सीतापुर जिले की महमूदाबाद तहसील अंतर्गत विकासखंड पहला के ग्राम पंचायत भुड़कुड़ा स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड में यूरिया खाद वितरण को लेकर किसानों ने जोरदार हंगामा किया। बुधवार को समिति के सचिव की गैरमौजूदगी में खाद बांटी गई, जिससे नाराज सैकड़ों किसानों ने वितरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रत्यक्षदर्शी किसानों के मुताबिक, वे सुबह से ही लाइन में लगे रहे, लेकिन दिनभर में केवल सीमित लोगों को ही खाद दी गई और अधिकांश किसानों को खाली हाथ लौटा दिया गया। किसान वितरण में मनमानी और अवैध वसूली का भी आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि यूरिया का सरकारी निर्धारित मूल्य ₹267.50 प्रति बोरी है, लेकिन उनसे ₹275 प्रति बोरी वसूले गए यानी हर बोरी पर ₹8.50 अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें समिति का एक चौकीदार कथित तौर पर किसानों से "₹600 की बोरी देंगे, जिसको लेना हो ले लो" कहते दिख रहा है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके अलावा परिसर के सूचना बोर्ड पर खाद का स्टॉक, वितरण का ब्योरा और कर्मचारियों की जानकारी भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। घटनास्थल पर मौजूद डॉ. राम सिंह, प्रताप सिंह, रिंकू, राजेंद्र, राम सागर, जलूसी, गंगाराम, इंद्रपाल, रमाकांत, राहुल, संबरी, बल्लू उर्फ ओम प्रकाश, महावीर, मोहन, अवधेश भार्गव और शिशु मौर्य समेत अन्य किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी को पारदर्शी तरीके से खाद मुहैया कराने की मांग की है। इस घटना ने सहकारी समितियों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच पर हैं।
सीतापुर जिले की महमूदाबाद तहसील अंतर्गत विकासखंड पहला के ग्राम पंचायत भुड़कुड़ा स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड में यूरिया खाद वितरण को लेकर किसानों ने जोरदार हंगामा किया। बुधवार को समिति के सचिव की गैरमौजूदगी में खाद बांटी गई, जिससे नाराज सैकड़ों किसानों ने वितरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रत्यक्षदर्शी किसानों के मुताबिक, वे सुबह से ही लाइन में लगे रहे, लेकिन दिनभर में केवल सीमित लोगों को ही खाद दी गई और अधिकांश किसानों को खाली हाथ लौटा दिया गया। किसान वितरण में मनमानी और अवैध वसूली का भी आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि यूरिया का सरकारी निर्धारित मूल्य ₹267.50 प्रति बोरी है, लेकिन उनसे ₹275 प्रति बोरी वसूले गए यानी हर बोरी पर ₹8.50 अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें समिति का एक चौकीदार कथित तौर पर किसानों से "₹600 की बोरी देंगे, जिसको लेना हो ले लो" कहते दिख रहा है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके अलावा परिसर के सूचना बोर्ड पर खाद का स्टॉक, वितरण का ब्योरा और कर्मचारियों की जानकारी भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। घटनास्थल पर मौजूद डॉ. राम सिंह, प्रताप सिंह, रिंकू, राजेंद्र, राम सागर, जलूसी, गंगाराम, इंद्रपाल, रमाकांत, राहुल, संबरी, बल्लू उर्फ ओम प्रकाश, महावीर, मोहन, अवधेश भार्गव और शिशु मौर्य समेत अन्य किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी को पारदर्शी तरीके से खाद मुहैया कराने की मांग की है। इस घटना ने सहकारी समितियों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच पर हैं।
- सीतापुर जिले के सदरपुर थाना क्षेत्र में गुड़ैचा–सदरपुर मार्ग पर नारायन फार्मेसी के पास स्थित एक मुर्गा फार्म में अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने फार्म की जाली तोड़कर अंदर प्रवेश किया और करीब चार क्विंटल मुर्गे चुरा ले गए, जबकि करीब चार क्विंटल मुर्गों को मार डाला। इसके अलावा चोर कांटा-बांट, एक बड़ा बैटर और लगभग ₹10 हजार की नकदी समेत अन्य सामान भी चुरा ले गए। फार्म संचालक कलीम के अनुसार, वे रात करीब 12 बजे बिसवां से मुर्गे लाकर फार्म पर उतारने के बाद घर चले गए थे। सुबह करीब 4 बजे वापस लौटने पर फार्म की जाली टूटी मिली और सारा सामान व मुर्गे गायब थे। इस चोरी और तोड़फोड़ से फार्म संचालक को करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद डायल 112 की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी। सदरपुर इलाके में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुलिस अब तक चोरों पर प्रभावी अंकुश लगाने में सफल नहीं दिख रही है और गश्त व निगरानी व्यवस्था मजबूत होने पर ही ऐसी वारदातों पर रोक लगाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी है।3
