गौशाला में गोवंश की हालत खराब, भूख-प्यास से तड़पने का आरोप उसावां। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम खिरिया मधुकर में एनजीओ संचालक दानवीर की गौशाला में गोवंश की हालत खराब होने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार गौशाला में कुछ गोवंश बीमार अवस्था में दिखाई दिए, जबकि कई पशु भूख और प्यास से परेशान नजर आए। कुछ गोवंश के मरने की भी बात सामने आई है, जिससे गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में गौशाला के सुपरवाइजर दर्शन सिंह से बात की गई तो उन्होंने मौसम खराब होने को गोवंश की मौत का कारण बताया। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने पर गायें मरती ही हैं। वहीं, जब केयरटेकर से गोवंश को दवाई दिए जाने के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उसने दवाई देने की बात कही, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किस दिन, कितने गोवंश को और कौन-सी दवा दी गई। मामले में दवा और उपचार से संबंधित कोई निश्चित विवरण सामने नहीं आया। ऐसे में गौशाला में गोवंश की देखरेख, चारा-पानी और चिकित्सा व्यवस्था की जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गौशाला का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच कराने और गोवंश के लिए पर्याप्त चारा, पानी व उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
गौशाला में गोवंश की हालत खराब, भूख-प्यास से तड़पने का आरोप उसावां। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम खिरिया मधुकर में एनजीओ संचालक दानवीर की गौशाला में गोवंश की हालत खराब होने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार गौशाला में कुछ गोवंश बीमार अवस्था में दिखाई दिए, जबकि कई पशु भूख
और प्यास से परेशान नजर आए। कुछ गोवंश के मरने की भी बात सामने आई है, जिससे गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में गौशाला के सुपरवाइजर दर्शन सिंह से बात की गई तो उन्होंने मौसम खराब होने को गोवंश की मौत का कारण बताया। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने पर
गायें मरती ही हैं। वहीं, जब केयरटेकर से गोवंश को दवाई दिए जाने के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उसने दवाई देने की बात कही, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किस दिन, कितने गोवंश को और कौन-सी दवा दी गई। मामले में दवा और उपचार से संबंधित कोई निश्चित विवरण सामने नहीं
आया। ऐसे में गौशाला में गोवंश की देखरेख, चारा-पानी और चिकित्सा व्यवस्था की जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गौशाला का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच कराने और गोवंश के लिए पर्याप्त चारा, पानी व उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
- लगातार बारिश से कच्चा मकान गिरा, पीड़ित ने आवास की लगाई गुहार उसावां। बदायूं जिले के उसावां ब्लॉक क्षेत्र के लगातार बारिश से कच्चा मकान गिरा, पीड़ित ने आवास की लगाई गुहार उसावां। बदायूं जिले के उसावां ब्लॉक क्षेत्र के गांव हजारा निवासी दयाराम सिंह का कच्चा मकान लगातार हो रही बारिश के कारण गिर गया। मकान गिरने से परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। गनीमत रही कि मकान गिरने के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। दयाराम सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के चलते कच्चा मकान कमजोर हो गया था। बारिश के बीच मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ है और परिवार को खुले या असुरक्षित स्थान पर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन और सरकार से मामले का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता दिलाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। दयाराम सिंह का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने स्तर से मकान का निर्माण करा सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लेने और पात्रता के आधार पर पीड़ित परिवार को सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।1
- बदायूॅं : भारी बारिश के चलते इटौआ में भरभरा कर गिरा कच्चा मकान, बाल-बाल बचा परिवार आज तक नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, प्रशासन पर उठे सवाल| बदायूॅं/ जनपद में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते विकास खंड वजीरगंज के गांव इटौआ में एक परिवार के कच्चे मकान का हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे के दौरान परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। परिवार इसी जर्जर कच्चे मकान में रहकर गुजर-बसर कर रहा है। परिवार को आज तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव इटौआ निवासी राजीव सिंह पुत्र झाऊ सिंह का कच्चा मकान तेज बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। मकान का एक हिस्सा गिर चुका है, जबकि दूसरा हिस्सा भी बेहद जर्जर हालत में है। इससे परिवार के सामने जान-माल की सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। परिवार का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पाने के लिए कई बार आवेदन किया, लेकिन अभी तक उन्हें सरकारी आवास का लाभ नहीं मिल सका। उनका आरोप है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा, लेकिन आवास उपलब्ध नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। बदायूं में मौसम विभाग ने भी भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट बताया है। मकान का हिस्सा गिरने के बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद परिवार की स्थिति सामने आई है। जिससे प्रशासन की आवास योजना कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। परिवार ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर आवास योजना का लाभ दिलाने और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है।2
- माननीय योगी आदित्यनाथ को अवध टिप्पणी करते हुए की वीडियो वायरल1
