गई, तो दोयुवक बड़े और भारी-भरकम बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों घबराने लगे, जिससे सुरक्षाकर्मियों का संदेह गहरा गया। बैग खुलते ही चकरा गई पुलिस की आंखें जब पुलिस ने उन भारी बैगों की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बैग के भीतर पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियों का जखीरा दिखाई दिया। पुलिस दोनों युवकों को बैग समेत तुरंत जीआरपी थाने ले आई, जहां नोटों की गिनती शुरू हुई। मशीनों के जरिए हुई गिनती में कुल 1 करोड़ 75 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बैग में 500-500 के नोटों की 350 से ज्यादा गड्डियां थीं। हीरा कारोबारी बता रहे खुद को आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान लखनऊ के ठाकुरगंज (नेपियर रोड कॉलोनी) निवासी रितेश पटेल और गुजरात के आणंद जिले के प्रिग्नेश के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि दोनों चचेरे भाई हैं और स्वयं को हीरा कारोबारी बता रहे हैं। वे यह बड़ी रकमपूछताछ में पता चला कि दोनों चचेरे भाई हैं और स्वयं को हीरा कारोबारी बता रहे हैं। वे यह बड़ी रकम लखनऊ से कोलकाता के किसी व्यापारी को सौंपने जा रहे थे। हालांकि, आरोपियों के पास इस मोटी रकम से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या बैंक रसीद मौजूद नहीं थी। आयकर विभाग को सौंपी गई जांच सीओ ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में नगदी ले जाने के पीछे हवाला नेटवर्क की प्रबल संभावना है। आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच की जा रही है। वर्तमान में बरामद करेंसी और दोनों आरोपियों को वाराणसी आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम को सौंप दिया गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस रकम का स्रोत क्या है और इसे चुनाव या अन्य किसी अवैध गतिविधि में खपाने की योजना तो नहीं थी।1