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*जनपद वासियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाले तहसील दिवसों का रोस्टर किया गया जारी* *प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को होगा तहसील दिवस का आयोजन* *सभी तहसीलों में एक साथ आयोजित होगा “तहसील दिवस”* *मौके पर ही जनपद वासियों की शिकायतों के निस्तारण पर जोर एवं जिलाधिकारी करेंगे रैंडम निरीक्षण* दिनांक 07 अप्रैल 2026 से दिनांक 16 मार्च 2027 तक आयोजित होंगे तहसील दिवस। मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन के निर्देशों एवं शासन की मंशा के अनुरूप जनपद वासियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वर्ष 2026-27 में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को संबंधित तहसील मुख्यालयों पर प्रातः 10:00 बजे से अपरान्ह 1:00 बजे तक आयोजित होने वाले “तहसील दिवसों” के लिए रोस्टर जारी किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु जिला अथवा मंडल मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता को समाप्त करना है, ताकि अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुँचकर मौके पर ही समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित कर सकें। तहसील दिवस का आयोजन जनपद की सभी तहसीलों—हरिद्वार, रुड़की, लक्सर एवं भगवानपुर—में नियत तिथियों पर किया जाएगा। इस दौरान संबंधित उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें जिला स्तरीय अधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार एवं खण्ड विकास अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा रोस्टर जारी करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि तहसील दिवस के दौरान प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, तहसील दिवस के कार्यों का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण रैंडम आधार पर स्वयं जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार वे किसी भी तहसील में उपस्थित होकर कार्यक्रम की अध्यक्षता भी करेंगे। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान हेतु निर्धारित तिथियों पर अपने नजदीकी तहसील मुख्यालय में उपस्थित होकर इस व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं। आयोजित होने वाले तहसील दिवसों की तिथियां इस प्रकार निर्धारित की गई है। दिनांक 07 अप्रैल 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,21 अप्रैल 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,05 मई 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 19 मई 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,02 जून 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,16 जून 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 07 जुलाई 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,21 जुलाई 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,04 अगस्त 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 18 अगस्त 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,01 सितंबर 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,15 सितंबर 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 06 अक्टूबर 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,20 अक्टूबर 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,03 नवम्बर 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,17 नवम्बर 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 01 दिसंबर 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,15 दिसंबर 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,05 जनवरी 2027 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 19 जनवरी 2027 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,02 फरवरी 2027 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,16 फरवरी 2027 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,02 मार्च 2027 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,16 मार्च 2027 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर। में तहसील दिवस का आयोजन किया जाएगा।

