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राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी स्थित कल्याणपुरा गांव में दस दिवसीय बूँदी बंधेज प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और पारंपरिक हस्तकलाओं का संरक्षण करना था। यह कार्यक्रम उरमूल ट्रस्ट, बीकानेर द्वारा बजाज फिनसर्व के सहयोग से संचालित "राजस्थान की डोर" परियोजना के तहत आयोजित किया गया था। इस पहल के माध्यम से, प्रशिक्षण में भाग लेने वाली ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता का एक नया मार्ग मिला है, जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगी।
Manoj Kumar janagal
राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी स्थित कल्याणपुरा गांव में दस दिवसीय बूँदी बंधेज प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और पारंपरिक हस्तकलाओं का संरक्षण करना था। यह कार्यक्रम उरमूल ट्रस्ट, बीकानेर द्वारा बजाज फिनसर्व के सहयोग से संचालित "राजस्थान की डोर" परियोजना के तहत आयोजित किया गया था। इस पहल के माध्यम से, प्रशिक्षण में भाग लेने वाली ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता का एक नया मार्ग मिला है, जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगी।
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- राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी स्थित कल्याणपुरा गांव में दस दिवसीय बूँदी बंधेज प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और पारंपरिक हस्तकलाओं का संरक्षण करना था। यह कार्यक्रम उरमूल ट्रस्ट, बीकानेर द्वारा बजाज फिनसर्व के सहयोग से संचालित "राजस्थान की डोर" परियोजना के तहत आयोजित किया गया था। इस पहल के माध्यम से, प्रशिक्षण में भाग लेने वाली ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता का एक नया मार्ग मिला है, जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगी।2
- शेखावाटी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण की घोषणा की गई है, जहाँ दशकों का इंतजार समाप्त करते हुए यमुना जल की सौगात मिली है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, यमुना जल परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन के लिए एक एमओए (MOA) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी तथा माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल जी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस एमओए पर हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी जी के साथ हस्ताक्षर किए गए, जिससे राजस्थान को यमुना जल समझौते की यह सौगात मिली है। इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्र में पेयजल की किल्लत जल्द ही दूर हो जाएगी।1
- चूरू जिले के राजलदेसर में खुली गैनाणी (मैनहोल) आवारा पशुओं, विशेषकर गौवंश के लिए मौत का मंजर बनी हुई है। अनेकों बार शिकायत किए जाने के बावजूद, नगरपालिका प्रशासन इन जानवरों को मौत के मुँह में धकेले जाने से रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं कर पाया है। आम आदमी और गौसेवकों ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन के पास फंड की कमी है, या इन घटनाओं के पीछे कोई और राज है। उन्होंने नगरपालिका राजलदेसर से मांग की है कि वह जनता-जनार्दन को इस विषय पर अवगत कराए या तत्काल इस व्यवस्था में सुधार करे।1
- सीकर जिले के पुरोहित का बास गांव में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का भव्य अनावरण उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के विचार समता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय पर आधारित समाज की नींव हैं तथा युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, विधायक राजेंद्र पारीक, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान एक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया और 100 सीट क्षमता वाली आधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया गया।1
- झुंझुनूं जिले में आयोजित एक 'इस्लाह-ए-तालीमी' कार्यक्रम के दौरान, उत्तरप्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "तालीम के बिना किसी भी समाज या देश की तरक्की संभव नहीं है।" इकरा हसन ने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है और समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, आपसी भाईचारा तथा विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, न कि लोगों को बांटने की राजनीति पर। अपने संबोधन के दौरान, सांसद इकरा हसन ने इस्लामपुर गांव के नाम परिवर्तन के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "गांव का नाम बदलने से कुछ नहीं होगा। अगर बदलाव करना है तो गांव की तस्वीर बदलिए। वहां अच्छे अस्पताल, स्कूल, सड़कें और मूलभूत सुविधाएं विकसित कीजिए, तभी वास्तविक विकास होगा।" उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं, क्योंकि एक शिक्षित समाज ही देश को नई दिशा दे सकता है। इकरा हसन ने इस बात पर जोर दिया कि विकास का मार्ग शिक्षा और सामाजिक सद्भाव से होकर गुजरता है, इसलिए सभी को तालीम को प्राथमिकता देनी चाहिए।1
- बगड़ न्यूज़ ने 29 जून 2026 के लिए अपनी 'मॉर्निंग न्यूज़' प्रस्तुत की है, जिसमें आज की टॉप 5 खबरें शामिल हैं। इस विशेष बुलेटिन में झुंझुनूं जिले की दिनभर की सभी ज़रूरी खबरें केवल 2 मिनट में दिखाई जाएंगी। आज की सुर्खियों में बगड़, चिड़ावा और पिलानी से संबंधित क्राइम, मंडी भाव, मौसम की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण लोकल खबरें प्रमुखता से शामिल रहेंगी।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की युवा हितैषी नीतियों को आगे बढ़ाते हुए, राजस्थान के चूरू जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आया है। जिला प्रशासन ने बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने और पुस्तकालयों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे विद्यार्थियों को पुस्तकों से जोड़ने की एक नई पहचान मिल रही है। जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में, शिक्षा विभाग ने कई नवाचार किए हैं। जिले के सभी 16 पीएमश्री राजकीय विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं, जो विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध करा रही हैं। इसके अतिरिक्त, सत्र 2025-26 के लिए प्रत्येक पीएमश्री विद्यालय को 20 हजार रुपये का पुस्तकालय अनुदान दिया गया है, जिससे कुल 3 लाख 20 हजार रुपये की राशि से नई पुस्तकें खरीदी जा रही हैं। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने भी जिले के सभी राजकीय विद्यालयों, जिनमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यालय शामिल हैं, में 73 प्रकाशकों की विभिन्न विषयों की करोड़ों रुपये मूल्य की पुस्तकें उपलब्ध कराकर पुस्तकालयों को सुदृढ़ किया है। इन पहलों में सबसे खास 'पुस्तक संवाद' अभियान है, जिसके तहत ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश से पहले विद्यार्थियों को घर ले जाने के लिए पुस्तकें दी जाती हैं। छुट्टियों के बाद उनसे पुस्तक समीक्षा लिखवाई जाती है और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है। यह कार्यक्रम अब तक छह बार सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। जिला प्रशासन का मानना है कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास का मजबूत आधार हैं। इन पहलों के लगातार जारी रहने से पढ़ने की संस्कृति और मजबूत होगी, जिससे भविष्य का राजस्थान ज्ञानवान और सशक्त बनेगा।1
- परिजनों को बच्चों को आग और पानी के पास खेलते समय विशेष ध्यान रखना चाहिए। पोस्ट में कहा गया है कि किस्मत हमेशा साथ नहीं देती, और इस बात की गंभीरता को समझने के लिए बच्चे को देखना पर्याप्त होगा, जो यह दर्शाता है कि लापरवाही के परिणाम गंभीर हो सकते हैं।1