जालौन के लहचूरा क्षेत्र के किसान पिछले लगभग 20 दिनों से अपर्याप्त बिजली आपूर्ति से जूझ रहे हैं, जिससे खेतों की सिंचाई और धान की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिजली निगम शिकायतों के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। लहचूरा क्षेत्र के किसान आदित्य सिंह और पंकज समेत अन्य ने बताया कि कोंच पावर हाउस से ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों के सरकारी व निजी नलकूपों की बिजली लाइनें अलग किए जाने के बाद से ही क्षेत्र में नियमित आपूर्ति बाधित हो गई है। किसानों के अनुसार, करीब 20 दिन पहले आए तेज़ आंधी-तूफान और बारिश के दौरान कई बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आरोप है कि ये टूटे हुए खंभे अभी तक बदले या दुरुस्त नहीं किए गए हैं, जिसके चलते खेतों तक बिजली नहीं पहुँच पा रही है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार एसडीओ और जेई से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन ही मिला और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि यह वर्तमान में धान की बुवाई का महत्वपूर्ण समय है और बिजली न मिलने के कारण नलकूप बंद पड़े हैं, जिससे सिंचाई कार्य ठप है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है, जिसका उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके मद्देनजर, किसानों ने जिलाधिकारी (डीएम) से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल कराने और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों की मरम्मत कराने की मांग की है।
जालौन के लहचूरा क्षेत्र के किसान पिछले लगभग 20 दिनों से अपर्याप्त बिजली आपूर्ति से जूझ रहे हैं, जिससे खेतों की सिंचाई और धान की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिजली निगम शिकायतों के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। लहचूरा क्षेत्र के किसान आदित्य सिंह और पंकज समेत अन्य ने बताया कि कोंच पावर हाउस से ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों के सरकारी व निजी नलकूपों की बिजली लाइनें अलग किए जाने के बाद से ही क्षेत्र में नियमित आपूर्ति बाधित हो गई है। किसानों के अनुसार, करीब 20 दिन पहले आए तेज़ आंधी-तूफान और बारिश के दौरान कई बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आरोप है कि ये टूटे हुए खंभे अभी तक बदले या दुरुस्त नहीं किए गए हैं, जिसके चलते खेतों तक बिजली नहीं पहुँच पा रही है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार एसडीओ और जेई से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन ही मिला और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि यह वर्तमान में धान की बुवाई का महत्वपूर्ण समय है और बिजली न मिलने के कारण नलकूप बंद पड़े हैं, जिससे सिंचाई कार्य ठप है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है, जिसका उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके मद्देनजर, किसानों ने जिलाधिकारी (डीएम) से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल कराने और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों की मरम्मत कराने की मांग की है।
- जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें उन्होंने राजस्व अभिलेखों में खलिहान के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की पैमाइश करवाकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और भूमि की साफ-सफाई कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है और इस पर अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास व घनी झाड़ियां उग आई हैं। इसके चलते भूमि पूरी तरह अनुपयोगी हो गई है, जिसकी सफाई बिना मशीनों के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में खेल मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जिससे गाटा संख्या 791 ही बच्चों और युवाओं के खेलकूद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गाटा संख्या 791 की पैमाइश करवाकर उसकी सीमाएं निर्धारित की जाएं। इसके बाद मशीनों के माध्यम से भूमि की साफ-सफाई कराकर उसे खेल मैदान के रूप में विकसित करने योग्य बनाया जाए, ताकि गांव के बच्चे और युवा नियमित रूप से खेलकूद का अभ्यास कर सकें। उन्होंने जनहित और खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान उपेन्द्र सेंगर, अभिषेक सेंगर, दीपराज, विकास, प्रद्युम्न सेंगर सहित अन्य ग्रामवासी और खिलाड़ी उपस्थित रहे।1
- जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर खेल मैदान के लिए प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में 'खलिहान' के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है। यह भूमि अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास और घनी झाड़ियों से ढकी है, जिसके कारण यह पूरी तरह से अनुपयोगी हो गई है और ग्रामीणों के अनुसार बिना मशीनों के इसकी सफाई संभव नहीं है। ग्रामीणों और खिलाड़ियों का कहना है कि गांव में खेल के मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते गाटा संख्या 791 को बच्चों और युवाओं के खेलकुद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से तत्काल इस भूमि की पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और उसकी साफ-सफाई कराने की अपील की है।1
- जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों के साथ आत्मीय समय व्यतीत किया। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों का कुशलक्षेम जाना और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी वृद्धजनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का उल्लेख कर सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम की वृद्ध महिलाओं ने अपने-अपने गमलों में पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की सराहना की, यह कहते हुए कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया तथा पर्यावरण संरक्षण और सेवा के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।4
