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"क्या आपके भी जमीनी दस्तावेजों में गलती है? बल्देवगढ़ के इन 115 लोगों की तरह आप भी इसे ऐसे सुधारें!" "क्या आपके भी जमीनी दस्तावेजों में गलती है? बल्देवगढ़ के इन 115 लोगों की तरह आप भी इसे ऐसे सुधारें!"
MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
"क्या आपके भी जमीनी दस्तावेजों में गलती है? बल्देवगढ़ के इन 115 लोगों की तरह आप भी इसे ऐसे सुधारें!" "क्या आपके भी जमीनी दस्तावेजों में गलती है? बल्देवगढ़ के इन 115 लोगों की तरह आप भी इसे ऐसे सुधारें!"
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- खरगपुर लोक सेवा परिषद का भव्य पल पदभार ग्रहण समारोह सम्पन्न खरगपुर लोक सेवा परिषद का भव्य पल पदभार ग्रहण समारोह सम्पन्न पुष्पेंद्र प्रताप सिंह बुंदेला ने संभाला जिला अध्यक्ष का पदभार, संगठन विस्तार और जनहित के कार्यों पर हुई चर्चा खरगापुर, टीकमगढ़। जन सहायता मानव अधिकार लोक सेवा परिषद द्वारा खरगापुर में संगठनात्मक बैठक एवं भव्य पदभार ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों एवं पदाधिकारियों का पुष्पमाला पहनाकर तथा शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ने की। उन्होंने पदाधिकारियों एवं सदस्यों को मानव अधिकारों के संरक्षण, जन सहायता गतिविधियों के विस्तार तथा आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना को लेकर मार्गदर्शन दिया। बैठक में परिषद के प्रांतीय एवं जिला स्तरीय विस्तार, संगठन को मजबूत बनाने और जनहित के कार्यों को गति देने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। परिषद के राष्ट्रीय प्रमुख सचिव रामरतन दीक्षित ने संगठन के विस्तार एवं कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद जरूरतमंद लोगों की हरसंभव सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। संगठन का उद्देश्य “नर सेवा ही नारायण सेवा है” की भावना के साथ अंतिम छोर तक शासन-प्रशासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना और लोगों के अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करना है। समारोह के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ने अपने कर-कमलों से नवनियुक्त टीकमगढ़ जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह बुंदेला को जिला अध्यक्ष पद का आधिकारिक पदभार सौंपा। पदभार ग्रहण करने पर उनका अभिनंदन किया गया। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत बनाने और जनहित में सक्रियता से कार्य करने की बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री मुकेश तिवारी, मीडिया प्रभारी लाली झा, महेन्द्र दुबे, संभाग मीडिया प्रभारी हरिशंकर जड़िया, टीकमगढ़ जिला मीडिया प्रभारी अनिल मिश्रा, नारायण गुप्ता सहित खरगापुर के गणमान्य नागरिक एवं परिषद के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में हरिशंकर जड़िया की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिस पर परिषद के पदाधिकारियों ने उनका आभार व्यक्त किया।3
- ग्राम टटम के ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट में दिया आवेदन। छतरपुर जिले के महाराजपुर तहसील के ग्राम टटम के ग्रामीण वर्षों से चली आ रही सड़क, पुलिया और बिजली की समस्याओं को लेकर अब आंदोलन की तैयारी में हैं। ग्रामीणों ने आज 11 अगस्त दोपहर करीब 12:30 बजे कलेक्टर और एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और 15 अगस्त को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी।ग्रामीणों का आरोप है कि मूलभूत सुविधाओं को लेकर वे कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम और तहसीलदार सहित अधिकारियों को कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।ग्रामीणों ने तीन प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इनमें ग्राम टटम से मड़ापुरवा तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण, टपरन पुरवा में पुलिया निर्माण और वार्ड क्रमांक 20 में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग शामिल है।ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की समस्या के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी गांव के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। इसी के विरोध में 15 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक ग्राम पंचायत टटम परिसर के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।1
