कौशांबी में एक बैनामे को लेकर सहायक आयुक्त स्टाम्प द्वारा की गई कार्रवाई पर प्रभावित पक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। यह मामला पश्चिम शरीरा के गाटा संख्या 757(क) में वर्ष 2022 में निष्पादित एक बैनामे से संबंधित है, जिस पर पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सहायक आयुक्त स्टाम्प ने वर्ष 2022 की वास्तविक परिस्थितियों के बजाय वर्ष 2026 के बदले हुए हालात को आधार बनाकर स्टाम्प शुल्क की कमी का आरोप लगाया है, जिससे उन्हें आर्थिक और कानूनी क्षति उठानी पड़ रही है। प्रभावित पक्ष के अनुसार, सहायक आयुक्त स्टाम्प ने दो मुख्य आधारों पर कार्रवाई की: पहला, संबंधित भूमि को 5 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग से सटा हुआ मानना, और दूसरा, भूमि को आबादी से 50 मीटर की परिधि के भीतर स्थित मानना। हालांकि, पीड़ित पक्ष का स्पष्ट कहना है कि वर्ष 2022 में बैनामे के समय यह भूमि आबादी से बाहर थी और आसपास वर्तमान जैसी आवासीय संरचनाएं मौजूद नहीं थीं। उनका आरोप है कि वर्ष 2026 में बने नए मकानों और बदले हुए परिदृश्य को आधार बनाकर वर्ष 2022 की स्थिति का आकलन किया गया है, जो बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है। इसके अतिरिक्त, पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि जिस मार्ग को 5 मीटर से अधिक चौड़ा बताते हुए मूल्यांकन किया गया, वह न तो किसी स्वीकृत नक्शे में दर्ज है और न ही लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित है। उनका दावा है कि लगभग 3 मीटर चौड़े वास्तविक मार्ग को कथित तौर पर 9 मीटर तक मापकर प्रस्तुत किया गया, जबकि उक्त रास्ता उनकी ही भूमि से होकर गुजरता था। प्रभावित पक्ष का यह भी आरोप है कि सहायक आयुक्त स्टाम्प, कौशांबी ने उन्हें पर्याप्त सुनवाई और विस्तृत बहस का अवसर नहीं दिया। विपक्षी पक्ष के कथित दबाव और सांठगांठ के चलते जल्दबाजी में एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया गया। इतना ही नहीं, पुनः सुनवाई (रेस्टोरेशन) का अवसर देने से भी कथित तौर पर इनकार किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि किसी भी संपत्ति का मूल्यांकन उसी समय की वास्तविक परिस्थितियों और अभिलेखों के आधार पर किया जाना चाहिए, न कि वर्षों बाद उत्पन्न हुए तथ्यों के आधार पर। इसलिए, वे रेस्टोरेशन स्वीकार कर 2022 के हालातों पर आधारित पूरी सुनवाई की मांग कर रहे हैं।
कौशांबी में एक बैनामे को लेकर सहायक आयुक्त स्टाम्प द्वारा की गई कार्रवाई पर प्रभावित पक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। यह मामला पश्चिम शरीरा के गाटा संख्या 757(क) में वर्ष 2022 में निष्पादित एक बैनामे से संबंधित है, जिस पर पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सहायक आयुक्त स्टाम्प ने वर्ष 2022 की वास्तविक परिस्थितियों के बजाय वर्ष 2026 के बदले हुए हालात को आधार बनाकर स्टाम्प शुल्क की कमी का आरोप लगाया है, जिससे उन्हें आर्थिक और कानूनी क्षति उठानी पड़ रही है। प्रभावित पक्ष के अनुसार, सहायक आयुक्त स्टाम्प ने दो मुख्य आधारों पर कार्रवाई की: पहला, संबंधित भूमि को 5 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग से सटा हुआ मानना, और दूसरा, भूमि को आबादी से 50 मीटर की परिधि के भीतर स्थित मानना। हालांकि, पीड़ित पक्ष का स्पष्ट कहना है कि वर्ष 2022 में बैनामे के समय यह भूमि आबादी से बाहर थी और आसपास वर्तमान जैसी आवासीय संरचनाएं मौजूद नहीं थीं। उनका आरोप है कि वर्ष 2026 में बने नए मकानों और बदले हुए परिदृश्य को आधार बनाकर वर्ष 2022 की स्थिति का आकलन किया गया है, जो बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है। इसके अतिरिक्त, पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि जिस मार्ग को 5 मीटर से अधिक चौड़ा बताते हुए मूल्यांकन किया गया, वह न तो किसी स्वीकृत नक्शे में दर्ज है और न ही लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित है। उनका दावा है कि लगभग 3 मीटर चौड़े वास्तविक मार्ग को कथित तौर पर 9 मीटर तक मापकर प्रस्तुत किया गया, जबकि उक्त रास्ता उनकी ही भूमि से होकर गुजरता था। प्रभावित पक्ष का यह भी आरोप है कि सहायक आयुक्त स्टाम्प, कौशांबी ने उन्हें पर्याप्त सुनवाई और विस्तृत बहस का अवसर नहीं दिया। विपक्षी पक्ष के कथित दबाव और सांठगांठ के चलते जल्दबाजी में एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया गया। इतना ही नहीं, पुनः सुनवाई (रेस्टोरेशन) का अवसर देने से भी कथित तौर पर इनकार किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि किसी भी संपत्ति का मूल्यांकन उसी समय की वास्तविक परिस्थितियों और अभिलेखों के आधार पर किया जाना चाहिए, न कि वर्षों बाद उत्पन्न हुए तथ्यों के आधार पर। इसलिए, वे रेस्टोरेशन स्वीकार कर 2022 के हालातों पर आधारित पूरी सुनवाई की मांग कर रहे हैं।
- कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक महिला, बबली, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बीती रात, उसका शव एक कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की माता का कहना है कि उनकी बेटी के पति और सास लगातार ₹50 हजार नकद और एक दोपहिया वाहन की मांग कर रहे थे। मायके पक्ष का आरोप है कि इन मांगों को पूरा न करने पर बबली को प्रताड़ित किया जाता था और अंततः दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद शव को फांसी पर लटका दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।1
- 10 न्यूज़ नेशन द्वारा 23 जून को रात 10 बजे दिनभर की 10 प्रमुख खबरें प्रस्तुत की जाएंगी। यह समाचार प्रस्तुति कौशांबी की खबरों पर केंद्रित होगी, जिसे 'वॉयस ऑफ कौशांबी' और 'कौशांबी न्यूज़' के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। इस विशेष बुलेटिन में दिनभर के महत्वपूर्ण समाचार अपडेट शामिल होंगे।1
- कौशाम्बी के आर्कोमहावीरपुर फीटर के अंतर्गत पावर हाउस के जे.ई. निशार अहमद पर गंभीर धांधली और मनमानी का आरोप लगा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जे.ई. निशार अहमद द्वारा लाइनमैनों से पैसा वसूलने, बिजली बनाने और बिगाड़ने का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है। उन पर उपभोक्ताओं से फोन पर अनाप-शनाप बातें करने का भी आरोप है, जिसे उनकी आदत बताया गया है। पूर्व में भी उपभोक्ताओं से वसूली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनता का आरोप है कि जे.ई. निशार अहमद की शह पर प्रतिदिन बिजली कटौती, हाफ लाइट और ट्रांसफॉर्मर से फ्यूज उड़ाकर जनता को परेशान किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से पैसे वसूलकर दो-दो दिन लाइट न बनाने और फिर पैसा लेकर लाइट बनाने का चलन लाइनमैनों का पेशा बन चुका है। ग्राम सभा गौहानी मलाका की जनता इस रवैये से त्रस्त है। जे.ई. निशार अहमद ने उपभोक्ताओं को धमकी देते हुए कहा है कि लाइट बिगड़ने पर वे उन्हें फोन न करें, बल्कि पावर हाउस जाकर शिकायत करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि यदि शिकायत करने वाले व्यक्ति के कारण किसी लाइनमैन को कुछ भी होता है, तो उसकी जवाबदारी शिकायतकर्ता की होगी। रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें जे.ई. निशार अहमद स्वयं यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि शिकायतकर्ता जिम्मेदार होगा यदि लाइनमैन को कुछ होता है। जनता का सवाल है कि क्या जे.ई. निशार अहमद का इस तरह उपभोक्ताओं को धमकाना उचित है और क्या उन्हें उच्चाधिकारियों का कोई खौफ नहीं है। आरोप है कि जे.ई. निशार अहमद खुद को पावर हाउस का मालिक समझने लगे हैं। गौहानी मलाका की जनता न्याय की मांग कर रही है और पूछ रही है कि उन्हें इस मनमाने जे.ई. से कब छुटकारा मिलेगा। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो ग्राम सभा गौहानी मलाका से एक बड़ा जन सैलाब निकलेगा और जे.ई. निशार अहमद के मालिकाना हक को पावर हाउस से हटा दिया जाएगा। अब देखना यह है कि क्या कोई उच्चाधिकारी इस बेलगाम जे.ई. पर लगाम लगाएगा।2
- कौशांबी जिले में मुहर्रम के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस लगातार धर्मगुरुओं के संपर्क में है और जिलाधिकारी के साथ सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई है। प्रशासन ने लोगों को ताजिया और मातम के दौरान छुरीबाजी न करने संबंधी दिशानिर्देशों से अवगत कराया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुहर्रम के सभी जुलूस तय मार्गों और परंपरागत व्यवस्था के तहत ही निकाले जाएंगे। जनपद में 8वीं, 9वीं और 10वीं मुहर्रम के जुलूसों के लिए जोनल व सेक्टर प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं।1
- पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी, श्री सत्यनारायण ने जनपद में मोहर्रम को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने इन तैयारियों पर एक वीडियो बाइट जारी की है, जिसमें प्रशासन द्वारा मोहर्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक असामान्य घटना सामने आई है, जहां एक बच्चे की परीक्षा छूट जाने के बाद उसका परिवार सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) से ही भिड़ गया। आमतौर पर पुलिस अधिकारियों के साथ जनता की बहस उपनिरीक्षक (SO) या थाना प्रभारी (SHO) स्तर पर देखी जाती है, लेकिन यह पहली बार है जब लोगों का सीधा टकराव एक कप्तान से हुआ। इस पूरी बहस के दौरान, SP ने अत्यंत सभ्यता और शालीनता का परिचय दिया।1
- लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस में सीट पर सामान रखने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ट्रेन से उतरते समय, एक अधेड़ व्यक्ति ने अकेली महिला पर हमला कर दिया। उसने महिला को धक्का देते हुए बेरहमी से पीटा और उसे ट्रेन के नीचे धकेलने का भी प्रयास किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नामर्द द्वारा अकेली महिला पर 'मर्दानगी' दिखाने और वहाँ मौजूद लोगों की बुज़दिली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है, जिन्होंने यह तमाशा देखा।1