Shuru
Apke Nagar Ki App…
चम्पावत के बनबसा आर्मी कैंट क्षेत्र में लगी भीषण आग को फायरकर्मियों ने बुझाकर एक बड़े हादसे को टाल दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से जान-माल का बड़ा नुकसान होने से बच गया।
The Public Matter
चम्पावत के बनबसा आर्मी कैंट क्षेत्र में लगी भीषण आग को फायरकर्मियों ने बुझाकर एक बड़े हादसे को टाल दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से जान-माल का बड़ा नुकसान होने से बच गया।
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- 2014 में शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान 2019 तक देश को खुले में शौच मुक्त करने में सफल रहा। अब यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की ओर बढ़ रहा है। गोबर से खाद, गैस और 'सूर्य घर' जैसी योजनाएं गांवों को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बना रही हैं।1
- उत्तराखंड के भवाली में यौन शोषण के गंभीर आरोपी रसूखदार व्यापारी नेता नरेश पांडे को नैनीताल पुलिस ने टॉयलेट से घसीटकर हिरासत में लिया। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है; उसके चार बंदूकधारी बाउंसर भी पुलिस की गिरफ्त में आए।1
- गरुड़ में आयोजित थाना दिवस के दौरान स्थानीय लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और जनसरोकारों को पुलिस के सामने रखा। इसके जवाब में पुलिस ने जनता की सुरक्षा और विश्वास को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच संबंधों में मजबूती आने की उम्मीद है।1
- अल्मोड़ा जिले में 'धोनी का मेला' आयोजित होने की खबर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इस अनूठे मेले के आयोजन स्थल और समय को लेकर लोगों में खास दिलचस्पी देखी जा रही है।1
- बागेश्वर जनपद के जंगलों में लगी भीषण आग से कौसानी और बैजनाथ जैसे पर्यटन स्थलों की सुंदरता तबाह हो गई है। हिमालय के साफ नज़ारे धुएँ में छिपने से पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायी भी चिंतित हैं। यह असामान्य गर्मी का नतीजा है, जिस पर प्रशासन काबू पाने की कोशिश कर रहा है।1
- सपा सांसद इकरा हसन ने कथित पुलिस हिरासत से छूटने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें सिर्फ 'ड्रामा' करने और दबाव बनाने के लिए लाई थी, जबकि एक शोकसंतप्त माँ को डीआईजी कार्यालय से रोते हुए निकलना पड़ा।1
- चम्पावत में एक 19 वर्षीय छात्र रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।1
- गरुड़ क्षेत्र के ग्वाडपजेड़ा गाँव में 'सरकार जनता के द्वार' कैंप के साथ तहसील दिवस का आयोजन हुआ, जहाँ ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की समस्याएँ रखीं। उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल ने शिकायतों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को इनके त्वरित समाधान के लिए सख्त निर्देश दिए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समस्याओं के जल्द निपटारे और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।1
- उत्तराखंड के चंपावत में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जहां मंच पर नृत्य चल रहा था, वहीं पास ही बेरोजगार युवाओं पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। यह शर्मनाक घटना राज्य के 'आदर्श जिले' के दावों की पोल खोलती है और सवाल खड़े करती है।1