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महराजगंज जिले में बकरीद और आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिख रहा है। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ-साथ शासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। इस दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Aapan Maharajganj
महराजगंज जिले में बकरीद और आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिख रहा है। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ-साथ शासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। इस दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- महराजगंज जिले में बकरीद और आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिख रहा है। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ-साथ शासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। इस दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- महराजगंज के नौतनवा तहसील मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी ने बढ़ती महंगाई, अघोषित बिजली कटौती और पेट्रोल पंपों पर डीज़ल के लिए किसानों को हो रही परेशानियों के विरोध में सोमवार को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित एक आठ सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी नवीन प्रसाद को सौंपकर आम जनता और किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव बैजू यादव ने किया। इस मौके पर सपा नेताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह से विफल रही है। नेताओं ने बताया कि किसान डीज़ल के लिए पेट्रोल पंपों पर पूरी रात कतार में लगने को मजबूर हैं, जिससे उनकी खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है और उनमें भारी आक्रोश है। सपा नेताओं ने यह भी कहा कि भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने आम नागरिकों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जबकि सरकार 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करती है। गरीब और मजदूर वर्ग के बिजली कनेक्शन काटे जाने से असंतोष और भी बढ़ गया है। युवाओं की समस्याओं का जिक्र करते हुए, सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने लाखों युवाओं के सपनों को चूर-चूर कर दिया है और प्रदेश सरकार लगातार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सपाइयों ने राज्यपाल से तत्काल बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करने, डीज़ल-पेट्रोल-गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बिजली व्यवस्था में सुधार कर अघोषित कटौती पर रोक लगाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में बैजू यादव के साथ विक्रम यादव, गुल हसन, भोला यादव, बाबूलाल, जयराम पासवान, जुगेश यादव, कमलेश भारती, आलोक शर्मा, राम नारायण भारती, राजनाथ यादव, शिव अवतार यादव, रामकिशोर पासवान समेत समाजवादी पार्टी के बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- निचलौल/महराजगंज क्षेत्र में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके चलते हाहाकार की स्थिति बनी हुई है। सुबह से ही ट्रैक्टरों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं और किसान तेज धूप में घंटों अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी है। किसानों के अनुसार, निचलौल क्षेत्र में कई पेट्रोल पंप होने के बावजूद डीजल की भारी कमी बनी हुई है, जो इस समय खेतों में चल रहे जुताई और बुवाई के महत्वपूर्ण कार्य को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है। ट्रैक्टरों का घंटों लाइन में खड़ा रहना खेती-किसानी के लिए बाधा बन रहा है, जिससे किसानों का खर्च बढ़ रहा है और उनका काम भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल की खपत में अचानक काफी वृद्धि हुई है, और भारत-नेपाल सीमा से सटे होने के कारण कुछ लोग डीजल-पेट्रोल की संभावित तस्करी की आशंका भी जता रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस पूरे मामले पर "आखिर इतना डीजल कहां खप रहा है?" का सवाल आम लोगों से लेकर किसानों तक के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। किसानों ने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पेट्रोल पंपों पर डीजल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि खेती का कार्य बिना किसी बाधा के चलता रहे।1
- महराजगंज जनपद के निचलौल ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा खेसरहा शितलापुर में आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन विभागीय वेबसाइट और अभिलेखों में लगभग 2 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। यह भुगतान समर इंटरप्राइजेज नामक फर्म के पक्ष में वाउचर संख्या STHSFC/2025-26/P/6[27/APR/2025] के माध्यम से दिखाया गया है। इस खुलासे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, और वे सवाल उठा रहे हैं कि यदि निर्माण कार्य हुआ है तो मौके पर भवन क्यों मौजूद नहीं है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप को कितनी गंभीरता से लेता है।1
- तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित सुलूर इलाके में एक 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और निर्मम हत्या से जुड़े मामले में पुलिस द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रंम्या भारती समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की गंभीर और संवेदनशील जानकारी साझा करते समय हंसते और मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के इस असंवेदनशील रवैये को लेकर सोशल मीडिया और आम जनता के बीच भारी गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के जोगिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत हरैया के टोला तरकुलहा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 40 वर्षीय रामदेव लोधी की 11 हजार वोल्ट की बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। रामदेव लोधी, जो विक्रम के पुत्र थे, अपने ही गांव के रामदेव पाल के घर पर मजदूरी करने गए थे। यह हादसा उस वक्त हुआ जब रामदेव मकान पर सरिया चढ़ा रहे थे और सरिया पास ही घर के बगल में लटक रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार से छू गया। इस भीषण करंट लगने से रामदेव की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जिससे उनके परिवार में गहरा कोहराम मच गया है।2
- ग्राम प्रधान श्रीमती उर्मिला देवी के खिलाफ एक जांच आख्या रिपोर्ट में अनियमितताएँ साबित होने के बाद, उनकी जगह एक प्रशासक की नियुक्ति की गई है।4
- नौतनवा में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र वर्तमान में बंद और बदहाल स्थिति में पड़े हुए हैं। इन केंद्रों के निष्क्रिय होने के कारण गांवों के बाहर खुले में ही कूड़ा फेंका जा रहा है, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल सुधार की मांग की है, जिसके जवाब में अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।1