कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से (मोहकमपुरा, पांच करोड़ की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कब होगा लोकार्पण! वहीं एक करोड़ की लागत से बने क्वाटर का कोई धणी दोरी नहीं आखीर कब सरकार भेजेगी बड़े अस्पताल में प्रयाप्त स्टाफ! एक और हमारी राजस्थान की भाजपा सरकार के मुखीया मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा व राजस्थान के चिकित्सा मंत्री राजस्थान में चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दुर दराज गरिब आदीवासी क्षेत्रों में बड़े अस्पताल बना कर जनता को समर्पित करने का ढिंढोरा पीटने से पिछे नहीं हटती दिखाई दे रही है वहीं इन गरीब आदिवासी क्षेत्र में भले ही नि शुल्क ईलाज का दावा भी सीना ठोक कर करती हे की हमारी भाजपा की सरकार ने दो सालों में विकास की गंगा बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी सरकार लाख दावे करे पर हकीकत कुछ और ही बया करती नजर आ रही है! आज हम राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की मोहकमपुरा में पुर्व कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहें अशोक गहलोत ने कुशलगढ़ विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया की पहल पर मोहकमपुरा में 5करोड की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देकर एक बड़ा तथा सर्व सुविधा युक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दिनांक। 5अक्टुबंर सन 2023 को विधिवत उद्घाटन किया था तब मोहकमपुरा,सातलिया,भवरदा व आसपास के आमजनों को लगा था की नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने से गरीब मरीजों को सरकारी व मुफ्त ईलाज मुहैय्या होगा मगर गरीबों का यह सपना सिर्फ सपना ही बनकर रगया एंसा दिखाई देता नजर आ रहा है! पांच करोड़ की लागत से नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन बनकर पुरी तरह तैयार होने के बाद भी अब यह अस्पताल लोकार्पण की बांट जोहता नजर आ रहा है एंसा क्यों!हम आपको बतादे की जब नया भवन पुरी तरह तैयार हैं तो मौजूदा सरकार प्रशासनिक अधिकारी व चिकित्सा विभाग लोकार्पण क्यों नहीं करवातें कहीं न कहीं या तो राजनीतिक दलों की हट धर्मिता कंहे या जान बुझ कर दाने डाल कर मुर्गों को लड़ाने की कंही चाल तों नहीं इधर जब हमने युवा शिक्षित समाज सेवी पाटडी निवासी दीनेश भुरीया से पुछा तो भुरीया ने कंहा की यह क्षेत्र नान कंमाडं है अत्यधिक गरीब इलाका हे यंहा पांच करोड़ से बना अस्पताल कब से बनकर तैयार है पर जंगल में मौर नांचा किसने देखा वाली कहावत यंहा चरितार्थ होती दिखाई देती नजर आ रहीं हे भुरीया ने राजनीतिक दलों के उन जन प्रतिनिधियों की कथनी व करनी पर रोष जताते हुएं कंहा की अब जनजाति आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का युवा पुरी तरह जाग चुका है अब लेट लतीफी व आना कानी नहीं चलने वाली है कुछ ही दिनों में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव होनेवाले हे इन मुद्दों पर जो राजनीतिक दल जनता का भरोसा जीतेंगे वो ही जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे नागनाथ,सांपनाथ वाला रवैया अब बर्दाश्त नहीं होंगा इतना ही नहीं सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो बना दिया लौकारपण नहीं किया इस बड़े अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है वैसे भी कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया ने अस्पतालों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कुशलगढ़ उप खंड अधिकारी को कांग्रेस पार्टी के बेनर तले स्टाफ लगाने व ईलाज हेतु जनता का दर्द ज्ञापन के माध्यम से सरकार को कुंभकर्ण की निंद सोई सरकार को जगाने की भरपूर कोशिश की तब लगा था की अब कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अस्पतालों की दशा व दिशा अब सुधरेगी मगर सरकार व प्रशासन ने कोई सुघ नहीं ली इसी के चलते गरीब मरीजों को ईलाज हेतु तथाकथित निम हाकीम झोला छाप बंगाली डाक्टरों के षोषण का शिकार होना पड़ता है वहीं पुरा स्टाफ नहीं होने से मध्यप्रदेश व गुजरात में ईलाज के लिए जाना गरीबों की मजबूरी नहीं तो क्या! इतना ही नहीं पिछले पांच वर्षों पहले सरकार ने क़रीब एक करोड़ के आसपास मोहकमपुरा में स्टाफ के रहने के लिए सर्व सुविधा युक्त कमरे भी बनवाएं मगर सरकार की व अधिकारियों की बै रुखी के चलते सर्व सुविधा युक्त कमरे लावारिस हालत में है यहां अज्ञात लोगों ने बनाएं कमरों के दरवाजे लाईटे मंहगे उपकरणों पर भी अपनी नियत बिगाड़ कर उन कमरों को लावारिस बना डाला मगर इन कमरों की सुघ नहीं ली तो क्या ये करोड़ों रुपए खर्च कर सिर्फ और सिर्फ दिखावें के लिए खर्च किए हमने पुर्व में भी कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पाटन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हमने प्रमुखता से खबर दिखाई बाद भी सरकार जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी यो ने कोई सुघ नहीं ली!देखना यह होगा कि पांच करोड़ की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण कब होगा कब मोहकमपुरा में पुरा स्टाफ सरकार भेजेगी तथा कब उन कमरों की काया पलटें गी या नहीं यह तों वक्त ही बताएगा!
कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से (मोहकमपुरा, पांच करोड़ की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कब होगा लोकार्पण! वहीं एक करोड़ की लागत से बने क्वाटर का कोई धणी दोरी नहीं आखीर कब सरकार भेजेगी बड़े अस्पताल में प्रयाप्त स्टाफ! एक और हमारी राजस्थान की भाजपा सरकार के मुखीया मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा व राजस्थान के चिकित्सा मंत्री राजस्थान में चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दुर दराज गरिब आदीवासी क्षेत्रों में बड़े अस्पताल बना कर जनता को समर्पित करने का ढिंढोरा पीटने से पिछे नहीं हटती दिखाई दे रही है वहीं इन गरीब आदिवासी क्षेत्र में भले ही नि शुल्क ईलाज का दावा भी सीना ठोक कर करती हे की हमारी भाजपा की सरकार ने दो सालों में विकास की गंगा बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी सरकार लाख दावे करे पर हकीकत कुछ और ही बया करती नजर आ रही है! आज हम राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की मोहकमपुरा में पुर्व कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहें अशोक गहलोत ने कुशलगढ़ विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया की पहल पर मोहकमपुरा में 5करोड की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देकर एक बड़ा तथा सर्व सुविधा युक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दिनांक। 5अक्टुबंर सन 2023 को विधिवत उद्घाटन किया था तब मोहकमपुरा,सातलिया,भवरदा व आसपास के आमजनों को लगा था की नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने से गरीब मरीजों को सरकारी व मुफ्त ईलाज मुहैय्या होगा मगर गरीबों का यह सपना सिर्फ सपना ही बनकर रगया एंसा दिखाई देता नजर आ रहा है! पांच करोड़ की लागत से नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन बनकर पुरी तरह तैयार होने के बाद भी अब यह अस्पताल लोकार्पण की बांट जोहता नजर आ रहा है एंसा क्यों!हम आपको बतादे की जब नया भवन पुरी तरह तैयार हैं तो मौजूदा सरकार प्रशासनिक अधिकारी व चिकित्सा विभाग लोकार्पण क्यों नहीं करवातें कहीं न कहीं या तो राजनीतिक दलों की हट धर्मिता कंहे या जान बुझ कर दाने डाल कर मुर्गों को लड़ाने की कंही चाल तों नहीं इधर जब हमने युवा शिक्षित समाज सेवी पाटडी निवासी दीनेश भुरीया से पुछा तो भुरीया ने कंहा की यह क्षेत्र नान कंमाडं है अत्यधिक गरीब इलाका हे यंहा पांच करोड़ से बना
अस्पताल कब से बनकर तैयार है पर जंगल में मौर नांचा किसने देखा वाली कहावत यंहा चरितार्थ होती दिखाई देती नजर आ रहीं हे भुरीया ने राजनीतिक दलों के उन जन प्रतिनिधियों की कथनी व करनी पर रोष जताते हुएं कंहा की अब जनजाति आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का युवा पुरी तरह जाग चुका है अब लेट लतीफी व आना कानी नहीं चलने वाली है कुछ ही दिनों में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव होनेवाले हे इन मुद्दों पर जो राजनीतिक दल जनता का भरोसा जीतेंगे वो ही जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे नागनाथ,सांपनाथ वाला रवैया अब बर्दाश्त नहीं होंगा इतना ही नहीं सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो बना दिया लौकारपण नहीं किया इस बड़े अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है वैसे भी कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया ने अस्पतालों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कुशलगढ़ उप खंड अधिकारी को कांग्रेस पार्टी के बेनर तले स्टाफ लगाने व ईलाज हेतु जनता का दर्द ज्ञापन के माध्यम से सरकार को कुंभकर्ण की निंद सोई सरकार को जगाने की भरपूर कोशिश की तब लगा था की अब कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अस्पतालों की दशा व दिशा अब सुधरेगी मगर सरकार व प्रशासन ने कोई सुघ नहीं ली
