सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में हुआ संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन* * सरायकेला, 25 सितंबर 2026।- वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में राष्ट्रभक्ति, गौरव एवं उत्साह से परिपूर्ण वातावरण में संपूर्ण वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में एक करोड़ से अधिक भैया-बहनों, अभिभावकों एवं विद्यालय के पूर्व भैया-बहनों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन कर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आरएसएस के संघचालक श्री सत्यनारायण अग्रवाल जी, विद्यालय के अध्यक्ष श्री रामनाथ आचार्य जी, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य श्री गुरूचरण महतो जी, विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री प्रसाद महतो जी, विद्युत परिषद के सदस्य श्री सुधीप पटनायक जी एवं श्री आदित्य कुमार दुबे जी सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे। अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और महत्ता को और बढ़ाया। विद्यालय की परंपरा एवं संस्कारों के अनुरूप कार्यक्रम का शुभारंभ दीप स्तुति एवं सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पार्थ सारथी आचार्य जी ने उपस्थित सभी भैया-बहनों को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, इसकी भावनात्मक एवं राष्ट्रीय भूमिका तथा मातृभूमि के प्रति इसके संदेश से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, सम्मान, समर्पण और राष्ट्रभावना की सशक्त अभिव्यक्ति है। प्रधानाचार्य जी के मार्गदर्शन के पश्चात सभी को उस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार था। ठीक पूर्वाह्न 11 बजे विद्यालय के संगीत आचार्य श्री सौरव आचार्य जी के नेतृत्व में संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन प्रारंभ हुआ। जैसे ही वंदे मातरम् के स्वर विद्यालय परिसर में गूंजे, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया। विद्यालय के भैया-बहनों, आचार्य-दीदी जी, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों ने एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन कर इस ऐतिहासिक अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इस अवसर को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से विद्यालय के विभिन्न दीदी जी एवं आचार्य जी भी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में पहुँचे तथा वहाँ के भैया-बहनों एवं विद्यालय परिवार के साथ वंदे मातरम् का उद्घोष एवं सामूहिक गायन किया। इस पहल के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों को भी इस राष्ट्रव्यापी ऐतिहासिक कार्यक्रम से जोड़ा गया और “एक स्वर, एक भावना और एक भारत” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उपस्थित सभी लोगों में विशेष उत्साह एवं गौरव का भाव देखने को मिला। भैया-बहनों ने पूरे अनुशासन एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। उपस्थित अभिभावकों एवं पूर्व भैया-बहनों ने भी इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनकर विद्यालय परिवार के इस प्रयास को अपना समर्थन दिया। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर भारतीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभावना की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 25 सितंबर 2026 का यह दिन सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला के लिए भी एक अविस्मरणीय दिन बन गया, जब विद्यालय परिवार ने देश के करोड़ों लोगों के साथ एक स्वर में अपनी मातृभूमि को नमन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, पूर्व भैया-बहनों, भैया-बहनों, आचार्य-दीदी जी एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने राष्ट्र, संस्कृति और मातृभूमि के प्रति सम्मान एवं समर्पण की भावना में निहित है।
सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में हुआ संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन* * सरायकेला, 25 सितंबर 2026।- वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में राष्ट्रभक्ति, गौरव एवं उत्साह से परिपूर्ण वातावरण में संपूर्ण वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में एक करोड़ से अधिक भैया-बहनों, अभिभावकों एवं विद्यालय के पूर्व भैया-बहनों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन कर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आरएसएस के संघचालक श्री सत्यनारायण अग्रवाल जी, विद्यालय के अध्यक्ष श्री रामनाथ आचार्य जी, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य श्री गुरूचरण महतो जी, विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री प्रसाद महतो जी, विद्युत परिषद के सदस्य श्री सुधीप पटनायक
