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*भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए बनी नन्हीं बच्चीमानवता की मिसाल* कड़ी धूप और तेज गर्मी के इस दौर में जहां इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान पक्षी भी प्यास से बेहाल हैं, वहीं एक छोटी सी बच्ची ने मानवता की अनोखी मिसाल पेश की है। बच्ची ने अपने घर के बाहर परींडा (छीका) लगाकर पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की, जिससे राहगीरों और आसपास के लोगों को एक बड़ा संदेश मिला — दया और सेवा के लिए उम्र नहीं, सोच मायने रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए जीवनदायी साबित हो सकते हैं। हर व्यक्ति अपने घर, छत, आंगन या पेड़ों पर पानी के बर्तन रखकर पक्षियों की प्यास बुझाने में योगदान
जनहित आवाज
*भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए बनी नन्हीं बच्चीमानवता की मिसाल* कड़ी धूप और तेज गर्मी के इस दौर में जहां इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान पक्षी भी प्यास से बेहाल हैं, वहीं एक छोटी सी बच्ची ने मानवता की अनोखी मिसाल पेश की है। बच्ची ने अपने घर के बाहर परींडा (छीका) लगाकर पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की, जिससे राहगीरों और आसपास के लोगों को एक बड़ा संदेश मिला — दया और सेवा के लिए उम्र नहीं, सोच मायने रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए जीवनदायी साबित हो सकते हैं। हर व्यक्ति अपने घर, छत, आंगन या पेड़ों पर पानी के बर्तन रखकर पक्षियों की प्यास बुझाने में योगदान
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- *सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहरों में दीर्घकालिक पेयजल समाधान हेतु कार्यों में गुणवत्ता व समयसीमा पर सख्ती* *सवाई माधोपुर, 19 अप्रैल।* जिला कलक्टर काना राम ने रविवार को चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर वृहद पेयजल परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता चम्बल परियोजना के एम शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिला कलक्टर ने मण्डरायल स्थित चंबल सीडब्ल्यूआर सेंटर, फिल्टर प्लांट एवं राजघाट पर बने इनटेक वेल का भी अवलोकन कर जल उपलब्धता एवं क्षमता का आंकलन किया। इस दौरान उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली । उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दीर्घकालिक एवं सतत पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। जिला कलक्टर काना राम ने मण्डरायल के निकट चंबल नदी पर प्रस्तावित इनटेक वेल का निरीक्षण कर परियोजना की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत मण्डरायल के निकट चंबल नदी पर प्रस्तावित इनटेक वेल से जल को पम्प कर रॉ-वॉटर जलाशय में संग्रहित किया जाएगा, तत्पश्चात जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शुद्ध कर पाइपलाइन द्वारा उच्च जलाशयों में पहुंचाकर गांवों एवं शहरों में वितरित किया जाएगा। साथ ही 3 माह की अतिरिक्त जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता के जलाशय भी निर्मित किए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता जी.एस. शर्मा ने अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगभग 4060 करोड़ रुपये की लागत से चंबल आधारित इस वृहद पेयजल परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। पूर्व में एस.एल.एस.एस.सी. की स्वीकृति अनुसार सवाईमाधोपुर और करौली जिले के कुल 1426 गांव एवं 8 शहरों को कवर किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहर (सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बामनवास एवं महूकलां) शामिल हैं। परियोजना के तहत सवाई माधोपुर जिले की विभिन्न तहसीलों में वजीरपुर के 40 गांव, गंगापुर सिटी के 78, बामनवास के 139, खण्डार के 126, सवाई माधोपुर के 147 एवं चौथ का बरवाड़ा के 49 गांवों को लाभान्वित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2054 तक की पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई गई है, जिसमें सवाई माधोपुर जिले की 2054 में अनुमानित जनसंख्या लगभग 19.5 लाख तक को ध्यान में रखते हुए जल आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। परियोजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत सवाई माधोपुर जिले के 126 गांवों में लगभग 22,098 घरेलू जल कनेक्शन प्रदान किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि परियोजना को तीन पैकेजों में विभाजित कर कार्य किया जा रहा है— प्रथम (इनटेक वेल एवं रॉ-वॉटर संरचना), द्वितीय (क्लस्टर पम्प हाउस एवं मुख्य पाइपलाइन) एवं तृतीय (गांवों में वितरण प्रणाली)। जिला कलक्टर ने भूमि आवंटन की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। वर्तमान में अधिकांश स्थलों पर भूमि आवंटन किया जा चुका है तथा शेष कार्य प्रक्रियाधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर कार्यों में गति लाई जाए। गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। *गंगापुर