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जहानाबाद : काको सूर्य मंदिर में ‘मगही चौपाल’: भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन तेज करने का आह्वान। जहानाबाद जिले के काको सूर्य मंदिर परिसर में बुधवार को गौतम परासर के संयोजन में ‘मगही चौपाल’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। चौपाल का मुख्य उद्देश्य मगही भाषा के संरक्षण, संवर्धन और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए चल रहे आंदोलन को और मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मगही भाषा बिहार की प्राचीन और समृद्ध भाषाओं में से एक है, लेकिन आज भी इसे वह पहचान नहीं मिल पाई है जिसकी यह हकदार है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आधुनिकता और बदलती जीवनशैली के कारण नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर होती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि युवाओं को मगही भाषा और उसकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जाए। वक्ताओं ने जनगणना में अपनी मातृभाषा के रूप में ‘मगही’ दर्ज कराने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि जब तक लोग स्वयं अपनी भाषा की पहचान को दर्ज नहीं कराएंगे, तब तक उसे सरकारी स्तर पर उचित महत्व नहीं मिल पाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आने वाली जनगणना में बढ़-चढ़कर अपनी भाषा मगही ही लिखवाएं। चौपाल में यह भी चर्चा हुई कि मगही भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए साहित्यिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और सोशल मीडिया का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में भी इस दिशा में पहल करने की बात कही गई। साथ ही, स्थानीय कलाकारों और लेखकों को मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को सामने लाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मगही भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जा सके और मगही भाषा को उसका सम्मानजनक स्थान दिलाया जा सके।

4 hrs ago
user_Pawan Kumar
Pawan Kumar
पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
4 hrs ago

जहानाबाद : काको सूर्य मंदिर में ‘मगही चौपाल’: भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन तेज करने का आह्वान। जहानाबाद जिले के काको सूर्य मंदिर परिसर में बुधवार को गौतम परासर के संयोजन में ‘मगही चौपाल’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। चौपाल का मुख्य उद्देश्य मगही भाषा के संरक्षण, संवर्धन और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए चल रहे आंदोलन को और मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मगही भाषा बिहार की प्राचीन और समृद्ध भाषाओं में से एक है, लेकिन आज भी इसे वह पहचान नहीं मिल पाई है जिसकी यह हकदार है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आधुनिकता और बदलती जीवनशैली के कारण नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर होती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि युवाओं को मगही भाषा और उसकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जाए। वक्ताओं ने जनगणना में अपनी मातृभाषा के रूप में ‘मगही’ दर्ज कराने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि जब तक लोग स्वयं अपनी भाषा की पहचान को दर्ज नहीं कराएंगे, तब तक उसे सरकारी स्तर पर उचित महत्व नहीं मिल पाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आने वाली जनगणना में बढ़-चढ़कर अपनी भाषा मगही ही लिखवाएं। चौपाल में यह भी चर्चा हुई कि मगही भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए साहित्यिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और सोशल मीडिया का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में भी इस दिशा में पहल करने की बात कही गई। साथ ही, स्थानीय कलाकारों और लेखकों को मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को सामने लाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मगही भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जा सके और मगही भाषा को उसका सम्मानजनक स्थान दिलाया जा सके।

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  • जहानाबाद जिले के काको सूर्य मंदिर परिसर में बुधवार को गौतम परासर के संयोजन में ‘मगही चौपाल’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। चौपाल का मुख्य उद्देश्य मगही भाषा के संरक्षण, संवर्धन और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए चल रहे आंदोलन को और मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मगही भाषा बिहार की प्राचीन और समृद्ध भाषाओं में से एक है, लेकिन आज भी इसे वह पहचान नहीं मिल पाई है जिसकी यह हकदार है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आधुनिकता और बदलती जीवनशैली के कारण नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर होती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि युवाओं को मगही भाषा और उसकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जाए। वक्ताओं ने जनगणना में अपनी मातृभाषा के रूप में ‘मगही’ दर्ज कराने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि जब तक लोग स्वयं अपनी भाषा की पहचान को दर्ज नहीं कराएंगे, तब तक उसे सरकारी स्तर पर उचित महत्व नहीं मिल पाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आने वाली जनगणना में बढ़-चढ़कर अपनी भाषा मगही ही लिखवाएं। चौपाल में यह भी चर्चा हुई कि मगही भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए साहित्यिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और सोशल मीडिया का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में भी इस दिशा में पहल करने की बात कही गई। साथ ही, स्थानीय कलाकारों और लेखकों को मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को सामने लाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मगही भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जा सके और मगही भाषा को उसका सम्मानजनक स्थान दिलाया जा सके।
