logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पूर्व मीडिया प्रभारी मोहम्मद वसीम ने देश में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए इसके चौथे स्तंभ यानी मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर सच्चाई, भ्रष्टाचार, अपराध और जनहित के मुद्दों को जनता के सामने लाते हैं, इसलिए उन पर होने वाले हमले सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की मूल भावना पर प्रहार हैं। मोहम्मद वसीम ने जोर देकर कहा कि जब निष्पक्ष पत्रकारों को डराया-धमकाया जाता है, उन पर हमले किए जाते हैं या उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जाती है, तो यह पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी कानून हाथ में लेने का दुस्साहस न कर सके। उनके अनुसार, पत्रकारों की सुरक्षा केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पूरे समाज का नैतिक दायित्व भी है क्योंकि स्वतंत्र मीडिया ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्चाई की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और यदि लोकतंत्र को जीवंत रखना है, तो निर्भीक पत्रकारिता के अनुकूल वातावरण तैयार करना ही होगा।

2 hrs ago
user_NEWS 2 INDIA (NTI)
NEWS 2 INDIA (NTI)
Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
ec79f68c-f2de-47ec-8573-491574cae1d3

पूर्व मीडिया प्रभारी मोहम्मद वसीम ने देश में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए इसके चौथे स्तंभ यानी मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर सच्चाई, भ्रष्टाचार, अपराध और जनहित के मुद्दों को जनता के सामने लाते हैं, इसलिए उन पर होने वाले हमले सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की मूल भावना पर प्रहार हैं। मोहम्मद वसीम ने जोर देकर कहा कि जब निष्पक्ष पत्रकारों को डराया-धमकाया जाता है, उन पर हमले किए जाते हैं या उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जाती है, तो यह पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी कानून हाथ में लेने का दुस्साहस न कर सके। उनके अनुसार, पत्रकारों की सुरक्षा केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पूरे समाज का नैतिक दायित्व भी है क्योंकि स्वतंत्र मीडिया ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्चाई की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और यदि लोकतंत्र को जीवंत रखना है, तो निर्भीक पत्रकारिता के अनुकूल वातावरण तैयार करना ही होगा।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम से खिलाड़ियों के लिए एक बुरी खबर आई है, जहां स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में चार सौ फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब यहां प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को हर महीने एक हजार रुपये के बजाय सीधे चार हजार रुपये फीस देनी होगी। स्टेडियम के इंडोर हॉल में करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद बैडमिंटन प्रशिक्षण दोबारा शुरू किया गया था, लेकिन इस भारी-भरकम फीस ने खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र के अनुसार, बैडमिंटन प्रशिक्षण का नया मासिक शुल्क चार हजार रुपये ही निर्धारित किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर फीस में बीस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस फैसले के बाद सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी निखिल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस बढ़ोतरी से कई प्रतिभाशाली बच्चे खेल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। सरकार एक तरफ जहां खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ इतनी अधिक फीस बढ़ाने से अब सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खेल जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह कदम खेल को बढ़ावा देने के लिए है या केवल कमाई का जरिया।
    1
    वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम से खिलाड़ियों के लिए एक बुरी खबर आई है, जहां स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में चार सौ फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब यहां प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को हर महीने एक हजार रुपये के बजाय सीधे चार हजार रुपये फीस देनी होगी। 

स्टेडियम के इंडोर हॉल में करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद बैडमिंटन प्रशिक्षण दोबारा शुरू किया गया था, लेकिन इस भारी-भरकम फीस ने खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र के अनुसार, बैडमिंटन प्रशिक्षण का नया मासिक शुल्क चार हजार रुपये ही निर्धारित किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर फीस में बीस प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

इस फैसले के बाद सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी निखिल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस बढ़ोतरी से कई प्रतिभाशाली बच्चे खेल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। सरकार एक तरफ जहां खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ इतनी अधिक फीस बढ़ाने से अब सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खेल जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह कदम खेल को बढ़ावा देने के लिए है या केवल कमाई का जरिया।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    6 min ago
  • उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मेरठ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन में मौजूद अधिवक्ता रवि गौतम के साथ एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय द्वारा कथित मारपीट और संबंधित पुलिस कार्रवाई के मामले में केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा की गई शिकायत पर की गई है, जिसके बाद आयोग ने केस संख्या 14615/24/54/2026 दर्ज किया है। अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में इस घटना से जुड़े वीडियो एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कराने, अधिवक्ता रवि गौतम का स्वतंत्र बयान दर्ज कराने और पूरे मामले की मेरठ पुलिस से स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस के प्रभावी नियंत्रण में मौजूद किसी भी व्यक्ति के साथ किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर मारपीट किया जाना गंभीर मानवाधिकार और पुलिस जवाबदेही का विषय है। उन्होंने आयोग से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर उत्तरदायित्व निर्धारित करने और दोषियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
    2
    उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मेरठ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन में मौजूद अधिवक्ता रवि गौतम के साथ एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय द्वारा कथित मारपीट और संबंधित पुलिस कार्रवाई के मामले में केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा की गई शिकायत पर की गई है, जिसके बाद आयोग ने केस संख्या 14615/24/54/2026 दर्ज किया है।

अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में इस घटना से जुड़े वीडियो एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कराने, अधिवक्ता रवि गौतम का स्वतंत्र बयान दर्ज कराने और पूरे मामले की मेरठ पुलिस से स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस के प्रभावी नियंत्रण में मौजूद किसी भी व्यक्ति के साथ किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर मारपीट किया जाना गंभीर मानवाधिकार और पुलिस जवाबदेही का विषय है। उन्होंने आयोग से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर उत्तरदायित्व निर्धारित करने और दोषियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
    user_अचूक रणनीति अख़बार
    अचूक रणनीति अख़बार
    Newspaper publisher सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    55 min ago
  • बुलंदशहर के खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के बुर्ज उस्मान मुहल्ले में 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आए पोते को बचाने के प्रयास में दादा की करंट लगने से मौत हो गई। शुक्रवार को बरसात के कारण स्कूल बंद होने की वजह से 12 वर्षीय अहद अपने घर की छत पर अकेला पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान उसकी पतंग मकान के बाहर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में अटक गई। अहद ने लोहे के पाइप से पतंग उतारने का प्रयास किया, जिससे पाइप तार से छूते ही तेज धमाका हुआ और वह करंट की चपेट में आ गया। धमाके की आवाज सुनकर नीचे बैठे 65 वर्षीय दादा इसरार तुरंत छत की ओर भागे। उन्होंने जैसे ही अपने पोते को बचाने के लिए उठाया, वे खुद भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। परिजन दोनों को तुरंत जटिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इसरार को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से झुलसे अहद को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। इस हादसे के वक्त अहद के पिता अबरार पॉटरी में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और ऊर्जा निगम के कर्मचारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की। अधीक्षण अभियंता प्रथम हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि किशोर द्वारा लोहे के पाइप से पतंग उतारने के प्रयास के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें उसे बचाने गए दादा की जान चली गई। एसडीओ ने इस घटना के संबंध में स्थानीय कोतवाली पुलिस को सूचित किया है और आम जनता से अपील की है कि वे कभी भी हाईटेंशन लाइन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें।
    1
    बुलंदशहर के खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के बुर्ज उस्मान मुहल्ले में 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आए पोते को बचाने के प्रयास में दादा की करंट लगने से मौत हो गई। शुक्रवार को बरसात के कारण स्कूल बंद होने की वजह से 12 वर्षीय अहद अपने घर की छत पर अकेला पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान उसकी पतंग मकान के बाहर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में अटक गई। अहद ने लोहे के पाइप से पतंग उतारने का प्रयास किया, जिससे पाइप तार से छूते ही तेज धमाका हुआ और वह करंट की चपेट में आ गया।

