हरदोई, शाहाबाद, पिहानी और शाहजहाँपुर होते हुए दिल्ली तक संचालित होने वाली डबल डेकर बसों का संचालन पुलिस की कार्रवाई और सीज किए जाने के बावजूद लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर कार्रवाई होने के बाद भी इन बसों का संचालन सामान्य रूप से चलता रहता है। सूत्रों के अनुसार, हरदोई और शाहजहाँपुर जनपद के मार्गों से होकर प्रतिदिन कई डबल डेकर बसें विभिन्न कस्बों और शहरों से सवारियां लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की ओर जाती हैं। सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक निजी बसों का संचालन आमतौर पर आनंद विहार, कश्मीरी गेट या दिल्ली सीमा तक ही होता है, जबकि दिल्ली के कई संवेदनशील व प्रतिबंधित क्षेत्रों में भारी वाणिज्यिक वाहनों पर नियम लागू रहते हैं। इसके बावजूद दिल्ली के उन क्षेत्रों में जहाँ छोटी-बड़ी डीजल गाड़ियाँ नहीं जा सकतीं, वहाँ तक ये बसें सिस्टम की मिलीभगत से संचालित हो रही हैं। सूत्रों का दावा है कि परिवहन और पुलिस विभाग इन्हें रोकने में असमर्थ दिख रहे हैं और केवल एएसपी शाहाबाद ही इस संचालन के आड़े आ रहे हैं, जबकि बाकी तंत्र मात्र औपचारिकता निभा रहा है। यदि संपूर्ण पुलिस और परिवहन विभाग सख्ती से नियमानुसार काम करे तो अवैध संचालन और अवैध वसूली होना संभव नहीं है। क्षेत्र में चर्चा है कि इन बसों के संचालन के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों और संदिग्ध सामान की ढुलाई को लेकर भी आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह बना हुआ है कि कार्रवाई के बाद यही बसें दोबारा सड़कों पर किस प्रकार उतर आती हैं और क्या इनके परमिट, फिटनेस, टैक्स, मार्ग अनुमति व यात्री सुरक्षा मानकों की जांच हो रही है? जनहित में माँग की गई है कि पुलिस, परिवहन विभाग और संबंधित जांच एजेंसियां संयुक्त अभियान चलाकर पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करें और गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करें।
हरदोई, शाहाबाद, पिहानी और शाहजहाँपुर होते हुए दिल्ली तक संचालित होने वाली डबल डेकर बसों का संचालन पुलिस की कार्रवाई और सीज किए जाने के बावजूद लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर कार्रवाई होने के बाद भी इन बसों का संचालन सामान्य रूप से चलता रहता है। सूत्रों के अनुसार, हरदोई और शाहजहाँपुर जनपद के मार्गों से होकर प्रतिदिन कई डबल डेकर बसें विभिन्न कस्बों और शहरों से सवारियां लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की ओर जाती हैं। सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक निजी बसों का संचालन आमतौर पर आनंद विहार, कश्मीरी गेट या दिल्ली सीमा तक ही होता है, जबकि दिल्ली के कई संवेदनशील व प्रतिबंधित क्षेत्रों में भारी वाणिज्यिक वाहनों पर नियम लागू रहते हैं। इसके बावजूद दिल्ली के उन क्षेत्रों में जहाँ छोटी-बड़ी डीजल गाड़ियाँ नहीं जा सकतीं, वहाँ तक ये बसें सिस्टम की मिलीभगत से संचालित हो रही हैं। सूत्रों का दावा है कि परिवहन और पुलिस विभाग इन्हें रोकने
में असमर्थ दिख रहे हैं और केवल एएसपी शाहाबाद ही इस संचालन के आड़े आ रहे हैं, जबकि बाकी तंत्र मात्र औपचारिकता निभा रहा है। यदि संपूर्ण पुलिस और परिवहन विभाग सख्ती से नियमानुसार काम करे तो अवैध संचालन और अवैध वसूली होना संभव नहीं है। क्षेत्र में चर्चा है कि इन बसों के संचालन के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों और संदिग्ध सामान की ढुलाई को लेकर भी आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह बना हुआ है कि कार्रवाई के बाद यही बसें दोबारा सड़कों पर किस प्रकार उतर आती हैं और क्या इनके परमिट, फिटनेस, टैक्स, मार्ग अनुमति व यात्री सुरक्षा मानकों की जांच हो रही है? जनहित में माँग की गई है कि पुलिस, परिवहन विभाग और संबंधित जांच एजेंसियां संयुक्त अभियान चलाकर पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करें और गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करें।