6 hrs ago
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लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
6 hrs ago

*जनपद वासियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाले तहसील दिवसों का रोस्टर किया गया जारी* *प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को होगा तहसील दिवस का आयोजन* *सभी तहसीलों में एक साथ आयोजित होगा “तहसील दिवस”* *मौके पर ही जनपद वासियों की शिकायतों के निस्तारण पर जोर एवं जिलाधिकारी करेंगे रैंडम निरीक्षण* दिनांक 07 अप्रैल 2026 से दिनांक 16 मार्च 2027 तक आयोजित होंगे तहसील दिवस। मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन के निर्देशों एवं शासन की मंशा के अनुरूप जनपद वासियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वर्ष 2026-27 में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को संबंधित तहसील मुख्यालयों पर प्रातः 10:00 बजे से अपरान्ह 1:00 बजे तक आयोजित होने वाले “तहसील दिवसों” के लिए रोस्टर जारी किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु जिला अथवा मंडल मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता को समाप्त करना है, ताकि अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुँचकर मौके पर ही समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित कर सकें। तहसील दिवस का आयोजन जनपद की सभी तहसीलों—हरिद्वार, रुड़की, लक्सर एवं भगवानपुर—में नियत तिथियों पर किया जाएगा। इस दौरान संबंधित उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें जिला स्तरीय अधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार एवं खण्ड विकास अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा रोस्टर जारी करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि तहसील दिवस के दौरान प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, तहसील दिवस के कार्यों का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण रैंडम आधार पर स्वयं जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार वे किसी भी तहसील में उपस्थित होकर कार्यक्रम की अध्यक्षता भी करेंगे। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान हेतु निर्धारित तिथियों पर अपने नजदीकी तहसील मुख्यालय में उपस्थित होकर इस व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं। आयोजित होने वाले तहसील दिवसों की तिथियां इस प्रकार निर्धारित की गई है। दिनांक 07 अप्रैल 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,21 अप्रैल 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,05 मई 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 19 मई 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,02 जून 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,16 जून 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 07 जुलाई 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,21 जुलाई 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,04 अगस्त 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 18 अगस्त 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,01 सितंबर 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,15 सितंबर 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 06 अक्टूबर 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,20 अक्टूबर 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,03 नवम्बर 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,17 नवम्बर 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 01 दिसंबर 2026 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,15 दिसंबर 2026 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,05 जनवरी 2027 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर 19 जनवरी 2027 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,02 फरवरी 2027 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,16 फरवरी 2027 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,02 मार्च 2027 (प्रथम मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर,16 मार्च 2027 (तृतीय मंगलवार) – हरिद्वार / रुड़की / लक्सर / भगवानपुर। में तहसील दिवस का आयोजन किया जाएगा।

