एक महीने में सड़क में दरारें... फिर शुरू हुई लीपापोती! लाखों की सड़क... महीनेभर में बदहाल गुणवत्ता पर सवाल, लीपापोती का खेल? विकास के नाम पर सड़क बनी... लागत हुई लाखों में... लेकिन सड़क बनने के महज एक महीने के भीतर ही उसमें लंबी-लंबी दरारें पड़ गईं। सवाल सिर्फ सड़क की गुणवत्ता का नहीं है... सवाल ये है कि जनता के पैसे से बनी सड़क इतनी जल्दी कैसे टूट गई? और जब सड़क की तस्वीरें सामने आईं... तो दरारों को ठीक करने के बजाय शुरू हो गई लीपापोती। टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत नयाखेरा से सामने आई इन तस्वीरों ने पंचायत के विकास कार्यों और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये तस्वीरें हैं टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत नयाखेरा की... सड़क नई है... लेकिन हालत देखकर इसकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह लंबी दरारें... कहीं सतह उखड़ी हुई... तो कहीं निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में। ग्रामीणों का आरोप है कि मुक्तिधाम रोड का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से किया गया, जिसके चलते सड़क बनने के कुछ ही समय बाद खराब होने लगी। सबसे बड़ा सवाल सड़क के निर्माण की रफ्तार को लेकर भी है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक सड़क का काम महज दो दिन में पूरा कराया गया। अब सवाल है... क्या इतनी जल्दी सड़क का निर्माण पूरा करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई? क्या निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ? और अगर सड़क का निर्माण सही तरीके से हुआ था... तो महज कुछ ही समय में इसमें इतनी दरारें क्यों दिखाई देने लगीं? ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में पर्याप्त सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया... और रेत की जगह मिट्टी मिली डस्ट जैसे घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का भी आरोप है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी... लेकिन सड़क की मौजूदा तस्वीरें निश्चित तौर पर गुणवत्ता की जांच की जरूरत जरूर पैदा करती हैं। और अब देखिए... सड़क की दरारों पर कैसे मरहम लगाने की कोशिश की जा रही है। सड़क की तस्वीरें रिकॉर्ड किए जाने के कुछ ही घंटे बाद यहां लीपापोती का काम शुरू हो गया। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि मजदूर सड़क की दरारों और खराब हिस्सों पर काम कर रहे हैं। जब मजदूर से पूछा गया कि उसे यह काम किसने दिया... तो उसका कहना था कि उसे सरपंच की ओर से काम के लिए लगाया गया है। सड़क टूटी... तो शुरू हुई लीपापोती! ग्रामीणों का कहना है कि अगर नई बनी सड़क का ये हाल है... तो आने वाले समय में सड़क की स्थिति क्या होगी? ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई है। --- BYTE — ग्रामीण सुनील कुमार अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा बृजेश विश्वकर्मा — ग्रामीण, नयाखेरा भैरव भिल्लू अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा अरविंद अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा इस मामले में पंचायत के सरपंच से भी बात की गई। सरपंच की ओर से सड़क निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। वहीं ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाने वालों को कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से फोन पर बात की। कलेक्टर ने मामले में जांच की बात कही और कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब असली सवाल यही है... क्या इस सड़क के निर्माण की तकनीकी जांच होगी? क्या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच होगी? और अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है... तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? नई सड़क एक महीने में कैसे टूट गई? क्या निर्माण में तय गुणवत्ता मानकों का पालन हुआ? क्या सड़क निर्माण की तकनीकी जांच हुई थी? दरारों पर जांच से पहले लीपापोती क्यों? जनता के पैसे से बने काम की जवाबदेही किसकी? --- सड़क