- दिल्ली में सपा मुखिया अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद हरदोई में भी सपाइयों का गुस्सा फूट पड़ा है और शहर में भारी उबाल देखने को मिला। सपा नेता रामज्ञान गुप्ता के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहर के सिनेमा चौराहे पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और हंगामा काटा। सपाइयों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को चौराहे से खदेड़ दिया।1
- हरदोई, शाहाबाद, पिहानी और शाहजहाँपुर होते हुए दिल्ली तक संचालित होने वाली डबल डेकर बसों का संचालन पुलिस की कार्रवाई और सीज किए जाने के बावजूद लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर कार्रवाई होने के बाद भी इन बसों का संचालन सामान्य रूप से चलता रहता है। सूत्रों के अनुसार, हरदोई और शाहजहाँपुर जनपद के मार्गों से होकर प्रतिदिन कई डबल डेकर बसें विभिन्न कस्बों और शहरों से सवारियां लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की ओर जाती हैं। सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक निजी बसों का संचालन आमतौर पर आनंद विहार, कश्मीरी गेट या दिल्ली सीमा तक ही होता है, जबकि दिल्ली के कई संवेदनशील व प्रतिबंधित क्षेत्रों में भारी वाणिज्यिक वाहनों पर नियम लागू रहते हैं। इसके बावजूद दिल्ली के उन क्षेत्रों में जहाँ छोटी-बड़ी डीजल गाड़ियाँ नहीं जा सकतीं, वहाँ तक ये बसें सिस्टम की मिलीभगत से संचालित हो रही हैं। सूत्रों का दावा है कि परिवहन और पुलिस विभाग इन्हें रोकने में असमर्थ दिख रहे हैं और केवल एएसपी शाहाबाद ही इस संचालन के आड़े आ रहे हैं, जबकि बाकी तंत्र मात्र औपचारिकता निभा रहा है। यदि संपूर्ण पुलिस और परिवहन विभाग सख्ती से नियमानुसार काम करे तो अवैध संचालन और अवैध वसूली होना संभव नहीं है। क्षेत्र में चर्चा है कि इन बसों के संचालन के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों और संदिग्ध सामान की ढुलाई को लेकर भी आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह बना हुआ है कि कार्रवाई के बाद यही बसें दोबारा सड़कों पर किस प्रकार उतर आती हैं और क्या इनके परमिट, फिटनेस, टैक्स, मार्ग अनुमति व यात्री सुरक्षा मानकों की जांच हो रही है? जनहित में माँग की गई है कि पुलिस, परिवहन विभाग और संबंधित जांच एजेंसियां संयुक्त अभियान चलाकर पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करें और गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करें।2
- हरदोई के नगर पालिका परिषद साण्डी में मंगलवार को पानी की टंकी पर मरम्मत कार्य के दौरान अचानक वाल्व फटने से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वाल्व फटने से काफी तेज दबाव के साथ पानी का फव्वारा छूट पड़ा, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे ऑपरेटर समसुल आ गए। दरअसल, पाइपलाइन के वाल्व में काफी समय से रिसाव हो रहा था और जब ऑपरेटर इसे ठीक कर रहे थे, तभी अचानक पानी का दबाव बढ़ गया और वाल्व की प्लेट जोरदार आवाज के साथ फट गई। ऑपरेटर ने सूझबूझ और संतुलन बनाए रखते हुए खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उनकी जान बच गई। इस घटना के बाद टंकी से निकले तेज बहाव के कारण पूरा परिसर पानी से भर गया और बड़ी मात्रा में पानी सड़कों पर फैल गया। इससे इंदिरा पार्क के आसपास और मुख्य मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस तकनीकी खराबी के चलते नगर की पेयजल आपूर्ति भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। मामले पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि लीकेज की शिकायत मिलने पर ही मरम्मत कराई जा रही थी और अब क्षतिग्रस्त वाल्व को बदलने व तकनीकी खराबी को दूर करने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि पेयजल व्यवस्था जल्द सामान्य हो सके।2