- बल्देवगढ़ मंगल भवन में राजस्व अभिलेख रिकॉर्ड सुधार कैंप कलेक्टर की निगरानी में । मौके पर सुधारी गई 115 गलतियां बल्देवगढ़ में लगा राजस्व अभिलेख सुधार शिविर, मौके पर सुधारी गईं 115 गलतियां कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की मौजूदगी में एक ही स्थान पर हुई सुनवाई, नाम-पिता के नाम से लेकर हिस्से और रकबे तक की त्रुटियां हुईं दुरुस्त बल्देवगढ़। राजस्व अभिलेखों में दर्ज छोटी-छोटी त्रुटियों को सुधारने के लिए नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए बल्देवगढ़ तहसील में राजस्व अभिलेख सुधार शिविर लगाया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में नागरिकों द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों की जांच कर मौके पर ही 115 अभिलेखीय त्रुटियों का नियमानुसार सुधार किया गया। शिविर में कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार न्यायालय एक साथ लगाए गए। इसके चलते लंबे समय से राजस्व अभिलेखों में दर्ज गलत नाम, पिता के नाम, जाति, हिस्से, रकबे तथा अन्य विवरणों से जुड़ी विसंगतियों की जांच की गई। संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पात्र मामलों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए अभिलेखों में सुधार किया गया। शिविर के दौरान खसरा और कंप्यूटर अभिलेख में दर्ज नामों में अंतर, नाम एवं पिता के नाम की गलत प्रविष्टि तथा पूर्व में विलोपित की गई प्रविष्टियों से जुड़े मामलों का परीक्षण किया गया। कई मामलों में गलत नाम हटाकर सही नाम दर्ज किए गए, जबकि कुछ प्रकरणों में भूमि के क्षेत्रफल और हिस्से से संबंधित त्रुटियों को भी दुरुस्त किया गया। इस दौरान मुकेश यादव के खसरे में उनके पिता का नाम हरदयाल के स्थान पर हरिवल्लभ यादव दर्ज था, जिसे दस्तावेजों के आधार पर सुधारा गया। देवीलाल का नाम खसरे में रामलाल दर्ज था, जिसे सही किया गया। सरकनपुर खास निवासी धर्मू का नाम त्रुटिवश खसरे से विलोपित हो गया था, जिसे नियमानुसार पुनः दर्ज किया गया। इसी प्रकार मानबाई लोधी के खसरे में किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज होने की त्रुटि को सुधारा गया। जगदीश सिंह का भूमि में हिस्सा गलत दर्ज था, जबकि बालकिशन के रकबे में हिस्सा गलत दर्ज होने के मामले का भी निराकरण किया गया। इसके अलावा अन्य आवेदकों के राजस्व अभिलेखों से संबंधित प्रकरणों का भी परीक्षण कर नियमानुसार सुधार किया गया। राजस्व अभिलेख सुधार शिविर के माध्यम से नागरिकों को अपने भूमि संबंधी अभिलेखों में दर्ज त्रुटियों के सुधार की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों और अधिकारियों के चक्कर लगाने से राहत मिलने के साथ ही राजस्व अभिलेखों को सही एवं अद्यतन रखने में भी मदद मिलेगी। शिविर में बल्देवगढ़ अनुविभागीय अधिकारी निशांत भूरिया, तहसीलदार प्राची जैन, संबंधित पटवारी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- gram Panchayat puchhi chhatarpur mp sadak kharab or gadde or adhik Pani bharta hai Pani ke bajehse gramido ka nikalna huwa muskil1
- एक महीने में सड़क में दरारें... फिर शुरू हुई लीपापोती! लाखों की सड़क... महीनेभर में बदहाल गुणवत्ता पर सवाल, लीपापोती का खेल? विकास के नाम पर सड़क बनी... लागत हुई लाखों में... लेकिन सड़क बनने के महज एक महीने के भीतर ही उसमें लंबी-लंबी दरारें पड़ गईं। सवाल सिर्फ सड़क की गुणवत्ता का नहीं है... सवाल ये है कि जनता के पैसे से बनी सड़क इतनी जल्दी कैसे टूट गई? और जब सड़क की तस्वीरें सामने आईं... तो दरारों को ठीक करने के बजाय शुरू हो गई लीपापोती। टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत नयाखेरा से सामने आई इन तस्वीरों ने पंचायत के विकास कार्यों और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये तस्वीरें हैं टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत नयाखेरा की... सड़क नई है... लेकिन हालत देखकर इसकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह लंबी दरारें... कहीं सतह उखड़ी हुई... तो कहीं निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में। ग्रामीणों का आरोप है कि मुक्तिधाम रोड का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से किया गया, जिसके चलते सड़क बनने के कुछ ही समय बाद खराब होने लगी। सबसे बड़ा सवाल सड़क के निर्माण की रफ्तार को लेकर भी है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक सड़क का काम महज दो दिन में पूरा कराया गया। अब सवाल है... क्या इतनी जल्दी सड़क का निर्माण पूरा करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई? क्या निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ? और अगर सड़क का निर्माण सही तरीके से हुआ था... तो महज कुछ ही समय में इसमें इतनी दरारें क्यों दिखाई देने लगीं? ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में पर्याप्त सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया... और रेत की जगह मिट्टी मिली डस्ट जैसे घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का भी आरोप है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी... लेकिन सड़क की मौजूदा तस्वीरें निश्चित तौर पर गुणवत्ता की जांच की जरूरत जरूर पैदा करती हैं। और अब देखिए... सड़क की दरारों पर कैसे मरहम लगाने की कोशिश की जा रही है। सड़क की तस्वीरें रिकॉर्ड किए जाने के कुछ ही घंटे बाद यहां लीपापोती का काम शुरू हो गया। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि मजदूर सड़क की दरारों और खराब हिस्सों पर काम कर रहे हैं। जब मजदूर से पूछा गया कि उसे यह काम किसने दिया... तो उसका कहना था कि उसे सरपंच की ओर से काम के लिए लगाया गया है। सड़क टूटी... तो शुरू हुई लीपापोती! ग्रामीणों का कहना है कि अगर नई बनी सड़क का ये हाल है... तो आने वाले समय में सड़क की स्थिति क्या होगी? ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई है। --- BYTE — ग्रामीण सुनील कुमार अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा बृजेश विश्वकर्मा — ग्रामीण, नयाखेरा भैरव भिल्लू अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा अरविंद अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा इस मामले में पंचायत के सरपंच से भी बात की गई। सरपंच की ओर से सड़क निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। वहीं ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाने वालों को कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से फोन पर बात की। कलेक्टर ने मामले में जांच की बात कही और कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब असली सवाल यही है... क्या इस सड़क के निर्माण की तकनीकी जांच होगी? क्या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच होगी? और अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है... तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? नई सड़क एक महीने में कैसे टूट गई? क्या निर्माण में तय गुणवत्ता मानकों का पालन हुआ? क्या सड़क निर्माण की तकनीकी जांच हुई थी? दरारों पर जांच से पहले लीपापोती क्यों? जनता के पैसे से बने काम की जवाबदेही किसकी? --- सड़क नई... दरारें पुरानी कहानी जैसी... और सवाल वही... विकास के नाम पर खर्च होने वाले जनता के पैसे का हिसाब आखिर कौन देगा? फिलहाल ग्रामीणों ने जांच की मांग की है... प्रशासन ने भी जांच का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है... या फिर सड़क की गुणवत्ता तय करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होती है। एक महीने में सड़क में दरारें... फिर शुरू हुई लीपापोती! लाखों की सड़क... महीनेभर में बदहाल गुणवत्ता पर सवाल, लीपापोती का खेल? विकास के नाम पर सड़क बनी... लागत हुई लाखों में... लेकिन सड़क बनने के महज एक महीने के भीतर ही उसमें लंबी-लंबी दरारें पड़ गईं। सवाल सिर्फ सड़क की गुणवत्ता का नहीं है... सवाल ये है कि जनता के पैसे से बनी सड़क इतनी जल्दी कैसे टूट गई? और जब सड़क की तस्वीरें सामने आईं... तो दरारों को ठीक करने के बजाय शुरू हो गई लीपापोती। टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत नयाखेरा से सामने आई इन तस्वीरों ने पंचायत के विकास कार्यों और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये तस्वीरें हैं टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत नयाखेरा की... सड़क नई है... लेकिन हालत देखकर इसकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह लंबी दरारें... कहीं सतह उखड़ी हुई... तो कहीं निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में। ग्रामीणों का आरोप है कि मुक्तिधाम रोड का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से किया गया, जिसके चलते सड़क बनने के कुछ ही समय बाद खराब होने लगी। सबसे बड़ा सवाल सड़क के निर्माण की रफ्तार को लेकर भी है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक सड़क का काम महज दो दिन में पूरा कराया गया। अब सवाल है... क्या इतनी जल्दी सड़क का निर्माण पूरा करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई? क्या निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ? और अगर सड़क का निर्माण सही तरीके से हुआ था... तो महज कुछ ही समय में इसमें इतनी दरारें क्यों दिखाई देने लगीं? ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में पर्याप्त सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया... और रेत की जगह मिट्टी मिली डस्ट जैसे घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का भी आरोप है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी... लेकिन सड़क की मौजूदा तस्वीरें निश्चित तौर पर गुणवत्ता की जांच की जरूरत जरूर पैदा करती हैं। और अब देखिए... सड़क की दरारों पर कैसे मरहम लगाने की कोशिश की जा रही है। सड़क की तस्वीरें रिकॉर्ड किए जाने के कुछ ही घंटे बाद यहां लीपापोती का काम शुरू हो गया। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि मजदूर सड़क की दरारों और खराब हिस्सों पर काम कर रहे हैं। जब मजदूर से पूछा गया कि उसे यह काम किसने दिया... तो उसका कहना था कि उसे सरपंच की ओर से काम के लिए लगाया गया है। सड़क टूटी... तो शुरू हुई लीपापोती! ग्रामीणों का कहना है कि अगर नई बनी सड़क का ये हाल है... तो आने वाले समय में सड़क की स्थिति क्या होगी? ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई है। --- BYTE — ग्रामीण सुनील कुमार अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा बृजेश विश्वकर्मा — ग्रामीण, नयाखेरा भैरव भिल्लू अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा अरविंद अहिरवार — ग्रामीण, नयाखेरा इस मामले में पंचायत के सरपंच से भी बात की गई। सरपंच की ओर से सड़क निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। वहीं ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाने वालों को कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से फोन पर बात की। कलेक्टर ने मामले में जांच की बात कही और कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब असली सवाल यही है... क्या इस सड़क के निर्माण की तकनीकी जांच होगी? क्या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच होगी? और अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है... तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? नई सड़क एक महीने में कैसे टूट गई? क्या निर्माण में तय गुणवत्ता मानकों का पालन हुआ? क्या सड़क निर्माण की तकनीकी जांच हुई थी? दरारों पर जांच से पहले लीपापोती क्यों? जनता के पैसे से बने काम की जवाबदेही किसकी? --- सड़क नई... दरारें पुरानी कहानी जैसी... और सवाल वही... विकास के नाम पर खर्च होने वाले जनता के पैसे का हिसाब आखिर कौन देगा? फिलहाल ग्रामीणों ने जांच की मांग की है... प्रशासन ने भी जांच का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है... या फिर सड़क की गुणवत्ता तय करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होती है।4
- दिव्यांग आवेदक की समस्या पर कलेक्टर की संवेदनशील पहल,जनसुनवाई में बेसहारा को मिला ट्राइसाइकिल का सहारा। छतरपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में आज 11 अगस्त सुबह करीब 11:00 बजे आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर मृणाल मीणा ने आमजन की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। इस दौरान ग्राम माधोपुर, चंदला निवासी 53 वर्षीय दिव्यांग आवेदक द्वारका अहिरवार अपनी समस्या लेकर पहुंचे।द्वारका अहिरवार की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग को ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जनसुनवाई समाप्त होने के बाद कलेक्टर मृणाल मीणा ने स्वयं द्वारका अहिरवार को ट्राइसाइकिल प्रदान की।ट्राइसाइकिल मिलने पर द्वारका अहिरवार के चेहरे पर खुशी नजर आई। उन्होंने जिला प्रशासन की त्वरित और संवेदनशील पहल के लिए कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- Guddu bhaiya cover Yatra Chhatarpur se jatashankar Dham प्रदेश मंत्री अर्चना भाभी सा4
- अधीक्षक आशीष शुक्ला पर गंभीर आरोप! बच्चों के गुप्त अंगों को छूने की शिकायत, 20-30 शिकायतें सामने आईं अधीक्षक आशीष शुक्ला पर गंभीर आरोप! बच्चों के गुप्त अंगों को छूने की शिकायत, 20-30 शिकायतें सामने आईं1