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  • प्रशासन के रोकथाम और कार्रवाई के तमाम दावों के बावजूद निषिद्ध क्षेत्र हरिद्वार में धड़ल्ले से शराब की स्मगलिंग हो रही है।आज तड़के रोड़ी बेलवाला क्षेत्र से आबकारी विभाग ने हरियाणा से दारु की ढुलाई कर रही एक कार को पकड़ा।कार के अंदर से 45 से अधिक पेटी रायल स्टैग की बोतलें बरामद हुई। आबकारी विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि हरिद्वार में हरियाणा से शराब की अवैध आपूर्ति हो रही है। जिसके बाद आज सुबह करीब तीन बजे रोड़ी बेलवाला से एक लाल रंग की लग्जरी कार को संदेह के आधार पर रोका गया।कार एक युवक चला रहा था जबकि उसके साथ एक महिला बैठी थी।कार रोकने पर आबकारी विभाग का संदेह सही निकला और कार में ड्राइवर की पिछली सीट से लेकर बोनट तक ठसाठस शराब भरी हुई मिली।कार के अंदर दो तीन तरह की नेम प्लेट भी बरामद हुई जिससे संदेह है कि धंधा शातिराना ढंग से लंबे समय से किया जा रहा था। पुछताछ में युवक ने बताया कि वह सोनीपत से शराब लेकर आया था। जिसके बाद आबकारी विभाग युवक के स्थानीय संपर्क की पहचान करने में जुटा है। आबकारी विभाग द्वारा हरकी पैड़ी के निकट इतनी मात्रा में शराब के पकड़ने से पुलिस के शराब की तस्करी रोकने के दावों की कलई खुल गई है। (-कुमार दुष्यंत)
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    प्रशासन के रोकथाम और कार्रवाई के तमाम दावों के बावजूद निषिद्ध क्षेत्र हरिद्वार में धड़ल्ले से शराब की स्मगलिंग हो रही है।आज तड़के रोड़ी बेलवाला क्षेत्र से आबकारी विभाग ने हरियाणा से दारु की ढुलाई कर रही एक कार को पकड़ा।कार के अंदर से 45 से अधिक पेटी रायल स्टैग की बोतलें बरामद हुई।
आबकारी विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि हरिद्वार में हरियाणा से शराब की अवैध आपूर्ति हो रही है। जिसके बाद आज सुबह करीब तीन बजे रोड़ी बेलवाला से एक लाल रंग की लग्जरी कार को संदेह के आधार पर रोका गया।कार एक युवक चला रहा था जबकि उसके साथ एक महिला बैठी थी।कार रोकने पर आबकारी विभाग का संदेह सही निकला और कार में ड्राइवर की पिछली सीट से लेकर बोनट तक ठसाठस शराब भरी हुई मिली।कार के अंदर दो तीन तरह की नेम प्लेट भी बरामद हुई जिससे संदेह है कि धंधा शातिराना ढंग से लंबे समय से किया जा रहा था। पुछताछ में युवक ने बताया कि वह सोनीपत से शराब लेकर आया था। जिसके बाद आबकारी विभाग युवक के स्थानीय संपर्क की पहचान करने में जुटा है। आबकारी विभाग द्वारा हरकी पैड़ी के निकट इतनी मात्रा में शराब के पकड़ने से पुलिस के शराब की तस्करी रोकने के दावों की कलई खुल गई है।
(-कुमार दुष्यंत)
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    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    39 min ago
  • मां गंगा की गोद में समा गए दो दोस्त, हरिद्वार में गंगा स्नान बना मातम, पत्नियों की चीखों से दहल उठा घाट मां गंगा की गोद में समा गए दो दोस्त हरिद्वार में गंगा स्नान बना मातम, पत्नियों की चीखों से दहल उठा घाट असुरक्षित घाट, टूटी सीढ़ियां और देर से पहुंची एंबुलेंस… दो परिवारों के बुझ गए जीवन के दीप स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से धर्मनगरी हरिद्वार में पवित्र गंगा नदी के तट पर सोमवार सुबह ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। आस्था और श्रद्धा से गंगा स्नान करने आए दो मित्र गंगा की तेज धारा में समा गए, और देखते