*सीडब्ल्यूसी टीम ने आवासीय अनुसूचित जाति विद्यालय का किया निरीक्षण,* *प्रधानाध्यापक मिले गायब, बच्चों ने खोली अव्यवस्थाओं की पोल* *विकास कुमार यादव* हंटरगंज (चतरा)। हंटरगंज प्रखंड स्थित अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय में गुरुवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की टीम ने औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक बनवारी रजक निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए, जिस पर टीम ने नाराजगी जताई। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष नर्मदेश्वर सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम में संरक्षण पदाधिकारी आलोक कुमार शर्मा, सदस्य प्रियंका अधिकारी, मुकेश पांडे एवं कल्याण पदाधिकारी दिनकर कुमार शामिल थे। टीम ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत कर विद्यालय एवं छात्रावास की स्थिति की जानकारी ली।बच्चों ने टीम को बताया कि छात्रावास की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान भवन की छत से कई जगह पानी टपकता है, जिससे कमरों में पानी भर जाता है और बिस्तर भीग जाते हैं। ऐसी स्थिति में रातभर जागकर समय बिताना पड़ता है। बच्चों ने यह भी बताया कि खराब भवन के कारण पढ़ाई और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।निरीक्षण के दौरान टीम ने भोजन, आवास, पढ़ाई, स्वच्छता एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया। बच्चों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने तथा छात्रावास की स्थिति में जल्द सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश देने की बात कही।सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर आवासीय व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है। निरीक्षण में मिली कमियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई करते हुए बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।विद्यालय में सामने आई अव्यवस्थाओं और निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इन कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
*सीडब्ल्यूसी टीम ने आवासीय अनुसूचित जाति विद्यालय का किया निरीक्षण,* *प्रधानाध्यापक मिले गायब, बच्चों ने खोली अव्यवस्थाओं की पोल* *विकास कुमार यादव* हंटरगंज (चतरा)। हंटरगंज प्रखंड स्थित अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय में गुरुवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की टीम ने औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक बनवारी रजक निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए, जिस पर टीम ने नाराजगी जताई। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष नर्मदेश्वर सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम में संरक्षण पदाधिकारी आलोक कुमार शर्मा, सदस्य प्रियंका अधिकारी, मुकेश पांडे एवं कल्याण पदाधिकारी दिनकर कुमार शामिल थे। टीम ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत कर विद्यालय एवं छात्रावास की स्थिति की जानकारी ली।बच्चों ने टीम को बताया कि छात्रावास की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान भवन की छत से कई जगह पानी टपकता है, जिससे कमरों में पानी भर जाता है और बिस्तर भीग जाते हैं। ऐसी स्थिति में रातभर जागकर समय बिताना पड़ता है। बच्चों ने यह भी बताया कि खराब भवन के कारण पढ़ाई और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।निरीक्षण के दौरान टीम ने भोजन, आवास, पढ़ाई, स्वच्छता एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया। बच्चों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने तथा छात्रावास की स्थिति में जल्द सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश देने की बात कही।सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर आवासीय व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है। निरीक्षण में मिली कमियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई करते हुए बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।विद्यालय में सामने आई अव्यवस्थाओं और निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इन कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
- *सीडब्ल्यूसी टीम ने आवासीय अनुसूचित जाति विद्यालय का किया निरीक्षण,* *प्रधानाध्यापक मिले गायब, बच्चों ने खोली अव्यवस्थाओं की पोल* *विकास कुमार यादव* हंटरगंज (चतरा)। हंटरगंज प्रखंड स्थित अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय में गुरुवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की टीम ने औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक बनवारी रजक निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए, जिस पर टीम ने नाराजगी जताई। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष नर्मदेश्वर सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम में संरक्षण पदाधिकारी आलोक कुमार शर्मा, सदस्य प्रियंका अधिकारी, मुकेश पांडे एवं कल्याण पदाधिकारी दिनकर कुमार शामिल थे। टीम ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत कर विद्यालय एवं छात्रावास की स्थिति की जानकारी ली।बच्चों ने टीम को बताया कि छात्रावास की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान भवन की छत से कई जगह पानी टपकता है, जिससे कमरों में पानी भर जाता है और बिस्तर भीग जाते हैं। ऐसी स्थिति में रातभर जागकर समय बिताना पड़ता है। बच्चों ने यह भी बताया कि खराब भवन के कारण पढ़ाई और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।निरीक्षण के दौरान टीम ने भोजन, आवास, पढ़ाई, स्वच्छता एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया। बच्चों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने तथा छात्रावास की स्थिति में जल्द सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश देने की बात कही।सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर आवासीय व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है। निरीक्षण में मिली कमियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई करते हुए बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।विद्यालय में सामने आई अव्यवस्थाओं और निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इन कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- स्कूल की बदहाली पर छात्रों का हल्ला बोल ! एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे छात्र ! मिड-डे मील से लेकर गंदे शौचालय तक खोली स्कूल की पोल ! टेकारी एसडीएम ने दिए जांच के आदेश !1