जी एवं श्री आदित्य कुमार दुबे जी सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे। अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और महत्ता को और बढ़ाया। विद्यालय की परंपरा एवं संस्कारों के अनुरूप कार्यक्रम का शुभारंभ दीप स्तुति एवं सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पार्थ सारथी आचार्य जी ने उपस्थित सभी भैया-बहनों को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, इसकी भावनात्मक एवं राष्ट्रीय भूमिका तथा मातृभूमि के प्रति इसके संदेश से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, सम्मान, समर्पण और राष्ट्रभावना की सशक्त अभिव्यक्ति है। प्रधानाचार्य जी के मार्गदर्शन के पश्चात सभी को उस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार था। ठीक पूर्वाह्न 11 बजे विद्यालय के संगीत आचार्य श्री सौरव आचार्य जी के नेतृत्व में संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन प्रारंभ हुआ। जैसे ही वंदे मातरम्
के स्वर विद्यालय परिसर में गूंजे, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया। विद्यालय के भैया-बहनों, आचार्य-दीदी जी, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों ने एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन कर इस ऐतिहासिक अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इस अवसर को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से विद्यालय के विभिन्न दीदी जी एवं आचार्य जी भी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में पहुँचे तथा वहाँ के भैया-बहनों एवं विद्यालय परिवार के साथ वंदे मातरम् का उद्घोष एवं सामूहिक गायन किया। इस पहल के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों को भी इस राष्ट्रव्यापी ऐतिहासिक कार्यक्रम से जोड़ा गया और “एक स्वर, एक भावना और एक भारत” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उपस्थित सभी लोगों में विशेष उत्साह एवं गौरव का भाव देखने को मिला। भैया-बहनों ने पूरे अनुशासन एवं उत्साह के
साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। उपस्थित अभिभावकों एवं पूर्व भैया-बहनों ने भी इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनकर विद्यालय परिवार के इस प्रयास को अपना समर्थन दिया। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर भारतीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभावना की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 25 सितंबर 2026 का यह दिन सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला के लिए भी एक अविस्मरणीय दिन बन गया, जब विद्यालय परिवार ने देश के करोड़ों लोगों के साथ एक स्वर में अपनी मातृभूमि को नमन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, पूर्व भैया-बहनों, भैया-बहनों, आचार्य-दीदी जी एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने राष्ट्र, संस्कृति और मातृभूमि के प्रति सम्मान एवं समर्पण की भावना में निहित है।
- 37 गुम मोबाइल बरामद, चाईबासा पुलिस ने असली धारकों को सौंपे पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से लगातार तकनीकी अनुसंधान एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत चाईबासा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से कुल 37 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा पूजा कुमारी के नेतृत्व में की गई। बरामद सभी मोबाइल फोन को उनके वास्तविक धारकों को राजकुमार जयराजू प्रशिक्षु आईपीएस,पुलिस पदाधिकारी, सदर, बहामन टुटी एवं पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) पूजा कुमारी की उपस्थिति में विधिवत सौंप दिया गया। बाईट : राजकुमार जयराजु, आईपीएस1
- Delhi में अब क्या होने जा रहा? "इस्तीफा दे दो" ज्ञानेश को आ गया ऑर्डर?1
- जमशेदपुर में साइक्लोन का असर, भारी बारिश से कई इलाकों में जलजमाव और बाढ़ का खतरा” जमशेदपुर में साइक्लोन का असर, भारी बारिश से कई इलाकों में जलजमाव और बाढ़ का खतरा”1