ही देखते दो हंसते-खेलते परिवारों के जीवन में ऐसा अंधेरा छा गया, जिसे शायद कभी मिटाया नहीं जा सकेगा। यह दर्दनाक हादसा भूपतवाला ठोकर नंबर‑1 के कच्चे और असुरक्षित घाट पर हुआ, जहां सुरक्षा के नाम पर न सीढ़ियां सही हैं, न जंजीरें और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। दोस्ती निभाने उतरा मित्र… और दोनों ने खो दी जिंदगी मृतकों की पहचान बृजेश कुमार त्रिपाठी (43) पुत्र राजनाथ त्रिपाठी निवासी गाजियाबाद और उनके मित्र सचिन त्यागी (39) पुत्र जगत सिंह त्यागी के रूप में हुई है। दोनों अपने परिवारों के साथ हरिद्वार घूमने आए थे और सप्त सरोवर क्षेत्र के पास ठहरे हुए थे। सुबह श्रद्धा और भक्ति के साथ दोनों गंगा स्नान करने के लिए घाट पर पहुंचे। बताया जाता है कि जब बृजेश त्रिपाठी गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहराई में चले गए। अपने मित्र को डूबता देख सचिन त्यागी तुरंत उन्हें बचाने के लिए गंगा में उतर गए। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था… सचिन को तैरना नहीं आता था। कुछ ही क्षणों में दोनों मित्र गंगा की तेज धारा में समा गए। “बृजेश उठो… बबुआ उठो…”—पत्नी की चीखों ने दहला दिया घाट घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस मौके पर पहुंची और गंगा में खोज अभियान शुरू किया। एक जवान ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर गंगा की बर्फ जैसी ठंडी धारा में बार-बार डुबकी लगा रहा था। ठंड के कारण उसके हाथ-पैर कांप रहे थे, लेकिन वह लगातार डूबे लोगों को ढूंढने की कोशिश करता रहा। करीब 20-25 मिनट की मशक्कत के बाद पहला शव गंगा से बाहर निकाला गया। जैसे ही शव किनारे लाया गया, मृतक की पत्नी अपने पति से लिपट गई और फूट-फूट कर रोते हुए चिल्लाने लगी— एक महिला डॉक्टर ने मौके पर ही सीपीआर देकर उसकी सांस वापस लाने की कोशिश की, लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ। दूसरी पत्नी की पुकार—“प्लीज मेरे पति को भी ढूंढो…” इधर दूसरी महिला अपने पति को ढूंढने के लिए जल पुलिस से हाथ जोड़कर विनती कर रही थी— “भैया… प्लीज उंनको भी जल्दी ढूंढो…” जल पुलिस के जवान फिर गंगा में कूद पड़े। करीब 20-25 मिनट बाद सचिन त्यागी का शव भी गंगा से बाहर निकाला गया। दोनों पत्नियों की चीख-पुकार, रोते-बिलखते बच्चे और गम में डूबा माहौल… घाट पर मौजूद हर व्यक्ति को अंदर तक झकझोर रहा था। “बृजेश… उठो… बबुआ उठो… कोई डॉक्टर बुलाओ… एंबुलेंस बुलाओ…” उसकी चीखें सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। एंबुलेंस की देरी ने बढ़ाया दर्द सबसे बड़ा सवाल उस समय खड़ा हुआ जब सूचना मिलने के बावजूद 108 एंबुलेंस काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची। पहला शव निकलने के लगभग 25 मिनट तक घाट और सड़क पर पड़ा रहा, जबकि परिवार बार-बार चिल्ला रहा था— “एंबुलेंस बुलाओ… जल्दी अस्पताल ले चलो…” लोगों का कहना था कि यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती और तुरंत अस्पताल ले जाया जाता, तो शायद जीवन बचाने की थोड़ी उम्मीद बन सकती थी। आखिरकार दोनों शवों को जिला अस्पताल हरिद्वार ले जाया गया। एक और युवक गंगा में लापता इस घटना के बीच यह भी जानकारी मिली कि सनिवार शाम परमार्थ निकेतन घाट के पास भी 26 वर्श क एक युवक गंगा में डूब गया था। युवक की पहचान नवीन पाठक पुत्र भवन पाठक निवासी बागेश्वर के रूप में हुई है। समाचार लिखे जाने तक जल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। टूटे घाट, गायब सुरक्षा… हादसों को न्योता स्थानीय लोगों का कहना है कि भूपतवाला और सप्त सरोवर क्षेत्र के कई स्नान घाट बेहद खराब हालत में हैं। सीढ़ियां टूटी हुई हैं लोहे की जंजीरें और एंगल जंग लगकर टूट चुके हैं कई घाटों पर चेतावनी बोर्ड तक नहीं हैं जल पुलिस की स्थायी तैनाती नहीं है लोग मजबूरी में पत्थरों के सहारे गंगा में उतरते हैं और फिसलकर हादसे का शिकार हो जाते हैं।  