- हरदोई में छात्र-युवाओं के अधिकार, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर एक विशाल पदयात्रा एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क से शुरू होकर यह मार्च गांधी भवन, नुमाइश चौराहा और अटल चौक से होते हुए भगवान गौतम बुद्ध चौक पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में युवाओं का भारी जोश और उत्साह देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. अरुण कुमार मौर्य के नेतृत्व में आयोजित इस जनआंदोलन में किसान नेता कपिल कुमार मौर्य की युवा टीम, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता तथा सैकड़ों छात्र-छात्राओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र-युवा शिक्षाविद एवं वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्टर लेकर चलते दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान मार्ग में "इंकलाब जिंदाबाद" और "छात्र-युवा एकता जिंदाबाद" जैसे जनजागरण के नारे गूंजते रहे। आयोजकों ने बताया कि इस पदयात्रा और कैंडल मार्च का मुख्य उद्देश्य देश के छात्र-युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सकारात्मक पहल किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस जनआंदोलन में बड़ी संख्या में हुई भागीदारी ने यह संदेश दिया है कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर समाज का एक बड़ा वर्ग लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के लिए एकजुट है।1
- हरदोई के साण्डी कस्बे में मुख्य मार्ग पर स्थित इंदिरा पार्क परिसर में मंगलवार को नगर पालिका की पानी की टंकी पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पाइपलाइन में लीकेज की मरम्मत करने के दौरान पानी के अत्यधिक दबाव की वजह से अचानक वाल्व की प्लेट फट गई, जिससे टंकी से बहुत तेज गति से पानी का फव्वारा फूट पड़ा। इस दौरान लीकेज ठीक करने में जुटे ऑपरेटर समसुल पानी के तेज बहाव की सीधी चपेट में आ गए, लेकिन उन्होंने समय रहते खुद को संभाल लिया और वे बाल-बाल बच गए। वाल्व फटने की वजह से पानी तेजी से इंदिरा पार्क और मुख्य मार्ग पर फैल गया, जिसके चलते सड़क पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस तकनीकी खराबी के कारण पूरे कस्बे की पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है। मामले को लेकर अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मरम्मत का काम शुरू करवा दिया गया है और जल्द ही कस्बे में पानी की सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।1
- देशभर में छात्र और युवा परीक्षाओं के नाम पर हो रहे छलावे, बढ़ती बेरोजगारी और अंधेरगर्दी को लेकर भारी गुस्से में हैं। लगातार मिल रहे धोखे और सपनों के कुचले जाने के कारण आज का युवा खुद को पूरी तरह ठगा हुआ महसूस कर रहा है। अपनी मायूसी और आक्रोश के बीच देश की रीढ़ कहे जाने वाले ये छात्र अब मजबूर होकर सड़कों पर उतर आए हैं। दूसरी ओर, सत्ता की कुर्सी पर बैठे नुमाइंदों पर जनता के इन आंसुओं का कोई असर नहीं पड़ रहा है और उनके लिए देश के भविष्य से ज्यादा अपनी गद्दी सुरक्षित रखना पहली प्राथमिकता बना हुआ है। सड़कों पर उतरते छात्रों के प्रति सिस्टम की यह बेरुखी और अहंकार लोकतंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जनता अब सीधा सवाल पूछ रही है कि आखिर कब तक युवाओं के भविष्य का सौदा करके अपनी कुर्सियां बचाई जाती रहेंगी।1
- हरदोई के बघौली थाना पुलिस ने यूकेलिप्टस की लकड़ी चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया। ग्राम काईमऊ निवासी प्रमुदित कुमार की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के अनुसार, करीब 20 बोटा (चार-चार फुट) यूकेलिप्टस की लकड़ी एक डाला वाहन (संख्या UP 30 BT 1527) में लादकर ले जाई जा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने बरबटापुर नहर पुल के पास कार्रवाई करते हुए सारीपुर हीरालाल निवासी ज्ञानेन्द्र कुमार उर्फ टाइगर और बरबटापुर निवासी मुन्ना को पकड़ लिया, जबकि सारीपुर हीरालाल निवासी फैज मौके से फरार हो गया। मामले में थाना बघौली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) एवं 317(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जिब्राइल शेख कर रहे हैं। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला कारागार हरदोई भेज दिया है, वहीं फरार आरोपी की तलाश जारी है।2