- डकैती मामले में फरार चल रहे दोमुहान बोधगया से विधि विरुद्ध बालक को किया गया निरुद्ध1
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- जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में भाजपा का मशाल जुलूस पत्थलगड़ा/चतरा। जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता, पेपर लीक, पारदर्शिता की कमी एवं आयोग के मनमाने रवैये के विरोध में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी, पत्थलगड़ा मंडल की ओर से प्रखंड मुख्यालय में मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस का नेतृत्व मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार दांगी ने किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर राज्य सरकार एवं जेपीएससी के खिलाफ नारेबाजी की तथा परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और अभ्यर्थियों के साथ न्याय करने की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- हरियाणा की कानून व्यवस्था देखिए - रेप पीड़िता की माँ पुलिस कमिश्नर के सामने चीखती चिल्लाती बिलख रही है। इसकी बेटी से कई साल तक रेप किया गया है। हरियाणा की कानून व्यवस्था देखिए - रेप पीड़िता की माँ पुलिस कमिश्नर के सामने चीखती चिल्लाती बिलख रही है। इसकी बेटी से कई साल तक रेप किया गया है। गर्भपात किया है। मारपीट की गई है।बावजूद इसके पुलिस ने 3 आरोपियों को केस से बाहर कर दिया है। बेटी की हालत इतनी खराब है कि खड़ी भी नहीं हो पा रही। महिला पुलिसकर्मी ने शांत रहने को कहा, डीसी ने ऑफिस में मिलने का आश्वासन दिया। घटना यमुना नगर की है।1
- औरंगाबाद राष्ट्रीय लोक अदालत (12 सितम्बर, 2026) की सफpलता को लेकर जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ बैठक आयोजित** औरंगाबाद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA), पटना के निर्देशानुसार दिनांक **12 सितम्बर, 2026** को आयोजित होने वाली **राष्ट्रीय लोक अदालत** की सफल तैयारी एवं अधिकाधिक मामलों के सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरंगाबाद के तत्वावधान में जिले के सभी थाना प्रभारियों (SHO) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता *प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती आनंदिता सिंह ने की। बैठक में **मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (CJM) श्री लाल बिहारी पासवान**, **जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमति तान्या पटेल** तथा जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती आनंदिता सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय प्रदान करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर पुलिस पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्र में सुलह योग्य मामलों की पहचान कर **कम-से-कम 20 मामलों** को राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु चिन्हित कर संबंधित न्यायालय को भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि थाना स्तर पर पक्षकारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित किया जाए, उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों की जानकारी दी जाए तथा आपसी संवाद एवं समझाइश के माध्यम से अधिकाधिक मामलों में सहमति बनाकर उनका निस्तारण कराने का प्रयास किया जाए। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि न्यायालय से निर्गत नोटिसों का **समयानुसार एवं प्रभावी तामिला** हो, ताकि कोई भी पक्षकार सूचना के अभाव में राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होने से वंचित न रहे। **मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्री लाल बिहारी पासवान** ने कहा कि आपसी समझौते से विवादों का समाधान होने पर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, समय एवं धन की बचत होती है तथा समाज में भाईचारा, शांति एवं सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों से अपील की कि वे सुलह योग्य मामलों में पक्षकारों को समझाकर राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। **जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव** ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र के सुलह योग्य मामलों की सूची तैयार करे, पक्षकारों से नियमित संपर्क बनाए रखे तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के पूर्व अधिक से अधिक मामलों में सहमति स्थापित कराने का प्रयास करे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में थाना स्तर पर पक्षकारों के बीच सहमति बनाना कठिन प्रतीत हो अथवा प्रभावी **मध्यस्थता (Mediation)** की आवश्यकता महसूस हो, तो ऐसे मामलों को बिना विलंब **जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरंगाबाद** को भेजा जाए, ताकि प्रशिक्षित मध्यस्थों के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया जा सके। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित नोटिसों का समयबद्ध तामिला सुनिश्चित किया जाए, तामिला प्रतिवेदन समय पर संबंधित न्यायालय को उपलब्ध कराया जाए तथा न्यायालय, थाना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखा जाए। आवश्यकता पड़ने पर **प्री-लिटिगेशन मामलों** को भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को संदर्भित किया जाए, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत से पूर्व ही विवादों का सुलह-समझौते के आधार पर समाधान कराया जा सके। बैठक में यह भी कहा गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल मामलों के निस्तारण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में आपसी विश्वास, सौहार्द, भाईचारा एवं न्याय तक सरल पहुँच सुनिश्चित करने का एक सशक्त अभियान है। इसलिए सभी थाना प्रभारियों से अपेक्षा की गई कि वे इस जनहितकारी अभियान में पूरी सक्रियता एवं संवेदनशीलता के साथ अपनी भूमिका निभाएँ। बैठक के अंत में सभी थाना प्रभारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु पूर्ण सहयोग देने, अधिकाधिक सुलह योग्य मामलों को चिन्हित करने, नोटिसों का समय पर तामिला सुनिश्चित करने, पक्षकारों के बीच सहमति स्थापित कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर मामलों को मध्यस्थता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का आश्वासन दिया।1
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