आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बना अमृतधारा महोत्सव 2026, भव्य आयोजन में उमड़ा जनसैलाब: प्राकृतिक सौंदर्य, हसदेव नदी और पर्यटन विकास से बदलेगा एमसीबी जिले का भविष्य-स्वास्थ्य मंत्री: “अमृतधारा केवल जलप्रपात नहीं, यह हमारी आत्मा, आस्था और पहचान है”-विधायक रेणुका सिंह: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: अमृतधारा जलप्रपात की पावन वादियों में आयोजित अमृतधारा महोत्सव 2026 इस वर्ष आस्था, संस्कृति और विकास का अद्भुत संगम बनकर उभरा। प्रकृति की गोद में गूंजते मंत्रोच्चार, हसदेव नदी की कल-कल ध्वनि और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा विशिष्ट अतिथि भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर रामनरेश राय, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिमा यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। *योजनाओं और जनसहभागिता का प्रदर्शन: कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के निरीक्षण से हुई। स्वास्थ्य, आदिवासी विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित अनेक विभागों ने शासन की योजनाओं की जानकारी दी और हितग्राहियों को लाभान्वित किया। तत्पश्चात छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने अपने संबोधन में कहा कि अमृतधारा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान और विकास की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अमृतधारा को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर तेजी से कार्य जारी है। *भारत माता की जय” के नारों से गूंजा परिसर: जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह और जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत, एकता और विकास के संकल्प का प्रतीक है। वर्ष 2016 से निरंतर आयोजित हो रहा यह महोत्सव अब क्षेत्र की पहचान बन चुका है। महापौर रामनरेश राय ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देते हैं। *अमृतधारा हमारी आत्मा है-रेणुका सिंह: विधायक रेणुका सिंह ने शिव मंत्रोच्चार के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि अमृतधारा केवल जलप्रपात नहीं, बल्कि क्षेत्र की आत्मा और आस्था है। उन्होंने धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों के पर्यटन विकास को क्षेत्रीय समृद्धि का मार्ग बताया। *पर्यटन से बदलेगा भविष्य-स्वास्थ्य मंत्री: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि वर्ष 2023 के बाद से अमृतधारा की पुरानी गरिमा लौटाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने हसदेव नदी क्षेत्र के पर्यटन विकास, गोंडवाना फॉसिल्स पार्क, शिक्षा संस्थानों की स्थापना और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहयोग और शासन की प्रतिबद्धता से एमसीबी जिला पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान बनाएगा। *रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां: कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न सांस्कृतिक दलों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों और लोकनृत्यों की धुन पर झूमते श्रद्धालुओं ने यह संदेश दिया कि अमृतधारा महोत्सव अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामूहिक चेतना और गर्व का प्रतीक बन चुका
आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बना अमृतधारा महोत्सव 2026, भव्य आयोजन में उमड़ा जनसैलाब: प्राकृतिक सौंदर्य, हसदेव नदी और पर्यटन विकास से बदलेगा एमसीबी जिले का भविष्य-स्वास्थ्य मंत्री: “अमृतधारा केवल जलप्रपात नहीं, यह हमारी आत्मा, आस्था और पहचान है”-विधायक रेणुका सिंह: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: अमृतधारा जलप्रपात की पावन वादियों में आयोजित अमृतधारा महोत्सव 2026 इस वर्ष आस्था, संस्कृति और विकास का अद्भुत संगम बनकर उभरा। प्रकृति की गोद में गूंजते मंत्रोच्चार, हसदेव नदी की कल-कल ध्वनि और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा विशिष्ट अतिथि भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर रामनरेश राय, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिमा यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं जिला
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। *योजनाओं और जनसहभागिता का प्रदर्शन: कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के निरीक्षण से हुई। स्वास्थ्य, आदिवासी विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित अनेक विभागों ने शासन की योजनाओं की जानकारी दी और हितग्राहियों को लाभान्वित किया। तत्पश्चात छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने अपने संबोधन में कहा कि अमृतधारा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान और विकास की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अमृतधारा को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर तेजी से कार्य जारी है। *भारत माता की जय” के