स्थानीय लोगों की चेतावनी फिर हुई सच स्थानीय निवासी सत्य प्रकाश का कहना है कि कई बार प्रशासनिक बैठकों में घाटों की सुरक्षा व्यवस्था सुधारने और जल पुलिस की तैनाती की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि प्रशासन इन घाटों को सुरक्षित नहीं बना सकता, तो ऐसे घाटों को बंद कर देना चाहिए।  दो परिवारों के बुझ गए घर के दीप इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है— अब उन छोटे-छोटे बच्चों का क्या होगा, जो अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहे थे? उन पत्नियों का क्या होगा, जिनके जीवन का सहारा हमेशा के लिए छिन गया? गंगा किनारे यह दृश्य हर किसी को यही सोचने पर मजबूर कर रहा था कि एक परिवार का मुखिया चला जाए तो उसका घर कैसे चलता होगा… निष्कर्ष हरिद्वार में गंगा स्नान केवल आस्था नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी प्रश्न बन चुका है। यदि प्रशासन समय रहते घाटों की मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था और आपात सेवाओं को मजबूत नहीं करता, तो ऐसी दर्दनाक घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जाती रहेंगी। मां गंगा के तट पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़ को सुरक्षा की भी उतनी ही आवश्यकता है, जितनी आस्था की। ✍️ स्वतंत्र पत्रकार — रामेश्वर गौड़
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    मां गंगा की गोद में समा गए दो दोस्त, हरिद्वार में गंगा स्नान बना मातम, पत्नियों की चीखों से दहल उठा घाट
मां गंगा की गोद में समा गए दो दोस्त
हरिद्वार में गंगा स्नान बना मातम, पत्नियों की चीखों से दहल उठा घाट
असुरक्षित घाट, टूटी सीढ़ियां और देर से पहुंची एंबुलेंस… दो परिवारों के बुझ गए जीवन के दीप
स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से
धर्मनगरी हरिद्वार में पवित्र गंगा नदी के तट पर सोमवार सुबह ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
आस्था और श्रद्धा से गंगा स्नान करने आए दो मित्र गंगा की तेज धारा में समा गए, और देखते ही देखते दो हंसते-खेलते परिवारों के जीवन में ऐसा अंधेरा छा गया, जिसे शायद कभी मिटाया नहीं जा सकेगा।
यह दर्दनाक हादसा भूपतवाला ठोकर नंबर‑1 के कच्चे और असुरक्षित घाट पर हुआ, जहां सुरक्षा के नाम पर न सीढ़ियां सही हैं, न जंजीरें और न ही कोई चेतावनी बोर्ड।
दोस्ती निभाने उतरा मित्र… और दोनों ने खो दी जिंदगी
मृतकों की पहचान बृजेश कुमार त्रिपाठी (43) पुत्र राजनाथ त्रिपाठी निवासी गाजियाबाद और उनके मित्र सचिन त्यागी (39) पुत्र जगत सिंह त्यागी के रूप में हुई है।
दोनों अपने परिवारों के साथ हरिद्वार घूमने आए थे और सप्त सरोवर क्षेत्र के पास ठहरे हुए थे।
सुबह श्रद्धा और भक्ति के साथ दोनों गंगा स्नान करने के लिए घाट पर पहुंचे। बताया जाता है कि जब बृजेश त्रिपाठी गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहराई में चले गए।
अपने मित्र को डूबता देख सचिन त्यागी तुरंत उन्हें बचाने के लिए गंगा में उतर गए।
लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था…
सचिन को तैरना नहीं आता था।
कुछ ही क्षणों में दोनों मित्र गंगा की तेज धारा में समा गए।
“बृजेश उठो… बबुआ उठो…”—पत्नी की चीखों ने दहला दिया घाट
घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस मौके पर पहुंची और गंगा में खोज अभियान शुरू किया।
एक जवान ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर गंगा की बर्फ जैसी ठंडी धारा में बार-बार डुबकी लगा रहा था। ठंड के कारण उसके हाथ-पैर कांप रहे थे, लेकिन वह लगातार डूबे लोगों को ढूंढने की कोशिश करता रहा।
करीब 20-25 मिनट की मशक्कत के बाद पहला शव गंगा से बाहर निकाला गया।
जैसे ही शव किनारे लाया गया, मृतक की पत्नी अपने पति से लिपट गई और फूट-फूट कर रोते हुए चिल्लाने लगी—
एक महिला डॉक्टर ने मौके पर ही सीपीआर देकर उसकी सांस वापस लाने की कोशिश की, लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ।
दूसरी पत्नी की पुकार—“प्लीज मेरे पति को भी ढूंढो…”
इधर दूसरी महिला अपने पति को ढूंढने के लिए जल पुलिस से हाथ जोड़कर विनती कर रही थी—
“भैया… प्लीज उंनको भी जल्दी ढूंढो…”