धमाके की आवाज सुनकर नीचे बैठे 65 वर्षीय दादा इसरार तुरंत छत की ओर भागे। उन्होंने जैसे ही अपने पोते को बचाने के लिए उठाया, वे खुद भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। परिजन दोनों को तुरंत जटिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इसरार को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से झुलसे अहद को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। इस हादसे के वक्त अहद के पिता अबरार पॉटरी में मजदूरी करने गए हुए थे।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और ऊर्जा निगम के कर्मचारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की। अधीक्षण अभियंता प्रथम हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि किशोर द्वारा लोहे के पाइप से पतंग उतारने के प्रयास के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें उसे बचाने गए दादा की जान चली गई। एसडीओ ने इस घटना के संबंध में स्थानीय कोतवाली पुलिस को सूचित किया है और आम जनता से अपील की है कि वे कभी भी हाईटेंशन लाइन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें।
    user_Keshav Choudhary
    Keshav Choudhary
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया।
    1
    वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • वाराणसी के सदर स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने स्काउटिंग और गाइडिंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और कौशल का अभ्यास किया।
    1
    वाराणसी के सदर स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने स्काउटिंग और गाइडिंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और कौशल का अभ्यास किया।
    user_Laik AFTAB
    Laik AFTAB
    Grain Trader सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • चंदौली के मुगलसराय अंतर्गत पड़ाव चौराहा गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नालियों का गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर भर गया है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और जलभराव का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
    1
    चंदौली के मुगलसराय अंतर्गत पड़ाव चौराहा गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नालियों का गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर भर गया है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और जलभराव का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
    user_Farhan
    Farhan
    मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • वाराणसी से अयोध्या जंक्शन जा रही मरुधर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14853) के S5 कोच में सफर कर रहे एक परिवार को दबंगई और गंभीर बदसलूकी का सामना करना पड़ा। 10 जून 2026 को हुई इस घटना में, पीड़ित परिवार के पास लोअर बर्थ की सीट संख्या 17 और 20 का कंफर्म टिकट था। लेकिन सीट संख्या 18, 19, 21 और 22 पर पहले से अवैध कब्जा जमाए बैठे कुछ लोगों ने उन्हें अपनी ही सीट पर बैठने से रोक दिया। विरोध करने पर उन लोगों ने पीड़ित परिवार को 'गंवार' बताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और टिकट दिखाने के बाद भी लगातार बदतमीजी की। अगल-बगल के यात्रियों के समझाने पर पीड़ित परिवार को बैठने की जगह तो मिल गई, लेकिन आरोपियों ने उनका बैग सीट के नीचे रखने से मना कर दिया और उसे गोद में लेकर बैठने को कहा, जबकि उनका अपना सामान पूरी सीट पर भरा हुआ था। हद तो तब हो गई जब सीट नंबर 20 पर बैठी एक 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला को इन लोगों ने बार-बार धक्का दिया और उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित के अनुसार, इन 4 सीटों पर कुल 6 लोग दादागिरी करते हुए यात्रा कर रहे थे, जिनमें से दो लोग नशे की हालत में लग रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम के कारण पीड़ित परिवार को भारी शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़ित ने इस संबंध में रेलवे में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रेलवे पुलिस ने उनसे तब संपर्क किया जब आरोपी ट्रेन से उतर चुके थे और पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अब वे कुछ नहीं कर सकते। वाराणसी से अयोध्या तक पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन में कोई टीटीई या रेलवे स्टाफ नहीं चढ़ा, जिससे ये लोग पकड़े नहीं जा सके। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से निराश पीड़ित ने मांग की है कि रेलवे के पास बर्थ नंबर 18, 19, 21 और 22 के यात्रियों का जो विवरण है, उसके आधार पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ये लोग किसी अन्य यात्री के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न कर सकें।
    1
    वाराणसी से अयोध्या जंक्शन जा रही मरुधर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14853) के S5 कोच में सफर कर रहे एक परिवार को दबंगई और गंभीर बदसलूकी का सामना करना पड़ा। 10 जून 2026 को हुई इस घटना में, पीड़ित परिवार के पास लोअर बर्थ की सीट संख्या 17 और 20 का कंफर्म टिकट था। लेकिन सीट संख्या 18, 19, 21 और 22 पर पहले से अवैध कब्जा जमाए बैठे कुछ लोगों ने उन्हें अपनी ही सीट पर बैठने से रोक दिया। विरोध करने पर उन लोगों ने पीड़ित परिवार को 'गंवार' बताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और टिकट दिखाने के बाद भी लगातार बदतमीजी की।

अगल-बगल के यात्रियों के समझाने पर पीड़ित परिवार को बैठने की जगह तो मिल गई, लेकिन आरोपियों ने उनका बैग सीट के नीचे रखने से मना कर दिया और उसे गोद में लेकर बैठने को कहा, जबकि उनका अपना सामान पूरी सीट पर भरा हुआ था। हद तो तब हो गई जब सीट नंबर 20 पर बैठी एक 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला को इन लोगों ने बार-बार धक्का दिया और उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित के अनुसार, इन 4 सीटों पर कुल 6 लोग दादागिरी करते हुए यात्रा कर रहे थे, जिनमें से दो लोग नशे की हालत में लग रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम के कारण पीड़ित परिवार को भारी शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

पीड़ित ने इस संबंध में रेलवे में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रेलवे पुलिस ने उनसे तब संपर्क किया जब आरोपी ट्रेन से उतर चुके थे और पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अब वे कुछ नहीं कर सकते। वाराणसी से अयोध्या तक पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन में कोई टीटीई या रेलवे स्टाफ नहीं चढ़ा, जिससे ये लोग पकड़े नहीं जा सके। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से निराश पीड़ित ने मांग की है कि रेलवे के पास बर्थ नंबर 18, 19, 21 और 22 के यात्रियों का जो विवरण है, उसके आधार पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ये लोग किसी अन्य यात्री के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न कर सकें।
    user_User7527
    User7527
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.