नई... दरारें पुरानी कहानी जैसी... और सवाल वही... विकास के नाम पर खर्च होने वाले जनता के पैसे का हिसाब आखिर कौन देगा? फिलहाल ग्रामीणों ने जांच की मांग की है... प्रशासन ने भी जांच का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है... या फिर सड़क की गुणवत्ता तय करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होती है। एक महीने में सड़क में दरारें... फिर शुरू हुई लीपापोती! लाखों की सड़क... महीनेभर में बदहाल गुणवत्ता पर सवाल, लीपापोती का खेल? विकास के नाम पर सड़क बनी... लागत हुई लाखों में... लेकिन सड़क बनने के महज एक महीने के भीतर ही उसमें लंबी-लंबी दरारें पड़ गईं। सवाल सिर्फ सड़क की गुणवत्ता का नहीं है... सवाल ये है कि जनता के पैसे से बनी सड़क इतनी जल्दी कैसे टूट गई? और जब सड़क की तस्वीरें सामने आईं... तो दरारों को ठीक करने के बजाय शुरू हो गई लीपापोती। टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत नयाखेरा से सामने आई इन तस्वीरों ने पंचायत के विकास कार्यों और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये तस्वीरें हैं टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत नयाखेरा की... सड़क नई है... लेकिन हालत देखकर इसकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह लंबी दरारें... कहीं सतह उखड़ी हुई... तो कहीं निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में। ग्रामीणों का आरोप है कि मुक्तिधाम रोड का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से किया गया, जिसके चलते सड़क बनने के कुछ ही समय बाद खराब होने लगी। सबसे बड़ा सवाल सड़क के निर्माण की रफ्तार को लेकर भी है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक सड़क का काम महज दो दिन में पूरा कराया गया। अब सवाल है... क्या इतनी जल्दी सड़क का निर्माण पूरा करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई? क्या निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ? और अगर सड़क का निर्माण सही तरीके से हुआ था... तो महज कुछ ही समय में इसमें इतनी दरारें क्यों दिखाई देने लगीं? ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में पर्याप्त सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया... और रेत की जगह मिट्टी मिली डस्ट जैसे घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का भी आरोप है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी... लेकिन सड़क की मौजूदा तस्वीरें निश्चित तौर पर गुणवत्ता की जांच की जरूरत जरूर पैदा करती हैं। और अब देखिए... सड़क की दरारों पर कैसे मरहम लगाने की कोशिश की जा रही है। सड़क की तस्वीरें रिकॉर्ड किए जाने के कुछ ही घंटे बाद यहां लीपापोती का काम शुरू हो गया। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि मजदूर सड़क की दरारों और खराब हिस्सों पर काम कर रहे हैं। जब मजदूर से पूछा गया कि उसे यह काम किसने दिया... तो उसका कहना था कि उसे सरपंच की ओर से काम के लिए लगाया गया है। सड़क टूटी... तो शुरू हुई लीपापोती! ग्रामीणों का कहना है कि अगर नई बनी सड़क का ये हाल है... तो आने वाले समय में सड़क की स्थिति क्या होगी? ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई है। --- BYTE — ग्रामीण सुनील कुमार अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा बृजेश विश्वकर्मा — ग्रामीण, नयाखेरा भैरव भिल्लू अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा अरविंद अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा इस मामले में पंचायत के सरपंच से भी बात की गई। सरपंच की ओर से सड़क निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। वहीं ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाने वालों को कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से फोन पर बात की। कलेक्टर ने मामले में जांच की बात कही और कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब असली सवाल यही है... क्या इस सड़क के निर्माण की तकनीकी जांच होगी? क्या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच होगी? और अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है... तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? नई सड़क एक महीने में कैसे टूट गई? क्या निर्माण में तय गुणवत्ता मानकों का पालन हुआ? क्या सड़क निर्माण की तकनीकी जांच हुई थी? दरारों पर जांच से पहले लीपापोती क्यों? जनता के पैसे से बने काम की जवाबदेही किसकी? --- सड़क नई... दरारें पुरानी कहानी जैसी... और सवाल वही... विकास के नाम पर खर्च होने वाले जनता के पैसे का हिसाब आखिर कौन देगा? फिलहाल ग्रामीणों ने जांच की मांग की है... प्रशासन ने भी जांच का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है... या फिर सड़क की गुणवत्ता तय करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होती है।
एक महीने में सड़क में दरारें... फिर शुरू हुई लीपापोती! लाखों की सड़क... महीनेभर में बदहाल गुणवत्ता पर सवाल, लीपापोती का खेल? विकास के नाम पर सड़क बनी... लागत हुई लाखों में... लेकिन सड़क बनने के महज एक महीने के भीतर ही उसमें लंबी-लंबी दरारें पड़ गईं। सवाल सिर्फ सड़क की गुणवत्ता का नहीं है... सवाल ये है कि जनता के पैसे से बनी सड़क इतनी जल्दी कैसे टूट गई? और जब सड़क की तस्वीरें सामने आईं... तो दरारों को ठीक करने के बजाय शुरू हो गई लीपापोती। टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत नयाखेरा से सामने आई इन तस्वीरों ने पंचायत के विकास कार्यों और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये तस्वीरें हैं टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत नयाखेरा की... सड़क नई है... लेकिन हालत देखकर इसकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह लंबी दरारें... कहीं सतह उखड़ी हुई... तो कहीं निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में। ग्रामीणों का आरोप है कि मुक्तिधाम रोड का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से किया गया, जिसके चलते सड़क बनने के कुछ ही समय बाद खराब होने लगी। सबसे बड़ा सवाल सड़क के निर्माण की रफ्तार को लेकर भी है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक सड़क का काम महज दो दिन में पूरा कराया गया। अब सवाल है... क्या इतनी जल्दी सड़क का निर्माण पूरा करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई? क्या निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ? और अगर सड़क का निर्माण सही तरीके से हुआ था... तो महज कुछ ही समय में इसमें इतनी दरारें क्यों दिखाई देने लगीं? ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में पर्याप्त सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया... और रेत की जगह मिट्टी मिली डस्ट जैसे घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का भी आरोप है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी... लेकिन सड़क की मौजूदा तस्वीरें निश्चित तौर पर गुणवत्ता की जांच की जरूरत जरूर पैदा करती हैं। और अब देखिए... सड़क की दरारों पर कैसे मरहम लगाने की कोशिश की जा रही है। सड़क की तस्वीरें रिकॉर्ड किए जाने के कुछ ही घंटे बाद यहां लीपापोती का काम शुरू हो गया। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि मजदूर
सड़क की दरारों और खराब हिस्सों पर काम कर रहे हैं। जब मजदूर से पूछा गया कि उसे यह काम किसने दिया... तो उसका कहना था कि उसे सरपंच की ओर से काम के लिए लगाया गया है। सड़क टूटी... तो शुरू हुई लीपापोती! ग्रामीणों का कहना है कि अगर नई बनी सड़क का ये हाल है... तो आने वाले समय में सड़क की स्थिति क्या होगी? ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई है। --- BYTE — ग्रामीण सुनील कुमार अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा बृजेश विश्वकर्मा — ग्रामीण, नयाखेरा भैरव भिल्लू अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा अरविंद अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा इस मामले में पंचायत के सरपंच से भी बात की गई। सरपंच की ओर से सड़क निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। वहीं ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाने वालों को कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से फोन पर बात की। कलेक्टर ने मामले में जांच की बात कही और कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब असली सवाल यही है... क्या इस सड़क के निर्माण की तकनीकी जांच होगी? क्या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच होगी? और अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है... तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? नई सड़क एक महीने में कैसे टूट गई? क्या निर्माण में तय गुणवत्ता मानकों का पालन हुआ? क्या सड़क निर्माण की तकनीकी जांच हुई थी? दरारों पर जांच से पहले लीपापोती क्यों? जनता के पैसे से बने काम की जवाबदेही किसकी? --- सड़क नई... दरारें पुरानी कहानी जैसी... और सवाल वही... विकास के नाम पर खर्च होने वाले जनता के पैसे का हिसाब आखिर कौन देगा? फिलहाल ग्रामीणों ने जांच की मांग की है... प्रशासन ने भी जांच का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है... या फिर सड़क की गुणवत्ता तय करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होती है। एक महीने
में सड़क में दरारें... फिर शुरू हुई लीपापोती! लाखों की सड़क... महीनेभर में बदहाल गुणवत्ता पर सवाल, लीपापोती का खेल? विकास के नाम पर सड़क बनी... लागत हुई लाखों में... लेकिन सड़क बनने के महज एक महीने के भीतर ही उसमें लंबी-लंबी दरारें पड़ गईं। सवाल सिर्फ सड़क की गुणवत्ता का नहीं है... सवाल ये है कि जनता के पैसे से बनी सड़क इतनी जल्दी कैसे टूट गई? और जब सड़क की तस्वीरें सामने आईं... तो दरारों को ठीक करने के बजाय शुरू हो गई लीपापोती। टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत नयाखेरा से सामने आई इन तस्वीरों ने पंचायत के विकास कार्यों और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये तस्वीरें हैं टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत नयाखेरा की... सड़क नई है... लेकिन हालत देखकर इसकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह लंबी दरारें... कहीं सतह उखड़ी हुई... तो कहीं निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में। ग्रामीणों का आरोप है कि मुक्तिधाम रोड का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से किया गया, जिसके चलते सड़क बनने के कुछ ही समय बाद खराब होने लगी। सबसे बड़ा सवाल सड़क के निर्माण की रफ्तार को लेकर भी है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक सड़क का काम महज दो दिन में पूरा कराया गया। अब सवाल है... क्या इतनी जल्दी सड़क का निर्माण पूरा करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई? क्या निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ? और अगर सड़क का निर्माण सही तरीके से हुआ था... तो महज कुछ ही समय में इसमें इतनी दरारें क्यों दिखाई देने लगीं? ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में पर्याप्त सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया... और रेत की जगह मिट्टी मिली डस्ट जैसे घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का भी आरोप है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी... लेकिन सड़क की मौजूदा तस्वीरें निश्चित तौर पर गुणवत्ता की जांच की जरूरत जरूर पैदा करती हैं। और अब देखिए... सड़क की दरारों पर कैसे मरहम लगाने की कोशिश की जा रही है। सड़क की तस्वीरें रिकॉर्ड किए जाने के कुछ ही घंटे बाद यहां लीपापोती का काम शुरू हो गया। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि मजदूर सड़क की
