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सतरंगी जहानाबादी (public news)
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- Post by सतरंगी जहानाबादी (public news)1
- अब हाथी भी पुलिस के डर से बीमार पड़ जाता है राबड़ी देवी नाम बताए1 24 घंटे में अपराधी जेल।1
- Post by Hdmfbsm1
- Post by Bablu Singh1
- रमजान के चौथे रोजे पर मरहूम हाफिज महबूब आलम के योमे वफात पर कुरआनखानी, नम आंखों से किया याद पथराबाड़ी गांव में कुरआनखानी का आयोजन, लोगों ने दी खिराज-ए-अकीदत जोकीहाट/अल्लामा ग़ज़ाली रमजान के चौथे रोजे के मौके पर प्रखंड क्षेत्र के पथराबाड़ी गांव में मरहूम हाफिज महबूब आलम के योमे वफात पर कुरआनखानी का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, उलेमा और अकीदतमंद मौजूद रहे और मरहूम की मगफिरत के लिए कुरआनखानी कर दुआएं मांगी गईं। बताया गया कि हाफिज महबूब आलम का इंतकाल 21 फरवरी 2025 को हुआ था, जिसके बाद 22 फरवरी 2025 को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। उनके इंतकाल से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई थी। जानकारी के अनुसार, मरहूम हाफिज महबूब आलम ने 12 वर्षों से अधिक समय तक दिल्ली के मोती मस्जिद, कनॉट प्लेस में इमामत की। अपनी इमामत और अखलाक के जरिए उन्होंने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। बताया जाता है कि 90 के दशक में वे अपने इलाके के लोगों के लिए एक सहारा और छांव की तरह थे। जोकीहाट और आसपास के कई गांवों के लोग जब दिल्ली जाते थे, तो उनके यहां ठहरते थे। वे लोगों के रहने, खाने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम सेवा भाव से करते थे। उनकी मेहमाननवाजी और नेकदिली को लोग आज भी याद कर भावुक हो जाते हैं। मरहूम के पिता मोइनुद्दीन, जो मोइन मुखिया के नाम से मशहूर थे, अपने पंचायत के लगभग 30 वर्षों तक मुखिया रहे और क्षेत्र में काफी सम्मानित व्यक्ति थे। कुरआनखानी के अंत में सभी लोगों ने मरहूम हाफिज महबूब आलम के लिए मगफिरत और जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम की दुआ की।1
- AIMIM जोकीहाट विधायक मुर्शिद आलम ने विधानसभा में Guest Teacher को फिर से नियुक्त करने की मांग की।1
- NH-27 पर भीषण सड़क हादसा: एक की मौत, दूसरा गंभीर1
- NAMASTE Satrangi Jehanabadi local public news repoter kako Jehanabad1