इसी के चलते गरीब मरीजों को ईलाज हेतु तथाकथित निम हाकीम झोला छाप बंगाली डाक्टरों के षोषण का शिकार होना पड़ता है वहीं पुरा स्टाफ नहीं होने से मध्यप्रदेश व गुजरात में ईलाज के लिए जाना गरीबों की मजबूरी नहीं तो क्या! इतना ही नहीं पिछले पांच वर्षों पहले सरकार ने क़रीब एक करोड़ के आसपास मोहकमपुरा में स्टाफ के रहने के लिए सर्व सुविधा युक्त कमरे भी बनवाएं मगर सरकार की व अधिकारियों की बै रुखी के चलते सर्व सुविधा युक्त कमरे लावारिस हालत में है यहां अज्ञात लोगों ने बनाएं कमरों के दरवाजे लाईटे मंहगे उपकरणों पर भी अपनी नियत बिगाड़ कर उन कमरों को लावारिस बना डाला मगर इन कमरों की सुघ नहीं ली तो क्या ये करोड़ों रुपए खर्च कर सिर्फ और सिर्फ दिखावें के लिए खर्च किए हमने पुर्व में भी कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पाटन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हमने प्रमुखता से खबर दिखाई बाद भी सरकार जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी यो ने कोई सुघ नहीं ली!देखना यह होगा कि पांच करोड़ की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण कब होगा कब मोहकमपुरा में पुरा स्टाफ सरकार भेजेगी तथा कब उन कमरों की काया पलटें गी या नहीं यह तों वक्त ही बताएगा!
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से (मोहकमपुरा, पांच करोड़ की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कब होगा लोकार्पण! वहीं एक करोड़ की लागत से बने क्वाटर का कोई धणी दोरी नहीं आखीर कब सरकार भेजेगी बड़े अस्पताल में प्रयाप्त स्टाफ! एक और हमारी राजस्थान की भाजपा सरकार के मुखीया मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा व राजस्थान के चिकित्सा मंत्री राजस्थान में चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दुर दराज गरिब आदीवासी क्षेत्रों में बड़े अस्पताल बना कर जनता को समर्पित करने का ढिंढोरा पीटने से पिछे नहीं हटती दिखाई दे रही है वहीं इन गरीब आदिवासी क्षेत्र में भले ही नि शुल्क ईलाज का दावा भी सीना ठोक कर करती हे की हमारी भाजपा की सरकार ने दो सालों में विकास की गंगा बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी सरकार लाख दावे करे पर हकीकत कुछ और ही बया करती नजर आ रही है! आज हम राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की मोहकमपुरा में पुर्व कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहें अशोक गहलोत ने कुशलगढ़ विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया की पहल पर मोहकमपुरा में 5करोड की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देकर एक बड़ा तथा सर्व सुविधा युक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दिनांक। 5अक्टुबंर सन 2023 को विधिवत उद्घाटन किया था तब मोहकमपुरा,सातलिया,भवरदा व आसपास के आमजनों को लगा था की नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने से गरीब मरीजों को सरकारी व मुफ्त ईलाज मुहैय्या होगा मगर गरीबों का यह सपना सिर्फ सपना ही बनकर रगया एंसा दिखाई देता नजर आ रहा है! पांच करोड़ की लागत से नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन बनकर पुरी तरह तैयार होने के बाद भी अब यह अस्पताल लोकार्पण की बांट जोहता नजर आ रहा है एंसा क्यों!हम आपको बतादे की जब नया भवन पुरी तरह तैयार हैं तो मौजूदा सरकार प्रशासनिक अधिकारी व चिकित्सा विभाग लोकार्पण क्यों नहीं करवातें कहीं न कहीं या तो राजनीतिक दलों की हट धर्मिता कंहे या जान बुझ कर दाने डाल कर मुर्गों को लड़ाने की कंही चाल तों नहीं इधर जब हमने युवा शिक्षित समाज सेवी पाटडी निवासी दीनेश भुरीया से पुछा तो भुरीया ने कंहा की यह क्षेत्र नान कंमाडं है अत्यधिक गरीब इलाका हे यंहा पांच करोड़ से बना अस्पताल कब से बनकर तैयार है पर जंगल में मौर नांचा किसने देखा वाली कहावत यंहा चरितार्थ होती दिखाई देती नजर आ रहीं हे भुरीया ने राजनीतिक दलों के उन जन प्रतिनिधियों की कथनी व करनी पर रोष जताते हुएं कंहा की अब जनजाति आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का