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कोंच में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर और नगरपालिका के सामने स्थित पार्क, दोनों स्थानों पर हुआ। इस अवसर पर विधायक मूलचंद निरंजन भी मौजूद रहे।

3 hrs ago
user_Vivek Dwivedi public news
Vivek Dwivedi public news
पत्रकार Konch, Jalaun•
3 hrs ago

कोंच में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर और नगरपालिका के सामने स्थित पार्क, दोनों स्थानों पर हुआ। इस अवसर पर विधायक मूलचंद निरंजन भी मौजूद रहे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • जालौन के लहचूरा क्षेत्र के किसान पिछले लगभग 20 दिनों से अपर्याप्त बिजली आपूर्ति से जूझ रहे हैं, जिससे खेतों की सिंचाई और धान की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिजली निगम शिकायतों के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। लहचूरा क्षेत्र के किसान आदित्य सिंह और पंकज समेत अन्य ने बताया कि कोंच पावर हाउस से ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों के सरकारी व निजी नलकूपों की बिजली लाइनें अलग किए जाने के बाद से ही क्षेत्र में नियमित आपूर्ति बाधित हो गई है। किसानों के अनुसार, करीब 20 दिन पहले आए तेज़ आंधी-तूफान और बारिश के दौरान कई बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आरोप है कि ये टूटे हुए खंभे अभी तक बदले या दुरुस्त नहीं किए गए हैं, जिसके चलते खेतों तक बिजली नहीं पहुँच पा रही है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार एसडीओ और जेई से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन ही मिला और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि यह वर्तमान में धान की बुवाई का महत्वपूर्ण समय है और बिजली न मिलने के कारण नलकूप बंद पड़े हैं, जिससे सिंचाई कार्य ठप है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है, जिसका उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके मद्देनजर, किसानों ने जिलाधिकारी (डीएम) से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल कराने और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों की मरम्मत कराने की मांग की है।
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    जालौन के लहचूरा क्षेत्र के किसान पिछले लगभग 20 दिनों से अपर्याप्त बिजली आपूर्ति से जूझ रहे हैं, जिससे खेतों की सिंचाई और धान की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बिजली निगम शिकायतों के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।

लहचूरा क्षेत्र के किसान आदित्य सिंह और पंकज समेत अन्य ने बताया कि कोंच पावर हाउस से ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों के सरकारी व निजी नलकूपों की बिजली लाइनें अलग किए जाने के बाद से ही क्षेत्र में नियमित आपूर्ति बाधित हो गई है। किसानों के अनुसार, करीब 20 दिन पहले आए तेज़ आंधी-तूफान और बारिश के दौरान कई बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आरोप है कि ये टूटे हुए खंभे अभी तक बदले या दुरुस्त नहीं किए गए हैं, जिसके चलते खेतों तक बिजली नहीं पहुँच पा रही है।

किसानों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार एसडीओ और जेई से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन ही मिला और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि यह वर्तमान में धान की बुवाई का महत्वपूर्ण समय है और बिजली न मिलने के कारण नलकूप बंद पड़े हैं, जिससे सिंचाई कार्य ठप है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है, जिसका उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके मद्देनजर, किसानों ने जिलाधिकारी (डीएम) से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल कराने और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों की मरम्मत कराने की मांग की है।
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें उन्होंने राजस्व अभिलेखों में खलिहान के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की पैमाइश करवाकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और भूमि की साफ-सफाई कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है और इस पर अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास व घनी झाड़ियां उग आई हैं। इसके चलते भूमि पूरी तरह अनुपयोगी हो गई है, जिसकी सफाई बिना मशीनों के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में खेल मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जिससे गाटा संख्या 791 ही बच्चों और युवाओं के खेलकूद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गाटा संख्या 791 की पैमाइश करवाकर उसकी सीमाएं निर्धारित की जाएं। इसके बाद मशीनों के माध्यम से भूमि की साफ-सफाई कराकर उसे खेल मैदान के रूप में विकसित करने योग्य बनाया जाए, ताकि गांव के बच्चे और युवा नियमित रूप से खेलकूद का अभ्यास कर सकें। उन्होंने जनहित और खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान उपेन्द्र सेंगर, अभिषेक सेंगर, दीपराज, विकास, प्रद्युम्न सेंगर सहित अन्य ग्रामवासी और खिलाड़ी उपस्थित रहे।
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    जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें उन्होंने राजस्व अभिलेखों में खलिहान के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की पैमाइश करवाकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और भूमि की साफ-सफाई कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है और इस पर अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास व घनी झाड़ियां उग आई हैं। इसके चलते भूमि पूरी तरह अनुपयोगी हो गई है, जिसकी सफाई बिना मशीनों के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में खेल मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जिससे गाटा संख्या 791 ही बच्चों और युवाओं के खेलकूद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि गाटा संख्या 791 की पैमाइश करवाकर उसकी सीमाएं निर्धारित की जाएं। इसके बाद मशीनों के माध्यम से भूमि की साफ-सफाई कराकर उसे खेल मैदान के रूप में विकसित करने योग्य बनाया जाए, ताकि गांव के बच्चे और युवा नियमित रूप से खेलकूद का अभ्यास कर सकें। उन्होंने जनहित और खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान उपेन्द्र सेंगर, अभिषेक सेंगर, दीपराज, विकास, प्रद्युम्न सेंगर सहित अन्य ग्रामवासी और खिलाड़ी उपस्थित रहे।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की है। इस पहल के तहत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना और खेती-किसानी को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। 23वीं किस्त के जारी होने से करोड़ों किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। किसानों ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह आर्थिक सहायता खेती-किसानी के खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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    माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की है। इस पहल के तहत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना और खेती-किसानी को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