- 28 घंटे से लगातार बारिश ने हर्रामपुर में मचाई तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त; फसलें जमींदोज, कच्चे मकानों पर मंडराया खतरा गांव की गलियां सुनसान, घरों में दुबके ग्रामीण; इंसानों से लेकर पशुओं तक की बढ़ीं मुश्किलें, कच्चे मकानों की दीवारें बैठने और गिरने लगीं बीते 28 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार आसमान से बरस रही बारिश के चलते गांव की गलियां सुनसान पड़ी हैं और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। सामान्य दिनों में चहल-पहल से गुलजार रहने वाली गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। लगातार बारिश ने ग्रामीणों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है और लोगों को जरूरी कामकाज निपटाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की फसलें जमींदोज, मेहनत पर फिरा पानी लगातार बारिश का सबसे अधिक असर किसानों की फसलों पर देखने को मिल रहा है। खेतों में खड़ी फसलें बारिश के चलते पूरी तरह जमीन पर बिछ गई हैं। महीनों की मेहनत से तैयार की गई फसलों के जमींदोज होने से किसानों के सामने आर्थिक नुकसान की चिंता खड़ी हो गई है। फसलें गिरने से उपज प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बारिश और नमी के चलते गांव में कच्चे मकानों की दीवारें कमजोर पड़ने लगी हैं। कई जगह दीवारें बैठ रही हैं और गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के सामने अपने आशियाने की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को भी भारी बारिश के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है। बारिश से ग्रामीण जीवन प्रभावित, मौसम साफ होने का इंतजार हर्रामपुर गांव में लगातार हो रही बारिश ने इंसानों से लेकर पशुओं तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर खेतों में फसलें बिछ गई हैं, तो दूसरी ओर कच्चे मकानों की दीवारें कमजोर होकर गिरने लगी हैं। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीण बारिश थमने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।4
- अभिगांव गौशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौत का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश अभिगांव गौशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौत का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश बदायूं। म्याऊं ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम अभिगांव की गौशाला से बेहद गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने गौशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौत और कई गायों के बीमार हालत में होने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि शनिवार रात करीब 100 गायों की मौत हुई, जबकि लगभग 120 गायें बीमार हालत में बताई जा रही हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मृत गायों को बिना पोस्टमार्टम कराए जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। मामले की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, जहां गायों की स्थिति को लेकर हंगामा हुआ। कार्यकर्ताओं ने मौके के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए और उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना देने की बात कही है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और तनाव का माहौल बताया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत की वजह क्या है और क्या मृत पशुओं का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया था? हालांकि, गायों की मौत, बीमार पशुओं की संख्या और बिना पोस्टमार्टम दफनाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ये दावे ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से किए गए हैं। मामले में प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।1
- भारी बारिश और तेज रफ्तार हवा से उजड़ीं धान, बाजरा और गन्ने की फसलें, अन्नदाता किसान की उम्मीदों पर फिरा पानी किसान नेता सत्यवीर ने प्रशासन से फसल नुकसान के आंकलन के बाद मुआवजे की मांग रखी लगभग तीस घंटे तक लगातार हुई बारिश से जहां एक ओर जनजीवन प्रभावित हुआ वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी धान,बाजरा और गन्ने की फसल को भारी नुक़सान हुआ है। जिससे किसान की सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। खेतों में पानी भरने से किसानों की तैयार धान, बाजरा और गन्ने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने फसलों की बुवाई से लेकर खाद, बीज, सिंचाई और दवाओं तक में अपनी जमा पूंजी लगा दी थी। फसल तैयार होने के समय हुई भारी बरसात ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। इससे किसानों को आगामी समय में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस पार्टी के कादर चौक ब्लाक अध्यक्ष सत्यवीर सिंह यादव ने शासन प्रशासन से प्रभावित किसानों के खेतों का तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बरसात से बर्बाद हुई किसानों की फसलों का उचित मुआवजा शासन द्वारा दिलाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने प्रशासन से राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर गांव-गांव फसल क्षति का सर्वे कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही खेती की बढ़ती लागत से परेशान हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। शासन को किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र राहत उपलब्ध करानी चाहिए।1
- 29 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव और तालाबंदी का ऐलान। 29 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव और तालाबंदी का ऐलान। भारतीय किसान यूनियन हल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल कुमार तोमर ने कहा है कि किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर 29 सितंबर को दोपहर 12 बजे जिला अधिकारी कार्यालय बदायूं का घेराव किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि बदायूं में किसान अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर परेशान हैं और कई मामलों में किसानों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान की मांग की जा रही है। यूनियन की ओर से राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों और कथित मनमानी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठन का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण नहीं होने से किसानों में नाराजगी है। इन्हीं मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन हल ने 29 सितंबर को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन और तालाबंदी का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की इन मांगों और शिकायतों पर क्या कदम उठाता है। आप तक लाइव 24 न्यूज़।1
- ग्राम तिलोकपुर पोस्त उसहैत मजरा मुबारिकपुर जिला बदायूं 243641 अर्जुन सिंह पुत्र श्री श्यामपाल जी के यहां पानी का कहर बहुत तेज है धान बाजरा सकल गंज डूब गईं मजरा मुबारकपुर कटरा रोड तिलोकपुर मे बहुत तेज बारिश के कारण आज सुबह शाम पानी बढ़ रहा हैं बहुत ज्यादा नुकसान हो गया है1
- डिबाई विधायक सी.पी. सिंह के स्वास्थ्य में सुधार दो दिन बाद खुद मिलने की बात कही 🙏 डिबाई विधायक सी.पी. सिंह के स्वास्थ्य में सुधार डिबाई विधायक चंद्रपाल सिंह (सी.पी. सिंह) के स्वास्थ्य में पहले की अपेक्षा काफी सुधार है। दिल्ली एम्स में चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है। डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी है। शुभचिंतकों से फिलहाल अस्पताल में अधिक संख्या में मिलने न आने की अपील की गई है। सभी से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करने का अनुरोध है। 🙏 #ChandrapalSingh #CPSingh #Dibai #Bulandshahr #JanpadNews24UP1