- जिस पिता के कंधों पर खेलकर बड़ी हुई बेटी, आज उसी कंधे पर निकली अंतिम यात्रा जिस पिता के कंधों पर खेलकर बड़ी हुई बेटी, आज उसी कंधे पर निकली अंतिम यात्रा रांची। जिंदगी के सबसे भावुक और दर्दनाक पलों में से एक वह दृश्य रहा, जब जिस पिता के कंधों पर बैठकर बेटी ने बचपन बिताया था, उसी पिता के कंधों पर उसकी अर्थी उठी। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री एवं महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद जब अंतिम यात्रा निकली, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के बीच मातम पसरा रहा। बचपन में जिस बेटी को पिता ने अपनी बाहों में उठाया, कंधों पर बिठाया और कदम-कदम पर उसका सहारा बने, वही बेटी आज अंतिम सफर पर थी। बेटी की अर्थी को कंधा देते पिता का दृश्य बेहद मार्मिक रहा। वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं और हर कोई इस असहनीय दुख में परिवार के साथ खड़ा नजर आया। बेटी के जन्म से लेकर उसके बड़े होने तक पिता उसके हर सुख-दुख में साथ रहे। लेकिन किसी पिता ने शायद कभी यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन उसे अपनी ही बेटी की अर्थी को कंधा देना पड़ेगा। तृषा की असामयिक मौत ने परिवार के साथ-साथ परिचितों और शुभचिंतकों को भी झकझोर दिया है। अंतिम विदाई के दौरान सामने आया यह दृश्य लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।1
- Post by Jay Kumar1
- दारू दुकान में घुसा बंदर, उठा कर पी लिया एक क्वार्टर। रांची1
- प्रोफेसर ने छात्र का कॉलर पकड़ा, वायरल हुआ वीडियो स्टूडेंट बोला-जल्दी कर, पनवेल निकलना है; प्रोफेसर ने कॉलर पकड़ा वायरल वीडियो अहमदाबाद की निरमा यूनिवर्सिटी का ह ै यह घटना यूनिवर्सिटी मे ं आयोजित तीन दिवसीय 'टेक्नोफ्रा 2026' कार्यक्रम के दौरान हुई1
- दिव्यांग शिक्षक गुलशन लोहार के समर्पण की उपायुक्त ने सराहना कर बढ़ाया हौसला* दिव्यांग शिक्षक गुलशन लोहार के समर्पण की उपायुक्त ने सराहना कर बढ़ाया हौसला* पश्चिमी सिंहभूम जिला अंर्तगत मनोहरपुर प्रखंड क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन उपायुक्त मनीष कुमार ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय- बरंगा का निरीक्षण कर विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत संसाधनों के साथ-साथ संचालित शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर अध्ययनरत छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।1
- परोडीह में दो दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का शानदार आयोजन, 32 टीमों ने लिया हिस्सा ⚽🏆 परोडीह। लंबे समय के अंतराल के बाद नव युवक संघ परोडीह की ओर से बेसिक स्कूल मैदान में 23 एवं 24 सितंबर को दो दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कुल 32 टीमों ने हिस्सा लिया। दो दिनों तक चले इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेलप्रेमी और ग्रामीण मैदान में पहुंचे। बताया गया कि नव युवक संघ परोडीह द्वारा प्रत्येक वर्ष 23 एवं 24 सितंबर को फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता था, लेकिन किसी कारणवश पिछले कुछ वर्षों से इसका आयोजन नहीं हो पा रहा था। इस वर्ष पुनः प्रतियोगिता शुरू होने से खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति ने अब हर वर्ष नियमित रूप से इस फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन करने का निर्णय लिया है। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मैदान पर मुकाबले काफी रोमांचक रहे और खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों और उत्साहवर्धन से उनका हौसला बढ़ाया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खेलप्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता के समापन पर विजेता एवं उपविजेता टीमों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार राजेश एंड रितेश ब्रदर की टीम ने हासिल किया, जिसे 30 हजार रुपये नगद प्रदान किए गए। वहीं द्वितीय पुरस्कार कृष्णा ब्रदर को मिला, जिसे 20 हजार रुपये दिए गए। तृतीय पुरस्कार बी.एस. सुमन ब्रदर की टीम ने प्राप्त किया, जिसे 15 हजार रुपये तथा चौथा पुरस्कार अजय ब्रदर को मिला, जिसे 10 हजार रुपये नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। आयोजन समिति ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी खिलाड़ियों, दर्शकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों के प्रति आभार जताया। समिति ने कहा कि क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं को खेल से जोड़ने के उद्देश्य से आने वाले वर्षों में भी इस तरह की प्रतियोगिताएं लगातार आयोजित की जाएंगी।1