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    जहानाबाद जिले के काको सूर्य मंदिर परिसर में बुधवार को गौतम परासर के संयोजन में ‘मगही चौपाल’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। चौपाल का मुख्य उद्देश्य मगही भाषा के संरक्षण, संवर्धन और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए चल रहे आंदोलन को और मजबूत बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मगही भाषा बिहार की प्राचीन और समृद्ध भाषाओं में से एक है, लेकिन आज भी इसे वह पहचान नहीं मिल पाई है जिसकी यह हकदार है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि आधुनिकता और बदलती जीवनशैली के कारण नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर होती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि युवाओं को मगही भाषा और उसकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जाए।
वक्ताओं ने जनगणना में अपनी मातृभाषा के रूप में ‘मगही’ दर्ज कराने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि जब तक लोग स्वयं अपनी भाषा की पहचान को दर्ज नहीं कराएंगे, तब तक उसे सरकारी स्तर पर उचित महत्व नहीं मिल पाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आने वाली जनगणना में बढ़-चढ़कर अपनी भाषा मगही ही लिखवाएं।
चौपाल में यह भी चर्चा हुई कि मगही भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए साहित्यिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और सोशल मीडिया का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में भी इस दिशा में पहल करने की बात कही गई। साथ ही, स्थानीय कलाकारों और लेखकों को मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को सामने लाने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मगही भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जा सके और मगही भाषा को उसका सम्मानजनक स्थान दिलाया जा सके।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    4 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर उठने लगे सवाल, मेंटेनेंस की कमी से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
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    मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर उठने लगे सवाल, मेंटेनेंस की कमी से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
    user_मनोज कुमार
    मनोज कुमार
    पत्रकार हुलासगंज, जहानाबाद, बिहार•
    2 hrs ago
  • I am Neha Sinha please subscribe my channel
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    I am Neha Sinha please subscribe my channel
    user_Neha Sinha
    Neha Sinha
    Photographer Belaganj, Gaya•
    9 hrs ago
  • पटना जिला के बिहटा है थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने फोर व्हीलर वाहन से हथियार एवं कारतूस बरामद किया
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    पटना जिला के बिहटा है थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने फोर व्हीलर वाहन से हथियार एवं कारतूस बरामद किया
    user_संध्या न्यूज़ NH139 पालीगंज
    संध्या न्यूज़ NH139 पालीगंज
    पालीगंज, पटना, बिहार•
    21 hrs ago
  • पटना जिले के रानीतालाब थाना की पुलिस ने वाहन जांच के दौरान लाइसेंसी हथियारों को जप्त किया है। इस दौरान दो व्यक्ति को पकड़ा भी गया। हालांकि बाद में पूछताक्ष के बाद दोनों व्यक्ति को पी आर बाउंड पर मुक्त कर दिया गया है। बता दें कि रानीतालाब थाना की पुलिस कनपा पुल के पास वाहन जांच अभियान चला रही थी इसी दौरान एक वाहन BR 01FJ 3106 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ही पुलिस ने 1 राइफल, 1 पिस्टल और 33 कारतूस को बरामद किया।
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    पटना जिले के रानीतालाब थाना की पुलिस ने वाहन जांच के दौरान लाइसेंसी हथियारों को जप्त किया है। इस दौरान दो व्यक्ति को पकड़ा भी गया। हालांकि बाद में पूछताक्ष के बाद दोनों व्यक्ति को पी आर बाउंड पर मुक्त कर दिया गया है। बता दें कि रानीतालाब थाना की पुलिस कनपा पुल के पास वाहन जांच अभियान चला रही थी इसी दौरान एक वाहन BR 01FJ 3106 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ही पुलिस ने 1 राइफल, 1 पिस्टल और 33 कारतूस को बरामद किया।
    user_BIKKU SINGH
    BIKKU SINGH
    Local News Reporter बिक्रम, पटना, बिहार•
    22 hrs ago
  • baccha chor ko pakado Apne bacchon Ko Sattar kar rakho public log
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    baccha chor ko pakado Apne bacchon Ko Sattar kar rakho public log
    user_Imran Raja
    Imran Raja
    General Store बिहटा, पटना, बिहार•
    1 hr ago
  • हिण्डवेयर इटैलियन कलेक्शन के साथ अब किचन और बाथरूम के आधुनिक, ब्रांडेड सामान आपके अपने शहर अरवल में उपलब्ध हैं। 9 नंबर पुल, आईसीआईसीआई बैंक के नीचे स्थित ओम साइन चंद्रकालो ट्रेडर्स में आपको मिलेंगे लेटेस्ट डिजाइन और बेहतरीन क्वालिटी के प्रोडक्ट्स। इसके साथ ही यहां सुप्रीम पाइप्स, आर्शीवाद पाइप्स और बर्जर पेंट्स जैसे भरोसेमंद ब्रांड्स भी उपलब्ध हैं। अब घर को दें नया और स्टाइलिश लुक—वो भी अपने ही शहर में, बिना कहीं दूर जाए!