- जालौन के जोल्हूपुर पुल का एक वायरल वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है, जिसमें मौरंग से लदे डंपरों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पुल पर ऐसा नजारा है, मानो सड़क नहीं बल्कि डंपरों का पार्किंग स्थल बन गया हो। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब प्रशासन द्वारा ओवरलोड वाहनों पर रोजाना कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर ये दर्जनों डंपर किसकी नजरों से बचकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे मौरंग माफियाओं के हौसले इतने बुलंद होते दिख रहे हैं कि उनके लिए नियम-कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन डंपरों के कारण जाम, धूल और हादसों की समस्या आम हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी उन्हें और भी हैरान कर रही है। वायरल वीडियो ने अब प्रशासन से जवाब माँगा है कि क्या इन ओवरलोड डंपरों पर लगाम लगेगी, या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की सुर्खियों के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? फिलहाल, जोल्हूपुर पुल से सामने आई ये तस्वीरें प्रशासन से तत्काल जवाब और कार्रवाई की मांग कर रही हैं, जिसकी जनता बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है।3
- कोंच में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर और नगरपालिका के सामने स्थित पार्क, दोनों स्थानों पर हुआ। इस अवसर पर विधायक मूलचंद निरंजन भी मौजूद रहे।1
- प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े ज़मीन सौदों में गंभीर घोटाले का आरोप लगाया गया है, जिसमें 'ED पार्टी' और चंपत राय पर करोड़ों की लूट करने का दावा किया गया है। आरोपों के अनुसार, 2 करोड़ रुपये की ज़मीन को 18.5 करोड़ रुपये में, 3 करोड़ रुपये की ज़मीन को 24 करोड़ रुपये में, और 9 करोड़ रुपये की ज़मीन को 55 करोड़ रुपये में बेचा गया। इन सभी लेनदेन को 'प्रभु श्रीराम के नाम पर' किए गए घोटाले बताया गया है, जो मंदिर से संबंधित धन की कथित लूट को उजागर करते हैं।1
- ग्राम गणेश नगर गड़ेरना में शुक्रवार देर रात लकड़ी से भरा एक ट्रक सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है, हालांकि ट्रक पलटने के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि उनका कहना है कि क्षेत्र से लकड़ी से लदे भारी ट्रक अक्सर रात के समय गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग प्रतिदिन 2 से 3 ऐसे ट्रक इस मार्ग से निकलते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कराने की मांग की है और रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल ट्रक पलटने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन स्थानीय लोगों का अनुमान है कि अधिक भार, तेज गति या सड़क की खराब स्थिति दुर्घटना का कारण हो सकती है। ग्रामीण प्रशासन से घटना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा कर रहे हैं।1
- जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं और पुरुषों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उनका कुशलक्षेम पूछा और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी बुजुर्गों ने श्री राही का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का विशेष उल्लेख किया और सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम में रह रही वृद्ध महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गमलों में पौधे लगाएंगी और उनका संरक्षण करेंगी। इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की जमकर सराहना की और कहा कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण तथा सेवा के इस संदेश को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के पदाधिकारियों ने उरई में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर भारत तिवारी की मृत्यु के मामले में उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग की है। संगठन ने ज्ञापन में कहा कि जांच पूरी होने तक घटना में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। ज्ञापन में मांग की गई है कि यदि जांच में फर्जी मुठभेड़ अथवा अवैध बल प्रयोग सिद्ध होता है, तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103 (हत्या), धारा 109 (हत्या का प्रयास), धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 191 (साक्ष्य नष्ट करना) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की निगरानी में जांच कराए जाने तथा मुठभेड़ की वीडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई गई। संगठन ने पीड़ित परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी और परिवार एवं गवाहों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। यदि भारत तिवारी बाढ़ एवं कटान पीड़ितों की समस्याओं को लेकर संघर्षरत थे, तो उनके द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों का तत्काल समाधान करने की बात भी ज्ञापन में कही गई। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस सुधार आयोग के गठन तथा प्रत्येक मुठभेड़ की अनिवार्य न्यायिक जांच सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की गई है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने सरकार से इस प्रकरण को अत्यंत गंभीर मानते हुए त्वरित न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में सुनवाई कराकर दोषियों को कठोरतम दंड दिलाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में ऋतिक दुबे, राजकुमार, रामसेवक, सुनील गुप्ता, सनी दुबे एडवोकेट (जिला अध्यक्ष) सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।3