23वीं किस्त के जारी होने से करोड़ों किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। किसानों ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह आर्थिक सहायता खेती-किसानी के खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जनपद जालौन के कालपी में जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। तहसील कालपी में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान, बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। समाधान दिवस में कुल 145 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कर पीड़ितों को राहत प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राप्त शिकायतों में से सात मामलों को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मानते हुए, जिलाधिकारी ने उनकी निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए नौ अधिकारियों की विशेष टीमें गठित कीं। इन टीमों को मौके पर जाकर तथ्यात्मक जांच करने तथा निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। विकास एवं निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। एक निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और जनता के धन से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी परियोजना में मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भूमि विवाद, कब्जा, पारिवारिक विवाद और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के प्रभावी समाधान के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया और अधिकारियों को संवेदनशीलता से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से राजस्व, भूमि विवाद, आवास, पेंशन, विद्युत, जलापूर्ति, सड़क अतिक्रमण और पुलिस संबंधी सहित बड़ी संख्या में शिकायतें लेकर लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम के अंत में, जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को चेताया कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता को त्वरित न्याय और राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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    जनपद जालौन के कालपी में जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। तहसील कालपी में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान, बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया।

समाधान दिवस में कुल 145 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कर पीड़ितों को राहत प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राप्त शिकायतों में से सात मामलों को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मानते हुए, जिलाधिकारी ने उनकी निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए नौ अधिकारियों की विशेष टीमें गठित कीं। इन टीमों को मौके पर जाकर तथ्यात्मक जांच करने तथा निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।

विकास एवं निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। एक निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और जनता के धन से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी परियोजना में मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भूमि विवाद, कब्जा, पारिवारिक विवाद और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के प्रभावी समाधान के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया और अधिकारियों को संवेदनशीलता से निस्तारण के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से राजस्व, भूमि विवाद, आवास, पेंशन, विद्युत, जलापूर्ति, सड़क अतिक्रमण और पुलिस संबंधी सहित बड़ी संख्या में शिकायतें लेकर लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम के अंत में, जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को चेताया कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता को त्वरित न्याय और राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
    user_Samir mansuri
    Samir mansuri
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर खेल मैदान के लिए प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में 'खलिहान' के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है। यह भूमि अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास और घनी झाड़ियों से ढकी है, जिसके कारण यह पूरी तरह से अनुपयोगी हो गई है और ग्रामीणों के अनुसार बिना मशीनों के इसकी सफाई संभव नहीं है। ग्रामीणों और खिलाड़ियों का कहना है कि गांव में खेल के मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते गाटा संख्या 791 को बच्चों और युवाओं के खेलकुद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से तत्काल इस भूमि की पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और उसकी साफ-सफाई कराने की अपील की है।
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    जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर खेल मैदान के लिए प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में 'खलिहान' के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है। यह भूमि अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास और घनी झाड़ियों से ढकी है, जिसके कारण यह पूरी तरह से अनुपयोगी हो गई है और ग्रामीणों के अनुसार बिना मशीनों के इसकी सफाई संभव नहीं है।

