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बिशनगढ़ में बरसात में चलना मुश्किल है रोड के ये हाल है पंचायत के द्वारा कोई सुनवाई नहीं हो रही है बरसात में लोगों के जाने के लिए पानी से होकर जाना पड़ता है पंचायत लोगो की कोई सुनवाई नहीं करती आखिर पब्लिक करे तो क्या करे प्रशासन से अनुरोध है जल्दी सुनवाई करे ग्राम पंचायत बिशनगढ़
Karan singh
बिशनगढ़ में बरसात में चलना मुश्किल है रोड के ये हाल है पंचायत के द्वारा कोई सुनवाई नहीं हो रही है बरसात में लोगों के जाने के लिए पानी से होकर जाना पड़ता है पंचायत लोगो की कोई सुनवाई नहीं करती आखिर पब्लिक करे तो क्या करे प्रशासन से अनुरोध है जल्दी सुनवाई करे ग्राम पंचायत बिशनगढ़
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- बिशनगढ़ में बरसात में चलना मुश्किल है रोड के ये हाल है पंचायत के द्वारा कोई सुनवाई नहीं हो रही है बरसात में लोगों के जाने के लिए पानी से होकर जाना पड़ता है पंचायत लोगो की कोई सुनवाई नहीं करती आखिर पब्लिक करे तो क्या करे प्रशासन से अनुरोध है जल्दी सुनवाई करे ग्राम पंचायत बिशनगढ़1
- आम रोड़ बिशनगढ़ हाल आम लोग बहुत परेशान है आने जाने में दिक्कत होती हैं1
- देशभर में एक नेता की जमकर तारीफ हो रही है, जिसने जनता की उम्मीदों से बढ़कर काम किया है। लोग उन्हें सिर्फ नेता नहीं, बल्कि देश भक्त और अपने बेटे जैसा मान रहे हैं। जनता को उम्मीद है कि देश में हर जगह ऐसे ही देशभक्त हाथों में बागडोर हो।1
- जालोर में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क कई महीनों से बेकार पड़ी है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और परियोजना ठप पड़ी है।1
- मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे जालौर शहर में अचानक तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे भीषण गर्मी से जूझ रहे शहरवासियों को काफी राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया।4
- “नलों में सूखा, गुस्से में वार्डवासी: भीनमाल के वार्ड-3 में सालों से पानी गायब, विभाग पर ‘कागज़ी सप्लाई’ का आरोप” भाजपा नेता जयंतीलाल घांची के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन। भीनमाल (विक्रम राठी)। शहर के वार्ड नंबर 3 स्थित क्षेमंकरी माताजी मार्ग और मेघवालों की बस्ती (सी.एस.आर. स्कूल के पास) में पेयजल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। यहां के सैकड़ों लोग पिछले कई वर्षों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग कागजों में सप्लाई चालू बताकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में जलदाय विभाग की ओर से नियमित पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मोहल्ले के लोगों ने इस गंभीर समस्या को लेकर जलदाय विभाग के एईएन (AEN) को लिखित ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में कोई वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध नहीं है और सभी परिवार केवल नल कनेक्शन पर निर्भर हैं। इसके बावजूद लंबे समय से पानी नहीं आने से हालात बदतर होते जा रहे हैं। “शिकायत पर भी नहीं मिला न्याय” निवासियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन विभाग ने बिना जमीनी जांच किए ही सप्लाई चालू होने का जवाब देकर शिकायत को बंद कर दिया। इस ‘कागज़ी कार्रवाई’ से लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। “तारीख पर तारीख, काम शून्य” लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग के अधिकारी—विशेष रूप से AEN और JEN—बार-बार काम पूरा करने के आश्वासन देते हैं, लेकिन हकीकत में अब तक कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और जनता का भरोसा टूटता जा रहा है। ज्ञापन में रखी गई ये प्रमुख मांगें क्षेत्र में नियमित पेयजल सप्लाई की स्पष्ट समय-सीमा घोषित की जाए झूठे आश्वासनों के बजाय स्थायी समाधान किया जाए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए इस दौरान मांगीलाल मेघवाल, लक्ष्मण मेघवाल, सुरेश, गोपाल, ईश्वर काबावत, जयंतीलाल घांची, उत्तम कुमार, अशोक कुमार सहित वार्ड नंबर 3 के कई लोग मौजूद रहे। आंदोलन की चेतावनी मोहल्लेवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि जलदाय विभाग इस गंभीर जल संकट पर कब तक ठोस कार्रवाई करता है या फिर वार्डवासियों का गुस्सा सड़कों पर उतरता है।2
- जालोर के आहोर उपखंड के रोडला व आसपास के गांवों में मंगलवार दोपहर अचानक हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी। तेज हवाओं के साथ हुई इस बेमौसम बारिश से तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। किसानों सहित आमजन को गर्मी से काफी राहत मिली है, और आगे भी ऐसे ही मौसम की संभावना है।3
- राजस्थान के जालौर में नया नारानावास के पास एचरणा पर्वत का मुख्य नाला टूटने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, हालत यह है कि पिछले चार दिनों में गर्भवती महिलाओं को खाट पर अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रशासन की रिपोर्ट के बावजूद मरम्मत को मंजूरी न मिलने से ग्रामीणों में भारी रोष है।4