सिटी में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश* निरीक्षण उपरांत जिला कलक्टर काना राम ने अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह के साथ गंगापुर सिटी स्थित चम्बल पम्प हाउस (हिंगोटिया) का निरीक्षण कर जलदाय विभाग कार्यालय में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने ट्यूबवेल संचालन हेतु विद्युत कनेक्शन जारी करने के लिए विद्युत विभाग को 7 दिवस की समयसीमा निर्धारित की तथा 15 नए ट्यूबवेल प्रारंभ करने के निर्देश अधिशाषी अभियंता गंगापुर सिटी रामकेश मीणा को दिए। साथ ही परियोजना से अतिरिक्त 2 एमएलडी जल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए बताया कि वर्तमान में 4 एमएलडी जल प्राप्त हो रहा है, जिसे बढ़ाकर लगभग 6 एमएलडी किए जाने से गंगापुर सिटी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार होगा और आमजन को राहत मिलेगी। जिला कलक्टर ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी तथा इसके पूर्ण होने पर हजारों परिवारों को दीर्घकालिक राहत प्राप्त होगी। —000—1
- Post by Kk Kapil1
- उनियारा, उनियारा उपखंड के अली पुरा भगवानपुरा की बेटी संतोष मीणा पुत्री सीताराम मीणा का चयन आरएएस की 2024 की परीक्षा में 1419 की रैंक में हुआ है। संतोष मीणा वर्तमान में हैदरी पुरा पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत है, संतोष ने बताया कि उनका यह थर्ड अटेम्प्ट था। लेकिन उनका लक्ष्य अटल था। उनका कहना है कि उन्होंने पढ़ाई करते समय ही सोच लिया था कि मुझे उच्च स्तर पर जाना है। तभी वह लक्ष्य को पीछे लग गई थी और निर्धारित लक्ष्य को उन्होंने हासिल किया उनका कहना है कि बिना दिशा निर्देश के आप कोई लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते। निरंतर अध्ययन आपकी प्रगति का स्वरूप बदल सकता है। संदीप गुप्ता उनियारा1
- *“चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर पेयजल परियोजना का जिला कलक्टर काना राम ने किया निरीक्षण”* *4060 करोड़ की महत्त्वपूर्ण योजना से सवाईमाधोपुर और करौली जिले के 1426 गांवों व 8 शहरों को मिलेगा लाभ* *सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहरों में दीर्घकालिक पेयजल समाधान हेतु कार्यों में गुणवत्ता व समयसीमा पर सख्ती* *सवाई माधोपुर, 19 अप्रैल।* जिला कलक्टर काना राम ने रविवार को चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर वृहद पेयजल परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता चम्बल परियोजना के एम शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिला कलक्टर ने मण्डरायल स्थित चंबल सीडब्ल्यूआर सेंटर, फिल्टर प्लांट एवं राजघाट पर बने इनटेक वेल का भी अवलोकन कर जल उपलब्धता एवं क्षमता का आंकलन किया। इस दौरान उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली । उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दीर्घकालिक एवं सतत पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। जिला कलक्टर काना राम ने मण्डरायल के निकट चंबल नदी पर प्रस्तावित इनटेक वेल का निरीक्षण कर परियोजना की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत मण्डरायल के निकट चंबल नदी पर प्रस्तावित इनटेक वेल से जल को पम्प कर रॉ-वॉटर जलाशय में संग्रहित किया जाएगा, तत्पश्चात जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शुद्ध कर पाइपलाइन द्वारा उच्च जलाशयों में पहुंचाकर गांवों एवं शहरों में वितरित किया जाएगा। साथ ही 3 माह की अतिरिक्त जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता के जलाशय भी निर्मित किए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता जी.एस. शर्मा ने अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगभग 4060 करोड़ रुपये की लागत से चंबल आधारित इस वृहद पेयजल परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। पूर्व में एस.एल.एस.एस.सी. की स्वीकृति अनुसार सवाईमाधोपुर और करौली जिले के कुल 1426 गांव एवं 8 शहरों को कवर किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहर (सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बामनवास एवं महूकलां) शामिल हैं। परियोजना के तहत सवाई माधोपुर जिले की विभिन्न तहसीलों में वजीरपुर के 40 गांव, गंगापुर सिटी के 78, बामनवास के 139, खण्डार के 126, सवाई माधोपुर के 147 एवं चौथ का बरवाड़ा के 49 गांवों को लाभान्वित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2054 तक की पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई गई है, जिसमें सवाई माधोपुर जिले की 2054 में अनुमानित जनसंख्या लगभग 19.5 लाख तक को ध्यान में रखते हुए जल आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। परियोजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत सवाई माधोपुर जिले के 126 गांवों में लगभग 22,098 घरेलू जल कनेक्शन प्रदान किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि परियोजना को तीन पैकेजों में विभाजित कर कार्य किया जा रहा है— प्रथम (इनटेक वेल एवं रॉ-वॉटर संरचना), द्वितीय (क्लस्टर पम्प हाउस एवं मुख्य पाइपलाइन) एवं तृतीय (गांवों में वितरण प्रणाली)। जिला कलक्टर ने भूमि आवंटन की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। वर्तमान में अधिकांश स्थलों पर भूमि आवंटन किया जा चुका है तथा शेष कार्य प्रक्रियाधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर कार्यों में गति लाई जाए। गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। *गंगापुर सिटी में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश* निरीक्षण उपरांत जिला कलक्टर काना राम ने अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह के साथ गंगापुर सिटी स्थित चम्बल पम्प हाउस (हिंगोटिया) का निरीक्षण कर जलदाय विभाग कार्यालय में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने ट्यूबवेल संचालन हेतु विद्युत कनेक्शन जारी करने के लिए विद्युत विभाग को 7 दिवस की समयसीमा निर्धारित की तथा 15 नए ट्यूबवेल प्रारंभ करने के निर्देश अधिशाषी अभियंता गंगापुर सिटी रामकेश मीणा को दिए। साथ ही परियोजना से अतिरिक्त 2 एमएलडी जल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए बताया कि वर्तमान में 4 एमएलडी जल प्राप्त हो रहा है, जिसे बढ़ाकर लगभग 6 एमएलडी किए जाने से गंगापुर सिटी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार होगा और आमजन को राहत मिलेगी। जिला कलक्टर ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी तथा इसके पूर्ण होने पर हजारों परिवारों को दीर्घकालिक राहत प्राप्त होगी। —000—4
- गंगापुर सिटी में अतिक्रमण को लेकर लगातार उठ रहे सवालों को लेकर नगर परिषद की टीम पहुंची मार्केट में, मार्केट में हो रही अतिक्रमण को लेकर दी गई सख्त चेतावनी, एक तरफ अतिक्रमण की गाड़ी सायरन बजाती रही वहीं दूसरी और व्यापारियों ने दुकानों के बाहर तख्ती और बेंच लगा रखे थे, नहीं हटाया अतिक्रमण, जैसे-तैसे अतिक्रमण हटाया तो गाड़ी के वापस जाने के बाद ही तुरंत अतिक्रमण लगा दिया गया, प्रशासन मुख दर्शक बनकर देखा रहा1
- पचाला कस्बे से गफूरपुरा की तरफ जाने वाला आम रास्ता गहरे गड्ढे व कीचड़ के कारण राहगीरों व ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है ग्राम पंचायत पचाला व ग्राम विकास अधिकारी को बार बार सूचना देने पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुईं आए दिन राहगीर व ग्रामवासियों के साथ दुर्घटना हो रही हैं3
- सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर रैपीडो कैब चालकों ने आज कार्य बहिष्कार कर दिया है। कैब चालकों ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी मिले तो कैब चालक ड्राइव करे। साथ ही रैपीडो कैब चालकों ने बताया कि राइड एरिया भी बढ़ाया जाए । जिससे राइडरों को आमदनी और पेट्रोल का खर्चा निकल सके। इस दौरान मौके पर रैपिडो कैप्टन शिवम, प्रकाश, सुधीर सिंह, मनोज,राजेश ,अंकेश ,महेश, गणेश आदि मौजूद रहे।1
- उनियारा, शहर के वार्ड नंबर 14 निवासी प्रदीप जादौन पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र जादौन का आर ए एस की 2024 परीक्षा में 618 रैंक हासिल कर चयन हुआ है। प्रदीप के चयन होने से उनियारा क्षेत्र में खुशी की लहर है उनियारा नगर पालिका क्षेत्र में काफी वर्षों बाद किसी छात्र का चयन हुआ है। प्रदीप ने जयपुर रहकर पढ़ाई की। इस बीच उन्होंने कई कोचिंग संस्थानों में भी पढ़ाया, लेकिन अपने लक्ष्य पर अडिग रहे। निरंतर पढ़ाई और लक्ष्य की प्राप्ति की ओर आगे बढ़ते रहे इसी का नतीजा रहा कि उनका आरए एस में चयन हुआ उनियारा क्षेत्र के लोगों ने ऐसे होनहार छात्र की भूरी भूरी प्रशंसा की। संदीप गुप्ता उनियारा1
- लालसोट के डीडवाना की धाकड़ा ढाणी में महात्मा ज्योतिबा फुले सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित नवम सामूहिक विवाह सम्मेलन बड़े धूमधाम के साथ आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में सभी प्रकार की रस्में पूरी विधि विधान से आयोजित की गई। वही इस सम्मेलन में सैनी समाज का यह सम्मेलन एक ऐतिहासिक सम्मेलन हुआ। जिसमें 131 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। जिसमें सैनी समाज द्वारा तन मन धन से पूर्ण सहयोग किया गया । सामूहिक विवाह सम्मेलन में बांदीकुई विधायक भागचंद टाकड़ा, लालसोट विधायक रामविलास मीणा, दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा, पूर्व चिकित्सा का मंत्री परसादी लाल मीणा ने भी पहुंचकर वर वधु को आशीर्वाद दिया। साथ ही उनके कुशाल जीवन की कामना की। इस तरह का सामूहिक विवाह सम्मेलन और समाजो को भी प्रेरणा देता है। जिससे फालतू खर्चों से बचा जा सकता है। वही समाज एकजुट होकर एक मंच पर समानता का भाव पैदा करता है। तथा आपसी मिल- वर्तन और भाईचारे को भी मजबूत करता है। इस सामूहिक सेवा सम्मेलन में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। और वर वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। यह सम्मेलन लालसोट की धरती पर एक ऐतिहासिक सम्मेलन साबित हुआ। इस सम्मेलन में आए हुऐ अतिथियों का महात्मा ज्योतिबा फुले सेवा समिति द्वारा भव्य स्वागत सत्कार किया गया।4