दरारों और खराब हिस्सों पर काम कर रहे हैं। जब मजदूर से पूछा गया कि उसे यह काम किसने दिया... तो उसका कहना था कि उसे सरपंच की ओर से काम के लिए लगाया गया है। सड़क टूटी... तो शुरू हुई लीपापोती! ग्रामीणों का कहना है कि अगर नई बनी सड़क का ये हाल है... तो आने वाले समय में सड़क की स्थिति क्या होगी? ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई है। --- BYTE — ग्रामीण सुनील कुमार अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा बृजेश विश्वकर्मा — ग्रामीण, नयाखेरा भैरव भिल्लू अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा अरविंद अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा इस मामले में पंचायत के सरपंच से भी बात की गई। सरपंच की ओर से सड़क निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। वहीं ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाने वालों को कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से फोन पर बात की। कलेक्टर ने मामले में जांच की बात कही और कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब असली सवाल यही है... क्या इस सड़क के निर्माण की तकनीकी जांच होगी? क्या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच होगी? और अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है... तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? नई सड़क एक महीने में कैसे टूट गई? क्या निर्माण में तय गुणवत्ता मानकों का पालन हुआ? क्या सड़क निर्माण की तकनीकी जांच हुई थी? दरारों पर जांच से पहले लीपापोती क्यों? जनता के पैसे से बने काम की जवाबदेही किसकी? --- सड़क नई... दरारें पुरानी कहानी जैसी... और सवाल वही... विकास के नाम पर खर्च होने वाले जनता के पैसे का हिसाब आखिर कौन देगा? फिलहाल ग्रामीणों ने जांच की मांग की है... प्रशासन ने भी जांच का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है... या फिर सड़क की गुणवत्ता तय करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होती है।
- बम्हौरीकलां में शराब तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, अवैध शराब जब्त; एक आरोपी गिरफ्तार जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम ने दी जानकारी... बम्हौरीकलां में शराब तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, अवैध शराब जब्त; एक आरोपी गिरफ्तार जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम ने दी जानकारी...1
- "क्या आपके भी जमीनी दस्तावेजों में गलती है? बल्देवगढ़ के इन 115 लोगों की तरह आप भी इसे ऐसे सुधारें!" "क्या आपके भी जमीनी दस्तावेजों में गलती है? बल्देवगढ़ के इन 115 लोगों की तरह आप भी इसे ऐसे सुधारें!"1
- बम्हौरीकलां में शराब तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, 320 क्वार्टर जब्त; एक आरोपी गिरफ्तार बम्हौरीकलां में शराब तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, 320 क्वार्टर जब्त; एक आरोपी गिरफ्तार टीकमगढ़। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बम्हौरीकलां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 6 पेटी सहित कुल 320 क्वार्टर देशी शराब बरामद की है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देश एवं जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम के मार्गदर्शन में अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 10 अगस्त 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम कुआं खेत पठारी तिगेला, ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लक्ष्मी प्रसाद पिता मोतीलाल कुशवाहा, उम्र 59 वर्ष, निवासी ग्राम भंगवंतपुरा को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 6 पेटी एवं एक सफेद प्लास्टिक के थैले में रखी सफेद प्लेन देशी मदिरा के कुल 320 क्वार्टर बरामद हुए। बरामद शराब की कुल मात्रा 57.600 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25,600 रुपये है। पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपी के खिलाफ थाना बम्हौरीकलां में अपराध क्रमांक 161/26, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बम्हौरीकलां उनि आकाश रूहिया, चौकी प्रभारी कनेरा उनि हरिशंकर सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।4