नारों से गूंजा परिसर: जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह और जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत, एकता और विकास के संकल्प का प्रतीक है। वर्ष 2016 से निरंतर आयोजित हो रहा यह महोत्सव अब क्षेत्र की पहचान बन चुका है। महापौर रामनरेश राय ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देते हैं। *अमृतधारा हमारी आत्मा है-रेणुका सिंह: विधायक रेणुका सिंह ने शिव मंत्रोच्चार के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि अमृतधारा केवल जलप्रपात नहीं, बल्कि क्षेत्र की आत्मा और आस्था है। उन्होंने धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों के पर्यटन विकास को क्षेत्रीय समृद्धि का मार्ग बताया। *पर्यटन से बदलेगा भविष्य-स्वास्थ्य मंत्री: स्वास्थ्य
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि वर्ष 2023 के बाद से अमृतधारा की पुरानी गरिमा लौटाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने हसदेव नदी क्षेत्र के पर्यटन विकास, गोंडवाना फॉसिल्स पार्क, शिक्षा संस्थानों की स्थापना और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहयोग और शासन की प्रतिबद्धता से एमसीबी जिला पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान बनाएगा। *रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां: कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न सांस्कृतिक दलों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों और लोकनृत्यों की धुन पर झूमते श्रद्धालुओं ने यह संदेश दिया कि अमृतधारा महोत्सव अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामूहिक चेतना और गर्व का प्रतीक बन चुका
- चिरमिरी में ऐतिहासिक दिवस: 127 करोड़ की विकास सौगात के साथ आगे बढ़ा जिला एमसीबी: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: आस्था, विश्वास और विकास के अद्भुत संगम का साक्षी बना चिरमिरी, जब विष्णुदेव साय ने जिले को 127 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक विकास सौगात दी। मालवीय नगर, पोड़ी स्थित मंगल भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं द्वारा कलश एवं पुष्पवर्षा से स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जनसमूह के उत्साह ने इस आयोजन को ऐतिहासिक आयाम दे दिया। *141 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास: मुख्यमंत्री ने 3,879.85 लाख रुपये की लागत से पूर्ण 82 कार्यों का लोकार्पण तथा 8,824.78 लाख रुपये की लागत से 59 नए कार्यों का भूमिपूजन किया। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि एमसीबी जिले के सुनहरे भविष्य की ठोस नींव है। मेडिकल कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, पॉलिटेक्निक और फिजियोथैरेपी कॉलेज जैसी संस्थाओं की स्थापना से युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। मनेंद्रगढ़ में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल और चिरमिरी में नर्सिंग कॉलेज की सौगात से स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। *बुनियादी सुविधाओं से आत्मनिर्भरता की ओर: अमृत जल मिशन के तहत 183 करोड़ की पेयजल योजना, 43 करोड़ की साजा पहाड़ सड़क, और 659 करोड़ की नागपुर-चिरमिरी रेल लाइन परियोजना क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देंगी। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी और महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता जनविश्वास का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मोदी की गारंटी” केवल नारा नहीं, बल्कि हर वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, लाखों परिवारों को आवास, किसानों और महिलाओं को आर्थिक संबल, यह सब सुशासन की पहचान है। *जनजातीय समाज के उत्थान पर विशेष फोकस: प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पीएम जनमन योजना और धरती आबा योजना के माध्यम से बैगा परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र को हजारों करोड़ के प्रस्ताव भेजे गए हैं। *आध्यात्मिक शिखर: श्री जगन्नाथ मंदिर चिरमिरी में पूजा-अर्चना: कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री का श्री जगन्नाथ मंदिर आगमन पूरे आयोजन का