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जालौन जिले में 1 जुलाई से 31 जुलाई तक एक विशेष 'दस्तक अभियान' चलाया जाएगा, जिसका लक्ष्य संक्रामक रोगों पर वार करना है। इस अभियान के तहत, स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टीबी और कुपोषण जैसे रोगों के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी। संपूर्ण समाधान दिवस में स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यह अभियान जनसहयोग से ही सफल हो पाएगा।
Kishan kumar
जालौन जिले में 1 जुलाई से 31 जुलाई तक एक विशेष 'दस्तक अभियान' चलाया जाएगा, जिसका लक्ष्य संक्रामक रोगों पर वार करना है। इस अभियान के तहत, स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टीबी और कुपोषण जैसे रोगों के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी। संपूर्ण समाधान दिवस में स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यह अभियान जनसहयोग से ही सफल हो पाएगा।
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- जनपद जालौन के कालपी में जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। तहसील कालपी में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान, बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। समाधान दिवस में कुल 145 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कर पीड़ितों को राहत प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राप्त शिकायतों में से सात मामलों को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मानते हुए, जिलाधिकारी ने उनकी निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए नौ अधिकारियों की विशेष टीमें गठित कीं। इन टीमों को मौके पर जाकर तथ्यात्मक जांच करने तथा निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। विकास एवं निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। एक निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और जनता के धन से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी परियोजना में मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भूमि विवाद, कब्जा, पारिवारिक विवाद और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के प्रभावी समाधान के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया और अधिकारियों को संवेदनशीलता से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से राजस्व, भूमि विवाद, आवास, पेंशन, विद्युत, जलापूर्ति, सड़क अतिक्रमण और पुलिस संबंधी सहित बड़ी संख्या में शिकायतें लेकर लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम के अंत में, जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को चेताया कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता को त्वरित न्याय और राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।4
- जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर खेल मैदान के लिए प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में 'खलिहान' के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है। यह भूमि अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास और घनी झाड़ियों से ढकी है, जिसके कारण यह पूरी तरह से अनुपयोगी हो गई है और ग्रामीणों के अनुसार बिना मशीनों के इसकी सफाई संभव नहीं है। ग्रामीणों और खिलाड़ियों का कहना है कि गांव में खेल के मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते गाटा संख्या 791 को बच्चों और युवाओं के खेलकुद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से तत्काल इस भूमि की पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और उसकी साफ-सफाई कराने की अपील की है।1
- जालौन जिले में 1 जुलाई से 31 जुलाई तक एक विशेष 'दस्तक अभियान' चलाया जाएगा, जिसका लक्ष्य संक्रामक रोगों पर वार करना है। इस अभियान के तहत, स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टीबी और कुपोषण जैसे रोगों के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी। संपूर्ण समाधान दिवस में स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यह अभियान जनसहयोग से ही सफल हो पाएगा।1
- जालौन के उपजिलाधिकारी श्री रिंकू सिंह राही ने शुक्रवार को केंद्रीय आवासीय वृद्धा आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे वृद्ध महिलाओं और पुरुषों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उनका कुशलक्षेम पूछा और उनके साथ तालियां बजाते हुए भजन भी सुने। आश्रम पहुंचने पर सभी बुजुर्गों ने श्री राही का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। बातचीत के क्रम में, श्री राही ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के "एक वृक्ष माँ के नाम" अभियान का विशेष उल्लेख किया और सभी को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। एसडीएम के इस आह्वान पर, आश्रम में रह रही वृद्ध महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गमलों में पौधे लगाएंगी और उनका संरक्षण करेंगी। इस अवसर पर, बुजुर्गों ने श्री रिंकू सिंह राही के सरल, संवेदनशील और सेवाभावी व्यवहार की जमकर सराहना की और कहा कि अधिकारियों का जनता के प्रति ऐसा ही मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए। वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उपजिलाधिकारी को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में, सभी वृद्धजनों ने एसडीएम का आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण तथा सेवा के इस संदेश को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना के ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने उपजिलाधिकारी जालौन को एक प्रार्थना पत्र देकर प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने राजस्व अभिलेखों में 'खलिहान' के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की तत्काल पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं स्पष्ट करने और भूमि की साफ-सफाई कराने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्तमान में खाली पड़ी है, जिस पर अत्यधिक मात्रा में कांस-खास की घास और घनी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे यह पूरी तरह अनुपयोगी हो गई है। उनकी शिकायत है कि बिना मशीनों के इसकी सफाई संभव नहीं है। गांव में खेल के मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण, गाटा संख्या 791 को बच्चों और युवाओं के खेलकूद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है। ग्रामीणों ने जनहित और खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनकी विशेष मांग है कि गाटा संख्या 791 की पैमाइश कर उसकी सीमाएं निर्धारित की जाएं, और मशीनों के माध्यम से भूमि की साफ-सफाई कराकर उसे खेल मैदान के रूप में विकसित करने योग्य बनाया जाए, ताकि गांव के बच्चे और युवा नियमित रूप से खेलकूद का अभ्यास कर सकें। इस दौरान उपेन्द्र सेंगर, अभिषेक सेंगर, दीपराज, विकास, प्रद्युम्न सेंगर सहित कई अन्य ग्रामवासी और खिलाड़ी मौजूद रहे।1
- जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थान है जिसे फौजी पड़ाव के नाम से जाना जाता है। यह स्थान अपने गौरवशाली इतिहास को आज भी संजोए हुए है। यहाँ एक बड़ी बाबड़ी (पानी पीने का कुआँ) के अवशेष अभी भी देखे जा सकते हैं, जो इस जगह के महत्व को दर्शाते हैं। इस खास रिपोर्ट को द न्यूज़ जालौन पर देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ शुरू ऐप के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।1
- प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े ज़मीन सौदों में गंभीर घोटाले का आरोप लगाया गया है, जिसमें 'ED पार्टी' और चंपत राय पर करोड़ों की लूट करने का दावा किया गया है। आरोपों के अनुसार, 2 करोड़ रुपये की ज़मीन को 18.5 करोड़ रुपये में, 3 करोड़ रुपये की ज़मीन को 24 करोड़ रुपये में, और 9 करोड़ रुपये की ज़मीन को 55 करोड़ रुपये में बेचा गया। इन सभी लेनदेन को 'प्रभु श्रीराम के नाम पर' किए गए घोटाले बताया गया है, जो मंदिर से संबंधित धन की कथित लूट को उजागर करते हैं।1
- ग्राम गणेश नगर गड़ेरना में शुक्रवार देर रात लकड़ी से भरा एक ट्रक सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है, हालांकि ट्रक पलटने के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि उनका कहना है कि क्षेत्र से लकड़ी से लदे भारी ट्रक अक्सर रात के समय गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग प्रतिदिन 2 से 3 ऐसे ट्रक इस मार्ग से निकलते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कराने की मांग की है और रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल ट्रक पलटने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन स्थानीय लोगों का अनुमान है कि अधिक भार, तेज गति या सड़क की खराब स्थिति दुर्घटना का कारण हो सकती है। ग्रामीण प्रशासन से घटना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा कर रहे हैं।1