पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना प्रांगण में मुहर्रम पर्व की तैयारियों को लेकर सोमवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। इस बैठक में 26 जून को मनाए जाने वाले मुहर्रम पर्व के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान बाबूपुर के ग्रामीणों ने इस बार ताजिया जुलूस तोड़ाई न लाकर गांव में ही निकालने का निर्णय लिया, जबकि विपतपुर और खजुरडांगा से निकलने वाले जुलूस तोड़ाई तक आएंगे। बीडीओ टुडू दिलीप ने सभी से पर्व को शांति और आपसी भाईचारे के साथ मिलकर मनाने की अपील की। अंचलाधिकारी मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि ताजिया जुलूस में डीजे बजाना पूरी तरह से निषेध रहेगा। उन्होंने बताया कि ताजिया जुलूस का कार्यक्रम दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक सुनिश्चित किया गया है और सभी को शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस संपन्न करने को कहा। थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि पर्व के मद्देनजर तोड़ाई क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा, वहीं छोटे यात्री वाहनों के लिए अलग रूट से परिचालन की व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख अब्दुल गनी, समद अंसारी, मनोवर आलम, इमरान आलम, मुखिया तेरेसा टुडू, और तबारक अंसारी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना प्रांगण में मुहर्रम पर्व की तैयारियों को लेकर सोमवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। इस बैठक में 26 जून को मनाए जाने वाले मुहर्रम पर्व के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान बाबूपुर के ग्रामीणों ने इस बार ताजिया जुलूस तोड़ाई न लाकर गांव में ही निकालने का निर्णय लिया, जबकि विपतपुर और खजुरडांगा से निकलने वाले जुलूस तोड़ाई तक आएंगे। बीडीओ टुडू दिलीप ने सभी से पर्व को शांति और आपसी भाईचारे के साथ मिलकर मनाने की अपील की। अंचलाधिकारी मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि ताजिया जुलूस में डीजे बजाना पूरी तरह से निषेध रहेगा। उन्होंने बताया कि ताजिया जुलूस का कार्यक्रम दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक सुनिश्चित किया गया है और सभी को शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस संपन्न करने को कहा। थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि पर्व के मद्देनजर तोड़ाई क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा, वहीं छोटे यात्री वाहनों के लिए अलग रूट से परिचालन की व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख अब्दुल गनी, समद अंसारी, मनोवर आलम, इमरान आलम, मुखिया तेरेसा टुडू, और तबारक अंसारी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
- बरहरवा-फरक्का मुख्य पथ पर एक भीषण बाइक दुर्घटना में तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक पांच वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा बरारी पंचायत भवन के पास एक मोड़ पर हुआ जब एक बाइक और ट्रक के बीच टक्कर हो गई। जानकारी के अनुसार, बरहरवा थाना क्षेत्र के साहेबडंगा गांव निवासी बदरुल शेख के पुत्र इस्माइल शेख (22 वर्ष) अपनी मां आएशा बीबी (45 वर्ष), बेटी रुली खातून (18 वर्ष) और पांच वर्षीय बेटी मर्जिया खातून के साथ पश्चिम बंगाल के धुलियान गए थे। वे रुली खातून को डॉक्टर दिखाने के बाद शाम लगभग चार बजे अपनी स्प्लेंडर बाइक (पंजीकरण संख्या JH18P 3323) से घर लौट रहे थे, तभी ट्रक संख्या JH 16 H 0025 की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में आएशा बीबी, रुली खातून और इस्माइल शेख की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल मर्जिया खातून को प्राथमिक उपचार के लिए बरहरवा सीएचसी ले जाया गया। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बरहरवा-फरक्का मुख्य पथ को जाम कर दिया। सूचना मिलने पर बरहरवा थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह, एसआई अनिल यादव, रंजय यादव और राजनाथ साव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क जाम समाप्त कराया। थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह ने बताया कि शवों को कब्जे में ले लिया गया है और ट्रक को जब्त कर विधिवत कार्यवाही के तहत मामले की छानबीन की जा रही है।3
- साहिबगंज जिला के बरहरवा प्रखंड स्थित बरारी पंचायत के पास एक दर्दनाक घटना घटी है।1
- बरहरवा-फरक्का मुख्य पथ (एनएच-80) पर बरारी गांव के समीप सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब बाइक सवार मां, बेटा और बहन 18 चक्का ट्रेलर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे में चार वर्षीय एक बच्ची भी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृत व्यक्तियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल इस सड़क दुर्घटना की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- पूरे देश में आग सुरक्षा को लेकर एक गंभीर स्थिति बनी हुई है, जहाँ प्रशासन को किसी इमारत में आग लगने के बाद ही यह याद आता है कि उस भवन के पास आवश्यक NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था। यह दर्शाता है कि सुरक्षा और नियमों के पालन के मामले में, हर जगह सब कुछ 'भगवान भरोसे' ही चल रहा है, और समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं।1
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित रंगालिया पंचायत के पलासपाड़ा से पाथरचाल गांव जाने वाले रास्ते पर राज्यसभा सांसद निधि से बने गार्डवाल के निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगा है। हाल ही में बने इस गार्डवाल में कई जगहों पर दरारें आ गई हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गार्डवाल राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की निधि से ₹2,51,000 की लागत से बनाया गया था, जिसका योजना संख्या 268/2025-26 है। निर्माण कार्य की एजेंसी जिला अभियंता, जिला परिषद दुमका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गार्डवाल मात्र 2-3 महीने पहले ही बनाया गया था। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि नवनिर्मित गार्डवाल में कई स्थानों पर दरारें आ चुकी हैं। गार्डवाल के किनारे मिट्टी की भराई नहीं की गई है, जिससे पथ और गार्डवाल के बीच खाली जगह बनी हुई है, जो दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गार्डवाल निर्माण के समय नींव पर बेड ढलाई नहीं की गई थी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, गार्डवाल की ऊँचाई भी मापदंड के अनुसार नहीं है और इसे अनुपयोगी जगह पर बनाया गया है। आरोप है कि गार्डवाल कार्य में लकड़ाघाटी गांव का एक मुंशी किस्म का व्यक्ति बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था, जिसने अपने हित साधने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए काम को जैसे-तैसे अंजाम दिया। इन गंभीर अनियमितताओं को लेकर विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गांव में एक अनोखे बच्चे ने अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन करते हुए सभी को चौंका दिया। इस बच्चे ने दीवार पर चढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाया, जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित रह गए। यह अनोखा प्रदर्शन गांव में चर्चा का विषय बन गया है।3
- झारखंड के साहिबगंज जिले में मदन रोड पर सड़क जाम हो गया है। इस जाम के कारण इलाके में आवागमन में परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि यह मार्ग झारखंड राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग में आग लगने की घटना के बाद घटनास्थल पर जबरदस्त बैरिकेडिंग कर दी गई है। इस अग्निकांड के मद्देनजर पत्रकारों को भी कोचिंग से लगभग 150 मीटर की दूरी पर रोक दिया गया है, और किसी भी तरह के सवालों के जवाब देने से हर कोई बच रहा है। यह घटना एक तीन मंजिला बिल्डिंग में हुई थी, और अभी भी चारों तरफ एम्बुलेंस खड़ी हुई हैं।1