आध्यात्मिक उत्कर्ष बन गया। शंखनाद और “जय जगन्नाथ” के जयघोष के बीच मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में आमजन के साथ प्रसाद ग्रहण कर उन्होंने सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, और सरकार इसके विकास हेतु पूर्ण सहयोग देगी। एक ओर 127 करोड़ की विकास परियोजनाओं से जिले की तस्वीर बदलने का संकल्प, तो दूसरी ओर भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में नतमस्तक होकर जनकल्याण की कामना—चिरमिरी की यह ऐतिहासिक घड़ी विकास और धर्म के संतुलित समन्वय का सशक्त उदाहरण बन गई। एमसीबी अब केवल एक जिला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर एक नई पहचान बनता जा रहा हैं।4
- *कोरिया, 16 फरवरी/* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे। उनके आगमन पर सर्किट हाउस में गरिमामय स्वागत समारोह आयोजित किया गया। संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी तथा पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया। इस अवसर पर पारंपरिक कर्मा नृत्य दलों ने मांदर की थाप पर जोशीला सांस्कृतिक स्वागत प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा। आदिवासी लोकसंस्कृति की छटा ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान विभिन्न शासकीय एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा गया। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक भैया लाल रजवाड़े भी उपस्थित थे!4
- यूजीसी के समर्थन मे सरगुजा के मूलनिवासी समाज का आंदोलन एवं ज्ञापन1
- दी रजिस्टर्ड बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाहू लाल बौद्ध एवं महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष मनोज बौद्ध प्रभाकर बौद्ध इत्यादि लोग चांदनी बिहार पुर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ का भ्रमण किया और लाल जी बौद्ध एवं क्षेत्र के उन लोगों से संपर्क किया5
- न्यूज़ स्क्रिप्ट नगर अंबिकापुर के प्रतापपुर चौक स्थित सहेेली गली शिव मंदिर से भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात धूमधाम के साथ निकाली गई। श्री शिव शंकर कीर्तन मंडली के तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में भक्ति, संस्कृति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सहेेली गली शिव मंदिर से बारात निकालने की परंपरा 80 के दशक से अनवरत जारी है। पिछले 46 वर्षों से यह आयोजन निरंतर श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। शाम 4 बजे मंदिर प्रांगण से निकली बारात गुदरी चौक, जोड़ा पीपल, देवीगंज रोड सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए रात्रि लगभग 10 बजे गौरी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान शिव की आरती उतारी और बारातियों का फल एवं मिठाइयों से भव्य स्वागत किया। गौरी मंदिर पहुंचने के पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ भगवान शिव एवं माता पार्वती का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न कराया गया। इस दौरान पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। भक्ति और आस्था से ओत-प्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और देर रात तक धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।khas report by himanshu raj md news vice buero ambikapur c.g.7805838076.4
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- शहडोल शहर में भी राजश्री रेट का रोना है । थोक व्यापारी मोटी रकम कमा रहे हैं । बेचारे छोटी दुकान वाले 5 रूपये ज्यादा बेचने के लिए मजबूर है । थोक व्यापारी पुराने रेट में बेच रहे हैं । 5 रूपये के लिए ग्राहक से किच- पिच होती है । छोटी दुकान वाले बहुत परेशानहै । रोज़ी रोटी के लिए दिन रात बैठे रहते हैं 100 रूपये नहीं बचा पा रहे हैं । इसका निराकरण उपभोक्ता फोरम जल्द से जल्द करें ।धन्यवाद ।1
- कोरबा के ग्राम रजगामार में संचालित पंजाब नेशनल बैंक के ओमपुर स्थानांतरण का विरोध एक बार फिर से शुरू हो गया है. सोमवार को बड़ी संख्या में इलाके के लोग कलेक्टर के पास पहुंचे और बैंक को पुराने स्थान पर संचालित करने की मांग रखी. ग्रामीणों का कहना है बैंक प्रबंधन जर्जर भवन का हवाला देकर उसे ओमपुर ले जाना चाहता है जहा पहले से ही कई बैंक संचालित है SECL के भवन में बैंक का संचालन करने की योजना है जबकि ग्रामीण पुराने भवन की मरम्मत की मांग करते हुए रजगामार में ही बैंक संचालित करने की मांग कर रहे है. ग्रामीणों ने यह भी बताया की बैंक का स्थानांतरण हो जाने से उसकी दूरी अधिक हो जाएगी जिससे उन्हें आने जाने में काफी दिक्क़तो का समना करना पड़ेगा.1