- अभिजीत दीपके ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा के गुंडे पत्थरबाजी कर रहे हैं। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। वहीं दूसरी ओर, 'कॉकरोच पार्टी' के प्रदर्शन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में कल सुनवाई होने जा रही है।1
- बैराजों से छोड़े गए पानी के बाद रेउसा क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर में हो रही इस वृद्धि के कारण तटीय इलाकों और कछारों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिससे सैकड़ों बीघे धान की फसल और खेती जलमग्न होने की कगार पर पहुँच गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ राहत दल सक्रिय हो गया है और कछारी इलाकों में डेरा डाल दिया है। बाढ़ राहत दल के साथ कमांडेंट IPS संतोष मीना ने खुद स्टीमर में सवार होकर नदी के बढ़ते जलस्तर और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन और राहत दल द्वारा प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जा सके।1
- भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन कांग्रेस खुद इस बहस से भाग रही है। अरुण चतुर्वेदी ने दावा किया कि अगर इस मुद्दे पर संसद में बहस हुई तो सबके चेहरे जनता के सामने आ जाएंगे। पूर्व की गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि गहलोत राज में 19 पेपर लीक हुए थे और इसी वजह से कांग्रेस इस मामले पर चर्चा का सामना करने से बच रही है।1
- बहराइच कलेक्ट्रेट परिसर स्थित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान कार्यालय (एन.आई.सी.) के नवनिर्मित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल का 22 जुलाई को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी द्वारा उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी योगेश यादव, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता सुजीत सिन्हा, अवर अभियंता डी.एन. सिंह, उ.प्र. लघु उद्योग निगम लिमिटेड निर्माण खण्ड-4 से चंद्र प्रकाश त्रिवेदी सहित कई अन्य अधिकारी और एनआईसी का स्टाफ मौजूद रहा। क्रिटिकल गैप योजना के अंतर्गत कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा ₹95.00 लाख की लागत से इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही, हॉल में कॉन्फ्रेंसिंग टेबल, टीवी कैबिनेट और कैमरा स्टैंड टेबल जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए कार्यदायी संस्था उ.प्र. लघु उद्योग निगम लिमिटेड, निर्माण खण्ड-4 (यूपीएसआईसी) द्वारा ₹6.12 लाख की लागत से कार्य पूरा किया गया है।1
- सीतापुर जिले की महमूदाबाद तहसील अंतर्गत विकासखंड पहला के ग्राम पंचायत भुड़कुड़ा स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड में यूरिया खाद वितरण को लेकर किसानों ने जोरदार हंगामा किया। बुधवार को समिति के सचिव की गैरमौजूदगी में खाद बांटी गई, जिससे नाराज सैकड़ों किसानों ने वितरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रत्यक्षदर्शी किसानों के मुताबिक, वे सुबह से ही लाइन में लगे रहे, लेकिन दिनभर में केवल सीमित लोगों को ही खाद दी गई और अधिकांश किसानों को खाली हाथ लौटा दिया गया। किसान वितरण में मनमानी और अवैध वसूली का भी आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि यूरिया का सरकारी निर्धारित मूल्य ₹267.50 प्रति बोरी है, लेकिन उनसे ₹275 प्रति बोरी वसूले गए यानी हर बोरी पर ₹8.50 अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें समिति का एक चौकीदार कथित तौर पर किसानों से "₹600 की बोरी देंगे, जिसको लेना हो ले लो" कहते दिख रहा है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके अलावा परिसर के सूचना बोर्ड पर खाद का स्टॉक, वितरण का ब्योरा और कर्मचारियों की जानकारी भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। घटनास्थल पर मौजूद डॉ. राम सिंह, प्रताप सिंह, रिंकू, राजेंद्र, राम सागर, जलूसी, गंगाराम, इंद्रपाल, रमाकांत, राहुल, संबरी, बल्लू उर्फ ओम प्रकाश, महावीर, मोहन, अवधेश भार्गव और शिशु मौर्य समेत अन्य किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी को पारदर्शी तरीके से खाद मुहैया कराने की मांग की है। इस घटना ने सहकारी समितियों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच पर हैं।1
- देश की राजधानी दिल्ली के बाद अब बिहार में भी छात्रों का प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। पटना के जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई की गई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही पुलिस की ओर से छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज भी किया गया है। छात्र पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जता रहे थे। इसी मांग के सिलसिले में छात्र आज भवन तक मार्च निकाल रहे थे, जिसके दौरान पुलिस ने उन पर यह बल प्रयोग किया।1