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    हिण्डवेयर इटैलियन कलेक्शन के साथ अब किचन और बाथरूम के आधुनिक, ब्रांडेड सामान आपके अपने शहर अरवल में उपलब्ध हैं। 9 नंबर पुल, आईसीआईसीआई बैंक के नीचे स्थित ओम साइन चंद्रकालो ट्रेडर्स में आपको मिलेंगे लेटेस्ट डिजाइन और बेहतरीन क्वालिटी के प्रोडक्ट्स।
इसके साथ ही यहां सुप्रीम पाइप्स, आर्शीवाद पाइप्स और बर्जर पेंट्स जैसे भरोसेमंद ब्रांड्स भी उपलब्ध हैं।
अब घर को दें नया और स्टाइलिश लुक—वो भी अपने ही शहर में, बिना कहीं दूर जाए!
    user_Satveer Singh
    Satveer Singh
    Journalist अरवल, अरवल, बिहार•
    1 hr ago
  • बिहटा (पटना), मंगलवार: पटना जिले के बिहटा (सिकंदरपुर) में मंगलवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रौद्योगिकी केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। इस केंद्र के शुरू होने के साथ ही क्षेत्र को स्किल और इंडस्ट्री हब के रूप में नई पहचान मिलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस अत्याधुनिक केंद्र में स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। साथ ही मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और मुंगेर में स्थापित एक्सटेंशन सेंटर का भी शुभारंभ किया गया, जिससे इस पहल का लाभ पूरे राज्य के युवाओं तक पहुंचेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशलयुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बिहार में तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए लगभग सभी अनुमंडलों में आईटीआई की व्यवस्था की गई है और जिलों में इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “हुनरमंद युवा ही विकसित बिहार की नींव हैं।” मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि बिहटा स्थित आईआईटी पटना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे राज्य को वैश्विक तकनीक से जोड़ा जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी केंद्र बिहार के युवाओं के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि यहां रोबोटिक्स, उन्नत इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक मशीनरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे और रोजगार सृजन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मांझी ने एमएसएमई सेक्टर को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद बिहार की आर्थिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में निवेश और औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से बिहार में कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और आने वाले वर्षों में बिहटा एक प्रमुख औद्योगिक एवं तकनीकी केंद्र के रूप में उभर सकता है।
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    बिहटा (पटना), मंगलवार:
पटना जिले के बिहटा (सिकंदरपुर) में मंगलवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रौद्योगिकी केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। इस केंद्र के शुरू होने के साथ ही क्षेत्र को स्किल और इंडस्ट्री हब के रूप में नई पहचान मिलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस अत्याधुनिक केंद्र में स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। साथ ही मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और मुंगेर में स्थापित एक्सटेंशन सेंटर का भी शुभारंभ किया गया, जिससे इस पहल का लाभ पूरे राज्य के युवाओं तक पहुंचेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशलयुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बिहार में तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए लगभग सभी अनुमंडलों में आईटीआई की व्यवस्था की गई है और जिलों में इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “हुनरमंद युवा ही विकसित बिहार की नींव हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि बिहटा स्थित आईआईटी पटना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे राज्य को वैश्विक तकनीक से जोड़ा जा सके।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी केंद्र बिहार के युवाओं के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि यहां रोबोटिक्स, उन्नत इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक मशीनरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे और रोजगार सृजन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
मांझी ने एमएसएमई सेक्टर को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद बिहार की आर्थिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में निवेश और औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से बिहार में कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और आने वाले वर्षों में बिहटा एक प्रमुख औद्योगिक एवं तकनीकी केंद्र के रूप में उभर सकता है।
    user_Reporter Satyendra Yadav
    Reporter Satyendra Yadav
    Local News Reporter बिहटा, पटना, बिहार•
    21 hrs ago
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