जल पुलिस के जवान फिर गंगा में कूद पड़े।
करीब 20-25 मिनट बाद सचिन त्यागी का शव भी गंगा से बाहर निकाला गया।
दोनों पत्नियों की चीख-पुकार, रोते-बिलखते बच्चे और गम में डूबा माहौल… घाट पर मौजूद हर व्यक्ति को अंदर तक झकझोर रहा था।
“बृजेश… उठो… बबुआ उठो… कोई डॉक्टर बुलाओ… एंबुलेंस बुलाओ…”
उसकी चीखें सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
एंबुलेंस की देरी ने बढ़ाया दर्द
सबसे बड़ा सवाल उस समय खड़ा हुआ जब सूचना मिलने के बावजूद 108 एंबुलेंस काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची।
पहला शव निकलने के लगभग 25 मिनट तक घाट और सड़क पर पड़ा रहा, जबकि परिवार बार-बार चिल्ला रहा था—
“एंबुलेंस बुलाओ… जल्दी अस्पताल ले चलो…”
लोगों का कहना था कि यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती और तुरंत अस्पताल ले जाया जाता, तो शायद जीवन बचाने की थोड़ी उम्मीद बन सकती थी।
आखिरकार दोनों शवों को जिला अस्पताल हरिद्वार ले जाया गया।
एक और युवक गंगा में लापता
इस घटना के बीच यह भी जानकारी मिली कि सनिवार शाम परमार्थ निकेतन घाट के पास भी 26 वर्श क एक युवक गंगा में डूब गया था।
युवक की पहचान नवीन पाठक पुत्र भवन पाठक निवासी बागेश्वर के रूप में हुई है।
समाचार लिखे जाने तक जल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
टूटे घाट, गायब सुरक्षा… हादसों को न्योता
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूपतवाला और सप्त सरोवर क्षेत्र के कई स्नान घाट बेहद खराब हालत में हैं।
सीढ़ियां टूटी हुई हैं
लोहे की जंजीरें और एंगल जंग लगकर टूट चुके हैं
कई घाटों पर चेतावनी बोर्ड तक नहीं हैं
जल पुलिस की स्थायी तैनाती नहीं है
लोग मजबूरी में पत्थरों के सहारे गंगा में उतरते हैं और फिसलकर हादसे का शिकार हो जाते हैं।

स्थानीय लोगों की चेतावनी फिर हुई सच
स्थानीय निवासी सत्य प्रकाश का कहना है कि कई बार प्रशासनिक बैठकों में घाटों की सुरक्षा व्यवस्था सुधारने और जल पुलिस की तैनाती की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उनका कहना है कि यदि प्रशासन इन घाटों को सुरक्षित नहीं बना सकता, तो ऐसे घाटों को बंद कर देना चाहिए।

दो परिवारों के बुझ गए घर के दीप
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—
अब उन छोटे-छोटे बच्चों का क्या होगा, जो अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहे थे?
उन पत्नियों का क्या होगा, जिनके जीवन का सहारा हमेशा के लिए छिन गया?
गंगा किनारे यह दृश्य हर किसी को यही सोचने पर मजबूर कर रहा था कि एक परिवार का मुखिया चला जाए तो उसका घर कैसे चलता होगा…
निष्कर्ष
हरिद्वार में गंगा स्नान केवल आस्था नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी प्रश्न बन चुका है।
यदि प्रशासन समय रहते घाटों की मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था और आपात सेवाओं को मजबूत नहीं करता, तो ऐसी दर्दनाक घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जाती रहेंगी।
मां गंगा के तट पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़ को सुरक्षा की भी उतनी ही आवश्यकता है, जितनी आस्था की।
✍️ स्वतंत्र पत्रकार — रामेश्वर गौड़
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • कार के शीशे ब्लैक पन्नी से पूरी तरह कवर कर आखिर कैसे पहुंची हरिद्वार रस्ते में अनेकों पुलिस थाने और चौकियां होने के बावजूद हरिद्वार में कैसे होगई दाखिल
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    कार के शीशे ब्लैक पन्नी से पूरी तरह कवर कर आखिर कैसे पहुंची हरिद्वार रस्ते में अनेकों पुलिस थाने और चौकियां होने के बावजूद हरिद्वार में कैसे होगई दाखिल
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • कलियर शरीफ आस्था के नाम पर हुड़दंग दरगाह साबिर पाक के पास रॉकेट विस्फोट
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    कलियर शरीफ  आस्था के नाम पर हुड़दंग दरगाह साबिर पाक के पास रॉकेट विस्फोट