युवा पुरी तरह जाग चुका है अब लेट लतीफी व आना कानी नहीं चलने वाली है कुछ ही दिनों में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव होनेवाले हे इन मुद्दों पर जो राजनीतिक दल जनता का भरोसा जीतेंगे वो ही जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे नागनाथ,सांपनाथ वाला रवैया अब बर्दाश्त नहीं होंगा इतना ही नहीं सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो बना दिया लौकारपण नहीं किया इस बड़े अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है वैसे भी कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया ने अस्पतालों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कुशलगढ़ उप खंड अधिकारी को कांग्रेस पार्टी के बेनर तले स्टाफ लगाने व ईलाज हेतु जनता का दर्द ज्ञापन के माध्यम से सरकार को कुंभकर्ण की निंद सोई सरकार को जगाने की भरपूर कोशिश की तब लगा था की अब कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अस्पतालों की दशा व दिशा अब सुधरेगी मगर सरकार व प्रशासन ने कोई सुघ नहीं ली इसी के चलते गरीब मरीजों को ईलाज हेतु तथाकथित निम हाकीम झोला छाप बंगाली डाक्टरों के षोषण का शिकार होना पड़ता है वहीं पुरा स्टाफ नहीं होने से मध्यप्रदेश व गुजरात में ईलाज के लिए जाना गरीबों की मजबूरी नहीं तो क्या! इतना ही नहीं पिछले पांच वर्षों पहले सरकार ने क़रीब एक करोड़ के आसपास मोहकमपुरा में स्टाफ के रहने के लिए सर्व सुविधा युक्त कमरे भी बनवाएं मगर सरकार की व अधिकारियों की बै रुखी के चलते सर्व सुविधा युक्त कमरे लावारिस हालत में है यहां अज्ञात लोगों ने बनाएं कमरों के दरवाजे लाईटे मंहगे उपकरणों पर भी अपनी नियत बिगाड़ कर उन कमरों को लावारिस बना डाला मगर इन कमरों की सुघ नहीं ली तो क्या ये करोड़ों रुपए खर्च कर सिर्फ और सिर्फ दिखावें के लिए खर्च किए हमने पुर्व में भी कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पाटन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हमने प्रमुखता से खबर दिखाई बाद भी सरकार जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी यो ने कोई सुघ नहीं ली!देखना यह होगा कि पांच करोड़ की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण कब होगा कब मोहकमपुरा में पुरा स्टाफ सरकार भेजेगी तथा कब उन कमरों की काया पलटें गी या नहीं यह तों वक्त ही बताएगा!4
- उज्जैन पंचकोशी पड़ाव–3 बड़नगर रोड स्थित ग्राम नलवा में मेवाड़ के आराध्य भगवान श्री एकलिंगनाथ जी के भव्य मंदिर, गुरुकुल व गौशाला निर्माण हेतु भूमि पूजन श्रद्धा व उत्साह से संपन्न हुआ। लगभग 20 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बनने वाले इस प्रकल्प की अनुमानित लागत 7 करोड़ रुपये है। मंदिर सफेद संगमरमर से निर्मित होगा तथा काले पत्थर का शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। डिज़ाइन अहमदाबाद के प्रसिद्ध सोमपुरा परिवार द्वारा तैयार किया गया है। कार्यक्रम में मेवाड़ राजघराने के महाराणा प्रताप के वंशज एवं 77वें श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ (उदयपुर) मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने इसे मेवाड़ और मालवा की सांस्कृतिक चेतना का संगम बताते हुए समाज की एकजुटता व समर्पण की सराहना की तथा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अध्यक्षता श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण विकास परिषद मध्य प्रदेश उज्जैन के अध्यक्ष सुनील भेरूलाल जोशी ने की। उन्होंने बताया कि परिसर में आधुनिक सुविधायुक्त गुरुकुल व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विकसित गौशाला स्थापित की जाएगी तथा सिंहस्थ 2028 से पूर्व निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य है। मंदिर का गर्भगृह 13.7×13.7 फीट, 29 फीट का सभामंडप एवं तीन प्रवेश द्वार होंगे। भूमि पूजन में महेंद्रानंद गिरी महाराज, रामनाथ महाराज, दयाराम महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद गिरि जी सहित अनेक संतों का सान्निध्य रहा। 151 से अधिक जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अनुष्ठान में सहभागिता की। संचालन दिनेश उपाध्याय ने किया तथा आभार प्रदर्शन गिरधारी लाल त्रिवेदी ने किया।1