- जन सहायता मानव अधिकार लोक सेवा परिषद का भव्य पदभार ग्रहण समारोह हुआ सम्पन्न जन सहायता मानव अधिकार लोक सेवा परिषद का भव्य पदभार ग्रहण समारोह हुआ सम्पन्न खरगापुर, टीकमगढ़। जन सहायता मानव अधिकार लोक सेवा परिषद द्वारा संगठनात्मक बैठक एवं पदभार ग्रहण समारोह आयोजन किया गया है जिसमें कार्यक्रम में सबसे पहले माँ सरस्वती पूजा अर्चना कि इसी क्रम में अतिथियों का पुष्प माला पहनाकर तथा साल श्रीफल भेट कर सम्मान किया परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक सिंह पदाधिकारियों एवं सदस्यों को मानव अधिकार संरक्षण, जन सहायता गतिविधियों के विस्तार और आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना को लेकर मार्गदर्शन एवं संबोधित किया इसके बाद बैठक में संगठन के प्रांतीय एवं जिला स्तरीय विस्तार,के बारे में चर्चा संगठन को मजबूत बनाने तथा जनहित के कार्यों को और गति देने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा भी हुई साथ ही परिषद के राष्ट्रीय प्रमुख सचिव श्री रामरतन दीक्षित ने संघठन के विस्तार व संघठन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की संघठन के कार्यो के बारे में जानकारी दी हर तरह से लोगों की मदद करने के लिए हमेशा संघठन तत्पर्य रहता है संघठन का उद्देश्य यही है नर सेवा ही नारायण सेवा है और अंतिम छोर के व्यक्ति को शासन प्रशासन की योजनाओं का लाभ मिले मुख्य अतिथि श्री अशोक सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव रामरतन दीक्षित,प्रदेश महामंत्री मुकेश तिवारी, मीडिया प्रभारी लाली झा, महेन्द्र दुवे, संभाग मीडिया प्रभारी हरिशंकर जडिया , टीकमगढ़ जिला मीडिया अनिल मिश्रा, नारयण गुप्ता, खरगापुर के गणमान्य नागरिक की उपस्थिती सराहनीय रही एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह की अध्यक्षतामें उनके कर-कमलों द्वारा नवनियुक्त जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह बुंदेला को जिला अध्यक्ष पद का आधिकारिक पदभार सौंपा गया पदभार ग्रहण के साथ ही नवनियुक्त जिला अध्यक्ष का अभिनंदन भी किया जिस पर नवनियुक्त जिला अध्यक्ष के द्वारा सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त कर साथ ही कार्यक्रम सफल बनाने में हरिशंकर जडिया जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिस पर सभी पदाधिकारियों ने आभार व्यक्त किया4
- नागेश्वर ज्योतिर्लिग मन्दिर द्वारका नगरी गुजरात बहुत सुन्दर दृष्य नागेश्वर ज्योतिर्लिग मन्दिर द्वारका नगरी गुजरात बहुत सुन्दर दृष्य देखने के लिए हजारों की संख्या में भक्त जन सामिल होते हैं1
- बागेश्वर धाम पहुंचे विधायक टी राजा, मौलाना रशीदी के बयान पर दिया करारा जवाब बागेश्वर धाम पहुंचे विधायक टी राजा, मौलाना रशीदी के बयान पर दिया करारा जवाब मदरसों से आतंकवादियों और बम धमाकों में डॉक्टरों की भूमिका पर उठाए सवाल, अखिलेश यादव और सपा पर भी साधा निशाना छतरपुर। मंगलवार शाम तेलंगाना के विधायक टी. राजा सिंह बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बागेश्वर बालाजी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। हाल ही में ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी द्वारा कबाड़ियों को लेकर दिए गए कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टी. राजा सिंह ने कहा कि मौलाना रशीदी को उन्हें ज्ञान देने की बजाय आतंकवाद के मामलों में शामिल लोगों को ज्ञान देना चाहिए। उन्होंने मदरसों से आतंकवाद की ओर जाने वाले लोगों और बम धमाकों के मामलों में डॉक्टरों की कथित संलिप्तता का जिक्र करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। टी. राजा सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और बुलडोजर कार्रवाई करने की मांग की। अखिलेश यादव और सपा पर भी निशाना समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए टी. राजा सिंह ने आरोप लगाया कि सपा सनातन विरोधी ताकतों को बढ़ावा दे रही है और उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना उसका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं को सनातन और हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी हमला झारखंड में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर भी टी. राजा सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते थे, वे अब युवाओं पर हुई कार्रवाई को लेकर कहां हैं? टी. राजा सिंह के इन बयानों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर संबंधित नेताओं या दलों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- पलेरा नगर परिषद की साधारण सभा: 50 में से 33 बिंदुओं पर लगी मुहर, ठेकेदारों को लेकर लगे आरोप-प्रत्यारोप, बैठक वायरल नगर परिषद पलेरा में *मंगलवार को साधारण सभा की बैठक* आयोजित की गई। बैठक में *नगर विकास के लिए 50 बिंदु* रखे गए थे। - *50 एजेंडों पर विस्तार से चर्चा हुई - *33 बिंदुओं पर सहमति* बनी, कुछ बिंदुओं को निरस्त किया गया - बाकी बचे बिंदुओं पर आगामी बैठक में चर्चा - सभी पार्षदों ने विकास कार्यों में सहभागिता दर्ज कराई* #आरोप-प्रत्यारोप* बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ: पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुनील खटीक ने अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों चहेतो पर रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने" का आरोप लगाया। भाजपा नेता पार्षद प्रतिनिधि संजय अहिरवार 'संजू बाबा' ने पूर्व अध्यक्ष पर ठेकेदारों के साथ पार्टनरशिप और हिस्सेदारीका आरोप लगाया। पूर्व अध्यक्ष ने आरोपों को *निराधार* बताते हुए *सबूत मांगे*। बैठक की बहस का वीडियो *सोशल मीडिया पर वायरल* है। बैठक में अध्यक्ष श्रीमती गायत्री विनोद वर्मा, सीएमओ शिवी उपाध्याय, उपाध्यक्ष संदीप रानू तिवारी, सांसद प्रतिनिधि सुनील खटीक, सब इंजीनियर मोनिका खरे, लेखपाल राजकुमार खरे, बाबू छत्रपाल प्रजापति, एल्डरमैन सहित 15 वार्डों के पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधि* मौजूद रहे। #### *सीएमओ का बयान* *सुश्री शिवी उपाध्याय, सीएमओ नगर परिषद पलेरा* ने कहा: _"50 बिंदुओं पर चर्चा हुई, 33 बिंदुओं पर सहमति बनी। कुछ बिंदुओं को निरस्त किया गया और कुछ पर आगामी परिषद की बैठक में चर्चा की जाएगी।"_ इस तरह *नगर परिषद पलेरा* एक बार फिर सुर्खियों में है। --- *#PaleRa #NagarParishadPaleRa #SadharanSabha #TikamgarhNews #MPNews #Vikas #Politics* पलेरा नगर परिषद की साधारण सभा: 50 में से 33 बिंदुओं पर लगी मुहर, ठेकेदारों को लेकर लगे आरोप-प्रत्यारोप, बैठक वायरल नगर परिषद पलेरा में *मंगलवार को साधारण सभा की बैठक* आयोजित की गई। बैठक में *नगर विकास के लिए 50 बिंदु* रखे गए थे। - *50 एजेंडों पर विस्तार से चर्चा हुई - *33 बिंदुओं पर सहमति* बनी, कुछ बिंदुओं को निरस्त किया गया - बाकी बचे बिंदुओं पर आगामी बैठक में चर्चा - सभी पार्षदों ने विकास कार्यों में सहभागिता दर्ज कराई* #आरोप-प्रत्यारोप* बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ: पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुनील खटीक ने अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों चहेतो पर रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने" का आरोप लगाया। भाजपा नेता पार्षद प्रतिनिधि संजय अहिरवार 'संजू बाबा' ने पूर्व अध्यक्ष पर ठेकेदारों के साथ पार्टनरशिप और हिस्सेदारीका आरोप लगाया। पूर्व अध्यक्ष ने आरोपों को *निराधार* बताते हुए *सबूत मांगे*। बैठक की बहस का वीडियो *सोशल मीडिया पर वायरल* है। बैठक में अध्यक्ष श्रीमती गायत्री विनोद वर्मा, सीएमओ शिवी उपाध्याय, उपाध्यक्ष संदीप रानू तिवारी, सांसद प्रतिनिधि सुनील खटीक, सब इंजीनियर मोनिका खरे, लेखपाल राजकुमार खरे, बाबू छत्रपाल प्रजापति, एल्डरमैन सहित 15 वार्डों के पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधि* मौजूद रहे। #### *सीएमओ का बयान* *सुश्री शिवी उपाध्याय, सीएमओ नगर परिषद पलेरा* ने कहा: _"50 बिंदुओं पर चर्चा हुई, 33 बिंदुओं पर सहमति बनी। कुछ बिंदुओं को निरस्त किया गया और कुछ पर आगामी परिषद की बैठक में चर्चा की जाएगी।"_ इस तरह *नगर परिषद पलेरा* एक बार फिर सुर्खियों में है। --- *#PaleRa #NagarParishadPaleRa #SadharanSabha #TikamgarhNews #MPNews #Vikas #Politics*3
- नौगांव पुलिस ने ग्राम मऊसानिया से 9 पेटी अवैध शराब की जप्त एवं एक आरोपी को किया गिरफ्तार नौगांव पुलिस की बड़ी कार्यवाही उक्त कार्यवाही नौगांव एसडीओपी अमित मेश्राम के मार्गदर्शन में नौगांव थाना प्रभारी संजय राय एवं उनकी टीम द्वारा की गई ।1