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • The Aman Times डोईवाला में मारपीट व तोड़फोड़ के आरोपी गिरफ्तार शांति भंग में पुलिस ने किया चालान देहरादून। डोईवाला कोतवाली क्षेत्र के नुनावाला में युवक दीपक के साथ मारपीट और उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ करने के मामले में डोईवाला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में चालान किया गया है। 🔹 गिरफ्तार आरोपी ओम रावत (27 वर्ष) पुत्र वीरेन्द्र सिंह रावत, निवासी वौंसरी, थाना पौड़ी गढ़वाल अजीत सिंह रावत (30 वर्ष) पुत्र वीरेन्द्र सिंह रावत, निवासी वौंसरी, थाना पौड़ी गढ़वाल अंश रावत (19 वर्ष) पुत्र मोहन सिंह रावत, निवासी भोगपुर, रानीपोखरी, देहरादून गौरव (19 वर्ष) पुत्र राजपाल पुंडीर, निवासी भोगपुर, रानीपोखरी, देहरादून 👉 पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट कर उसकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    The Aman Times
डोईवाला में मारपीट व तोड़फोड़ के आरोपी गिरफ्तार
शांति भंग में पुलिस ने किया चालान
देहरादून। डोईवाला कोतवाली क्षेत्र के नुनावाला में युवक दीपक के साथ मारपीट और उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ करने के मामले में डोईवाला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में चालान किया गया है।
🔹 गिरफ्तार आरोपी
ओम रावत (27 वर्ष) पुत्र वीरेन्द्र सिंह रावत, निवासी वौंसरी, थाना पौड़ी गढ़वाल
अजीत सिंह रावत (30 वर्ष) पुत्र वीरेन्द्र सिंह रावत, निवासी वौंसरी, थाना पौड़ी गढ़वाल
अंश रावत (19 वर्ष) पुत्र मोहन सिंह रावत, निवासी भोगपुर, रानीपोखरी, देहरादून
गौरव (19 वर्ष) पुत्र राजपाल पुंडीर, निवासी भोगपुर, रानीपोखरी, देहरादून
👉 पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट कर उसकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • Post by Kehar Singh
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    Post by Kehar Singh
    user_Kehar Singh
    Kehar Singh
    Singer लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • खबर लक्सर से है जहाँ आज भगवान महऋषि कश्यप जी की मूर्ति की गांव गांव परिक्रमा करवा कर मंदिर में स्थापित की गई और बड़े ही धूम धाम से जयंती का पर्व मनाया गया जिसमें देहरादून से भारतीय नागरिक सर्व समाज सेवा संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी पुनीत कश्यप जी भी पहुचे करणपुर गाँव मे उनका फूल मालाओं द्वारा ओर पटका डाल कर स्वागत किया गया वही संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिन्टू कश्यप व उनके सभी साथी पहुचे आइए देखते है क्या बोले राष्ट्रीय प्रभारी पुनीत कश्यप बाईट - पुनीत कश्यप राष्ट्रीय प्रभारी (भारतीय नागरिक सर्व समाज सेवा संगठन) बाईट - अंकुश कश्यप (कमेटी अध्यक्ष) बाईट- सोनेश कश्यप (बीजेपी कार्येकर्ता)
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    खबर  लक्सर से है जहाँ आज भगवान महऋषि कश्यप जी की मूर्ति की गांव गांव परिक्रमा करवा कर मंदिर में स्थापित की गई और बड़े ही धूम धाम से जयंती का पर्व मनाया गया जिसमें देहरादून से भारतीय नागरिक सर्व समाज सेवा संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी पुनीत कश्यप जी भी पहुचे करणपुर गाँव मे उनका फूल मालाओं द्वारा  ओर पटका डाल कर स्वागत किया गया वही संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिन्टू कश्यप व उनके सभी साथी पहुचे आइए देखते है क्या बोले राष्ट्रीय प्रभारी पुनीत कश्यप
बाईट - पुनीत कश्यप राष्ट्रीय प्रभारी  (भारतीय नागरिक सर्व समाज सेवा संगठन)
बाईट - अंकुश कश्यप (कमेटी अध्यक्ष) 
बाईट- सोनेश कश्यप (बीजेपी कार्येकर्ता)
    user_Bharatvanitv news
    Bharatvanitv news
    Court reporter लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • Post by Dpk Chauhan
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    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
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