कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित ताली गांव में रविवार सुबह धान कुटाई के दौरान एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। मुंडेरा किन्नर मजरा ताली गांव निवासी सुनीता पत्नी रघुवीर सुबह करीब 10:30 बजे गांव की धान कुटाई चक्की पर धान कुटवाने गई थीं, तभी उनकी साड़ी चक्की के घूमते पट्टे में फंस गई, जिससे वह अचेत होकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसा होते ही चक्की संचालक ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर महिला के मामा प्रेम बाबू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से घायल सुनीता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) झींझक पहुंचाया। सीएचसी झींझक में तैनात चिकित्सक डॉ. सोनाली आनंद ने रविवार दोपहर लगभग तीन बजे बताया कि महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन गंभीर चोटें होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इस घटना के बाद महिला के परिजनों में चिंता का माहौल है।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित ताली गांव में रविवार सुबह धान कुटाई के दौरान एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। मुंडेरा किन्नर मजरा ताली गांव निवासी सुनीता पत्नी रघुवीर सुबह करीब 10:30 बजे गांव की धान कुटाई चक्की पर धान कुटवाने गई थीं, तभी उनकी साड़ी चक्की के घूमते पट्टे में फंस गई, जिससे वह अचेत होकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसा होते ही चक्की संचालक ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर महिला के मामा प्रेम बाबू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से घायल सुनीता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) झींझक पहुंचाया। सीएचसी झींझक में तैनात चिकित्सक डॉ. सोनाली आनंद ने रविवार दोपहर लगभग तीन बजे बताया कि महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन गंभीर चोटें होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इस घटना के बाद महिला के परिजनों में चिंता का माहौल है।
- लखनऊ में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की मौत के बाद कानपुर देहात प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के निर्देश पर मंगलवार को डेरापुर उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम और क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी ने मंगलपुर पुलिस के साथ मिलकर झींझक नगर में संचालित कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और प्रशिक्षण संस्थानों में एक सघन जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और संचालन संबंधी खामियां पाए जाने पर दो संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी गई। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए इस अभियान में अधिकारियों ने सबसे पहले सीएसजेम एजुकेशन सेंटर कौशल एवं प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया, जहाँ भवन में आपातकालीन निकास द्वार न होने और अन्य सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने के कारण संस्थान को सीज करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद स्टेशन रोड स्थित ओमनगर में संचालित 4 नेट कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की जाँच की गई, जहाँ निर्धारित मानक पूरे नहीं पाए जाने पर संचालक को चेतावनी देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया। भोलानगर स्थित पाल कॉम्प्लेक्स में दो अग्निशमन सिलेंडर एक्सपायर मिले, जिस पर संबंधित संस्थान को नोटिस जारी किया गया। वहीं, राम पैलेस भवन में संचालित शोभा अचीवर्स लाइब्रेरी की जाँच के दौरान संचालक मौके पर नहीं मिला और संचालन संबंधी आवश्यक अभिलेख व सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई। उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम ने बताया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, संचालन संबंधी कमियों और अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर दो लाइब्रेरी और आईटी सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सीज किया गया है। अन्य संस्थानों के संचालकों को भी विधिक नोटिस जारी कर मानकों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। इस अभियान में अग्निशमन विभाग से राजनारायण सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी, मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार दुबे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- कानपुर देहात में महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत भोगनीपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम गिरदौ निवासी मानसिंह ने 20 जून 2026 को भोगनीपुर थाने में एक तहरीर दी थी, जिसके आधार पर मुकदमा संख्या 212/2026 धारा 87/137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मानसिंह ने आरोप लगाया था कि घाटमपुर थाना क्षेत्र के सलामतपुर निवासी सूरज पुत्र स्वर्गीय अनिल कुमार ने उनकी लगभग 16 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर घर से भगा लिया था। काफी तलाश के बावजूद किशोरी का पता नहीं चल सका था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, भोगनीपुर पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में, मंगलवार को पुलिस ने 24 वर्षीय आरोपी सूरज को बढ़ौली मोड़ से आगे पुखरायां रोड किनारे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने किशोरी को अपने साथ ले जाने की बात स्वीकार की और बताया कि वह उससे प्रेम करता है तथा उसी से शादी करना चाहता है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि महिला संबंधी अपराधों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में चौकी प्रभारी देवीपुरा उपनिरीक्षक अतेंद्र कुमार, कांस्टेबल यतेन्द्र सिंह और आरक्षी सोवेंद्र कुमार शामिल थे।3