ग्रामीणों और खिलाड़ियों का कहना है कि गांव में खेल के मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते गाटा संख्या 791 को बच्चों और युवाओं के खेलकुद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से तत्काल इस भूमि की पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और उसकी साफ-सफाई कराने की अपील की है।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जालौन जिले में 1 जुलाई से 31 जुलाई तक एक विशेष 'दस्तक अभियान' चलाया जाएगा, जिसका लक्ष्य संक्रामक रोगों पर वार करना है। इस अभियान के तहत, स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टीबी और कुपोषण जैसे रोगों के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी। संपूर्ण समाधान दिवस में स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यह अभियान जनसहयोग से ही सफल हो पाएगा।
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    जालौन जिले में 1 जुलाई से 31 जुलाई तक एक विशेष 'दस्तक अभियान' चलाया जाएगा, जिसका लक्ष्य संक्रामक रोगों पर वार करना है। इस अभियान के तहत, स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टीबी और कुपोषण जैसे रोगों के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी। संपूर्ण समाधान दिवस में स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यह अभियान जनसहयोग से ही सफल हो पाएगा।
    user_Kishan kumar
    Kishan kumar
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • ग्राम गणेश नगर गड़ेरना में शुक्रवार देर रात लकड़ी से भरा एक ट्रक सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है, हालांकि ट्रक पलटने के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि उनका कहना है कि क्षेत्र से लकड़ी से लदे भारी ट्रक अक्सर रात के समय गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग प्रतिदिन 2 से 3 ऐसे ट्रक इस मार्ग से निकलते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कराने की मांग की है और रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल ट्रक पलटने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन स्थानीय लोगों का अनुमान है कि अधिक भार, तेज गति या सड़क की खराब स्थिति दुर्घटना का कारण हो सकती है। ग्रामीण प्रशासन से घटना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा कर रहे हैं।
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    ग्राम गणेश नगर गड़ेरना में शुक्रवार देर रात लकड़ी से भरा एक ट्रक सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है, हालांकि ट्रक पलटने के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि उनका कहना है कि क्षेत्र से लकड़ी से लदे भारी ट्रक अक्सर रात के समय गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग प्रतिदिन 2 से 3 ऐसे ट्रक इस मार्ग से निकलते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कराने की मांग की है और रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल ट्रक पलटने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन स्थानीय लोगों का अनुमान है कि अधिक भार, तेज गति या सड़क की खराब स्थिति दुर्घटना का कारण हो सकती है। ग्रामीण प्रशासन से घटना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा कर रहे हैं।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं और पुरुषों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उनका कुशलक्षेम पूछा और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी बुजुर्गों ने श्री राही का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का विशेष उल्लेख किया और सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम में रह रही वृद्ध महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गमलों में पौधे लगाएंगी और उनका संरक्षण करेंगी। इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की जमकर सराहना की और कहा कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण तथा सेवा के इस संदेश को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
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    जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं और पुरुषों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उनका कुशलक्षेम पूछा और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी बुजुर्गों ने श्री राही का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया।

बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का विशेष उल्लेख किया और सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम में रह रही वृद्ध महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गमलों में पौधे लगाएंगी और उनका संरक्षण करेंगी।

इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की जमकर सराहना की और कहा कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण तथा सेवा के इस संदेश को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में विकास, शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी-ललितपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र के आधारभूत ढांचे और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, धार्मिक नगरी अयोध्या में वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण किया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा तथा प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अहम पहल करते हुए पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को विद्यालय पहुंचने में सुविधा मिलेगी और शिक्षा तक उनकी पहुंच और अधिक सुलभ होगी। इसके अलावा, प्रदेश के गांवों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इन उद्योगों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि विकास, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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    उत्तर प्रदेश में विकास, शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी-ललितपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र के आधारभूत ढांचे और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

वहीं, धार्मिक नगरी अयोध्या में वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण किया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा तथा प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अहम पहल करते हुए पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को विद्यालय पहुंचने में सुविधा मिलेगी और शिक्षा तक उनकी पहुंच और अधिक सुलभ होगी।

इसके अलावा, प्रदेश के गांवों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इन उद्योगों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि विकास, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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