- Post by Saddam Khan4
- Post by Bapulal Ahari1
- आशिक ने गोली मार दी शादी पर लड़की को यह वीडियो वायरल बहुत हो रहा है इंस्टाग्राम पर 10 दिनों से प्यार करती थी एक न्यूज़ ले लिया1
- डूंगरपुर जिले के धंबोला थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। स्कूल से घर लौट रही 8 वर्षीय मासूम बालिका की स्कूटी की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद ‘मौताणा’ को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि बाद में परिजनों ने बिना मौताणा राशि लिए अंतिम संस्कार कर दिया। घटना बुधवार दोपहर की है। साकरसी निवासी 8 वर्षीय सरस्वती पुत्री जयंतीलाल कलासुआ, जो राप्रावि चुंडावाड़ा में पहली कक्षा की छात्रा थी, स्कूल से घर लौट रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल सरस्वती को पहले सीएचसी सीमलवाड़ा ले जाया गया, जहां से उसे डूंगरपुर और बाद में उदयपुर रेफर किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शुक्रवार सुबह मृतका के परिजन और ग्रामीण स्कूटी मालिक साकरसी निवासी विकास पुत्र धनेश्वर आमलिया के घर पहुंचे और आंगन में शव रखकर ‘मौताणा’ राशि की मांग करने लगे। इस दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही धंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों और जाब्ते ने आक्रोशित लोगों से समझाइश कर शव को स्कूटी मालिक के घर से हटवाया और मृतका के घर पहुंचाया। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। बाद में मृतका के परिजनों ने बिना मौताणा राशि लिए अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। घर से अंतिम संस्कार की रस्में अदा कर शव यात्रा निकाली गई और मोक्षधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतका के पिता जयंतीलाल ने स्कूटी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 8 साल की मासूम की मौत से गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- Post by राकेश कलाल रिपोर्टर1
- , कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (कोई तों मापों पग पग सड़क मुश्किल में है मोहकमपुरा से राजापुरा तक डामरीकरण सड़क जी हां सरकारें आती है चली जाती हें वादे भी होते वादे कितने पुरे कितने अधुरे आज हम राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की मोहकमपुरा पंचायत से मध्यप्रदेश की सिमा से सटे महज 3किलोमिटर डामरीकरण प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत वर्षों पुर्व पक्की सड़क बनी थी तब आमजन को लगा की अब थांदला जाना सुलभ होगा मगर सरकारों की गलती कहें या जनप्रतिनिधियों की उदासीनता या अफसरों की घौर लापरवाही के चलते मोहकमपुरा से राजपुरा तक का डामरीकरण पुरी तरह खुर्द बुर्द हो चुका है राजापुरा घाटी,सुंदरीपाडा व मोहकमपुरा रपट पुल भी अब डेमेज होने के कगार पर है पर कोई ध्यान नहीं देते हम आपको बतादे की मात्र 10किलो मीटर दुर पर एट लाईन गुजर रही है वहीं मध्यप्रदेश का थांदला शहर मोहकमपुरा से मात्र 20किलोमीटर वहीं उदेगढ रेलवे स्टेशन भी नजदीक हे इस मार्ग पर 24सो घंटे आवागमन के साधन चलतें है पर खराब रोड की वजह से आवागमन पुरी तरह जोखीम भरा हुआ है जगह-जगह गड्ढे पड़े कभी भी जन हानी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है समाजसेवी पाटडी निवासी दीनेश भुरीया ने कहा की सरकार जनप्रतिनिधि व अधिकारी ध्यान नहीं देते अगर पुरी ईमानदारी से ध्यान देते तो दोनों राज्यों को जोड़ने वाली सड़क की काया कल्प हो सक्ती थी मगर सरकार जनप्रतिनिधि व अधिकारी ध्यान नहीं देते देखना यह होगा कि मोहकमपुरा से राजापुरा तक डामरीकरण सड़क सुधरेगी या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा बाईट समाज सेवी दिनेश भुरीया4