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र में यमुना नदी में लगातार अवैध रूप से मछलियों का शिकार जारी है, जिससे संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालाँकि, इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसे यमुना नदी क्षेत्र का ही बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यमुना नदी के किनारे स्थित भुपैयापुर, गौहानी बांगर, बिलासपुर, बैजामऊ और महेशपुर गांवों के आसपास बड़े पैमाने पर मछली शिकार की शिकायतें सामने आ रही हैं। जिला प्रशासन ने 31 मई 2026 से मछलियों के शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है, क्योंकि जून माह में अधिकांश मछलियाँ अंडे देती हैं और सितंबर तक उनके बच्चों का विकास होता है। मत्स्य संपदा के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से हर वर्ष इस अवधि में प्रतिबंध लगाया जाता है, इसके बावजूद कुछ मछुआरे चोरी-छिपे नदी में जाल डालकर मछली पकड़ रहे हैं, जिससे मत्स्य संपदा को भारी नुकसान पहुँचने की आशंका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक निगरानी के अभाव में प्रतिबंध का प्रभावी पालन नहीं हो पा रहा है और यमुना नदी में खुलेआम मछलियों का शिकार किया जा रहा है। इस मामले पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने संज्ञान लेते हुए बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है। उन्होंने अवैध मछली शिकार पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और यमुना नदी में हो रहे अवैध मछली शिकार पर प्रभावी रोक लग पाती है या नहीं।1
- समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिस कोचिंग में यह घटना हुई, उसका गेट थंब इंप्रेशन से खुलता था, लेकिन आग लगने के कारण ऑटोमेटिक लॉक नहीं खुल पाया। इसी वजह से यह हादसा और भी गंभीर हो गया। इस हृदय विदारक घटना में दिवंगत छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों की आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस असीम दुःख की घड़ी में धैर्य, साहस व शक्ति प्रदान करने हेतु समिति परिवार के सदस्यों ने औरैया के शहीद पार्क में अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा के समापन पर सभी ने हृदय से दुःख व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर अपनी शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। एडवोकेट आनंद नाथ गुप्ता ने प्रदेश सरकार से यह भी मांग की है कि इस अचानक हुए भीषण अग्निकांड में दिवंगत हुए लोगों के परिजनों को अधिक से अधिक मुआवजा दिया जाए और सभी पीड़ितों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।1
- मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में "फैमिली आईडी : एक परिवार-एक पहचान" योजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने योजना की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। सीडीओ ने मुख्यालय के एडीओ समाज कल्याण शिव शंकर सहित सभी ब्लॉक स्तरीय एडीओ समाज कल्याण का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ ने जोर देकर कहा कि फैमिली आईडी योजना शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पंजीकरण, सत्यापन और लंबित मामलों का निस्तारण तेजी से कराने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- रूरा क्षेत्र के धनीरामपुर स्थित श्री बाला जी धाम में रविवार को भक्ति, श्रद्धा और सेवा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। पालीवाल नगर रूरा निवासी प्रदीप त्रिवेदी (एडवोकेट), अक्षिता त्रिवेदी (असिस्टेंट कमिश्नर) एवं अभिनव त्रिवेदी (एडवोकेट, इलाहाबाद) ने अपने परिवार और इष्टमित्रों के साथ प्रभु श्री बाला जी महाराज की असीम कृपा से मंदिर परिसर में सवामनी भंडारा और सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन कराया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया। इस दौरान उपस्थित भक्तों ने हनुमान जी के जयकारों के साथ भक्ति रस का आनंद लिया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में एक धार्मिक वातावरण व्याप्त रहा। श्रद्धालु लगातार भगवान श्री बाला जी महाराज के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुँचते रहे। सुंदरकांड पाठ के उपरांत आयोजित सवामनी भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और देर शाम तक श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा। इस आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों और मित्रों ने भी सहभागिता कर आयोजक परिवार को शुभकामनाएँ दीं। आयोजकों ने भगवान श्री बाला जी महाराज की कृपा और आशीर्वाद को इस धार्मिक आयोजन का सौभाग्य बताया और सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिहरपुर चौराहे पर ऑटो चालकों की दबंगई और सवारियों, विशेषकर महिलाओं, के साथ अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सिकंदरा से औरैया जाने के लिए ऑटो बुक करने के दौरान अशोक नगर निवासी निर्मल सविता, जो किशन दत्त सविता के पुत्र हैं, पर सवारियों के साथ मारपीट और महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद नाराज महिलाओं ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और पूछताछ के लिए दोनों पक्षों को सिकंदरा थाना ले गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हरिहरपुर चौराहे से लेकर बिरहाना चौराहे तक अक्सर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के बीच विवाद, सवारियों को लेकर कहासुनी, गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएँ सामने आती रहती हैं। इसके अतिरिक्त, आरोप है कि कई बार सड़क पर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात जाम हो जाता है और राहगीरों व यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए और ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों और आम नागरिकों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।3
- राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग झुलसकर घायल हो गए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद एक कोचिंग सेंटर में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए कई छात्र-छात्राओं ने भवन की छत से छलांग लगा दी, जबकि कुछ अन्य छात्रों ने बाथरूम में छिपकर खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास किया। दमकल कर्मियों और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने भी मौके का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की गहन जांच कराई जा रही है। क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं, और प्रशासन ने घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई संभावित लापरवाही की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।2